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फर्जी फाइनेंसर बनकर राहगीरों की गाड़ियों पर कब्जे का खेल बेनकाब, दो गिरफ्तार

स्विफ्ट कार से करते थे वाहनों का पीछा, पैसे न देने पर धमकी का आरोप; तीन बाइक बरामद, कार सीज


कप्तानगंज पुलिस की कार्रवाई से कथित वाहन कब्जा और वसूली के मामले का खुलासा, पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आए कई अहम तथ्य


बस्ती। फाइनेंसर बनकर राहगीरों की गाड़ियों को कथित तौर पर निशाना बनाने और वाहन वापस करने के नाम पर रकम मांगने के मामले में कप्तानगंज पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से तीन मोटरसाइकिलें बरामद हुई हैं, जबकि घटनाओं में प्रयुक्त बताई जा रही स्विफ्ट कार को सीज कर दिया गया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद वाहन चालकों को फर्जी फाइनेंसिंग के नाम पर होने वाली कथित वसूली से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


कप्तानगंज थाना पुलिस ने बुधवार 9 सितंबर 2026 को रेहरवा-टिनिच मार्ग स्थित नहर पुलिया के पास कार्रवाई करते हुए दो युवकों को स्विफ्ट कार के साथ पकड़ा। पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर ऐसे वाहनों को निशाना बनाते थे, जिनके संबंध में उन्हें कथित तौर पर पहले से जानकारी मिलती थी।

मुख्य खबर

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आदर्श सिंह पुत्र अनिल सिंह, निवासी हथिनाग थाना वजीरगंज जनपद गोंडा, उम्र करीब 23 वर्ष और शशांक पाण्डेय पुत्र केदारनाथ पाण्डेय, निवासी बैदोलिया थाना कप्तानगंज जनपद बस्ती, उम्र करीब 21 वर्ष के रूप में हुई है।

पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को 9 सितंबर को दोपहर करीब 2:35 बजे रेहरवा-टिनिच मार्ग स्थित नहर पुलिया के पास स्विफ्ट कार संख्या UP51 BU 5308 के साथ गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ थाना कप्तानगंज में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 238/2026 और 241/2026 में धारा 308(5), 317(2) और 61(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।

तीन मोटरसाइकिलें बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से UP58 AJ 7456 नंबर की होंडा एक्सट्रीम, BR55 D 5814 नंबर की बजाज पल्सर और UP51 BL 4244 नंबर की प्लैटिना मोटरसाइकिल बरामद किए जाने की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार UP51 BU 5308 को एमवी एक्ट की धारा 207 के तहत सीज किया गया है।

पूछताछ में सामने आया कथित तरीका

पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने दो अन्य साथियों विशाल भारद्वाज और अमन सिंह के साथ स्विफ्ट कार से राहगीरों के वाहनों को कथित तौर पर निशाना बनाते थे। पुलिस के मुताबिक अभिषेक यादव द्वारा वाहन उपलब्ध कराने और एक कथित कोड के आधार पर संबंधित वाहन की जानकारी दिए जाने की बात पूछताछ में सामने आई है।

पुलिस का दावा है कि आरोपी पहले वाहन मालिक से रकम की मांग करते थे। रकम नहीं देने पर धमकी देकर वाहन अपने कब्जे में लेने और बाद में वाहन वापस करने के एवज में पैसे मांगने की बात सामने आई है। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर होगी।

तीन अलग-अलग वाहनों का जिक्र

पुलिस के अनुसार 27 अगस्त को कप्तानगंज सीएचसी गेट के पास से गुलाब यादव की होंडा एक्सट्रीम मोटरसाइकिल कब्जे में लिए जाने की बात सामने आई। इसके बाद 6 सितंबर को जियो पेट्रोल पंप दुधौरा के पास विजय पाल की प्लैटिना मोटरसाइकिल को कथित रूप से धमकी देकर कब्जे में लेने का मामला बताया गया है। बिहार निवासी संजय मेहता की बजाज पल्सर मोटरसाइकिल भी आरोपियों द्वारा कब्जे में लिए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।

आपराधिक इतिहास भी जांच के दायरे में

पुलिस के अनुसार आदर्श सिंह के खिलाफ गोंडा के कोतवाली नगर थाने में वर्ष 2023 में मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा कप्तानगंज थाने के वर्तमान दोनों मुकदमों में भी उसका नाम बताया गया है।

