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मध्य पूर्व में महाविस्फोट! इज़रायल–ईरान टकराव ने रचा नया इतिहास?

200 फाइटर जेट्स की चर्चा, सैकड़ों ठिकाने निशाने पर — मौतों के दावे, आधिकारिक पुष्टि शेष
मध्य पूर्व एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इज़रायल ने ईरान के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में 200 लड़ाकू विमानों और सैकड़ों ठिकानों को निशाना बनाए जाने की बात कही जा रही है, साथ ही 201 मौतों का दावा भी सामने आया है।


हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।


आखिर यह टकराव क्यों?
इज़रायल और ईरान के बीच सीधा युद्ध भले ही दुर्लभ रहा हो, लेकिन “शैडो वॉर” यानी परोक्ष संघर्ष वर्षों से जारी है।
परमाणु कार्यक्रम विवाद
इज़रायल लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानता रहा है।
गाजा और हमास फैक्टर
हमास को ईरान का समर्थन इज़रायल के लिए बड़ी चिंता का विषय रहा है, खासकर गाज़ा पट्टी में संघर्ष के दौरान।
हिज़्बुल्लाह और लेबनान सीमा
ईरान समर्थित संगठन हिज़्बुल्लाह के जरिए उत्तरी सीमा पर दबाव बढ़ता रहा है।
सीरिया और आईआरजीसी
सीरिया में ईरानी प्रभाव और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की गतिविधियों को लेकर इज़रायल समय-समय पर एयरस्ट्राइक करता रहा है।

 अब तक क्या-क्या हुआ?
हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच ड्रोन और मिसाइल हमलों के आरोप-प्रत्यारोप
क्षेत्र में अमेरिकी और अन्य पश्चिमी देशों की सैन्य सतर्कता बढ़ी


इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने “राष्ट्रीय सुरक्षा” को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया
ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई ने कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी

 क्या यह पूर्ण युद्ध की ओर संकेत है?
विश्लेषकों का मानना है कि यदि सीधा सैन्य संघर्ष लंबा चला तो यह केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्य पूर्व को अपनी चपेट में ले सकता है।
अभी तक उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर स्थिति अत्यंत संवेदनशील और गतिशील है। आधिकारिक पुष्टि और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

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