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हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर सजा साहित्य का मंच, काव्यगोष्ठी में गूंजी हिंदी की मिठास

प्रमोद चोखानी और प्रो. विमलेश कुमार मिश्र को मिला ‘हिंदी गौरव सम्मान 2026’

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गोरखपुर। हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर गोरखपुर में साहित्य, कविता और हिंदी भाषा के प्रति सम्मान का अनूठा संगम देखने को मिला। गोरखपुर लिटरेरी सोसायटी एवं धरोहर मंजरी के संयुक्त तत्वावधान में काव्यगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों और कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिंदी की समृद्ध परंपरा, सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाओं को स्वर दिया।

समारोह के दौरान वरिष्ठ कवि एवं लेखक प्रमोद चोखानी तथा गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. विमलेश कुमार मिश्र को ‘हिंदी गौरव सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया। सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने वाले कई अन्य लोगों को भी सम्मानित किया गया।

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साहित्य के रंग में रंगा समारोह

हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस साहित्यिक आयोजन में कविता और विचारों की ऐसी महफिल सजी, जहां हिंदी केवल बोलचाल की भाषा नहीं बल्कि संस्कृति, संस्कार और संवेदना की पहचान के रूप में सामने आई। कवियों की रचनाओं ने श्रोताओं को कभी प्रेम और संवेदना से जोड़ा तो कभी समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने को मजबूर किया।


हिंदी को लेकर दिखी साहित्यिक प्रतिबद्धता

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सौहार्द शिरोमणि डॉ. सौरभ पांडेय ने कहा कि हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि संस्कृति, संस्कार, संवेदना और अभिव्यक्ति की पहचान है।

मुख्य अतिथि हसन जमाल बबुआ भाई ने कविता और साहित्य को समाज का आईना बताते हुए कहा कि एक सच्चा कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज की पीड़ा, प्रेम, संघर्ष, संवेदना और उम्मीद को आवाज देता है।

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विशिष्ट अतिथि नवल किशोर नथानी ने हिंदी की सरलता के साथ उसकी समृद्धि और व्यापकता पर विचार रखे।

आरटीआई कार्यकर्ता संजय मिश्रा ने आयोजन को हिंदी साहित्यिक चेतना को आगे बढ़ाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास बताया।

सारांश | दो साहित्यकारों को मिला हिंदी गौरव सम्मान

कार्यक्रम के आयोजक मिन्नत गोरखपुरी ने बताया कि समारोह में वरिष्ठ कवि एवं लेखक प्रमोद चोखानी और गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. विमलेश कुमार मिश्र को ‘हिंदी गौरव सम्मान 2026’ प्रदान किया गया।

सम्मान समारोह के साथ काव्य पाठ का भी आयोजन हुआ। शालिनी सोनी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

इसके बाद ममता ओझा ने अपनी रचना प्रस्तुत की—

“ऐसे उलझा दिया एक पल ने हमें,

हम कठिन हो गए सादगी के लिए।”

गौतम गोरखपुरी ने प्रेम भाव से जुड़ी रचना प्रस्तुत की, जबकि मिन्नत गोरखपुरी ने हिंदी के गौरव को स्वर देते हुए पढ़ा—

“दुनिया की हर जुबां का अपना मुकाम सही,

मगर हिंदी मेरी हिंदुस्तान की शान रखती है।”

इसके अलावा प्रमोद चोखानी, उत्कर्ष श्रीवास्तव, शालिनी सोनी, परी श्रीवास्तव, किशन पाठक और करन पांडेय सहित अन्य कवियों ने भी काव्य पाठ किया।

टिप्पणी | कविता बनी समाज की आवाज

आयोजन में वक्ताओं के विचारों से यह संदेश उभरा कि साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की संवेदनाओं और सरोकारों को सामने रखने का सशक्त माध्यम भी है।

कवियों की प्रस्तुतियों ने प्रेम, संघर्ष, संवेदना और हिंदी के प्रति सम्मान को शब्द दिए। यही वजह रही कि साहित्यिक आयोजन में मौजूद लोगों के बीच हिंदी के प्रति गौरव और आत्मीयता का माहौल बना रहा।

