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दो महीने पहले बजी थी शहनाई, अब नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से गांव में सनसनी

मायके पक्ष ने लगाया दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप, पुलिस जांच में जुटी


सिद्धार्थनगर। जिले के डुमरियागंज थाना क्षेत्र के पचउथ गांव में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। घटना को लेकर मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार मृतका की पहचान मनीषा के रूप में हुई है, जिसकी शादी करीब दो महीने पहले पचउथ गांव निवासी देवदत्त मौर्य से हुई थी। बताया जा रहा है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही दहेज को लेकर विवाद की बातें सामने आ रही थीं।
मृतका के परिजनों का आरोप है कि मनीषा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। मृतका की माँ ने रोते हुए आरोप लगाया कि उनकी बेटी की दहेज के लिए हत्या की गई है और परिवार को न्याय चाहिए।
घटना की सूचना मिलते ही डुमरियागंज पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मामला आत्महत्या का है या फिर हत्या का। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
पुलिस जांच के बाद ही साफ होगी मौत की असली वजह
मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। वहीं परिजनों की मांग है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

पेट्रोल पंप पर डीजल देने से इनकार और अभद्रता का आरोप, भाजपा नेता ने डीएम से की कार्रवाई की मांग

 “मोबिल खरीदो तभी मिलेगा डीजल?” — वायरल शिकायती पत्र से मचा हड़कंप

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सिद्धार्थनगर। जिले में एक पेट्रोल पंप संचालक पर उपभोक्ताओं के साथ कथित मनमानी और अभद्र व्यवहार करने के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। भाजपा जिला मंत्री अविनाश सिंह द्वारा जिलाधिकारी को सौंपे गए एक शिकायती पत्र के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। आरोप है कि पेट्रोल पंप पर डीजल देने से पहले जबरन मोबिल ऑयल खरीदने का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर कथित रूप से धमकी तक दी गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 10 मई 2026 की शाम अविनाश सिंह अपनी कार में डीजल भरवाने के लिए बर्डपुर क्षेत्र स्थित मेकरानी ऑयल कंपनी पेट्रोल पंप पहुंचे थे। आरोप है कि वहां मौजूद कर्मचारियों ने ₹300 का मोबिल ऑयल खरीदने की शर्त रखी और बिना मोबिल खरीदे डीजल देने से इनकार कर दिया।

शिकायती पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब इस बात का विरोध किया गया तो पेट्रोल पंप संचालक और कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मामले के दौरान जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

भाजपा नेता ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही पेट्रोल पंप के लाइसेंस और संचालन व्यवस्था की जांच कर आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की गई है।

प्रशासनिक जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर

हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, संबंधित पेट्रोल पंप संचालक का पक्ष समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आ सका।

FT News Digital वायरल शिकायती पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। यह खबर उपलब्ध शिकायत पत्र और स्थानीय चर्चाओं के आधार पर प्रकाशित की जा रही है। मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

जनता के बीच उठ रहे सवाल

क्या उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त सामान खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है?

क्या पेट्रोल पंपों पर नियमों का पालन सही तरीके से हो रहा है?

आखिर आम उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर कहां जाए?

अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

 

सिद्धार्थनगर में विकास और सड़क सुरक्षा पर डीएम सख्त, मॉडल स्कूल निर्माण कार्य का किया निरीक्षण

सिद्धार्थनगर, 12 मई 2026। शिवशरणप्पा जीएन ने मंगलवार को मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय, उसका बाजार के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मुख्य भवन, प्रधानाचार्य आवास, स्टाफ आवास, वालवाटिका, डोरमेट्री और मेस सहित विभिन्न निर्माणाधीन भवनों का जायजा लिया।

जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने की। बैठक में डा. अभिषेक महाजन भी मौजूद रहे।

बैठक में जिलाधिकारी ने स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच कराने, बिना पंजीकरण और बिना फिटनेस वाले वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने बिना परमिट चल रहे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई करने और ओवरलोडिंग व ओवरस्पीड वाहनों का नियमित चालान करने के निर्देश एआरटीओ को दिए।

जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर वहां साइन बोर्ड, गति सीमा बोर्ड तथा संकेतक बोर्डों की साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने और हाईवे किनारे स्थित विद्यालयों में यातायात जागरूकता अभियान चलाने को कहा।

उन्होंने लोगों से दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, तीन सवारी न बैठाने और चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करने की अपील की। पेट्रोल पंपों पर “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” अभियान को सख्ती से लागू कराने तथा रोडवेज चालकों का नियमित नेत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण कराने के भी निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रजत कुमार चौरसिया, अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव, पीडी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता कमल किशोर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

नर्सिंग सेवा के सम्मान में गूंजा सिद्धार्थनगर, छात्र-छात्राओं की प्रतिभा को मिला नया मंच

“हमारी नर्सें, हमारा भविष्य” थीम के साथ अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पर जागरूकता, सम्मान और सेवा भावना का संदेश


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सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य सेवा, मानवता और समर्पण की मिसाल मानी जाने वाली नर्सिंग सेवा को सम्मान देने के उद्देश्य से जनपद के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान श्री राम विलास इंस्टिट्यूट ऑफ़ नर्सिंग एंड मेडिकल साइंसेज में “अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस” का आयोजन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की प्रतिभाओं को मंच देने के साथ-साथ समाज में नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “हमारी नर्सें, हमारा भविष्य — नर्सों को सशक्त बनाएं” रखी गई, जिसके माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत नर्सों के योगदान, जिम्मेदारियों और सेवा भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नर्सिंग ऑफिसर एवं लेबर रूम इंचार्ज श्रीमती संदीपा तथा ओटी इंचार्ज श्रीमती कमला वर्मा मौजूद रहीं। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में कॉलेज की प्रबंधक डॉ. अनीता द्विवेदी और कॉलेज के संरक्षक एवं वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विमल कुमार द्विवेदी की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई।
कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की पूर्व छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। नर्सिंग क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहीं विदुषी सिंह, एकता, रुचिता आर्य, शिवांगी पाठक और रवीना वरुण को मंच पर सम्मान देकर वर्तमान छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया गया।
नर्स सप्ताह के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में बीएससी छठवें सेमेस्टर की प्रीति विश्वकर्मा और अर्चिता मिश्रा प्रथम स्थान पर रहीं। जीएनएम द्वितीय वर्ष की इंदु और सीमा यादव ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि एएनएम की उमा और प्रमिला तृतीय स्थान पर रहीं।
इसी क्रम में अन्य प्रतियोगिताओं में बीएससी सातवें सेमेस्टर की राखी ने प्रथम, बीएससी छठवें सेमेस्टर की सीमा विश्वकर्मा ने द्वितीय तथा बीएससी चौथे सेमेस्टर के अतिरेश त्रिपाठी ने तृतीय स्थान हासिल किया। वहीं मेकिंग प्रतियोगिता में अवंतिका प्रथम, रेहान द्वितीय और सौम्या गौड़ तृतीय स्थान पर रहीं।
कार्यक्रम का संचालन मिस आरजू ने किया, जबकि सह-संचालन में मिस अर्पिता, मिस श्रुति एवं मिस वैष्णवी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संपूर्ण आयोजन कॉलेज की प्रिंसिपल जूही शुक्ला के संरक्षण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कहा कि नर्सें केवल स्वास्थ्य व्यवस्था का हिस्सा नहीं, बल्कि मरीजों के लिए विश्वास, सेवा और संवेदनशीलता की सबसे मजबूत पहचान होती हैं। ऐसे आयोजन छात्र-छात्राओं में सेवा, अनुशासन और मानवता की भावना को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

घरों की रसोई सूनी, बाजारों में जल रहे घरेलू सिलेंडर!

