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जोगिया में बड़ा एक्शन: ग्राम विकास अधिकारी निलंबित, जांच से बढ़ी हलचल

अभिलेख न देने पर गिरी गाज, प्रशासन सख्त मोड में


सिद्धार्थनगर, 22 अप्रैल 2026।

जनपद के जोगिया विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत हरैया में तैनात ग्राम विकास अधिकारी सुबाष चन्द्र को जिला विकास अधिकारी के आदेश पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई एक शिकायत की जांच के दौरान आवश्यक अभिलेख उपलब्ध न कराए जाने और जांच में अपेक्षित सहयोग न मिलने के आधार पर की गई है।

शिकायत से शुरू हुआ पूरा मामला

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ग्राम पंचायत हरैया निवासी कपिलदेव द्वारा दिनांक 18 फरवरी 2026 को प्रस्तुत शिकायती पत्र के आधार पर जांच शुरू की गई थी।

जांच अधिकारी को संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने थे, लेकिन आरोप है कि आवश्यक अभिलेख समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए।


इससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई

 प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया

नियमावली के तहत सख्त कार्रवाई


प्रकरण को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने

उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999

के तहत अनुशासनिक कार्यवाही शुरू करते हुए निलंबन आदेश जारी किया है।

जांच अधिकारी नियुक्त, कार्रवाई आगे बढ़ी

इस मामले की जांच अब खंड विकास अधिकारी, नौगढ़ को सौंपी गई है

 निलंबन अवधि में संबंधित अधिकारी को विकास खंड जोगिया कार्यालय से संबद्ध रखा गया है

निलंबन अवधि के नियम

संबंधित अधिकारी को जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा

यह अर्ध वेतन के बराबर निर्धारित होगा

अन्य भत्ते नियमानुसार देय होंगे

यह प्रमाण देना होगा कि वे किसी अन्य रोजगार में संलग्न नहीं हैं


प्रशासन का सख्त संदेश

यह कार्रवाई संकेत देती है कि—

जांच में लापरवाही

 अभिलेख उपलब्ध न कराना

प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी

अब सीधे कार्रवाई का कारण बन सकती है।


ग्राउंड पर असर

इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है।

सूत्रों के अनुसार, अन्य पंचायतों में भी कार्यों और अभिलेखों की समीक्षा की जा सकती है।

महत्वपूर्ण कानूनी नोट (Must Use)

यह कार्रवाई प्रशासनिक आदेश के आधार पर की गई है। प्रकरण में जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के बाद ही निर्धारित होगा।

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