वहीं शशांक पाण्डेय के खिलाफ वाल्टरगंज और हर्रैया थाने में पूर्व में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। कप्तानगंज थाने में दर्ज वर्तमान दोनों मुकदमों में भी उसके आरोपी होने की बात पुलिस ने कही है।


फर्जी फाइनेंसर से रहें सावधान

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति बिना वैध नोटिस और दस्तावेज के फाइनेंसर बनकर सड़क पर वाहन रोकता है, वाहन कब्जे में लेने का प्रयास करता है या धमकी देकर पैसे मांगता है तो तत्काल नजदीकी पुलिस थाने अथवा पुलिसकर्मियों को सूचना दें। किसी भी कार्रवाई से पहले संबंधित व्यक्ति और दस्तावेजों की वैधता की पुष्टि करना जरूरी है।


पुलिस की कार्रवाई में क्या सामने आया?

दो आरोपी गिरफ्तार

तीन मोटरसाइकिलें बरामद

एक स्विफ्ट कार सीज

दो मुकदमों में कार्रवाई

वाहन कब्जे और रकम मांगने के आरोपों की जांच

अन्य बताए गए सहयोगियों की भूमिका भी पुलिस जांच के दायरे में

 

कप्तानगंज पुलिस की गिरफ्त में बताए गए आरोपी। पुलिस के अनुसार वाहन कब्जे और कथित वसूली के मामले में दोनों की गिरफ्तारी की गई है।

कानूनी सावधानी के लिए प्रकाशन नोट

पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। खबर में लगाए गए आरोप पुलिस द्वारा बताए गए तथ्यों और जांच पर आधारित हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।

भाजपा संगठन को नई मजबूती: अभिजात मिश्रा बने प्रदेश महामंत्री, नेताओं ने दी बधाई

बस्ती। छोटे शहर से निकलकर अभिनय की दुनिया में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे बस्ती के कलाकार दिलीप चौधरी अब फिल्म ‘हनुमान अंश’ में महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आए हैं। फिल्म में उन्होंने वैद्य के किरदार को निभाया है।

बस्ती के कप्तानगंज क्षेत्र के नानीपुर गांव से ताल्लुक रखने वाले दिलीप चौधरी ने स्कूली दौर से ही अभिनय में रुचि लेना शुरू कर दिया था। स्कूल में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मंच पर अभिनय के दौरान मिली सराहना ने उनके भीतर कलाकार बनने का आत्मविश्वास बढ़ाया।

अभिनय के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उन्होंने संघर्ष का रास्ता चुना और थिएटर से जुड़कर रंगमंच पर अपनी कला को निखारा। इसके बाद मुंबई का रुख किया और टीवी व फिल्मों में काम पाने के लिए लगातार प्रयास करते रहे।

फिल्म ‘हनुमान अंश’ में उन्हें वैद्य की भूमिका निभाने का अवसर मिला। रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने उन्हें इस भूमिका के लिए मौका दिया। दिलीप के लिए यह अवसर उनके लंबे संघर्ष और अभिनय यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

दिलीप चौधरी इससे पहले भी अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में अभिनय कर चुके हैं। उन्होंने थिएटर के साथ-साथ टीवी और फिल्मी प्रोजेक्ट्स में काम करके अपनी पहचान बनाने की कोशिश जारी रखी है।

 

बस्ती में पुलिस अधिकारी की मौत की जांच ने खोली ‘हनी ट्रैप’ की कथित परतें

file 00000000fe2482088f14821800ab1531महिला समेत तीन गिरफ्तार, बोलेरो और तीन मोबाइल बरामद; ब्लैकमेलिंग के जरिए लाखों रुपये की कथित वसूली की जांच

बस्ती। वाल्टरगंज के तत्कालीन थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की मौत की जांच अब कथित हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग के मामले तक पहुंच गई है। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान ऐसे साक्ष्य सामने आए हैं, जिनसे एक महिला और उसके कथित सहयोगियों द्वारा लोगों को संपर्क में लेकर बाद में आपत्तिजनक सामग्री के नाम पर दबाव बनाने तथा रकम वसूलने की गतिविधियों की जानकारी मिली है।

