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मान्यता प्राप्त पत्रकारों के इलाज के लिए 42 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मान्यता प्राप्त पत्रकारों एवं उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के अंतर्गत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 42 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जारी शासनादेश के माध्यम से दी गई है।

दस्तावेज के अनुसार यह धनराशि अनुदान संख्या-86, लेखा शीर्षक “2220-सूचना तथा प्रचार” के अंतर्गत संबंधित मद में उपलब्ध कराई गई है। शासनादेश में बताया गया है कि यह वित्तीय स्वीकृति पूर्व में किए गए अनुरोध के क्रम में जारी की गई है।

क्या है शासनादेश में खास?

शासनादेश के मुताबिक मान्यता प्राप्त पत्रकारों तथा उनके आमंत्रित/आश्रित परिवार के सदस्यों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ₹42,00,000 (बयालीस लाख रुपये) की वित्तीय स्वीकृति दी गई है।

दस्तावेज में वित्तीय स्वीकृति के साथ कई नियम एवं शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। इनमें स्वीकृत धनराशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किए जाने, वित्तीय नियमों का पालन करने और पूर्व में जारी अग्रिम धनराशि के समायोजन जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।


42 लाख की स्वीकृति क्यों महत्वपूर्ण?

₹42,00,000 — स्वीकृत धनराशि

वित्तीय वर्ष — 2026-27

योजना — मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान

लाभार्थी — मान्यता प्राप्त पत्रकार एवं उनके आश्रित परिवार के सदस्य

मद — 2220-सूचना तथा प्रचार

अनुदान संख्या — 86

शासनादेश की तारीख — 14 सितंबर 2026

धनराशि खर्च करने पर भी रहेगी वित्तीय निगरानी

शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृत धनराशि के खर्च में संबंधित वित्तीय नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और धनराशि का व्यय उसी उद्देश्य के लिए किया जाएगा, जिसके लिए उसका प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा शासनादेश में पूर्व में दी गई अग्रिम धनराशि के समायोजन को चालू वित्तीय वर्ष में 31 मार्च तक पूरा किए जाने की बात भी कही गई है। समायोजन के बाद महालेखाकार के पुस्तांकित आंकड़ों में भी आवश्यक समायोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

शासनादेश में यह भी कहा गया है कि धनराशि आहरित करने वाले संबंधित अधिकारी/कर्मचारी उसकी आहरण और समायोजन संबंधी जिम्मेदारी के लिए उत्तरदायी होंगे। किसी प्रकार की क्षति होने की स्थिति में संबंधित सरकारी अधिकारी/कर्मचारी की जिम्मेदारी निर्धारित होने की बात भी दस्तावेज में दर्ज है।

दस्तावेज में अधिकारियों को भेजी गई प्रति

शासनादेश की प्रतिलिपि आवश्यक कार्रवाई एवं सूचना के लिए निदेशक, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश लखनऊ, महालेखाकार, वित्त विभाग तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजे जाने का उल्लेख है।

दस्तावेज पर संजय प्रसाद, अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन के हस्ताक्षर दर्ज हैं। आदेश की प्रति चंद्रकांता श्रीवास्तव, अनु सचिव की ओर से जारी किए जाने का उल्लेख है।

शासनादेश का सार

सरकार ने मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के अंतर्गत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 2026-27 में 42 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी है। हालांकि, यह राशि निर्धारित नियमों और शर्तों के अधीन है तथा इसके उपयोग एवं समायोजन की वित्तीय प्रक्रिया भी शासनादेश में निर्धारित की गई है।

FT NEWS DIGITAL | जनहित में जरूरी जानकारी

यह खबर उपलब्ध शासनादेश की प्रति में दर्ज तथ्यों के आधार पर तैयार की गई है। लाभार्थियों की पात्रता, उपचार की प्रक्रिया, अस्पतालों की सूची अथवा योजना का वास्तविक लाभ लेने की प्रक्रिया के संबंध में संबंधित विभाग/आधिकारिक पोर्टल से नवीनतम जानकारी प्राप्त करना उचित होगा। दस्तावेज में दिए QR/सत्यापन माध्यम से शासनादेश की प्रमाणिकता भी जांची जा सकती है।

उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य से मिले अनुदेशक

प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने शीर्ष अधिकारियों और उपमुख्यमंत्रियों के सामने रखीं मांगें, आत्मरक्षा प्रशिक्षण मानदेय पर भी जल्द शासनादेश की उम्मीद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय अनुदेशकों के नियमितीकरण, एरियर भुगतान समेत विभिन्न मांगों को लेकर एक बार फिर संगठन ने शासन स्तर पर आवाज बुलंद की है। परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और उपमुख्यमंत्रियों से मुलाकात कर अनुदेशकों की समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।

