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नगर पालिका परिषद, रायबरेली स्थित DCCC जलकल परिसर, कैनाल रोड, रायबरेली में प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक नियमित रूप से जनसुनवाई आयोजित की जा रही है।

 

जनसुनवाई नगर पालिका परिषद, रायबरेली स्थित DCCC जलकल परिसर, कैनाल रोड, रायबरेली में प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक नियमित रूप से जनसुनवाई आयोजित की जा रही है।
आज आयोजित जनसुनवाई में नागरिकों की विभिन्न समस्याओं एवं शिकायतों को अधिशासी अधिकारी महोदय द्वारा गंभीरतापूर्वक सुना गया तथा संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए। नगर पालिका परिषद, रायबरेली नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सभी नगरवासियों से अपील है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान हेतु प्रतिदिन निर्धारित समय पर जनसुनवाई में उपस्थित होकर अपनी शिकायतें दर्ज कराएं। “आपकी समस्या, हमारी प्राथमिकता।

विक्रम सिंह ने भाजपा प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े को सौंपा अनुदेशकों का मांगपत्र, बुके देकर किया सम्मानित

गोरखपुर। गोरखपुर की पावन धरती पर अनुदेशक संघ ने अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद की। प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने गोरखपुर के दो दिवसीय दौरे पर आए भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े से मुलाकात कर उन्हें बुके और अंगवस्त्र से सम्मानित किया। इसके बाद 25 हजार अनुदेशक परिवार की ओर से मांगपत्र सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की।

मांगपत्र में नियमितीकरण, बकाया एरियर भुगतान, 12 माह का वेतन, वार्षिक नवीनीकरण और बांड व्यवस्था समाप्त करने, स्थानांतरण एवं समायोजन, महिला अनुदेशकों को सीसीएल व मिसकैरेज अवकाश, आकस्मिक एवं अर्जित अवकाश, मेडिकल अवकाश और 62 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु समेत 11 प्रमुख मांगें शामिल हैं।

विक्रम सिंह ने कहा कि अनुदेशक वर्षों से विद्यालयों में पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अब समय है कि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए और उन्हें सेवा सुरक्षा एवं सम्मान मिले।

अनुदेशक संघ का संदेश स्पष्ट है, सेवा का सम्मान चाहिए, समस्याओं का समाधान चाहिए और भविष्य की स्थायी सुरक्षा चाहिए।

विक्रम सिंह ने भाजपा प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े को सौंपा अनुदेशकों का मांगपत्र, बुके देकर किया सम्मानित

गोरखपुर। गोरखपुर की पावन धरती पर अनुदेशक संघ ने अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद की। प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने गोरखपुर के दो दिवसीय दौरे पर आए भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े से मुलाकात कर उन्हें बुके और अंगवस्त्र से सम्मानित किया। इसके बाद 25 हजार अनुदेशक परिवार की ओर से मांगपत्र सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की।

मांगपत्र में नियमितीकरण, बकाया एरियर भुगतान, 12 माह का वेतन, वार्षिक नवीनीकरण और बांड व्यवस्था समाप्त करने, स्थानांतरण एवं समायोजन, महिला अनुदेशकों को सीसीएल व मिसकैरेज अवकाश, आकस्मिक एवं अर्जित अवकाश, मेडिकल अवकाश और 62 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु समेत 11 प्रमुख मांगें शामिल हैं।

विक्रम सिंह ने कहा कि अनुदेशक वर्षों से विद्यालयों में पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अब समय है कि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए और उन्हें सेवा सुरक्षा एवं सम्मान मिले।

अनुदेशक संघ का संदेश स्पष्ट है—सेवा का सम्मान चाहिए, समस्याओं का समाधान चाहिए और भविष्य की स्थायी सुरक्षा चाहिए।

सिद्धार्थनगर के युवक की कोयंबटूर से गिरफ्तारी, कथित AQIS मॉड्यूल की जांच में ATS ने खोली डिजिटल कड़ियों की पड़ताल

कोयंबटूर से गिरफ्तारी के बाद सिद्धार्थनगर के मधवापुर गांव में चर्चा तेज, ऑनलाइन गतिविधियों और कथित संपर्कों की जांच