सम्मान से बढ़ा आयोजन का महत्व

समारोह में साहित्यिक क्षेत्र के साथ सामाजिक कार्यों में योगदान देने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया। अर्पित श्रीवास्तव, इंजीनियर बृजमोहन, स्वेच्छा श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, अंबुज मिश्रा, शालिनी, विवेक कुमार गहलोत, आलोक कुमार, रोजी खान, पन्नेलाल पासवान और मिन्हाज सिद्दीकी को सामाजिक कार्यों के लिए सम्मान प्रदान किया गया।

इस दौरान कमर कुरैशी, राज शेख, मंजर सिंह, अमन सिंह, अविनाश पांडेय, चंद्ररामनी पासवान, जय सिंह, नेहा गुप्ता, सुशील कुमार सिंह, पं. कृष्ण मोहन पाठक, हरिनाथ और गुरु बाबा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

फॉलो | हिंदी के सम्मान का सिलसिला रहे जारी

कार्यक्रम के अंत में संयोजक गौतम गोरखपुरी ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों, कवियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित यह आयोजन साहित्य और समाज के बीच संवाद का मंच बना। सम्मान, कविता और विचारों के माध्यम से हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और साहित्यिक चेतना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

खबर की खास लाइन

“कविता ने संवेदनाओं को आवाज दी, सम्मान ने साहित्य का मान बढ़ाया और हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर गोरखपुर में सजा शब्दों का खूबसूरत संसार।”

FT NEWS DIGITAL | गोरखपुर

मुठभेड़ में बदमाश गिरफ्तार, साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार

पिपराइच के जंगल में चेकिंग के दौरान पुलिस और संदिग्धों के बीच हुई फायरिंग, कांस्टेबल भी घायल

गोरखपुर। पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगल में सोमवार देर रात पुलिस चेकिंग के दौरान बाइक सवार संदिग्धों से मुठभेड़ की घटना सामने आई। पुलिस के मुताबिक, पीछा किए जाने पर बाइक सवारों ने फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। फायरिंग के दौरान एक कांस्टेबल घायल हुआ, जबकि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक संदिग्ध के पैर में गोली लगने की बात सामने आई है। घायल संदिग्ध को गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं उसका कथित साथी अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।


पुलिस के अनुसार, घटना रात करीब 2:20 बजे की है। पिपराइच पुलिस टीम जंगल क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बाइक से आ रहे दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस का दावा है कि दोनों ने बाइक मोड़कर भागने का प्रयास किया। कुछ दूरी पर बाइक गिरने के बाद एक संदिग्ध ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसमें कांस्टेबल हनुमान घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में एक संदिग्ध के पैर में गोली लगी और उसे पकड़ लिया गया, जबकि दूसरा जंगल की ओर भाग निकला।

पुलिस का दावा—फायरिंग के बाद हुई जवाबी कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक, चेकिंग के दौरान बाइक सवार दो लोगों को रुकने का इशारा किया गया था। दोनों संदिग्ध कथित तौर पर बाइक लेकर भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा किया तो कुछ दूरी पर बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई।

पुलिस का कहना है कि इसके बाद एक व्यक्ति ने तमंचे से पुलिस टीम पर गोली चला दी। फायरिंग में कांस्टेबल हनुमान के पैर में गोली लगने की बात बताई गई है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक संदिग्ध के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

घायल पुलिसकर्मी और गिरफ्तार संदिग्ध को उपचार के लिए अस्पताल भेजे जाने की जानकारी पुलिस की ओर से दी गई है।


दूसरा संदिग्ध जंगल में फरार

पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान पकड़े गए संदिग्ध के साथ मौजूद दूसरा व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग गया। उसकी तलाश में पुलिस टीम ने आसपास के क्षेत्र में अभियान चलाया। फरार संदिग्ध की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दिए जाने की बात सामने आई है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान बताई गई

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान मुमताज अहमद उर्फ राजू, उम्र करीब 30 वर्ष, निवासी तिवारीपुर क्षेत्र, के रूप में बताई गई है। वहीं फरार व्यक्ति की पहचान पुलिस ने सरफराज के रूप में बताई है।

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार व्यक्ति के कब्जे से तमंचा, कारतूस, बाइक और चोरी से संबंधित बताया जा रहा सामान बरामद किया गया है। बरामदगी और घटनाक्रम की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद संबंधित साक्ष्यों के आधार पर होगी।

