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मां के ब्रह्मभोज में बहा खून: खर्च और संपत्ति विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई को मारी गोली, मौत से गांव में मातम

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गोरखपुर, धनेश कुमार।

गोरखपुर जनपद के पिपराइच थाना क्षेत्र स्थित रेतवाहिया गांव में मां के ब्रह्मभोज के दिन ऐसा दर्दनाक घटनाक्रम सामने आया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। मां की आत्मा की शांति के लिए आयोजित ब्रह्मभोज कार्यक्रम देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि खर्च को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि बड़े भाई ने छोटे भाई को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक, आक्रोश और दहशत का माहौल है।

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ब्रह्मभोज की तैयारी के बीच बढ़ा विवाद

परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, मृतका कोमल के दो पुत्र शुभम और दिग्विजय (दुर्विजय) के बीच लंबे समय से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। मंगलवार को मां के ब्रह्मभोज में होने वाले खर्च और व्यवस्थाओं को लेकर दोनों भाइयों के बीच कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया।

घटना

सीने में गोली लगते ही गिर पड़ा शुभम

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद के दौरान बड़े भाई दिग्विजय का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आरोप है कि उसने तमंचा निकालकर छोटे भाई शुभम पर फायर कर दिया। गोली सीधे शुभम के सीने में लगी। गोली लगते ही वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार से पूरा माहौल गूंज उठा।

अस्पताल में तोड़ा दम

गंभीर रूप से घायल शुभम को परिजन तत्काल मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां के ब्रह्मभोज के दिन बेटे की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही पिपराइच थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

गांव में पसरा सन्नाटा

सगे भाइयों के बीच हुए इस खूनी संघर्ष के बाद रेतवाहिया गांव में तनाव और सन्नाटे का माहौल है। एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात कर निगरानी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि मां के ब्रह्मभोज जैसे धार्मिक आयोजन में हुई इस वारदात ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।

पुलिस का बयान

एसपी नॉर्थ गोरखपुर ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि पिपराइच क्षेत्र में दो भाइयों के बीच विवाद के दौरान गोली चलने की घटना सामने आई है। घायल युवक की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा आरोपी की तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है।


मां के ब्रह्मभोज के खर्च को लेकर हुआ विवाद

 पहले से संपत्ति को लेकर चल रहा था मतभेद

 बड़े भाई पर छोटे भाई को गोली मारने का आरोप

 मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान हुई मौत

पुलिस ने शुरू की जांच, आरोपी की तलाश जारी

 घटना के बाद गांव में शोक और तनाव का माहौल


FT NEWS DIGITAL | सच और… कुछ नहीं

गोरखपुर में करोड़ों के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

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FT NEWS DIGITAL “सच और…कुछ नहीं” गोरखपुर | ब्यूरो रिपोर्ट : धनेश कुमार

फर्जी दस्तावेजों से बनते थे मर्चेंट क्यूआर कोड, देशभर में साइबर ठगी से जुड़े करोड़ों के लेन-देन की जांच शुरू

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13 मोबाइल, 5 सिम कार्ड, 1308 साउंड पॉड और 866 क्यूआर स्कैनर बरामद

 फर्जी आधार, पैन कार्ड और बैंक खातों के जरिए चल रहा था नेटवर्क

 कई राज्यों में दर्ज साइबर शिकायतों से जुड़े मिले सुराग

 पुलिस अन्य आरोपियों और नेटवर्क के विस्तार की जांच में जुटीसा

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रांश

गोरखपुर पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में फर्जी दस्तावेजों के जरिए मर्चेंट क्यूआर कोड बनाकर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने और करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन के संकेत मिले हैं। पुलिस को मामले में और बड़े खुलासों की उम्मीद है।

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गोरखपुर

साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गोरखपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह फर्जी दस्तावेजों की मदद से विभिन्न डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म पर मर्चेंट खाते तैयार कर साइबर अपराधियों को सुविधा उपलब्ध कराता था।

पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी कोतवाली के पर्यवेक्षण में कोतवाली पुलिस, साइबर कमांडो टीम और जनपदीय एंटी थेफ्ट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संकेत राय, तौहीद आलम उर्फ गोलू और राज सिंह के रूप में हुई है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 मोबाइल फोन, 5 सिम कार्ड, 1308 साउंड पॉड तथा 866 क्यूआर स्कैनर बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों की जांच में कई फर्जी दस्तावेज, बैंक खातों से संबंधित जानकारी तथा संदिग्ध डिजिटल रिकॉर्ड मिलने की बात सामने आई है।

