“रिकॉर्ड गायब… कार्रवाई शुरू: हरैया पंचायत में सचिव निलंबित, प्रधान पर नोटिस”
“जांच में असहयोग और रिकॉर्ड न देने पर प्रशासन सख्त—15 दिन में जवाब नहीं तो अधिकार होंगे सीज”
सिद्धार्थनगर | FT News (Friend Times) डेस्क
जांच में अभिलेख न देने पर सख्ती
सचिव सुभाष चंद्र निलंबित
प्रधान अब्दुल कयूम को नोटिस
15 दिन में जवाब अनिवार्य
जवाब न मिलने पर अधिकार सीज संभव
सिद्धार्थनगर जनपद के जोगिया विकास खंड स्थित हरैया ग्राम पंचायत में कथित अनियमितताओं का मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। मीडिया में मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता कपिल देव द्वारा पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे, जिसके आधार पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन के निर्देश पर जांच कराई गई।
चार अप्रैल को पंचायत भवन में जांच के दौरान संबंधित अभिलेख मांगे गए, लेकिन ग्राम प्रधान अब्दुल कयूम और ग्राम सचिव सुभाष चंद्र द्वारा संतोषजनक रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। जांच टीम ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए दोनों की भूमिका को प्रथम दृष्टया संदिग्ध बताया।
इसी आधार पर प्रशासन ने ग्राम सचिव सुभाष चंद्र को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, ग्राम प्रधान अब्दुल कयूम को पंचायत राज अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज किए जा सकते हैं, साथ ही पंचायत संचालन के लिए एक वैकल्पिक समिति गठित की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार, यह कार्रवाई प्रथम दृष्टया तथ्यों और जांच आख्या के आधार पर की गई है, अंतिम निर्णय विस्तृत जांच और प्राप्त स्पष्टीकरण के बाद लिया जाएगा।
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