14 आपराधिक मामलों का पुलिस ने किया उल्लेख

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ अलग-अलग थानों में करीब 14 आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें चोरी, लूट, मारपीट, धमकी और एनडीपीएस एक्ट से संबंधित मामले शामिल बताए गए हैं।

हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मुकदमे अपने आप में उसके दोषी होने का अंतिम प्रमाण नहीं होते। मामलों में अंतिम स्थिति संबंधित न्यायालय की कार्यवाही और निर्णय से निर्धारित होगी।

सारांश

पिपराइच क्षेत्र में देर रात चेकिंग के दौरान पुलिस और बाइक सवार संदिग्धों के बीच फायरिंग की घटना सामने आई। पुलिस के अनुसार, एक कांस्टेबल घायल हुआ और जवाबी कार्रवाई में एक संदिग्ध के पैर में गोली लगी। उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए भेजा गया, जबकि दूसरा कथित साथी जंगल में फरार हो गया। पुलिस ने तमंचा-कारतूस समेत अन्य सामान बरामद करने का दावा किया है।

पुलिस का पक्ष

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटना की जांच की जा रही है। बरामदगी, फायरिंग की परिस्थितियों और फरार व्यक्ति की भूमिका से जुड़े तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और नियमानुसार की जाएगी।

कानूनी सावधानी / संपादकीय टिप्पणी

यह समाचार उपलब्ध पुलिस/प्रकाशित विवरण के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें किसी व्यक्ति को न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध घोषित नहीं किया जा रहा है। आरोप, मुकदमे और पुलिस के दावे संबंधित जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। आरोपी को कानून के तहत निर्दोष माने जाने का अधिकार है, जब तक कि न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध न हो।

फ़िराक़ की शायरी में आज भी जिंदा है गोरखपुर की साहित्यिक विरासत

 

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130वीं जयंती पर युवा कवियों, शायरों और समाजसेवियों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि

गोरखपुर, 28 अगस्त।

उर्दू अदब के मशहूर शायर और अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक मंच पर गोरखपुर का नाम रोशन करने वाले रघुपति सहाय ‘फ़िराक़’ गोरखपुरी की 130वीं जयंती पर साहित्यिक जगत ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। गोरखपुर लिटरेरी सोसायटी के तत्वावधान में बेतियाहाता स्थित फ़िराक़ गोरखपुरी की प्रतिमा पर युवा कवियों, शायरों एवं समाजसेवियों ने माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर उनके साहित्यिक योगदान को याद किया।

INSET | अदब की दुनिया का अमर नाम

फ़िराक़ गोरखपुरी केवल एक शायर का नाम नहीं, बल्कि भारतीय साहित्य की उस समृद्ध परंपरा की पहचान हैं, जिसमें भाषा, संवेदना और मानवीय भावनाओं का अद्भुत संगम दिखाई देता है। उनकी रचनाएं आज भी साहित्य प्रेमियों को जोड़ती हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं।

INBOX | गोरखपुर को फ़िराक़ पर गर्व

कार्यक्रम में युवा कवि एवं शायर मिन्नत गोरखपुरी ने कहा कि फ़िराक़ गोरखपुरी अपनी शायरी और उर्दू साहित्य के माध्यम से रहती दुनिया तक लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे। उन्होंने कहा कि फ़िराक़ की साहित्यिक विरासत गोरखपुर की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी एवं साहित्य प्रेमी सरदार जसपाल सिंह ने की। उन्होंने कहा कि फ़िराक़ गोरखपुरी पर सिर्फ गोरखपुर ही नहीं, बल्कि पूरे देश को गर्व है। उनके साहित्यिक योगदान ने शहर की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया।

कार्यक्रम में युवाओं की सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम का संयोजन युवा शायर गौतम गोरखपुरी ने तथा सह-संयोजन ई. बृजमोहन ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी एवं साहित्य प्रेमी एडवोकेट पूजा गुप्ता, अनुराग माझावर, गौतम गोरखपुरी, उत्कर्ष पाठक उत्पल, अभिषेक शर्मा, मोहम्मद अब्दुल्ला, एडवोकेट मिनहाज सिद्दीकी और सुशील सिंह सहित अन्य लोगों ने फ़िराक़ गोरखपुरी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम के अंत में संयोजक गौतम गोरखपुरी ने उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साहित्य और समाज के प्रति लोगों की सहभागिता ही ऐसी महान साहित्यिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बन सकती है।