सिद्धार्थनगर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड यानी UP ATS की कार्रवाई में सिद्धार्थनगर जिले के बांसी तहसील क्षेत्र के मधवापुर गांव निवासी 19 वर्षीय मकसूद अली को कोयंबटूर से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। ATS के अनुसार, यह कार्रवाई पूर्व में गिरफ्तार एक आरोपी से पूछताछ और विवेचना के दौरान सामने आए इनपुट के आधार पर की गई। एजेंसी अब युवक की कथित ऑनलाइन गतिविधियों, डिजिटल संपर्कों और नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।


रोजगार के लिए निकला युवक जांच के दायरे में

जानकारी के अनुसार, मकसूद अली कुछ समय पहले रोजगार के सिलसिले में कोयंबटूर गया था। वहां वह बढ़ई/फर्नीचर से संबंधित काम कर रहा था। इसी दौरान जांच एजेंसी को उसकी कथित डिजिटल गतिविधियों और ऑनलाइन संपर्कों के बारे में इनपुट मिलने की बात सामने आई।

14 सितंबर 2026 को UP ATS ने तमिलनाडु ATS के सहयोग से कोयंबटूर में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया।


एक गिरफ्तारी और कई सवाल

मकसूद अली की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का दायरा सिर्फ उसकी गिरफ्तारी तक सीमित नहीं बताया जा रहा, बल्कि उसके कथित ऑनलाइन संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।

ATS के अनुसार, जांच में कथित तौर पर कुछ सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपर्कों की जानकारी सामने आई है। एजेंसी इन संपर्कों की प्रकृति और कथित नेटवर्क से उनके संबंधों की जांच कर रही है।


ATS के दावों में डिजिटल नेटवर्क का जिक्र

जांच एजेंसी के अनुसार, मकसूद अली के संबंध में सामने आए डिजिटल इनपुट की जांच की गई। ATS का दावा है कि उसने इंटरनेट के माध्यम से Python, Java, Coding और Hacking जैसी तकनीकी जानकारी हासिल की थी।

जांच एजेंसी ने ‘Captain M Network’ नामक कथित सिक्योर एप्लीकेशन का भी उल्लेख किया है। इस एप्लीकेशन का उद्देश्य क्या था और इसका इस्तेमाल किस स्तर पर हुआ, इसे लेकर जांच जारी है।

ATS की ओर से कथित रूप से कुछ मैसेजिंग ग्रुपों और विदेशी नंबरों से जुड़े संपर्कों की भी जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है।

हालांकि, इन सभी बिंदुओं को जांच एजेंसी के आरोप/दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इनका अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होना है।


जांच में सामने आए प्रमुख बिंदु

ATS के अनुसार जांच के केंद्र में—

1. ऑनलाइन संपर्क

जांच एजेंसी कथित सोशल मीडिया और मैसेजिंग संपर्कों की पड़ताल कर रही है।

2. तकनीकी गतिविधियां

ATS के अनुसार युवक ने ऑनलाइन माध्यम से Coding और Hacking सहित कुछ तकनीकी जानकारियां हासिल की थीं।

3. कथित विदेशी संपर्क

जांच में कुछ विदेशी मोबाइल नंबरों वाले समूहों से कथित संपर्क की बात सामने आने का दावा किया गया है।

4. कथित सिक्योर एप्लीकेशन

‘Captain M Network’ नामक कथित एप्लीकेशन का उल्लेख जांच में किया गया है।

5. नेटवर्क की तलाश

ATS कथित तौर पर इस मामले से जुड़े अन्य संपर्कों और व्यक्तियों की जानकारी जुटा रही है।


मधवापुर गांव में बढ़ी हलचल

मकसूद अली की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद सिद्धार्थनगर के मधवापुर गांव में भी चर्चा तेज हो गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, युवक रोजगार के उद्देश्य से घर से बाहर गया था।

परिवार और स्थानीय लोगों के लिए गिरफ्तारी की खबर चौंकाने वाली बताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर भी इस पूरे मामले को लेकर लोग जांच के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।

ATS का पक्ष | जांच अभी जारी

ATS की ओर से बताया गया है कि आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार किया गया और आगे की कार्रवाई न्यायालय के समक्ष की गई। एजेंसी कथित मॉड्यूल से जुड़े संपर्कों और नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है।

जांच एजेंसी के अनुसार, शुरुआती स्तर पर सामने आए डिजिटल इनपुट को अलग-अलग स्तर पर सत्यापित किया जा रहा है।


आगे क्या हो सकता है?