संगठन का कहना है कि प्रदेश के करीब 24,296 अनुदेशकों के भविष्य और सम्मान से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक से मुलाकात कर मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। संगठन के अनुसार, उपमुख्यमंत्री ने मांगों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री स्तर पर वार्ता का आश्वासन दिया।

इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को भी ज्ञापन सौंपा गया संगठन के मुताबिक, उन्होंने अनुदेशकों से जुड़े मुद्दों के निस्तारण के लिए अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी शर्मा को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

आत्मरक्षा प्रशिक्षण मानदेय पर जल्द शासनादेश की उम्मीद

संगठन ने बताया कि लगातार फॉलोअप के बाद आत्मरक्षा प्रशिक्षण के मानदेय को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 48 दिवसीय प्रशिक्षण के लिए प्रति विद्यालय 6,000 रुपये मानदेय का प्रावधान बताया गया है। इसके अलावा प्रशिक्षण प्रमाणपत्र और बैनर के लिए 1,500 रुपये के प्रस्ताव पर भी कार्रवाई चलने की बात संगठन ने कही है।

प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमिताभ वर्मा और अभिषेक राय, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं लखनऊ जिलाध्यक्ष सुशील यादव, प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं लखनऊ जिला महासचिव सुमित पाल समेत गोरखपुर के अनुदेशक साथी सुनील यादव और नीरज भारती शामिल रहे।

संगठन ने प्रदेशभर के अनुदेशकों से एकजुटता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि नियमितीकरण और एरियर भुगतान की मांग को लेकर संघर्ष अंतिम समाधान तक जारी रहेगा। संगठन का दावा है कि अनुदेशकों के अधिकार और सम्मान की लड़ाई को शासन स्तर तक मजबूती से उठाया जा रहा है।

महराजगंज में पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल*

एक निरीक्षक समेत सात थानाध्यक्ष बदले

महराजगंज : जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। एक निरीक्षक समेत कुल आठ पुलिस अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। इनमें सात थानाध्यक्षों की तैनाती में बदलाव किया गया है।

जारी आदेश के मुताबिक पनियरा के प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार सिंह को प्रभारी निरीक्षक कोतवाली की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं जनसुनवाई सेल में तैनात उपनिरीक्षक अरविंद कुमार सिंह को थानाध्यक्ष घुघली बनाया गया है।

चौकी प्रभारी मिठौरा, थाना सिंदुरिया, उपनिरीक्षक आलोक कुमार सिंह को थानाध्यक्ष कोल्हुई की जिम्मेदारी दी गई है। इसी क्रम में कुंवर गौरव सिंह को थानाध्यक्ष कोल्हुई से थानाध्यक्ष पनियरा, सूरज कुमार को थानाध्यक्ष घुघली से थाना नौतनवा भेजा गया है।

इसके अलावा विशाल कुमार शुक्ला को थानाध्यक्ष सिंदुरिया से थानाध्यक्ष सोनौली, महेन्द्र कुमार मिश्रा को थानाध्यक्ष सोनौली से थानाध्यक्ष श्यामदेउरवा तथा अनूप तिवारी को थाना ठूठीबारी से थानाध्यक्ष सिंदुरिया की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

एसपी ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को नवीन तैनाती पर तत्काल कार्यभार ग्रहण कर पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा गया है।

पुलिस विभाग में हुए इस फेरबदल को जिले में थाना स्तर की पुलिसिंग को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।

यशवंत हत्याकांड में तीन और महिलाएं गिरफ्तार, पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

एसओजी, सर्विलांस और वाल्टरगंज पुलिस की संयुक्त कार्रवाई*

*मृतक की चेकबुक, एटीएम, मोबाइल और बाइक बरामद*

बस्ती : वाल्टरगंज थाना क्षेत्र में सड़क किनारे मिले संविदाकर्मी यशवंत कुमार के शव के मामले में पुलिस ने तीन और महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेंद्र कुमार राय के नेतृत्व में वाल्टरगंज पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में तीनों को मंगलवार को करीब 9:58 बजे नगर थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे स्थित लोहरैया मोड़ से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए रवाना कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड में इससे पहले 12 सितंबर को दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस तरह मामले में अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रीमा (26), शीला (20) दोनों पुत्रियां स्व. श्रीपत निवासी कौड़ीकोल, थाना कप्तानगंज, बस्ती तथा गुड़िया (23) पुत्री जगन्नाथ चौधरी निवासी खड़ौवाखुर्द, थाना नगर, बस्ती के रूप में हुई है।

