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एक अप्रैल से बदल रहा त्रैमासिक गर्भनिरोधक इंजेक्शन का तरीका*  पुरानी पद्धति से भी लगेगा इंजेक्शन*  केवल नए लाभार्थियों को मिलेगी नई पद्धति की सेवा* जिला महिला चिकित्सालय, सीएचसी बछरावा एवं हरचंदपुर में शुरू होगी नयी व्यवस्था*  अब त्वचा के नीचे लगेगा ‘अंतरा’ इंजेक्शन, पहले मांसपेशियों में दिया जाता था* 
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 रायबरेली त्रैमासिक गर्भनिरोधक इंजेक्शन अब नई तकनीक के साथ उपलब्ध होगा। पहले जहां यह इंजेक्शन इंट्रामस्कुलर (मांसपेशियों में) दिया जाता था, वहीं एक अप्रैल से जिला महिला चिकित्सालय, के साथ साथ सीएचसी बछरावा एवं हरचंदपुर पर भी इसे सबक्यूटेनियस (त्वचा के नीचे) तरीके से लगाया जा रहा।

          मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि ‘अंतरा’ त्रैमासिक सबक्यूटेनियस इंजेक्शन लंबे समय तक प्रभावी और सुरक्षित गर्भनिरोधक साधन है। जिसे संशोधित पद्धति के तहत संचालित किया जाएगा। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं का क्षमता वर्धन किया जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह सेवा रायबरेली सहित प्रदेश के 19 जनपदों के चयनित मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य इकाइयों पर शुरू की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस नई पद्धति के कई लाभ हैं। सबक्यूटेनियस इंजेक्शन में दवा शरीर में धीरे-धीरे अवशोषित होती है, जिससे इसका प्रभाव अधिक समय तक बना रहता है। इंट्रामस्कुलर इंजेक्शन की तुलना में इसमें दवा की मात्रा लगभग 30 प्रतिशत कम होती है, फिर भी यह उतना ही प्रभावी है। साथ ही इसमें अपेक्षाकृत कम दर्द होता है। यह इंजेक्शन यूनिजेक्ट सिस्टम में उपलब्ध होता है, जिससे दवा की बर्बादी भी कम होती है।

          परिवार कल्याण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अरविन्द कुमार ने बताया कि यह इंजेक्शन हर तीन माह में केवल नए लाभार्थियों को दिया जाएगा और आगे भी उन्हें यही (सबक्यूटेनियस) इंजेक्शन लगाया जाएगा। जिन लाभार्थियों को पहले इंट्रामस्कुलर इंजेक्शन लग चुका है, उन्हें उसी प्रकार का इंजेक्शन जारी रहेगा।

          जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी डी एस अस्थाना ने बताया कि प्रत्येक डोज पर लाभार्थी को 100 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। यह इंजेक्शन छाया ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएनडी) सत्रों में नहीं लगाया जाएगा, बल्कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर उपलब्ध रहेगा। आशा कार्यकर्ता, एएनएम एवं सीएचओ लाभार्थियों को पूरी जानकारी देकर उन्हें स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने में सहयोग करेंगी।

            इंजेक्शन की एक डोज तीन माह तक प्रभावी रहती है और पहली डोज प्रशिक्षित एमबीबीएस चिकित्सक की निगरानी में दी जाएगी।

आज जिला महिला चिकित्सालय में 3 लाभार्थी, चेक बछरावा में 9 एवं सीएचसी हरचंदपुर में 26 नए लाभार्थियों को अंतरा सब क्यूटीनियस के सेवाएं प्रदान की गईं।

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