“टेट अनिवार्यता के Add New Postखिलाफ शिक्षकों का शक्ति प्रदर्शन, समय से शुरू हुआ धरना – कलेक्ट्रेट में सौंपा गया ज्ञापन”
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“टेट अनिवार्यता के Add New Postखिलाफ शिक्षकों का शक्ति प्रदर्शन, समय से शुरू हुआ धरना – कलेक्ट्रेट में सौंपा गया ज्ञापन
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सिद्धार्थनगर।
टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में गुरुवार को जनपद मुख्यालय पर शिक्षकों ने संगठित शक्ति का प्रदर्शन किया। टीचर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (टीएफआई) के आह्वान पर बीएसए कार्यालय परिसर में निर्धारित समय अपराह्न एक बजे धरना शुरू हुआ और शांतिपूर्ण तरीके से कलेक्ट्रेट परिसर तक पैदल मार्च निकालकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
धरना पूरी तरह पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार संचालित हुआ। प्रशासनिक व्यवस्था के बीच शिक्षक संगठनों ने अनुशासन बनाए रखते हुए अपनी मांगों को मजबूती से रखा।
क्या है मामला?
टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उ.प्र. प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई एक्ट) लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों ने निर्धारित योग्यता और चयन प्रक्रिया के तहत सेवा प्राप्त की थी। ऐसे में अब उन पर टेट की अनिवार्यता लागू करना नियमों के विपरीत है।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस विषय पर शीघ्र स्पष्ट निर्णय लिया जाए, जिससे वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों में व्याप्त असमंजस और असुरक्षा की भावना समाप्त हो।
🚶♂️ बीएसए कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक मार्च
धरना समाप्ति के बाद शिक्षक बीएसए कार्यालय परिसर से संगठित रूप से कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां प्रशासनिक अधिकारी को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और निर्धारित समय पर समाप्त हुआ।
शिक्षा व्यवस्था पर असर
शिक्षकों का कहना है कि यह आंदोलन उनके सम्मान, सेवा सुरक्षा और अधिकारों से जुड़ा है। वहीं प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार ज्ञापन को शासन स्तर पर अग्रसारित किया जाएगा।
फिलहाल, जनपद में यह मुद्दा शिक्षा जगत की बड़ी बहस बन चुका है। यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आगे भी रणनीतिक कदम उठाए जा सकते हैं।
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