पुलिस जांच के अनुसार आरोपी कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेजों के माध्यम से डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म पर मर्चेंट क्यूआर कोड तैयार कराते थे। इन खातों का उपयोग संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के लिए किया जाता था। जांच में ऐसे कई बैंक खातों की जानकारी मिली है जिनसे जुड़े मामलों में देश के विभिन्न राज्यों से साइबर शिकायतें दर्ज होने के संकेत प्राप्त हुए हैं।

पूछताछ के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि गिरोह लोगों को प्रलोभन देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। बाद में इन खातों को डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म पर मर्चेंट के रूप में पंजीकृत कर उनसे जुड़े क्यूआर कोड और साउंड पॉड सक्रिय किए जाते थे। इससे खातों में अधिक लेन-देन दर्शाकर उन्हें सक्रिय बनाए रखने का प्रयास किया जाता था।

पुलिस ने बरामदगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित धाराओं तथा आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की गहन जांच जारी है और पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों तथा उनके नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर साइबर अपराध से जुड़े और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

 

गोरखपुर में स्टाफ नर्स ने मकान मालिक पर लगाया बिजली चोरी और मानसिक उत्पीड़न का आरोप

गोरखपुर। बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में संविदा स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत रेखा चौधरी ने अपने मकान मालिक पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। मामला शहर के खजांची चौराहा स्थित फातिमा रोड के पास राज कॉलोनी का बताया जा रहा है।

प्रार्थिनी रेखा चौधरी के अनुसार वह 30 नवंबर 2025 को कृष्ण सिंह के मकान में किराए पर रहने आई थीं। उन्होंने बताया कि नौकरी के दौरान बीच-बीच में गांव जाने के कारण वह कमरे में सीमित समय ही रह सकीं। बावजूद इसके उनके बिजली मीटर में 570 यूनिट खपत दिखाई गई, जिसका भुगतान मकान मालिक उनसे ही कराने का दबाव बना रहे हैं।

रेखा चौधरी का आरोप है कि उनके बिजली मीटर से अन्य किरायेदारों, पानी की मोटर तथा मकान मालिक ने भी अवैध रूप से कनेक्शन जोड़ रखा है। इसके बावजूद पूरे बिजली बिल का भुगतान उनसे 8 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से लगभग 4560 रुपये मांगा जा रहा है। उन्होंने बताया कि वह कमरे में केवल दो बल्ब, एक पंखा और एक फ्रिज का ही उपयोग करती हैं, ऐसे में इतना अधिक बिल आना संदिग्ध है।

प्रार्थिनी ने यह भी आरोप लगाया कि मकान मालिक उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। उनके अनुसार कई बार पानी की सप्लाई बंद कर दी जाती है, जिससे नहाने-धोने और दैनिक कार्यों में भारी परेशानी होती है। यहां तक कि बाथरूम उपयोग करने के दौरान भी पानी रोक दिया जाता है।

रेखा चौधरी ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मकान की बिजली व्यवस्था और सभी कमरों की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर न्याय दिलाने की अपील की है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है।

तरकुलहा मंदिर में दर्शन करने गए युवक से मारपीट, पुलिस जांच में जुटी

गोरखपुर। चौरीचौरा थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध तरकुलहा मंदिर परिसर में दर्शन करने पहुंचे एक युवक के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने नामजद एवं अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार गगहा क्षेत्र के सिंघोड़वा निवासी आनंद निषाद कुछ दिन पूर्व तरकुलहा देवी मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे थे। आरोप है कि मंदिर परिसर के पास पहले से मौजूद कुछ लोगों ने पुरानी रंजिश को लेकर उन्हें रोक लिया और विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई।

पीड़ित का आरोप है कि विपक्षी पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों और घूंसों से हमला कर दिया, जिससे उनके सिर और शरीर पर चोटें आईं। घटना के दौरान मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर घायल युवक को सुरक्षित बाहर निकाला तथा उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

मामले में पीड़ित द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने दो नामजद समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है तथा जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रहती है, ऐसे में इस तरह की घटनाओं को लेकर लोगों में चिंता भी देखी जा रही है। वहीं पुलिस क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बरत रही है।

मुख्यमंत्री योगी के हाथों सम्मानित हुए गोरखपुर के अनुदेशक देवेंद्र लाल

लखनऊ के लोक भवन में आयोजित हुआ भव्य सम्मान समारोह

गोरखपुर। लखनऊ स्थित लोक भवन में आयोजित अंशकालिक अनुदेशक सम्मान समारोह में गोरखपुर के अनुदेशक देवेंद्र लाल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, शिक्षामंत्री संदीप सिंह हाथों सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान प्रदेश भर से आए अनुदेशकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित होने के बाद देवेंद्र लाल ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे अनुदेशकों के सम्मान और संघर्ष की बड़ी जीत बताया।