*मृतक की चेकबुक और एटीएम समेत सामान बरामद*

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो एंड्राइड मोबाइल फोन, मृतक यशवंत कुमार की केनरा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा की दो चेकबुक, एसबीआई का एटीएम कार्ड, मृतक की दो फोटो तथा पैशन प्रो मोटरसाइकिल संख्या UP51AN4255 बरामद की है।

*ड्यूटी से लौटने के बाद हो गया था लापता*

पुलिस के अनुसार, यशवंत कुमार उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम की निर्माण इकाई गोरखपुर में संविदा पर नौकरी करता था। आठ सितंबर को वह अपने मामा के बेटे अंकित कुमार के साथ मोटरसाइकिल से ड्यूटी गया था। शाम करीब 7:30 बजे दोनों नगर बाजार पहुंचे, जहां से अंकित अपने घर चला गया। इसके बाद यशवंत घर नहीं पहुंचा।

अगले दिन नौ सितंबर को उसकी मोटरसाइकिल दुबौलिया-बैरागल के किनारे पड़ी मिली, जबकि यशवंत का शव वाल्टरगंज थाना क्षेत्र में धमौरा के पास सड़क किनारे पड़ा मिला। परिजनों ने शव की पहचान की। इसके बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या कर शव को सड़क किनारे फेंकने और साक्ष्य छिपाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया।

विवेचना के दौरान पुलिस को आरोपियों के बारे में सुराग मिले। इसके बाद पहले दो आरोपियों की गिरफ्तारी की गई और अब तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।

लखनऊ में फिर गरजी अनुदेशकों की आवाज: एरियर भुगतान और नियमितीकरण को लेकर शासन के शीर्ष अधिकारियों से मैराथन वार्ता

प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह के नेतृत्व में चौथी बार राजधानी पहुंचा प्रतिनिधिमंडल, अंतरजनपदीय तबादले और CCL पर भी मिला जल्द कार्रवाई का आश्वासन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय अनुदेशकों के एरियर भुगतान, नियमितीकरण, अंतरजनपदीय स्थानांतरण और अन्य मांगों को लेकर परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन ने एक बार फिर राजधानी लखनऊ में अपनी आवाज बुलंद की। संगठन के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार, 14 सितंबर 2026 को प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह के नेतृत्व में प्रांतीय प्रतिनिधिमंडल ने बेसिक शिक्षा विभाग के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात कर विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की।

संगठन के अनुसार यह राजधानी में प्रतिनिधिमंडल की लगातार चौथी बड़ी उपस्थिति रही। इस दौरान अधिकारियों के समक्ष अनुदेशकों की लंबित समस्याओं को बिंदुवार रखा गया और मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की गई।

एरियर भुगतान पर मिला निर्णायक दौर का संकेत

प्रतिनिधिमंडल ने अनुदेशकों के लंबित एरियर भुगतान को प्रमुखता से उठाया। संगठन का कहना है कि अधिकारियों ने वार्ता के दौरान बताया कि एरियर से संबंधित प्रक्रिया निर्णायक दौर में है और जल्द ही भुगतान की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही महिला अनुदेशकों से जुड़े अंतरजनपदीय स्थानांतरण और बाल देखभाल अवकाश (CCL) के मुद्दे पर भी विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने दोनों मामलों में शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।

शिक्षा विभाग के शीर्ष अधिकारियों से हुई वार्ता

प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी, अपर राज्य परियोजना निदेशक (स्कूल शिक्षा) प्रेम रंजन सिंह और अपर शिक्षा निदेशक गणेश कुमार से मुलाकात की। संगठन ने अधिकारियों को भगवान श्रीरामलला का चित्र स्मृतिचिह्न के रूप में भेंट किया।

संगठन के मुताबिक, अधिकारियों ने मांग-पत्र के प्रत्येक बिंदु को गंभीरता से सुना और अनुदेशकों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए समस्याओं के शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया। वहीं, डीजी के बाहर प्रवास पर होने के कारण उनसे मुलाकात नहीं हो सकी।

नियमितीकरण तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान

प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा कि अनुदेशकों के अधिकारों की लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक प्रदेश के अंतिम अनुदेशक का नियमितीकरण नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि संगठन कार्यपालिका, न्यायपालिका, विधायिका और मीडिया—चारों स्तरों पर अपनी मांगों की मजबूती से पैरवी कर रहा है।