अब जांच एजेंसियों का फोकस कथित डिजिटल नेटवर्क और उससे जुड़े संपर्कों पर है। जांच के दौरान बरामद या सामने आए डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल, संपर्कों का सत्यापन और अन्य संभावित कड़ियों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

यदि जांच में कोई अन्य तथ्य सामने आते हैं तो आने वाले दिनों में मामले में और कार्रवाई संभव है। फिलहाल जांच एजेंसी की कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

सारांश

कोयंबटूर से सिद्धार्थनगर के 19 वर्षीय युवक मकसूद अली की गिरफ्तारी के बाद UP ATS कथित AQIS विचारधारा से जुड़े ऑनलाइन नेटवर्क और डिजिटल संपर्कों की जांच कर रही है। ATS ने युवक की कथित तकनीकी और ऑनलाइन गतिविधियों से संबंधित कई बिंदुओं का उल्लेख किया है।

लेकिन फिलहाल ये सभी जांच एजेंसी के आरोप और दावे हैं। किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण सक्षम न्यायालय द्वारा साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा।


FT NEWS DIGITAL इस मामले में किसी भी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं करता। खबर में गिरफ्तारी, जांच और कथित नेटवर्क से संबंधित जानकारी को जांच एजेंसी के दावे/आरोप के रूप में प्रस्तुत किया गया है। किसी भी आरोप को न्यायालय द्वारा सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।

हमारा उद्देश्य केवल उपलब्ध जानकारी को जिम्मेदार, संतुलित और तथ्यपरक पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना है। मामले में जांच पूरी होने तथा न्यायिक प्रक्रिया के आगे बढ़ने के साथ ही स्थिति और स्पष्ट होगी।

FT NEWS DIGITAL — सच और…कुछ नहीं

रिपोर्ट: FT NEWS DIGITAL संवाददाता | सिद्धार्थनगर/लखनऊ

त्योहारों से पहले लखनऊ में आबकारी विभाग का एक्शन, कच्ची शराब पर छापेमारी

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10 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद, 50 किलो लहन नष्ट; शराब दुकानों से लेकर बार और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक जांच

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लखनऊ। आगामी त्योहारों को देखते हुए लखनऊ में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार गुरुवार को लखनऊ जोन में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी, शराब दुकानों का निरीक्षण, बार लाइसेंस की जांच और रात्रिकालीन रोड चेकिंग की गई। रहीमाबाद क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान 10 लीटर कच्ची शराब बरामद करने और करीब 50 किलोग्राम लहन नष्ट करने की बात विभाग की ओर से कही गई है। मामले में एक अभियोग भी पंजीकृत किया गया है।


त्योहारों से पहले सख्ती

त्योहारों के दौरान अवैध शराब की बिक्री और निर्माण पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग ने लखनऊ में निगरानी बढ़ा दी है। विभागीय अभियान में ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शराब दुकानों, बार और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक जांच की गई। रहीमाबाद के औलियाखेड़ा और आसपास के बागों में की गई कार्रवाई में अवैध कच्ची शराब और लहन मिलने की जानकारी सामने आई है।


कई स्तरों पर चला जांच अभियान

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आबकारी विभाग के मुताबिक अभियान अपर मुख्य सचिव आबकारी उत्तर प्रदेश शासन और आबकारी आयुक्त के निर्देशों के साथ पुलिस कमिश्नर लखनऊ तरुण गाबा तथा जिलाधिकारी विशाख जी के आदेश के क्रम में चलाया गया।

लखनऊ जोन में हुई कार्रवाई संयुक्त आबकारी आयुक्त सुभाष चंद्र सोनकर, उप आबकारी आयुक्त प्रभार प्रदीप दुबे के निर्देशन तथा जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह सचान के पर्यवेक्षण में किए जाने की जानकारी दी गई है।


रहीमाबाद में क्या मिला?

आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-2 मलिहाबाद अखिलेश चौधरी ने स्टाफ और रहीमाबाद थाना पुलिस के साथ ग्राम औलियाखेड़ा एवं आसपास के बागों में दबिश दी।

विभाग के अनुसार मौके से—

10 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद

50 किलोग्राम लहन नष्ट

एक अभियोग पंजीकृत

किया गया है।

यह कार्रवाई विभाग द्वारा बताए गए तथ्यों पर आधारित है। मामले में आगे की कार्रवाई और जांच संबंधित पुलिस/आबकारी विभाग द्वारा की जानी है।


शराब दुकानों पर भी पहुंची टीम

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अभियान केवल कच्ची शराब के ठिकानों तक सीमित नहीं रहा। सेक्टर-10 की आबकारी निरीक्षक नेहा कुमारी द्वारा किशोरगंज, न्यू पारा रोड और लक्ष्मण विहार पारा रोड स्थित देशी शराब की दुकानों तथा पारा रोड कंपोजिट शॉप का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।

विभाग की ओर से त्योहारों के दौरान शराब की बिक्री और लाइसेंस संबंधी नियमों के पालन को लेकर निरीक्षण अभियान चलाए जाने की जानकारी दी गई है।

बार और एक्सप्रेसवे पर भी निगरानी

अभियान के दौरान बार लाइसेंसों की भी जांच की गई। सेक्टर-4 के आबकारी निरीक्षक अरविन्द पाल बघेल ने बार लाइसेंस की जांच की।

वहीं सेक्टर-11 के राहुल सिंह और क्षेत्र-3 के राम श्याम त्रिपाठी द्वारा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर रात्रिकालीन रोड चेकिंग अभियान चलाए जाने की जानकारी विभाग ने दी है।


एक अभियान, कई मोर्चे

लखनऊ में त्योहारों से पहले आबकारी विभाग की कार्रवाई ने अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर निगरानी का संकेत दिया है। एक ओर ग्रामीण इलाकों में कच्ची शराब से जुड़े संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, तो दूसरी ओर लाइसेंसी शराब दुकानों, बार और प्रमुख मार्गों पर भी जांच की गई।

रहीमाबाद की कार्रवाई में 10 लीटर कच्ची शराब की बरामदगी और 50 किलो लहन नष्ट किए जाने की विभागीय जानकारी सामने आई है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि अभियान आगे कितने क्षेत्रों तक पहुंचता है और जांच के दौरान नियमों के उल्लंघन के कितने मामले सामने आते हैं।

सारांश

त्योहारों से पहले लखनऊ में आबकारी विभाग का सघन अभियान। रहीमाबाद में 10 लीटर कच्ची शराब बरामद करने और 50 किलो लहन नष्ट करने का विभाग का दावा। एक अभियोग दर्ज। शराब दुकानों और बार का निरीक्षण, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर रात में रोड चेकिंग भी हुई।


निगरानी का दायरा बढ़ा

त्योहारों के दौरान शराब की मांग बढ़ने की संभावना के बीच प्रशासन और आबकारी विभाग के सामने अवैध शराब की रोकथाम एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रहती है। ऐसे में केवल छापेमारी ही नहीं, बल्कि लाइसेंसी दुकानों की नियमित जांच और प्रमुख मार्गों पर निगरानी भी अभियान का हिस्सा है।

रहीमाबाद में हुई कार्रवाई में विभाग द्वारा बरामदगी और लहन नष्ट किए जाने की जानकारी दी गई है। अब संबंधित मामले में जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई से तस्वीर और स्पष्ट होगी।

FT News Digital की सावधानी

यह खबर आबकारी विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई कार्रवाई संबंधी जानकारी पर आधारित है। किसी व्यक्ति को न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए जाने से पहले उसे दोषी के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।

UPI पर MDR टैक्स को लेकर एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह ने PM मोदी को लिखा पत्र, बोले- आम जनता पर पड़ेगा महंगाई का बोझ

व्यापारियों से टैक्स वसूली के फैसले पर जताई चिंता, ठेले-खोमचे वालों और मध्यम वर्ग के प्रभावित होने की आशंका जताई

लखनऊ। गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह ने UPI ट्रांजेक्शन पर प्रस्तावित MDR टैक्स को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। 17 सितंबर को भेजे पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए इस मुद्दे पर आम लोगों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया।

एमएलसी ने पत्र में कहा कि पिछले दो दिनों में उनसे मिलने वाले बड़ी संख्या में लोगों ने UPI ट्रांजेक्शन पर लगाए जाने वाले MDR टैक्स को लेकर चिंता जताई है। उनके अनुसार, आम नागरिकों के बीच इसको लेकर रोष और असंतोष है।

देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि भले ही सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया हो कि MDR टैक्स व्यापारियों से लिया जाएगा, लेकिन व्यापारी इस अतिरिक्त खर्च का बोझ अंततः वस्तुओं की कीमत बढ़ाकर ग्राहकों पर डाल सकते हैं। इससे आम उपभोक्ता और खासकर मध्यम वर्ग प्रभावित हो सकता है।