17 हजार मानदेय से मिली राहत

सम्मान समारोह के बाद देवेंद्र लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपये किया जाना सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि पहले 7 हजार रुपये मानदेय में परिवार चलाना बेहद मुश्किल होता था, लेकिन अब 8 हजार रुपये की बढ़ोतरी से अनुदेशकों को बड़ी राहत मिली है।

उन्होंने कहा,“पहले सीमित मानदेय में घर का खर्च चलाना काफी कठिन था। सरकार ने हमारी समस्याओं को समझा और मानदेय बढ़ाकर हमें सम्मान देने का काम किया है। इससे प्रदेश के हजारों अनुदेशकों में नई ऊर्जा आई है।”

नियमितीकरण की भी जताई उम्मीद

देवेंद्र लाल ने मुख्यमंत्री से उम्मीद जताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार भविष्य में अनुदेशकों को नियमित करने की दिशा में भी सकारात्मक निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि अनुदेशक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं और सरकार को उनकी सेवाओं का स्थायी समाधान करना चाहिए।

उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा,

“हमें पूरा भरोसा है कि मुख्यमंत्री जी जल्द ही हमें हमारे ही पद पर नियमित करने का कार्य भी करेंगे।”

शिक्षा विभाग और संगठन पदाधिकारियों का जताया आभार

देवेंद्र लाल ने इस अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग और संगठन के पदाधिकारियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने गोरखपुर के एडी बेसिक शिक्षा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह, प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा तथा महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया।

अनुदेशकों में दिखा उत्साह का माहौल

लोक भवन में आयोजित इस सम्मान समारोह को लेकर प्रदेश भर के अनुदेशकों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले अनुदेशकों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया गया। समारोह के बाद कई अनुदेशकों ने इसे ऐतिहासिक पहल बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

मुख्यमंत्री योगी के हाथों सम्मानित हुए गोरखपुर के अनुदेशक देवेंद्र लाल

लखनऊ के लोक भवन में आयोजित हुआ भव्य सम्मान समारोह

गोरखपुर। लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित अंशकालिक अनुदेशक सम्मान समारोह में गोरखपुर के अनुदेशक देवेंद्र लाल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान प्रदेश भर से आए अनुदेशकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित होने के बाद देवेंद्र लाल ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे अनुदेशकों के सम्मान और संघर्ष की बड़ी जीत बताया।

“17 हजार मानदेय से मिली राहत”

सम्मान समारोह के बाद देवेंद्र लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपये किया जाना सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि पहले 7 हजार रुपये मानदेय में परिवार चलाना बेहद मुश्किल होता था, लेकिन अब 8 हजार रुपये की बढ़ोतरी से अनुदेशकों को बड़ी राहत मिली है।

उन्होंने कहा,“पहले सीमित मानदेय में घर का खर्च चलाना काफी कठिन था। सरकार ने हमारी समस्याओं को समझा और मानदेय बढ़ाकर हमें सम्मान देने का काम किया है। इससे प्रदेश के हजारों अनुदेशकों में नई ऊर्जा आई है।”

नियमितीकरण की भी जताई उम्मीद

देवेंद्र लाल ने मुख्यमंत्री से उम्मीद जताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार भविष्य में अनुदेशकों को नियमित करने की दिशा में भी सकारात्मक निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि अनुदेशक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं और सरकार को उनकी सेवाओं का स्थायी समाधान करना चाहिए।

उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा,

“हमें पूरा भरोसा है कि मुख्यमंत्री जी जल्द ही हमें हमारे ही पद पर नियमित करने का कार्य भी करेंगे।”

शिक्षा विभाग और संगठन पदाधिकारियों का जताया आभार

देवेंद्र लाल ने इस अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग और संगठन के पदाधिकारियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने गोरखपुर के एडी बेसिक शिक्षा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह, प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा पार्थसारथी सेन शर्मा तथा महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया।

अनुदेशकों में दिखा उत्साह का माहौल

लोक भवन में आयोजित इस सम्मान समारोह को लेकर प्रदेश भर के अनुदेशकों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले अनुदेशकों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया गया। समारोह के बाद कई अनुदेशकों ने इसे ऐतिहासिक पहल बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

फोरलेन पर मौत की नींद!