प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभिषेक राय, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं लखनऊ जिलाध्यक्ष सुशील यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र यादव, प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं लखनऊ जिला महासचिव सुमित पाल, जिला सचिव राजेश पाठक और जिला संगठन मंत्री जे.पी. सिंह शामिल रहे।

संगठन ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल 15 सितंबर को भी लखनऊ में मौजूद रहकर मंत्रीगण और शासन स्तर पर अनुदेशकों की मांगों की पैरवी जारी रखेगा।

अयोध्या में राष्ट्रीय रक्तदान शिविर: 20 राज्यों से पहुंचे रक्तदाता, 204 यूनिट रक्तदान

अयोध्या। प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या धाम में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय रक्तदान शिविर में देशभर से पहुंचे रक्तदाताओं ने मानव सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश की। दर्शननगर स्थित एचआर पैलेस में राम कृष्ण सेवा फाउंडेशन, मेजर ध्यानचंद खेल उत्थान समिति एवं मां अन्नपूर्णा सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय रक्तदान शिविर एवं राष्ट्रीय सेवा रत्न सम्मान समारोह-2026 में कुल 204 यूनिट रक्तदान किया गया।

आयोजन में करीब 20 राज्यों और उत्तर प्रदेश के 60 जनपदों से 250 से अधिक रक्तदाता एवं सेवा कार्यकर्ता शामिल हुए। संस्था के वरिष्ठ सहयोगी एवं संरक्षक मंडल सदस्य आलोक अग्रवाल ने 41वीं बार रक्तदान कर नियमित रक्तदान का संदेश दिया। बलरामपुर से पहुंचे रवि कुमार गुप्ता ने 21वीं और वैभव त्रिपाठी ने 46वीं बार रक्तदान किया।

शिविर में 10 सरकारी ब्लड बैंक टीमों ने रक्त संग्रह किया। इनमें बलरामपुर ब्लड बैंक ने सर्वाधिक 36 यूनिट रक्त एकत्र किया। इसके अलावा स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज प्रयागराज ने 27, आरएमएल अस्पताल लखनऊ ने 24, सुल्तानपुर ने 21, अयोध्या ने 20, केजीएमयू लखनऊ ने 17, श्रावस्ती और गोंडा ने 16-16, बस्ती ने 15 तथा अंबेडकरनगर ने 12 यूनिट रक्त संग्रहित किया।

राष्ट्रीय रक्तदान महोत्सव की शुरुआत 10 सितंबर को चित्रकला एवं रंगोली प्रतियोगिता से हुई। 11 सितंबर को रक्तदान जागरूकता रैली निकाली गई, जबकि 12 और 13 सितंबर को मुख्य रक्तदान शिविर एवं राष्ट्रीय सेवा रत्न सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज बलरामपुर के प्राचार्य प्रो. डॉ. राजेश चतुर्वेदी, अयोध्या नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ‘पवन पांडेय’, अयोध्या महापौर गिरीशपति त्रिपाठी, सिंगरामऊ स्टेट की महारानी डॉ. अंजू सिंह तथा राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज अयोध्या की प्रोफेसर डॉ. अंशु मिश्रा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

अतिथियों ने रक्तदान को मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए लोगों से नियमित रक्तदान करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। रक्तदाताओं को संस्था की ओर से अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

आयोजन की सफलता पर राम कृष्ण सेवा फाउंडेशन के अध्यक्ष आकाश गुप्ता, महासचिव विजय वर्मा एवं संरक्षक राजेश चौबे ने अतिथियों, चिकित्सकीय टीमों, सहयोगियों और देशभर से आए रक्तदाताओं का आभार जताया।

संदेश: रक्तदान किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अयोध्या में आयोजित इस राष्ट्रीय आयोजन ने देशभर के रक्तदाताओं को एक मंच पर जोड़कर “रक्तदान—महादान” के संदेश को मजबूती दी।

हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर सजा साहित्य का मंच, काव्यगोष्ठी में गूंजी हिंदी की मिठास

प्रमोद चोखानी और प्रो. विमलेश कुमार मिश्र को मिला ‘हिंदी गौरव सम्मान 2026’

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गोरखपुर। हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर गोरखपुर में साहित्य, कविता और हिंदी भाषा के प्रति सम्मान का अनूठा संगम देखने को मिला। गोरखपुर लिटरेरी सोसायटी एवं धरोहर मंजरी के संयुक्त तत्वावधान में काव्यगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों और कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिंदी की समृद्ध परंपरा, सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाओं को स्वर दिया।

समारोह के दौरान वरिष्ठ कवि एवं लेखक प्रमोद चोखानी तथा गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. विमलेश कुमार मिश्र को ‘हिंदी गौरव सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया। सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने वाले कई अन्य लोगों को भी सम्मानित किया गया।