उन्होंने पत्र में यह भी कहा कि UPI के इस्तेमाल से जुड़ी सेवाओं में विदेशी कंपनियों की भूमिका को लेकर लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं। उनके अनुसार, भारत को डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम करते हुए अपना मजबूत स्वदेशी डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म विकसित करने पर भी विचार करना चाहिए।

एमएलसी ने विशेष रूप से ठेले-खोमचे वालों, सड़क किनारे सब्जी बेचने वालों और छोटे कारोबारियों पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता जताई। उन्होंने प्रधानमंत्री से MDR टैक्स संबंधी निर्णय और कानून पर पुनर्विचार करने तथा इसे देशहित में वापस लेने पर उदारतापूर्वक विचार करने का अनुरोध किया।

पत्र के अंत में देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि इस विषय पर आम नागरिकों की चिंताओं को समझना और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना जरूरी है।

 

बदायूं में 50 हजार के इनामी जितेंद्र उर्फ ढालू की मुठभेड़ में मौत, दरोगा-सिपाही घायल

बदायूं में 1 जुलाई 2026 की रात पुलिस और 50 हजार रुपये के इनामी जितेंद्र उर्फ ढालू के बीच मुठभेड़ का मामला सामने आया। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस के अनुसार दोनों ओर से फायरिंग हुई। गोली लगने से उपनिरीक्षक नीरज कुमार और सिपाही अविनाश चौधरी घायल हुए, जबकि जितेंद्र उर्फ ढालू भी गोली लगने से घायल हुआ। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

चेकिंग के दौरान शुरू हुआ घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार घटना के समय टीम क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बाइक सवार एक संदिग्ध को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस का कहना है कि इसके बाद फायरिंग हुई और जवाबी कार्रवाई में जितेंद्र घायल हुआ।

मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।


जितेंद्र पर था 50 हजार का इनाम

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जितेंद्र उर्फ ढालू पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ अलग-अलग मामलों में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस की ओर से दी गई थी।

पुलिस ने उसे मई 2026 में इस्लामनगर थाना क्षेत्र में हुई डकैती के मामले में वांछित बताया था। इस मामले में उसके कुछ साथियों की गिरफ्तारी पहले किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।

महत्वपूर्ण: किसी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मुकदमे या पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप को न्यायालय से दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता।


मुठभेड़ के बाद बरामदगी

पुलिस के अनुसार घटनास्थल से बाइक, हथियार और कारतूस बरामद किए गए। बरामद सामान को पुलिस ने जांच का हिस्सा बनाया।

डकैती से संबंधित बताए गए सामान की पहचान और उसके मामले से संबंध की पुष्टि भी जांच प्रक्रिया के तहत की जानी है।


मामला यहीं खत्म नहीं हुआ

मुठभेड़ के बाद प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए। जांच में घटना की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों को देखा जाना था।

इसके बाद बैलिस्टिक जांच की रिपोर्ट भी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार घटनास्थल से मिले खोखों का पुलिस के हथियारों तथा जितेंद्र से बरामद बताए गए हथियारों से मिलान किया गया और दोनों पक्षों के हथियारों से फायरिंग होने की पुष्टि की बात सामने आई।


पूरी कहानी एक नजर में

1 जुलाई 2026

➡ सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में पुलिस चेकिंग

➡ संदिग्ध बाइक सवार को रोकने का प्रयास

➡पुलिस के अनुसार फायरिंग शुरू हुई

➡ दरोगा और सिपाही घायल

➡जितेंद्र उर्फ ढालू को गोली लगी

➡ अस्पताल में चिकित्सकों ने मृत घोषित किया

इसके बाद

➡ मजिस्ट्रियल जांच शुरू

➡ हथियार और खोखों की फोरेंसिक जांच

➡ बैलिस्टिक रिपोर्ट में दोनों पक्षों के हथियारों से फायरिंग की पुष्टि की बात सामने आई


FT NEWS DIGITAL की विशेष टिप्पणी

बदायूं की यह मुठभेड़ इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ जांच की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी। पुलिस ने जितेंद्र उर्फ ढालू को 50 हजार रुपये का इनामी और वांछित बताया था। मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात सामने आई।