अयोध्या जा रही कार खाई में पलटी, चालक समेत तीन श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत

गोरखपुर से बड़ी खबर

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। बिहार के समस्तीपुर से अयोध्या दर्शन के लिए निकले पुजारी और उनके शिष्यों की तेज रफ्तार टीयूवी-300 कार खोराबार क्षेत्र के भैंसहा खास के पास अनियंत्रित होकर फोरलेन से नीचे जा पलटी। हादसा इतना भयावह था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

झपकी बनी काल!

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चालक को अचानक झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित हो गया और फोरलेन से नीचे उतरकर कई बार पलट गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस और एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंची।

तीन श्रद्धालुओं की मौत

इस दर्दनाक हादसे में चालक ओम राय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि समस्तीपुर निवासी वासुकी दास और प्रवीण दास ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में अयोध्या के सीताराम मंदिर से जुड़े पुजारी राम प्रकाश दास और उनके शिष्य राजा दास घायल बताए जा रहे हैं। दोनों का इलाज अस्पताल में जारी है।

पुलिस कर रही जांच

घटना की सूचना मिलते ही खोराबार पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसपी सिटी निमिष पाटील के अनुसार प्रथम दृष्टया हादसे का कारण चालक को आई झपकी माना जा रहा है। मामले की जांच की जा रही है।

INSIDE STORY / विशेष रिपोर्ट

श्रद्धा का सफर… और रास्ते में मौत!

बताया जा रहा है कि सभी श्रद्धालु बिहार से अयोध्या दर्शन के लिए निकले थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि भक्ति का यह सफर मातम में बदल जाएगा। हादसे के बाद सड़क किनारे चीख-पुकार और मदद की गुहार सुनाई देती रही। स्थानीय लोगों ने शीशे तोड़कर घायलों को बाहर निकाला।

सवाल जो खड़े हो रहे हैं

क्या लंबी दूरी की यात्रा में चालक को आराम नहीं मिला?

क्या तेज रफ्तार हादसे की बड़ी वजह बनी?

आखिर हाईवे पर लगातार हो रहे हादसों पर कब लगेगी रोक?

घर की कलह बनी मौत की वजह, युवक की संदिग्ध मौत से गांव में मचा हड़कंप

गोरखपुर। सहजनवा क्षेत्र के भरपही गांव में पारिवारिक तनाव ने ऐसा भयावह रूप ले लिया कि एक युवक की जान चली गई। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई, जबकि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है।

जानकारी के मुताबिक गांव निवासी एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया। मृतक की पत्नी ने पुलिस को दी गई शिकायत में गांव के ही एक युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि घटना देर रात की है। युवक की हालत बिगड़ने की सूचना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है।

FT News Digital Special

“रिश्तों में बढ़ती कड़वाहट अब अपराध का रूप लेने लगी है। छोटी कहासुनी कब हिंसा में बदल जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता जा रहा है।”

 

गोरखपुर में दर्दनाक हादसा: पिस्टल साफ करते समय चली गोली, कारोबारी अम्बरीश श्रीवास्तव की मौत

गोरखपुर ब्यूरो | धनेश कुमार | FT News Digital

गोरखपुर से एक चौंकाने वाली और दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां शहर के प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार से जुड़े अम्बरीश श्रीवास्तव की पिस्टल साफ करते समय गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

कैसे हुआ हादसा?

शुक्रवार सुबह अम्बरीश श्रीवास्तव अपने कुसमी जंगल स्थित फार्महाउस पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वह ऊपरी मंजिल पर मौजूद थे और अपनी लाइसेंसी पिस्टल की सफाई कर रहे थे।

इसी दौरान अचानक गोली चल गई, जो उन्हें गंभीर रूप से लग गई। गोली की आवाज सुनकर कर्मचारी दौड़कर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

पूरा घटनाक्रम

सुबह करीब 7 बजे: सिविल लाइंस स्थित आवास से निकले

8 से 9 बजे के बीच: फार्महाउस पहुंचे

ऊपरी मंजिल पर पिस्टल साफ करते समय हादसा

कर्मचारियों ने खून से लथपथ हालत में पाया

परिवार और पहचान

अम्बरीश श्रीवास्तव, गोरखपुर क्लब के संचालक और बड़े कारोबारी अतुल श्रीवास्तव के पुत्र थे।

टेंट हाउस, ठेकेदारी और होटल व्यवसाय से जुड़े

शहर के प्रमुख आयोजनों में सक्रिय भूमिका

पीछे पत्नी और दो बच्चों का भरा-पूरा परिवार

पुलिस का क्या कहना है?