सारांश

फ़िराक़ गोरखपुरी की 130वीं जयंती पर गोरखपुर में साहित्य प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया। बेतियाहाता स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि कर उनके साहित्यिक योगदान को नमन किया गया। वक्ताओं ने फ़िराक़ की रचनाओं को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।


की धरती से निकली फ़िराक़ की आवाज आज भी अदब की दुनिया में गूंज रही है। उनकी 130वीं जयंती पर शहर के युवा कवियों, शायरों और समाजसेवियों ने एकजुट होकर महान शायर को श्रद्धांजलि दी और उनकी साहित्यिक विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

संपादकीय टिप्पणी

साहित्य की असली ताकत यही है कि समय गुजर जाता है, लेकिन शब्द नहीं मरते। फ़िराक़ गोरखपुरी की शायरी ने गोरखपुर को साहित्य के वैश्विक मानचित्र पर पहचान दिलाई। उनकी जयंती पर युवा पीढ़ी का एकत्र होकर उन्हें याद करना इस बात का संकेत है कि महान रचनाकारों की विरासत किताबों तक सीमित नहीं रहती—वह समाज की चेतना में जीवित रहती है। जरूरत है कि फ़िराक़ के साहित्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजन निरंतर होते रहें।

 

 

फ़िराक़ की शायरी में आज भी जिंदा है गोरखपुर की साहित्यिक विरासत

 

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130वीं जयंती पर युवा कवियों, शायरों और समाजसेवियों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि

गोरखपुर, 28 अगस्त।

उर्दू अदब के मशहूर शायर और अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक मंच पर गोरखपुर का नाम रोशन करने वाले रघुपति सहाय ‘फ़िराक़’ गोरखपुरी की 130वीं जयंती पर साहित्यिक जगत ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। गोरखपुर लिटरेरी सोसायटी के तत्वावधान में बेतियाहाता स्थित फ़िराक़ गोरखपुरी की प्रतिमा पर युवा कवियों, शायरों एवं समाजसेवियों ने माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर उनके साहित्यिक योगदान को याद किया।

INSET | अदब की दुनिया का अमर नाम

फ़िराक़ गोरखपुरी केवल एक शायर का नाम नहीं, बल्कि भारतीय साहित्य की उस समृद्ध परंपरा की पहचान हैं, जिसमें भाषा, संवेदना और मानवीय भावनाओं का अद्भुत संगम दिखाई देता है। उनकी रचनाएं आज भी साहित्य प्रेमियों को जोड़ती हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं।

INBOX | गोरखपुर को फ़िराक़ पर गर्व

कार्यक्रम में युवा कवि एवं शायर मिन्नत गोरखपुरी ने कहा कि फ़िराक़ गोरखपुरी अपनी शायरी और उर्दू साहित्य के माध्यम से रहती दुनिया तक लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे। उन्होंने कहा कि फ़िराक़ की साहित्यिक विरासत गोरखपुर की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी एवं साहित्य प्रेमी सरदार जसपाल सिंह ने की। उन्होंने कहा कि फ़िराक़ गोरखपुरी पर सिर्फ गोरखपुर ही नहीं, बल्कि पूरे देश को गर्व है। उनके साहित्यिक योगदान ने शहर की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया।

कार्यक्रम में युवाओं की सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम का संयोजन युवा शायर गौतम गोरखपुरी ने तथा सह-संयोजन ई. बृजमोहन ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी एवं साहित्य प्रेमी एडवोकेट पूजा गुप्ता, अनुराग माझावर, गौतम गोरखपुरी, उत्कर्ष पाठक उत्पल, अभिषेक शर्मा, मोहम्मद अब्दुल्ला, एडवोकेट मिनहाज सिद्दीकी और सुशील सिंह सहित अन्य लोगों ने फ़िराक़ गोरखपुरी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम के अंत में संयोजक गौतम गोरखपुरी ने उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साहित्य और समाज के प्रति लोगों की सहभागिता ही ऐसी महान साहित्यिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बन सकती है।

