दवा कराने निकली मां-बेटी नहीं लौटीं घर, सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय—दो घंटे में सकुशल बरामद

सिद्धार्थनगर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से परिवार को मिली राहत; सोशल मीडिया समेत अन्य माध्यमों से शुरू हुई तलाश, सकुशल मिलने के बाद परिजनों को किया गया सुपुर्द
सिद्धार्थनगर। दवा और इलाज के लिए घर से निकली मां-बेटी के वापस न लौटने से परेशान एक परिवार को पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बड़ी राहत मिली। परिजन ने सिद्धार्थनगर थाने पहुंचकर मामले की सूचना दी तो पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की। पुलिस के मुताबिक सूचना मिलने के करीब दो घंटे के भीतर मां और बेटी को सकुशल बरामद कर परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार इंदिरानगर निवासी ओमप्रकाश सोनकर ने 2 अगस्त को सिद्धार्थनगर थाने में सूचना दी थी कि उनकी 55 वर्षीय पत्नी और 22 वर्षीय पुत्री एक दिन पहले यानी 1 अगस्त की दोपहर दवा-इलाज कराने के लिए घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं।
लीड | एक रात चिंता में गुजरी, पुलिस तक पहुंचा परिवार
समय गुजरता गया और मां-बेटी घर नहीं पहुंचीं तो परिवार की चिंता बढ़ती चली गई। अपने स्तर से जानकारी करने के बाद परिजन पुलिस के पास पहुंचे।
मामले की सूचना मिलने पर सिद्धार्थनगर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर दोनों की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया और अन्य उपलब्ध माध्यमों से जानकारी जुटाई गई।
इसके बाद तलाश का नतीजा जल्द सामने आया और सूचना मिलने के लगभग दो घंटे के भीतर दोनों को सकुशल खोज लिया गया।
सकुशल बरामदगी के बाद पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए मां-बेटी को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
| एक नजर में मामला
स्थान: थाना सिद्धार्थनगर, जनपद सिद्धार्थनगर
घर से निकलीं: 1 अगस्त 2026 की दोपहर
उद्देश्य: दवा/इलाज कराने के लिए
पुलिस को सूचना: 2 अगस्त 2026
पुलिस कार्रवाई: गुमशुदगी दर्ज कर तत्काल तलाश
तलाश के माध्यम: सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यम
नतीजा: पुलिस के मुताबिक करीब दो घंटे में सकुशल बरामदगी
आगे की कार्रवाई: मां-बेटी को परिजनों के सुपुर्द किया गया
पुलिस ने तेजी से बढ़ाई तलाश
मामला सामने आने के बाद पुलिस टीम ने उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर मां-बेटी की तलाश शुरू की।
पुलिस का दावा है कि सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों का सहारा लेते हुए जानकारी जुटाई गई और महज दो घंटे के भीतर दोनों तक पहुंचने में सफलता मिली।
पुलिस ने हालांकि अपने प्रेस नोट में यह स्पष्ट नहीं किया है कि मां-बेटी कहां मिलीं और किन परिस्थितियों में घर नहीं लौट पाई थीं। इसलिए इन बिंदुओं को लेकर किसी तरह की अटकल लगाना उचित नहीं होगा।
बरामदगी के बाद परिवार को मिली राहत
मां-बेटी के सकुशल मिलने की सूचना परिवार के लिए राहत लेकर आई। पुलिस के अनुसार दोनों को परिजनों के सुपुर्द किए जाने के बाद परिवार ने पुलिस टीम की कार्रवाई की सराहना की।
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि गुमशुदगी की सूचना मिलने के बाद तलाश तेजी से आगे बढ़ाई गई और मामला किसी अप्रिय घटना में बदलने से पहले दोनों सकुशल मिल गईं।
| इन्हें मिली बरामदगी की जिम्मेदारी
पुलिस की ओर से जारी विवरण के मुताबिक कार्रवाई करने वाली टीम में—
वरिष्ठ उपनिरीक्षक अरविंद कुमार राय
आरक्षी साहिल यादव
आरक्षी अंकित कुमार
महिला आरक्षी कीर्ति उपाध्याय
शामिल रहे।
| शिकायत से सकुशल वापसी तक
1 अगस्त को मां-बेटी दवा और इलाज के लिए घर से निकलीं और वापस नहीं पहुंचीं। परिवार ने तलाश की और अगले दिन पुलिस को इसकी सूचना दी।
पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की, उपलब्ध माध्यमों से तलाश शुरू की और अपने आधिकारिक विवरण के मुताबिक सूचना मिलने के करीब दो घंटे के अंदर दोनों को सकुशल बरामद कर लिया।
इसके बाद मां-बेटी को परिवार के सुपुर्द कर दिया गया और चिंता में डूबे परिवार को राहत मिली।
| गुमशुदगी के मामलों में शुरुआती घंटे महत्वपूर्ण
किसी व्यक्ति के अचानक लापता होने की स्थिति में समय पर सूचना और तेजी से तलाश बेहद महत्वपूर्ण होती है। सिद्धार्थनगर के इस मामले में अच्छी बात यह रही कि पुलिस को जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ी और मां-बेटी सुरक्षित मिल गईं।
यह मामला आम लोगों के लिए भी संदेश देता है कि परिवार का कोई सदस्य असामान्य परिस्थितियों में लापता हो और संपर्क न हो पा रहा हो तो अपने स्तर पर लंबे समय तक इंतजार करने के बजाय पुलिस को समय से जानकारी देना उपयोगी हो सकता है।
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