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साहित्य के रंग में रंगा समारोह

हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस साहित्यिक आयोजन में कविता और विचारों की ऐसी महफिल सजी, जहां हिंदी केवल बोलचाल की भाषा नहीं बल्कि संस्कृति, संस्कार और संवेदना की पहचान के रूप में सामने आई। कवियों की रचनाओं ने श्रोताओं को कभी प्रेम और संवेदना से जोड़ा तो कभी समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने को मजबूर किया।


हिंदी को लेकर दिखी साहित्यिक प्रतिबद्धता

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सौहार्द शिरोमणि डॉ. सौरभ पांडेय ने कहा कि हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि संस्कृति, संस्कार, संवेदना और अभिव्यक्ति की पहचान है।

मुख्य अतिथि हसन जमाल बबुआ भाई ने कविता और साहित्य को समाज का आईना बताते हुए कहा कि एक सच्चा कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज की पीड़ा, प्रेम, संघर्ष, संवेदना और उम्मीद को आवाज देता है।

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विशिष्ट अतिथि नवल किशोर नथानी ने हिंदी की सरलता के साथ उसकी समृद्धि और व्यापकता पर विचार रखे।

आरटीआई कार्यकर्ता संजय मिश्रा ने आयोजन को हिंदी साहित्यिक चेतना को आगे बढ़ाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास बताया।

सारांश | दो साहित्यकारों को मिला हिंदी गौरव सम्मान

कार्यक्रम के आयोजक मिन्नत गोरखपुरी ने बताया कि समारोह में वरिष्ठ कवि एवं लेखक प्रमोद चोखानी और गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. विमलेश कुमार मिश्र को ‘हिंदी गौरव सम्मान 2026’ प्रदान किया गया।

सम्मान समारोह के साथ काव्य पाठ का भी आयोजन हुआ। शालिनी सोनी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

इसके बाद ममता ओझा ने अपनी रचना प्रस्तुत की—

“ऐसे उलझा दिया एक पल ने हमें,

हम कठिन हो गए सादगी के लिए।”

गौतम गोरखपुरी ने प्रेम भाव से जुड़ी रचना प्रस्तुत की, जबकि मिन्नत गोरखपुरी ने हिंदी के गौरव को स्वर देते हुए पढ़ा—

“दुनिया की हर जुबां का अपना मुकाम सही,

मगर हिंदी मेरी हिंदुस्तान की शान रखती है।”

इसके अलावा प्रमोद चोखानी, उत्कर्ष श्रीवास्तव, शालिनी सोनी, परी श्रीवास्तव, किशन पाठक और करन पांडेय सहित अन्य कवियों ने भी काव्य पाठ किया।

टिप्पणी | कविता बनी समाज की आवाज

आयोजन में वक्ताओं के विचारों से यह संदेश उभरा कि साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की संवेदनाओं और सरोकारों को सामने रखने का सशक्त माध्यम भी है।

कवियों की प्रस्तुतियों ने प्रेम, संघर्ष, संवेदना और हिंदी के प्रति सम्मान को शब्द दिए। यही वजह रही कि साहित्यिक आयोजन में मौजूद लोगों के बीच हिंदी के प्रति गौरव और आत्मीयता का माहौल बना रहा।

सम्मान से बढ़ा आयोजन का महत्व

समारोह में साहित्यिक क्षेत्र के साथ सामाजिक कार्यों में योगदान देने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया। अर्पित श्रीवास्तव, इंजीनियर बृजमोहन, स्वेच्छा श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, अंबुज मिश्रा, शालिनी, विवेक कुमार गहलोत, आलोक कुमार, रोजी खान, पन्नेलाल पासवान और मिन्हाज सिद्दीकी को सामाजिक कार्यों के लिए सम्मान प्रदान किया गया।

इस दौरान कमर कुरैशी, राज शेख, मंजर सिंह, अमन सिंह, अविनाश पांडेय, चंद्ररामनी पासवान, जय सिंह, नेहा गुप्ता, सुशील कुमार सिंह, पं. कृष्ण मोहन पाठक, हरिनाथ और गुरु बाबा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

फॉलो | हिंदी के सम्मान का सिलसिला रहे जारी

कार्यक्रम के अंत में संयोजक गौतम गोरखपुरी ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों, कवियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित यह आयोजन साहित्य और समाज के बीच संवाद का मंच बना। सम्मान, कविता और विचारों के माध्यम से हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और साहित्यिक चेतना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