सारांश

फ़िराक़ गोरखपुरी की 130वीं जयंती पर गोरखपुर में साहित्य प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया। बेतियाहाता स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि कर उनके साहित्यिक योगदान को नमन किया गया। वक्ताओं ने फ़िराक़ की रचनाओं को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।


की धरती से निकली फ़िराक़ की आवाज आज भी अदब की दुनिया में गूंज रही है। उनकी 130वीं जयंती पर शहर के युवा कवियों, शायरों और समाजसेवियों ने एकजुट होकर महान शायर को श्रद्धांजलि दी और उनकी साहित्यिक विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

संपादकीय टिप्पणी

साहित्य की असली ताकत यही है कि समय गुजर जाता है, लेकिन शब्द नहीं मरते। फ़िराक़ गोरखपुरी की शायरी ने गोरखपुर को साहित्य के वैश्विक मानचित्र पर पहचान दिलाई। उनकी जयंती पर युवा पीढ़ी का एकत्र होकर उन्हें याद करना इस बात का संकेत है कि महान रचनाकारों की विरासत किताबों तक सीमित नहीं रहती—वह समाज की चेतना में जीवित रहती है। जरूरत है कि फ़िराक़ के साहित्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजन निरंतर होते रहें।

 

 

गोरखपुर में खाकी शर्मसार: डायल-112 के सिपाही ने 10 साल की मासूम का अपहरण कर की हत्या, नदी से शव बरामद, जुर्म कबूला

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में खाकी को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। डायल-112 में तैनात एक पुलिस सिपाही ने जिला अस्पताल से 10 वर्षीय मासूम बच्ची का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी और शव को रोहिणी नदी में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी सिपाही की निशानदेही पर गुरुवार सुबह मानीराम क्षेत्र स्थित चिउटहा पुल के पास नदी से बच्ची का शव बरामद कर लिया है। दुष्कर्म की आशंका को देखते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

अस्पताल से घर लौटते समय बनाई गई शिकार

पीड़ित परिवार मूल रूप से आजमगढ़ के कप्तानगंज क्षेत्र का निवासी है और पिछले चार वर्षों से गोरखपुर में किराए पर रहकर ई-रिक्शा चलाता है। पीड़ित पिता के मुताबिक, उनकी 13 वर्षीय बड़ी बेटी जिला अस्पताल में भर्ती थी। 28 जुलाई की रात करीब 8:30 बजे 10 साल की छोटी बेटी अपनी बहन को खाना देने अस्पताल गई थी। रात करीब 10 बजे घर लौटते समय वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई।

बड़ी बहन के अनुसार, अस्पताल परिसर में खाना खाने के दौरान पुलिस वर्दी में आए एक व्यक्ति ने उनसे घर का पता पूछा और रात अधिक होने पर घर छोड़ने की पेशकश की। इसके बाद मौका देखकर वह छोटी बच्ची को अपने साथ ले गया।

39 सेकेंड के CCTV फुटेज से बेनकाब हुआ आरोपी

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जांच के लिए 10 टीमों का गठन किया। जिला अस्पताल के CCTV फुटेज खंगालने पर आरोपी सिपाही की करतूत सामने आई। महज 39 सेकेंड के फुटेज में बच्ची अस्पताल से बाहर निकलती दिखी और पीछे से वर्दीधारी सिपाही बाइक से आता नजर आया। बातचीत के बाद वह बच्ची को बाइक पर बैठाकर ले जाता दिखा।

आपराधिक पृष्ठभूमि का निकला सिपाही, सेवा से बर्खास्तगी की सिफारिश

CCTV के आधार पर बाइक नंबर ट्रेस कर पुलिस ने आरोपी सिपाही अभिषेक यादव को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने बच्ची की हत्या कर शव रोहिणी नदी में फेंक दिया था। आरोपी मूल रूप से गाजीपुर का रहने वाला है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. कौस्तुभ ने प्रेस वार्ता में बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे सेवा से बर्खास्त करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। एसएसपी ने खुलासा किया कि आरोपी सिपाही का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है और वह जनवरी 2025 में छेड़छाड़ के आरोप में जेल जा चुका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. मुकेश शुक्ला को उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने किया सम्मानित