मोहाना क्षेत्र में घरेलू गैस के कथित व्यावसायिक उपयोग पर उठे सवाल, जिम्मेदार विभागों की कार्यशैली पर भी चर्चा तेज


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सिद्धार्थनगर | FT News Digital
एक ओर सरकार आम लोगों तक रसोई गैस की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर सिद्धार्थनगर के मोहाना थाना क्षेत्र में बाजारों और सड़क किनारे लगने वाले फास्ट फूड ठेलों पर घरेलू गैस सिलेंडरों के कथित व्यावसायिक उपयोग को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता दिखाई दे रहा है।
चाट, चाउमीन, बर्गर और अन्य फास्ट फूड बेचने वाले कई ठेलों पर घरेलू गैस सिलेंडर खुलेआम उपयोग होते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पहले व्यवसायिक कार्यों के लिए कमर्शियल सिलेंडरों का इस्तेमाल होता था, लेकिन अब लागत बचाने और अधिक मुनाफे के लालच में घरेलू सिलेंडरों का उपयोग बढ़ता जा रहा है।
लोगों का सवाल है कि जब घरेलू गैस सिलेंडर बड़े पैमाने पर बाजारों और ठेलों तक पहुंच रहे हैं, तो आखिर आम परिवारों की रसोई तक गैस समय पर कैसे पहुंचेगी? क्षेत्र की महिलाओं का कहना है कि कई बार सिलेंडर के लिए इंतजार करना पड़ता है, जबकि बाजारों में घरेलू गैस धड़ल्ले से जलती दिखाई देती है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आशंका जताई है कि घरेलू गैस के कथित अवैध व्यावसायिक उपयोग के पीछे कहीं न कहीं कालाबाजारी और नियमों की अनदेखी का खेल भी हो सकता है। लोगों का कहना है कि यदि गैस वितरण व्यवस्था की निष्पक्ष जांच हो, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।
सबसे बड़ा सवाल जिम्मेदार विभागों की निगरानी व्यवस्था पर भी उठ रहा है। आखिर सड़क किनारे खुलेआम घरेलू सिलेंडरों का उपयोग हो रहा है, लेकिन संबंधित विभागों की नजर अब तक इस ओर क्यों नहीं गई? क्या नियम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं, या फिर जांच और कार्रवाई में कहीं ढिलाई बरती जा रही है?
सुरक्षा के लिहाज से भी यह स्थिति चिंताजनक मानी जा रही है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में बिना पर्याप्त सुरक्षा मानकों के गैस सिलेंडरों का उपयोग किसी बड़े हादसे को दावत दे सकता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं हुई, तो भविष्य में कोई बड़ी घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन, पूर्ति विभाग और संबंधित एजेंसियों से मांग की है कि घरेलू गैस के कथित व्यावसायिक उपयोग और संभावित कालाबाजारी की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
यह मामला केवल नियमों के उल्लंघन का नहीं, बल्कि आम परिवारों की रसोई, सुरक्षा और जनहित से जुड़ा बड़ा सवाल बनता जा रहा है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेते हैं।

महदेवा में बदहाल सड़क बनी मुसीबत, ट्रक फंसा तो घंटों थम गई रफ्तार

बदहाल सड़क ने रोकी रफ्तार, जाम में तड़पी जनता


सिद्धार्थनगर। जिले के महदेवा चौकी क्षेत्र में प्रशासनिक लापरवाही और बदहाल सड़क व्यवस्था ने मंगलवार को लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। महदेवा बाजार स्थित सोहास रोड-नौगढ़ मार्ग पर सड़क की जर्जर हालत के कारण एक भारी ट्रक बीच सड़क में फंस गया, जिसके बाद देखते ही देखते कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।

सुबह से शुरू हुए इस जाम ने राहगीरों, स्कूली बच्चों, मरीजों और वाहन चालकों को घंटों तक परेशान रखा। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को भीषण गर्मी में इंतजार करना पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क लंबे समय से गड्ढों और कीचड़ में तब्दील हो चुकी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक सिर्फ कागजी कार्रवाई में व्यस्त है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक महदेवा बाजार में सड़क किनारे सब्जी और ठेला दुकानदारों का अतिक्रमण भी लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे सड़क और संकरी हो गई है। इसी अव्यवस्था के बीच ट्रक फंसने से पूरा यातायात ठप हो गया। हालात इतने खराब रहे कि स्कूल वाहन और एम्बुलेंस तक जाम में फंस गए।