खबर की खास लाइन

“कविता ने संवेदनाओं को आवाज दी, सम्मान ने साहित्य का मान बढ़ाया और हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर गोरखपुर में सजा शब्दों का खूबसूरत संसार।”

FT NEWS DIGITAL | गोरखपुर

अखिलेश यादव से मिले सुशील टिबड़ेवाल, महराजगंज की सियासत पर हुआ मंथन

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2027 की चुनावी तैयारी को लेकर संगठन मजबूत करने पर जोर, पांचों विधानसभा क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ाने का लक्ष्य


सिसवा/निचलौल, महराजगंज।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से वरिष्ठ सपा नेता एवं पूर्व मंत्री सुशील टिबड़ेवाल ने नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान महराजगंज जनपद की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, स्थानीय जनसमस्याओं और वर्ष 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है।


महराजगंज की सियासत में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी क्रम में सपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री सुशील टिबड़ेवाल की राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से हुई मुलाकात को संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बातचीत में जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने पर जोर दिए जाने की बात कही गई है।


पांच सीटों पर नजर

मुलाकात के दौरान सिसवा, महराजगंज सदर, पनियरा, फरेन्दा और नौतनवा विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी संगठन को मजबूत करने तथा आगामी चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने को लेकर चर्चा हुई।

अखिलेश यादव की ओर से पार्टी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने का संदेश दिए जाने की बात कही गई।

न्यूज सारांश

नई दिल्ली में हुई मुलाकात के दौरान महराजगंज से जुड़े कई स्थानीय मुद्दे भी सामने रखे गए। सुशील टिबड़ेवाल के अनुसार, अखिलेश यादव ने कृषक रमाशंकर चौरसिया के परिजनों का हालचाल जाना। रमाशंकर चौरसिया की खाद लेने के दौरान बोरियों के नीचे दबने से मौत होने की जानकारी दी गई।

इसके अलावा सुकरहर गांव में करंट लगने से पिता-पुत्र की मौत की घटना का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि पार्टी की ओर से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई थी।

बैठक में सिसवा क्षेत्र के राहुल सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला भी उठाए जाने की बात कही गई। सुशील टिबड़ेवाल ने परिवार की ओर से पुलिस जांच को लेकर उठाए जा रहे सवालों की जानकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष को दी। इस संबंध में अखिलेश यादव की ओर से, पार्टी की सरकार बनने की स्थिति में मामले की सीबीआई जांच कराने की बात कहे जाने का दावा किया गया।

यह दावा संबंधित बातचीत के विवरण पर आधारित है; वर्तमान खबर में इसकी स्वतंत्र पुष्टि का दावा नहीं किया जा रहा है।

स्थानीय हादसों का भी उठा मुद्दा

मुलाकात के दौरान निचलौल के पचमा गांव में चार बाइक सवार युवकों की डंपर की चपेट में आने से हुई मौत तथा सिसवा बाजार में पोखरे में डूबने से तीन बच्चों की मौत की घटनाओं का भी उल्लेख किए जाने की जानकारी दी गई।

सुशील टिबड़ेवाल के मुताबिक, इन घटनाओं से प्रभावित परिवारों की स्थिति से भी राष्ट्रीय अध्यक्ष को अवगत कराया गया। उन्होंने भविष्य में पार्टी की सरकार बनने की स्थिति में पीड़ित परिवारों की मदद किए जाने की बात कही।

टिप्पणी | संगठन की परीक्षा का दौर

महराजगंज की पांच विधानसभा सीटों को लेकर सपा की सक्रियता आगामी दिनों में और बढ़ सकती है। स्थानीय मुद्दों को चुनावी अभियान से जोड़ने के साथ बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना पार्टी के सामने बड़ी चुनौती होगी।

ऐसे में अखिलेश यादव और सुशील टिबड़ेवाल की मुलाकात को आगामी चुनाव की तैयारियों की रणनीति और संगठनात्मक सक्रियता के नजरिए से अहम माना जा सकता है।

16 सितंबर को महराजगंज पहुंचेंगे प्रदेश अध्यक्ष

सुशील टिबड़ेवाल के अनुसार, 16 सितंबर को सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल के महराजगंज दौरे का कार्यक्रम है। इसके बाद अखिलेश यादव के भी जिले में दौरे की संभावनाओं को लेकर चर्चा हुई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए संगठनात्मक रूपरेखा तैयार करने का निर्देश दिए जाने की जानकारी दी गई है।