गोरखपुर। चिकित्सा सेवा को केवल पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का माध्यम मानने वाले गोरखपुर के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. मुकेश शुक्ला को उनके उत्कृष्ट चिकित्सकीय योगदान और समाज के प्रति समर्पण के लिए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने सम्मानित किया। यह सम्मान प्रतिष्ठित दैनिक अमर उजाला द्वारा आयोजित ‘आभार समर्पण’ कार्यक्रम में प्रदान किया गया।

‘आभार समर्पण’ कार्यक्रम में मिला प्रतिष्ठित सम्मान

गोरखपुर में आयोजित इस भव्य समारोह में शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग, समाजसेवा एवं विभिन्न क्षेत्रों की कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया।

इसी क्रम में वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. मुकेश शुक्ला को चिकित्सा क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान, मरीजों के प्रति समर्पित सेवा, सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदनाओं के लिए सम्मान प्रदान किया गया।

पूर्वांचल ही नहीं, बिहार और नेपाल के मरीजों की भी पहली पसंद

डॉ. मुकेश शुक्ला वर्षों से गोरखपुर में न्यूरो सर्जरी की विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, नेपाल और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज उनके पास उपचार के लिए पहुंचते हैं।

मस्तिष्क एवं रीढ़ की हड्डी से जुड़ी जटिल शल्य चिकित्सा में उनकी विशेषज्ञता, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और बेहतर उपचार पद्धति ने उन्हें चिकित्सा जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है।

जानिए सम्मान पर क्या बोले डॉ. मुकेश शुक्ला?

सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. मुकेश शुक्ला ने कहाकि-

“यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि उन सभी मरीजों का विश्वास और मेरे पूरे चिकित्सा दल की मेहनत का सम्मान है। मरीजों की सेवा ही मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता रही है और आगे भी पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से समाज की सेवा करता रहूंगा। यह सम्मान मुझे और अधिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।”

चिकित्सा सेवा को मिला सम्मान, बढ़ा चिकित्सकों का उत्साह

‘आभार समर्पण’ कार्यक्रम में चिकित्सा सेवा को मिले इस सम्मान को स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भी एक सकारात्मक संदेश माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सम्मान समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों का मनोबल बढ़ाते हैं और उन्हें जनसेवा के लिए और अधिक प्रेरित करते हैं।

गोरखपुर में मासूम की हत्या का खुलासा: भरोसे का रिश्ता बना मौत की वजह, फिरौती के एंगल पर जांच तेज

गोरखपुर। सहजनवा क्षेत्र में छह वर्षीय मासूम अंशुमान सिंह की हत्या के मामले में पुलिस जांच में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस के अनुसार, घर में किराए पर रहने वाले युवक को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में फिरौती के उद्देश्य से अपहरण की आशंका सामने आई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि हत्या के वास्तविक कारणों की अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और विवेचना पूरी होने के बाद ही की जाएगी।

इनसेट

अब तक क्या-क्या सामने आया?

2 जुलाई की शाम घर से निकला था मासूम।

देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।

सीसीटीवी फुटेज जांच का सबसे अहम सुराग बना।

झाड़ियों के बीच खंडहर से बरामद हुआ शव।

आरोपी गिरफ्तार, पुलिस पूछताछ और साक्ष्य जुटाने में जुटी।


स्थान: सहजनवा, गोरखपुर (उत्तर प्रदेश)

पीड़ित: अंशुमान सिंह (6 वर्ष)

मामला: अपहरण के बाद हत्या

आरोपी: घर में रहने वाला किराएदार गिरफ्तार

स्थिति: पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच का इंतजार

पूरी खबर

गोरखपुर जिले के सहजनवा क्षेत्र में छह वर्षीय अंशुमान सिंह की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। मासूम 2 जुलाई की शाम घर से फुल्की खाने के लिए निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने काफी तलाश के बाद पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। एक फुटेज में बच्चा एक परिचित युवक के साथ जाता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों और पुलिस जांच के आधार पर झाड़ियों के बीच स्थित एक खंडहर से बच्चे का शव बरामद किया गया।

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में फिरौती के उद्देश्य से अपहरण की योजना का संकेत मिला है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि घटना के पीछे की पूरी सच्चाई, हत्या का वास्तविक कारण और अन्य सभी पहलुओं का खुलासा विवेचना पूरी होने के बाद ही किया जाएगा।