वहीं, घटना की परिस्थितियों को लेकर मजिस्ट्रियल जांच और फोरेंसिक साक्ष्य भी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए इस खबर में पुलिस के दावे, जांच से सामने आए तथ्य और उपलब्ध रिकॉर्ड को अलग-अलग रखते हुए ही पूरी घटना प्रस्तुत की जा रही है।

FT NEWS DIGITAL किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं करता। अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही माना जाएगा।

 FT NEWS DIGITAL | FOLLOW-UP

अब नजर रहेगी—मजिस्ट्रियल जांच के अंतिम निष्कर्ष, फोरेंसिक साक्ष्यों, डकैती मामले की आगे की कार्रवाई और संबंधित पुलिसकर्मियों की स्थिति पर।

 

मान्यता प्राप्त पत्रकारों के इलाज के लिए 42 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मान्यता प्राप्त पत्रकारों एवं उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के अंतर्गत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 42 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जारी शासनादेश के माध्यम से दी गई है।

दस्तावेज के अनुसार यह धनराशि अनुदान संख्या-86, लेखा शीर्षक “2220-सूचना तथा प्रचार” के अंतर्गत संबंधित मद में उपलब्ध कराई गई है। शासनादेश में बताया गया है कि यह वित्तीय स्वीकृति पूर्व में किए गए अनुरोध के क्रम में जारी की गई है।

क्या है शासनादेश में खास?

शासनादेश के मुताबिक मान्यता प्राप्त पत्रकारों तथा उनके आमंत्रित/आश्रित परिवार के सदस्यों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ₹42,00,000 (बयालीस लाख रुपये) की वित्तीय स्वीकृति दी गई है।

दस्तावेज में वित्तीय स्वीकृति के साथ कई नियम एवं शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। इनमें स्वीकृत धनराशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किए जाने, वित्तीय नियमों का पालन करने और पूर्व में जारी अग्रिम धनराशि के समायोजन जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।


42 लाख की स्वीकृति क्यों महत्वपूर्ण?

₹42,00,000 — स्वीकृत धनराशि

वित्तीय वर्ष — 2026-27

योजना — मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान

लाभार्थी — मान्यता प्राप्त पत्रकार एवं उनके आश्रित परिवार के सदस्य

मद — 2220-सूचना तथा प्रचार

अनुदान संख्या — 86

शासनादेश की तारीख — 14 सितंबर 2026

धनराशि खर्च करने पर भी रहेगी वित्तीय निगरानी

शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृत धनराशि के खर्च में संबंधित वित्तीय नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और धनराशि का व्यय उसी उद्देश्य के लिए किया जाएगा, जिसके लिए उसका प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा शासनादेश में पूर्व में दी गई अग्रिम धनराशि के समायोजन को चालू वित्तीय वर्ष में 31 मार्च तक पूरा किए जाने की बात भी कही गई है। समायोजन के बाद महालेखाकार के पुस्तांकित आंकड़ों में भी आवश्यक समायोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

शासनादेश में यह भी कहा गया है कि धनराशि आहरित करने वाले संबंधित अधिकारी/कर्मचारी उसकी आहरण और समायोजन संबंधी जिम्मेदारी के लिए उत्तरदायी होंगे। किसी प्रकार की क्षति होने की स्थिति में संबंधित सरकारी अधिकारी/कर्मचारी की जिम्मेदारी निर्धारित होने की बात भी दस्तावेज में दर्ज है।

दस्तावेज में अधिकारियों को भेजी गई प्रति

शासनादेश की प्रतिलिपि आवश्यक कार्रवाई एवं सूचना के लिए निदेशक, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश लखनऊ, महालेखाकार, वित्त विभाग तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजे जाने का उल्लेख है।

दस्तावेज पर संजय प्रसाद, अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन के हस्ताक्षर दर्ज हैं। आदेश की प्रति चंद्रकांता श्रीवास्तव, अनु सचिव की ओर से जारी किए जाने का उल्लेख है।

शासनादेश का सार

सरकार ने मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के अंतर्गत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 2026-27 में 42 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी है। हालांकि, यह राशि निर्धारित नियमों और शर्तों के अधीन है तथा इसके उपयोग एवं समायोजन की वित्तीय प्रक्रिया भी शासनादेश में निर्धारित की गई है।