आगे की रणनीति

सुशील टिबड़ेवाल ने अखिलेश यादव को भरोसा दिलाया कि महराजगंज में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को एकजुट करते हुए संगठन को पांचों विधानसभा क्षेत्रों में मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर स्थानीय मुद्दों को उठाएंगे और पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाएंगे।


अब नजर संगठन की अगली गतिविधियों पर

दिल्ली में हुई इस मुलाकात के बाद महराजगंज में समाजवादी पार्टी की आगामी गतिविधियों पर राजनीतिक नजरें रहेंगी। 16 सितंबर के प्रस्तावित प्रदेश अध्यक्ष के दौरे और इसके बाद होने वाले संगठनात्मक कार्यक्रमों से जिले में पार्टी की चुनावी तैयारियों की दिशा और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।

FT NEWS DIGITAL | महराजगंज

समाचार प्रस्तुति — स्थानीय संवाददाता

लखनऊ स्टेशन पर निर्माण कार्य का असर, कई ट्रेनों का बदला रूट

गोरखपुर। उत्तर रेलवे के लखनऊ स्टेशन पर चल रहे कॉनकोर्स निर्माण कार्य के कारण रेल यात्रियों की मुश्किलें अगले कुछ दिनों तक बनी रहेंगी। निर्माण कार्य के लिए लिया गया यातायात एवं पावर ब्लॉक अब 15 सितम्बर 2026 तक बढ़ा दिया गया है। इसके चलते पूर्वोत्तर रेलवे ने कई ट्रेनों को बदले मार्ग से चलाने के साथ कुछ ट्रेनों का संचालन आंशिक रूप से सीमित करने का निर्णय लिया है।

संक्षिप्त सारांश

14 और 15 सितम्बर को लखनऊ आने-जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनों के संचालन में बदलाव रहेगा। बनारस-लखनऊ एक्सप्रेस उतरेटिया तक चलेगी, जबकि गोरखपुर से जाने वाली कई ट्रेनों को बाराबंकी-मल्हौर-ऐशबाग-मानकनगर के वैकल्पिक मार्ग से संचालित किया जाएगा। कुछ ट्रेनों को बादशाहनगर और ऐशबाग में अतिरिक्त ठहराव भी दिया गया है।

इन ट्रेनों का संचालन रहेगा प्रभावित

बनारस से 14 और 15 सितम्बर को चलने वाली 15107 बनारस-लखनऊ एक्सप्रेस लखनऊ के बजाय उतरेटिया स्टेशन पर यात्रा समाप्त करेगी। उतरेटिया से लखनऊ के बीच इस ट्रेन का संचालन नहीं होगा। इसी तरह 15108 लखनऊ-बनारस एक्सप्रेस 14 और 15 सितम्बर को लखनऊ के स्थान पर उतरेटिया से रवाना होगी और लखनऊ-उतरेटिया के बीच निरस्त रहेगी।

कई ट्रेनों का बदला गया मार्ग

निर्माण कार्य के चलते शक्तिनगर, सिंगरौली, टनकपुर, बरौनी, अम्बाला, बनारस और नई दिल्ली से संबंधित कई ट्रेनों को लखनऊ क्षेत्र में वैकल्पिक मार्ग से चलाया जाएगा।

15075 शक्तिनगर-टनकपुर, 15073 सिंगरौली-टनकपुर, 14523 बरौनी-अम्बाला, 15127 बनारस-नई दिल्ली तथा 15119 बनारस-देहरादून एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को उतरेटिया-ट्रांसपोर्ट नगर-आलमनगर होकर चलाया जाएगा।

वापसी दिशा की 15074 टनकपुर-सिंगरौली, 15076 टनकपुर-शक्तिनगर, 14524 अम्बाला-बरौनी, 15128 नई दिल्ली-बनारस और 15120 देहरादून-बनारस एक्सप्रेस को आलमनगर-ट्रांसपोर्ट नगर-उतरेटिया के रास्ते संचालित किया जाएगा।

गोरखपुर से चलने वाली ट्रेनों के मार्ग में भी बदलाव

गोरखपुर से 14 और 15 सितम्बर को चलने वाली 12555 गोरखपुर-बठिण्डा एक्सप्रेस को बाराबंकी-मल्हौर-ऐशबाग-मानकनगर के रास्ते चलाया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए इस ट्रेन को बादशाहनगर और ऐशबाग स्टेशन पर अतिरिक्त ठहराव दिया गया है।

बादशाहनगर में ट्रेन के 21:10 बजे पहुंचने और 21:15 बजे रवाना होने, जबकि ऐशबाग में 21:28 बजे पहुंचने और 21:38 बजे रवाना होने का समय निर्धारित किया गया है।