घटनास्थल से फोरेंसिक टीम ने आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य सबूतों की भी गहन जांच कर रही है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना या अफवाह पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा रखें।

समाचार सारांश

गोरखपुर के सहजनवा में छह वर्षीय मासूम की हत्या के मामले में पुलिस ने घर में रहने वाले एक किराएदार को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में फिरौती के उद्देश्य से अपहरण का एंगल सामने आया है। पुलिस का कहना है कि हत्या के कारणों की अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और विवेचना पूरी होने के बाद ही होगी। मामले में विधिक कार्रवाई जारी है।

नोट: यह समाचार पुलिस द्वारा अब तक उपलब्ध कराई गई आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। न्यायालय में आरोप सिद्ध होने तक किसी भी आरोपी को कानून की दृष्टि में दोषी नहीं माना जाता।

जनता के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री योगी, 200 फरियादियों की सुनी समस्याएं, बोले— “हर पीड़ित को मिलेगा न्याय”

गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में करीब 200 फरियादियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का त्वरित, निष्पक्ष और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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जनता की हर समस्या का होगा त्वरित समाधान, 200 फरियादियों से मिले मुख्यमंत्री

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रिपोर्ट: धनेश कुमार | गोरखपुर

गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर परिसर में शुक्रवार सुबह आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री स्वयं लोगों के बीच पहुंचे, उनके प्रार्थना पत्र प्राप्त किए और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने फरियादियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि किसी भी नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए निराश होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक शिकायत पर गंभीरता से कार्य करेगी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

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जनता दर्शन के दौरान इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने पहुंचे लोगों से भी मुख्यमंत्री ने संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि धन के अभाव में किसी भी जरूरतमंद का इलाज प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। हृदय रोग से पीड़ित एक महिला को मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

भूमि विवाद और अवैध कब्जे से संबंधित शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत सत्य पाई जाती है तो नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान है।

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मुख्य बातें

गोरखनाथ मंदिर में आयोजित हुआ जनता दर्शन।

मुख्यमंत्री ने करीब 200 फरियादियों की समस्याएं सुनीं।

अधिकारियों को त्वरित और संतोषजनक निस्तारण के निर्देश।

गंभीर बीमार मरीजों को राहत कोष से सहायता का आश्वासन।

अवैध कब्जे की शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश।


सारांश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लगभग 200 लोगों की शिकायतें सुनकर अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य सहायता, भूमि विवाद और अन्य जनसमस्याओं के समाधान को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

गोरखपुर ट्रिपल मर्डर से सनसनी: भाई, भाभी और मासूम भतीजे की हत्या, छोटे भाई पर आरोप

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद के बांसगांव थाना क्षेत्र में सोमवार तड़के सामने आए एक दर्दनाक तिहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। एक ही परिवार के तीन सदस्यों के शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले में मृतक के छोटे भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।


बांसगांव थाना क्षेत्र में तिहरे हत्याकांड से सनसनी

भाई, भाभी और तीन वर्षीय मासूम की मौत

छोटे भाई पर हत्या का आरोप

पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया

हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद होने का दावा

पारिवारिक विवाद और प्रताड़ना की जांच जारी

सारांश

गोरखपुर के बांसगांव क्षेत्र में एक परिवार के तीन लोगों की हत्या का मामला सामने आया है। मृतकों में पति-पत्नी और उनका तीन वर्षीय पुत्र शामिल हैं। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद और कथित प्रताड़ना का पहलू सामने आया है। हालांकि घटना के सभी कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।


गोरखपुर जिले के बांसगांव थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक घर से एक ही परिवार के तीन सदस्यों के शव बरामद किए गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस, फोरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। मृतकों की पहचान अमित गुप्ता, उनकी पत्नी रंजना गुप्ता और तीन वर्षीय पुत्र रेयांश गुप्ता के रूप में हुई है।

क्या है मामला?