क्षेत्रवासियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कई बार शिकायत के बावजूद न तो सड़क की मरम्मत कराई गई और न ही अतिक्रमण हटाने की कोई ठोस कार्रवाई हुई। लोगों का कहना है कि शासन बेहतर सड़क और सुचारु यातायात व्यवस्था की बात करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत, जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और बाजार क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। खबर लिखे जाने तक मौके पर किसी बड़े प्रशासनिक अधिकारी के पहुंचने की पुष्टि नहीं हो सकी थी।

जनता का सवाल

आखिर कब सुधरेगी महदेवा की बदहाल सड़क?

जाम और अतिक्रमण से रोज जूझ रही जनता को कब मिलेगी राहत?

क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा प्रशासन?

 

डीसीएम ने छीन लिया बुजुर्ग पिता का इकलौता सहारा, सड़क पर बिखर गई जिंदगी

भड़रिया नहर पुल पर दर्दनाक हादसा, बाइक सवार युवक की मौके पर मौत, साथी गंभीर घायल


भवानीगंज/सिद्धार्थनगर

भवानीगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। डुमरियागंज-चंद्रदीप घाट मार्ग स्थित भड़रिया नहर पुल के पास तेज रफ्तार डीसीएम की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया।Screenshot 20260512 163314

जानकारी के अनुसार गोंडा जिले के खोड़ारे थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर चंद्रदीप घाट निवासी 24 वर्षीय प्रभात यादव अपने साथी शाबान के साथ किसी जरूरी काम से डुमरियागंज आए थे। दोनों देर शाम बाइक से वापस घर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक भड़रिया नहर पुल के पास पहुंची, सामने से आ रही तेज रफ्तार डीसीएम ने जोरदार टक्कर मार दी।

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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी भयावह थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और प्रभात यादव ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं पीछे बैठे शाबान गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में उनका हाथ टूटने की बात भी सामने आई है।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही भवानीगंज पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेवा भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने प्रभात यादव को मृत घोषित कर दिया। घायल शाबान का इलाज जारी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार मृतक प्रभात यादव अपने बुजुर्ग पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मां की मौत कई वर्ष पहले ही हो चुकी थी। ऐसे में जवान बेटे की अचानक मौत ने बूढ़े पिता की जिंदगी को पूरी तरह तोड़ दिया। गांव में हर तरफ चीख-पुकार और मातम का माहौल देखने को मिला।

बताया जा रहा है कि हादसे के बाद डीसीएम चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार वाहन व चालक की तलाश शुरू कर दी है।

 

“जेल से बाहर आते ही रोड शो, वायरल रील और फिर पुलिस का बड़ा एक्शन!”

जेल से निकलते ही दबंगई का प्रदर्शन, रोड शो और रीलबाजी पड़ी भारी


सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद पुलिस का एक्शन, कई युवक गिरफ्तार — मुख्य आरोपी की तलाश जारी

खबर (न्यूज़ पोर्टल स्टाइल)

गोरखपुर में जमानत पर जेल से बाहर आए एक युवक का कथित रोड शो और सोशल मीडिया पर वायरल हुई रील अब उसके साथियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए कई युवकों को हिरासत में लिया है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, मामला उस समय चर्चा में आया जब एक युवक के जेल से बाहर आने के बाद उसके समर्थकों ने वाहनों के काफिले के साथ स्वागत कार्यक्रम किया। बताया जा रहा है कि इस दौरान शहर में कई स्थानों पर रील बनाई गईं और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की। जांच के दौरान कुछ युवकों को गिरफ्तार किया गया तथा कई वाहनों को भी कब्जे में लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और सोशल मीडिया गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है।

बताया जा रहा है कि संबंधित युवक पहले से एक आपराधिक मामले में नामजद था। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ वीडियो में आपत्तिजनक संवाद और कथित तौर पर भय एवं दबाव का माहौल बनाने जैसी बातें सामने आई हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले से जुड़े अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है।