इसी वैकल्पिक मार्ग से 19410 गोरखपुर-साबरमती एक्सप्रेस, 22922 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस, 12595 गोरखपुर-आनन्द विहार टर्मिनस एक्सप्रेस, 12597 गोरखपुर-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस एक्सप्रेस और 15065 गोरखपुर-पनवेल एक्सप्रेस का संचालन भी निर्धारित किया गया है। इन ट्रेनों को बादशाहनगर और ऐशबाग में ठहराव प्रदान किया गया है।

12595 गोरखपुर-आनन्द विहार टर्मिनस एक्सप्रेस के लिए बादशाहनगर पर 01:01 बजे आगमन और 01:06 बजे प्रस्थान, जबकि ऐशबाग पर 01:22 बजे आगमन और 01:32 बजे प्रस्थान का समय दिया गया है।

वापसी दिशा की ट्रेनों में भी बदलाव

15066 पनवेल-गोरखपुर एक्सप्रेस तथा 19201 भावनगर-अयोध्या कैंट एक्सप्रेस को वापसी दिशा में कानपुर सेंट्रल-ऐशबाग-मल्हौर-बाराबंकी के रास्ते चलाया जाएगा। दोनों ट्रेनों को ऐशबाग और बादशाहनगर स्टेशन पर ठहराव दिया गया है।

इसके अलावा 15636 गुवाहाटी-ओखा एक्सप्रेस 14 सितम्बर को बाराबंकी-मल्हौर-ऐशबाग-कानपुर सेंट्रल के परिवर्तित मार्ग से संचालित होगी।

यात्रियों से अपील

रेल प्रशासन द्वारा किए गए इन बदलावों का उद्देश्य निर्माण कार्य के दौरान ट्रेनों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करना है। ऐसे में 14 और 15 सितम्बर को यात्रा करने वाले यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन के मार्ग, ठहराव और संचालन समय की जानकारी अवश्य जांच लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

स्रोत: पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर की 12 सितम्बर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति।

FT NEWS DIGITAL | गोरखपुर

 

नशा मुक्त भारत अभियान को मिलेगी नई गति*

नशे की बढ़ती समस्या के विरुद्ध जागरूकता, रोकथाम और नशा मुक्ति के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (DJJS) के ‘बोध–नशा उन्मूलन कार्यक्रम’ ने भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (MSJE) के साथ नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) के अंतर्गत दो वर्ष के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) किया है।

DJJS गोरखपुर उत्तर प्रदेश के संयोजक स्वामी अर्जुनानंद जी ने बताया कि यह साझेदारी देश में नशे की रोकथाम एवं नशा मुक्ति के प्रयासों को व्यापक स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि ‘बोध’ कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं सहित समाज के विभिन्न वर्गों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा नशे से दूर रहने के लिए सकारात्मक एवं सशक्त वातावरण तैयार करने के प्रयास किए जाएंगे।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर साध्वी शिताभा भारती, ग्लोबल कोऑर्डिनेटर, बोध–नशा उन्मूलन कार्यक्रम, DJJS, के साथ श्री गौरव गुप्ता एवं श्री गौरव सगर ने संस्थान का प्रतिनिधित्व किया।

समझौता ज्ञापन पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से श्री सुधांश पंत, IAS, सचिव, श्री आस्तिक कुमार पांडेय, IAS, निदेशक, तथा डॉ. संदीप आर. राठौड़, संयुक्त सचिव, ड्रग प्रिवेंशन एंड प्लानिंग डिवीजन की गरिमामयी उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।

यह समझौता नशे की रोकथाम, जन-जागरूकता और नशा मुक्ति से जुड़े प्रयासों को नई दिशा और गति प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके माध्यम से सरकारी प्रयासों और सामाजिक संस्थाओं की सहभागिता को और मजबूत करते हुए नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

इस अवसर पर पूज्य श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य अश्वनी शर्मा (अखंड भारत मिशन) ने कहा कि यह पहल नशा मुक्ति के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय एवं सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उन्होंने कहा, “नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को भी प्रभावित करता है। ऐसे में नशे के विरुद्ध जागरूकता और रोकथाम के लिए इस प्रकार की व्यापक साझेदारी निश्चित रूप से सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनेगी।”

उन्होंने कहा कि सरकार, सामाजिक संस्थाओं और समाज के सामूहिक प्रयासों से नशे के विरुद्ध जागरूकता को व्यापक स्तर तक पहुंचाया जा सकता है। विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रखने तथा उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली की ओर प्रेरित करने में ऐसे प्रयास महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

यह साझेदारी एक स्वस्थ, सशक्त और नशा मुक्त भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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