एसपी सिटी निमिष पाटिल के अनुसार:

“प्रारंभिक जांच में पिस्टल साफ करते समय गोली चलने की बात सामने आई है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।”

जांच के प्रमुख बिंदु

क्या यह पूरी तरह दुर्घटना है?

लाइसेंसी हथियार की स्थिति

CCTV और मौके के साक्ष्य

निष्कर्ष

फिलहाल मामला प्रथम दृष्टया हादसा प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू की गहन जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

एम्बुलेंस माफिया पर बड़ा एक्शन” बीआरडी के प्रधानाचार्य की तहरीर पर केस, मरीजों को गुमराह कर प्राइवेट अस्पताल भेजने वाला गिरोह धराया, 6 गिरफ्तार

गोरखपुर। गोरखपुर में मरीजों की मजबूरी को “मौका” बनाकर खेल रहे एम्बुलेंस माफिया पर आखिरकार पुलिस का शिकंजा कस गया। थाना गुलरिहा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मरीजों को बहला-फुसलाकर प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर चल रहे संगठित “दलाली तंत्र” पर बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है।

यह पूरा मामला तब सामने आया जब बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. राम कुमार जायसवाल ने लिखित तहरीर देकर मरीजों को गुमराह किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। वहीं, अस्पताल परिसर में तैनात सैनिक सुपरवाइजर केदार कुमार पांडे की सतर्कता और सूझबूझ से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान हुई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

घटना का संक्षिप्त विवरण

14 अप्रैल को बीआरडी मेडिकल के 500 बेड वाली बिल्डिंग पर सरकारी एंबुलेंस से एक बच्चे को लेकर परिजन पहुंचे। वहां तैनात कर्मचारी ने बेड खाली न होने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद सरकारी एंबुलेंस चालक ने प्राइवेट अस्पताल के मैनेजर को फोन किया जिसके बाद एम्बुलेंस पहुंची और बीआरडी के मुख्य गेट के पास स्थित शौचालय के पास आ कर खड़ी हो गई। दलाल परिजनों को पैदल ही ले जा रहे थे। शक होने पर ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने पूछताछ की जिसके बाद एम्बुलेंस चालक और परिजन अलग अलग बयान देने लगे। जहां एम्बुलेंस चालक ने घर ले जाने की बात कही, वहीं परिजन प्राइवेट अस्पताल जाने की बात बताए। जिसके बाद मेडिकल पुलिस चौकी को इसकी सूचना दी गई और संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया।

कैसे काम करते है मरीज माफिया?

गैंग में शामिल लोग खासतौर पर बाहर से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को निशाना बनाता है।

मरीज की स्थिति को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है, सरकारी अस्पतालों की सुविधाओं को कमतर बताया जाता और डर का माहौल बनाकर उन्हें तत्काल “बेहतर इलाज” के नाम पर प्राइवेट अस्पताल भेजने के लिए तैयार किया जाता।

एम्बुलेंस पहले से तैयार रहती है और मरीज को सीधे तयशुदा अस्पतालों में भर्ती कराया जाता है। जहां से इस पूरे नेटवर्क को मोटा कमीशन मिलता है।

गिरफ्तार अभियुक्तों का नाम व पता

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान वेदप्रकाश पुत्र मुन्नीलाल, निवासी भागलपुर, थाना पीपीगंज, जनपद गोरखपुर,

राहुल पुत्र रामअनुज, निवासी कटुई, थाना ललिया, जनपद बलरामपुर,

गुंजेश यादव पुत्र झिंगुरी यादव, निवासी बंधवा, थाना रामकोला, जनपद कुशीनगर,

अमन पाण्डेय पुत्र राजकुमार पाण्डेय, निवासी घोरही, थाना महुली, जिला संतकबीरनगर,

अंकित शुक्ला पुत्र मोहन शुक्ला, निवासी पकड़ी मिसराइन, थाना कटया, जिला गोपालगंज (बिहार),

राहुल शर्मा पुत्र सुनील शर्मा, निवासी गाईबेला, थाना सिकरीगंज, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है।

गिरफ्तारी में ये रहे शामिल

उपनिरीक्षक मदन मोहन मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। टीम में उ.नि

विकास कुमार मिश्रा, उ.नि. राहुल कुमार, हेड कांस्टेबल सदानंद यादव सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।

बड़ा सवाल

इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह सिर्फ कुछ दलालों का काम है या इसके पीछे एक बड़ा संगठित नेटवर्क काम कर रहा है?

आगे की कार्रवाई?

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि किन-किन प्राइवेट अस्पतालों से इनका सीधा संपर्क था।

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