नोट: यह समाचार स्थानीय सूत्रों, वायरल वीडियो और पुलिस द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। मामले की जांच जारी है। अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगा।

 

संदिग्ध मौत से सनसनी: विवाहिता की मौत पर ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप

खेसरहा क्षेत्र के बन्हैती गांव की घटना, मायके पक्ष ने जताई हत्या की आशंका — पुलिस जांच में जुटी


सिद्धार्थनगर जनपद के खेसरहा थाना क्षेत्र स्थित बन्हैती गांव में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, मृतका आसिया खातून (लगभग 20 वर्ष) की शादी करीब एक वर्ष पूर्व बन्हैती गांव निवासी युवक से हुई थी। बताया जा रहा है कि विवाहिता का एक छोटा बच्चा भी है। सोमवार को उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

मृतका की मां ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को ससुराल पक्ष द्वारा जहरीला पदार्थ दिया गया। वहीं स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पूरे गांव में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं और पुलिस हर पहलू से मामले की पड़ताल कर रही है।


नोट: यह खबर स्थानीय सूत्रों और पुलिस से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। मामले की जांच जारी है। अंतिम निष्कर्ष जांच एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा।

 

11 वर्षों से घर से दूर महिला शिक्षिकाओं का फूटा दर्द

उत्तर प्रदश जनपद सिद्धार्थ नगर

अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग को लेकर बीएसए कार्यालय पर जोरदार धरना

Screenshot 20260511 193046उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ के बैनर तले सोमवार को बड़ी संख्या में महिला शिक्षिकाओं ने अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग को लेकर बीएसए कार्यालय परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष सुषमा सिंह के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में शिक्षिकाओं ने वर्षों से गृह जनपद से दूर रहकर सेवा देने की पीड़ा को खुलकर सामने रखा।

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धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुषमा सिंह ने कहा कि आकांक्षी जिलों में तैनात महिला शिक्षिकाएं पिछले लगभग 11 वर्षों से अपने परिवार से दूर रहकर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का कार्य कर रही हैं। बावजूद इसके अब तक उन्हें गृह जनपद में स्थानांतरण का लाभ नहीं मिल सका है। उन्होंने कहा कि इसका सबसे अधिक असर उनके छोटे बच्चों, बुजुर्ग माता-पिता, सास-ससुर और पारिवारिक जीवन पर पड़ रहा है।

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उन्होंने कहा कि महिला शिक्षकों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए जिले को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में सरकार को उनकी मानवीय और पारिवारिक समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए।

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जिला महामंत्री रश्मि जायसवाल ने कहा कि शासन की ट्रांसफर नीति में दो वर्षों के भीतर गृह जनपद भेजने की बात कही गई थी, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में शिक्षिकाएं स्थानांतरण से वंचित हैं। इससे उनका पारिवारिक और सामाजिक जीवन प्रभावित हो रहा है।

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वहीं जिला कोषाध्यक्ष शशि वंदना दुबे ने कहा कि पूर्व में लागू भारांक प्रणाली में कई विसंगतियां सामने आई थीं। उन्होंने वरिष्ठता आधारित पारदर्शी स्थानांतरण व्यवस्था लागू करने की मांग की।

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धरना प्रदर्शन के बाद महिला शिक्षिकाओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम प्रतिनिधि को सौंपकर जल्द समाधान की मांग उठाई।

धरने में रिचा अग्रवाल, निधि त्रिपाठी, रंजना निरंजन, अनिता आर्या, सुषमा मौर्या, मधुरानी, आरती शुक्ला, बीनू शर्मा, श्रेया तिवारी, शिखा गुप्ता, कविता शर्मा, श्रुति शुक्ला, मंजुला पांडेय, शशिकला सिंह, अंकिता सिंह, शालिनी कुमारी, रेनू सिंह, प्रतिभा सिंह, साधना गुप्ता सहित बड़ी संख्या में महिला शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।

 

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