पुलिस के अनुसार तड़के करीब तीन बजे आपातकालीन सेवा 112 पर सूचना प्राप्त हुई थी। मौके पर पहुंची टीम ने घर के भीतर से तीन शव बरामद किए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल फैल गया।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में मृतक अमित गुप्ता के छोटे भाई की भूमिका सामने आने की बात कही जा रही है। अधिकारियों के अनुसार आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है तथा उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कथित हथियार भी बरामद किया गया है।

जांच में सामने आए प्रारंभिक तथ्य

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने पारिवारिक विवाद और कथित प्रताड़ना से जुड़े कुछ आरोप लगाए हैं। आरोपी का कहना है कि वह लंबे समय से मानसिक तनाव में था। हालांकि पुलिस का स्पष्ट कहना है कि इन दावों की स्वतंत्र रूप से जांच की जा रही है और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जाएगा।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या रहे। पुलिस का कहना है कि मामले के प्रत्येक पहलू की गहन विवेचना की जा रही है।

पुलिस की कार्रवाई

मृतक के पिता की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फोरेंसिक साक्ष्य एकत्र किए गए हैं और घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है तथा किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की गई है।

सामाजिक सवाल भी खड़े करती है घटना

यह दर्दनाक घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं बल्कि पारिवारिक संबंधों, मानसिक तनाव और संवादहीनता जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों की ओर भी संकेत करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पारिवारिक विवादों का समय रहते समाधान और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान कई त्रासदियों को रोक सकता है।

रिपोर्टर सुरक्षा नोट

यह समाचार पुलिस द्वारा साझा की गई प्रारंभिक जानकारी, स्थानीय सूत्रों और उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और विवेचना रिपोर्ट के आधार पर होगी। समाचार का उद्देश्य केवल तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत करना है।

रिपोर्ट: धनेश कुमार | FT News Digital संपादन: फ्रेंड टाइम्स न्यूज़ डेस्क

 

मां के ब्रह्मभोज में बहा खून: खर्च और संपत्ति विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई को मारी गोली, मौत से गांव में मातम

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गोरखपुर, धनेश कुमार।

गोरखपुर जनपद के पिपराइच थाना क्षेत्र स्थित रेतवाहिया गांव में मां के ब्रह्मभोज के दिन ऐसा दर्दनाक घटनाक्रम सामने आया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। मां की आत्मा की शांति के लिए आयोजित ब्रह्मभोज कार्यक्रम देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि खर्च को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि बड़े भाई ने छोटे भाई को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक, आक्रोश और दहशत का माहौल है।

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ब्रह्मभोज की तैयारी के बीच बढ़ा विवाद

परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, मृतका कोमल के दो पुत्र शुभम और दिग्विजय (दुर्विजय) के बीच लंबे समय से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। मंगलवार को मां के ब्रह्मभोज में होने वाले खर्च और व्यवस्थाओं को लेकर दोनों भाइयों के बीच कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया।

घटना

सीने में गोली लगते ही गिर पड़ा शुभम

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद के दौरान बड़े भाई दिग्विजय का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आरोप है कि उसने तमंचा निकालकर छोटे भाई शुभम पर फायर कर दिया। गोली सीधे शुभम के सीने में लगी। गोली लगते ही वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार से पूरा माहौल गूंज उठा।

अस्पताल में तोड़ा दम

गंभीर रूप से घायल शुभम को परिजन तत्काल मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां के ब्रह्मभोज के दिन बेटे की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही पिपराइच थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

गांव में पसरा सन्नाटा

सगे भाइयों के बीच हुए इस खूनी संघर्ष के बाद रेतवाहिया गांव में तनाव और सन्नाटे का माहौल है। एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात कर निगरानी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि मां के ब्रह्मभोज जैसे धार्मिक आयोजन में हुई इस वारदात ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।

पुलिस का बयान

एसपी नॉर्थ गोरखपुर ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि पिपराइच क्षेत्र में दो भाइयों के बीच विवाद के दौरान गोली चलने की घटना सामने आई है। घायल युवक की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा आरोपी की तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है।


मां के ब्रह्मभोज के खर्च को लेकर हुआ विवाद

 पहले से संपत्ति को लेकर चल रहा था मतभेद

 बड़े भाई पर छोटे भाई को गोली मारने का आरोप

 मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान हुई मौत

पुलिस ने शुरू की जांच, आरोपी की तलाश जारी

 घटना के बाद गांव में शोक और तनाव का माहौल


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