FT NEWS DIGITAL | जनहित में जरूरी जानकारी

यह खबर उपलब्ध शासनादेश की प्रति में दर्ज तथ्यों के आधार पर तैयार की गई है। लाभार्थियों की पात्रता, उपचार की प्रक्रिया, अस्पतालों की सूची अथवा योजना का वास्तविक लाभ लेने की प्रक्रिया के संबंध में संबंधित विभाग/आधिकारिक पोर्टल से नवीनतम जानकारी प्राप्त करना उचित होगा। दस्तावेज में दिए QR/सत्यापन माध्यम से शासनादेश की प्रमाणिकता भी जांची जा सकती है।

उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य से मिले अनुदेशक

प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने शीर्ष अधिकारियों और उपमुख्यमंत्रियों के सामने रखीं मांगें, आत्मरक्षा प्रशिक्षण मानदेय पर भी जल्द शासनादेश की उम्मीद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय अनुदेशकों के नियमितीकरण, एरियर भुगतान समेत विभिन्न मांगों को लेकर एक बार फिर संगठन ने शासन स्तर पर आवाज बुलंद की है। परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और उपमुख्यमंत्रियों से मुलाकात कर अनुदेशकों की समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।

संगठन का कहना है कि प्रदेश के करीब 24,296 अनुदेशकों के भविष्य और सम्मान से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक से मुलाकात कर मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। संगठन के अनुसार, उपमुख्यमंत्री ने मांगों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री स्तर पर वार्ता का आश्वासन दिया।

इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को भी ज्ञापन सौंपा गया। संगठन के मुताबिक, उन्होंने अनुदेशकों से जुड़े मुद्दों के निस्तारण के लिए अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी शर्मा को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

आत्मरक्षा प्रशिक्षण मानदेय पर जल्द शासनादेश की उम्मीद

संगठन ने बताया कि लगातार फॉलोअप के बाद आत्मरक्षा प्रशिक्षण के मानदेय को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 48 दिवसीय प्रशिक्षण के लिए प्रति विद्यालय 6,000 रुपये मानदेय का प्रावधान बताया गया है। इसके अलावा प्रशिक्षण प्रमाणपत्र और बैनर के लिए 1,500 रुपये के प्रस्ताव पर भी कार्रवाई चलने की बात संगठन ने कही है।

प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमिताभ वर्मा और अभिषेक राय, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं लखनऊ जिलाध्यक्ष सुशील यादव, प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं लखनऊ जिला महासचिव सुमित पाल समेत गोरखपुर के अनुदेशक साथी सुनील यादव और नीरज भारती शामिल रहे।

संगठन ने प्रदेशभर के अनुदेशकों से एकजुटता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि नियमितीकरण और एरियर भुगतान की मांग को लेकर संघर्ष अंतिम समाधान तक जारी रहेगा। संगठन का दावा है कि अनुदेशकों के अधिकार और सम्मान की लड़ाई को शासन स्तर तक मजबूती से उठाया जा रहा है।

महराजगंज में पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल*

एक निरीक्षक समेत सात थानाध्यक्ष बदले

महराजगंज : जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। एक निरीक्षक समेत कुल आठ पुलिस अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। इनमें सात थानाध्यक्षों की तैनाती में बदलाव किया गया है।

जारी आदेश के मुताबिक पनियरा के प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार सिंह को प्रभारी निरीक्षक कोतवाली की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं जनसुनवाई सेल में तैनात उपनिरीक्षक अरविंद कुमार सिंह को थानाध्यक्ष घुघली बनाया गया है।

चौकी प्रभारी मिठौरा, थाना सिंदुरिया, उपनिरीक्षक आलोक कुमार सिंह को थानाध्यक्ष कोल्हुई की जिम्मेदारी दी गई है। इसी क्रम में कुंवर गौरव सिंह को थानाध्यक्ष कोल्हुई से थानाध्यक्ष पनियरा, सूरज कुमार को थानाध्यक्ष घुघली से थाना नौतनवा भेजा गया है।

इसके अलावा विशाल कुमार शुक्ला को थानाध्यक्ष सिंदुरिया से थानाध्यक्ष सोनौली, महेन्द्र कुमार मिश्रा को थानाध्यक्ष सोनौली से थानाध्यक्ष श्यामदेउरवा तथा अनूप तिवारी को थाना ठूठीबारी से थानाध्यक्ष सिंदुरिया की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

एसपी ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को नवीन तैनाती पर तत्काल कार्यभार ग्रहण कर पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा गया है।

पुलिस विभाग में हुए इस फेरबदल को जिले में थाना स्तर की पुलिसिंग को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।

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