पुलिस ने इस मामले में प्रियंका चौधरी, रामनयन चौधरी और विजय प्रकाश को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से एक बोलेरो वाहन और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। मामले में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की जांच अभी जारी है।

पुलिस अधिकारी की मौत के बाद शुरू हुई पड़ताल

वाल्टरगंज के तत्कालीन थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की 29 अगस्त को उनके सरकारी आवास में मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पड़ताल के दौरान अधिकारियों ने मोबाइल फोन, संपर्कों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की।

पुलिस के मुताबिक, इसी जांच में सूर्य प्रकाश सिंह और मामले में गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों के बीच संपर्क की जानकारी सामने आई। पुलिस का दावा है कि घटना वाले दिन दोपहर करीब 1:41 बजे आखिरी फोन कॉल भी हुई थी।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन संपर्कों और अधिकारी की मौत के बीच कथित ब्लैकमेलिंग की क्या भूमिका थी।

हनी ट्रैप के जरिए फंसाने का पुलिस का दावा

पुलिस की जांच के अनुसार, महिला पर आरोप है कि वह लोगों से संपर्क स्थापित करती थी। इसके बाद कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो अथवा सामग्री के नाम पर उन्हें डराने और पैसे की मांग करने का सिलसिला चलता था।

पुलिस का दावा है कि इसी तरीके से कुछ अन्य लोगों से भी लाखों रुपये की रकम लिए जाने की जानकारी सामने आई है।

जांच में सामने आए कुछ नामों के संबंध में पुलिस ने अलग-अलग रकम की कथित वसूली का भी उल्लेख किया है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

एक करोड़ रुपये के दबाव का भी दावा

मामले की जांच से जुड़े पुलिस दावे के मुताबिक, सूर्य प्रकाश सिंह पर भी कथित तौर पर बड़ी रकम देने का दबाव बनाया जा रहा था। पुलिस इस कथित ब्लैकमेलिंग को उनकी मौत से जोड़कर जांच कर रही है।

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में कौन-कौन से तथ्य निर्णायक हैं और कथित तौर पर किसने क्या भूमिका निभाई, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

तीन गिरफ्तार, नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस

पुलिस ने मामले में प्रियंका चौधरी, उसके पिता रामनयन चौधरी और विजय प्रकाश को गिरफ्तार किया है। बरामद मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

पुलिस को आशंका है कि कथित गतिविधियों में और लोग भी जुड़े हो सकते हैं। इसी वजह से जांच का दायरा बढ़ाया गया है और आरोपियों के संपर्कों तथा लेन-देन से संबंधित तथ्यों को खंगाला जा रहा है।

कई पीड़ितों से रकम लेने का पुलिस का दावा

पुलिस के अनुसार जांच के दौरान कुछ लोगों से कथित तौर पर लाखों रुपये की वसूली की जानकारी सामने आई है। इनमें डॉक्टर उमेश से करीब चार लाख रुपये, अहमद रजा से करीब पांच लाख रुपये और आर्यन दीक्षित से करीब 15 लाख रुपये लिए जाने का पुलिस ने दावा किया है।

इन रकमों और संबंधित घटनाओं की भी पुलिस जांच कर रही है। इन दावों को अदालत में साबित होना अभी बाकी है।

आगे की जांच में खुलेंगे और राज

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के नेटवर्क, मोबाइल संपर्क, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और कथित आर्थिक लेन-देन की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस मामले में कितने लोग जुड़े थे और कथित वसूली का पूरा नेटवर्क कितना बड़ा था।

फिलहाल एक पुलिस अधिकारी की मौत की जांच से शुरू हुआ मामला कथित हनी ट्रैप, ब्लैकमेलिंग और धन वसूली की गंभीर जांच में बदल चुका है। पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष इस मामले की वास्तविक तस्वीर सामने लाएंगे।

FT News Digital की संपादकीय टिप्पणी

इस समाचार में किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया गया है। गिरफ्तारी और सभी आरोप पुलिस की ओर से बताए गए तथ्यों/दावों पर आधारित हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि सक्षम न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर होगी।

रिपोर्ट: FT News Digital | बस्ती

 

भीड़ में मोबाइल उड़ाने वाले अंतरजनपदीय गैंग का खुलासा, छह गिरफ्तार

नगर थाना पुलिस और SOG की संयुक्त कार्रवाई, सात चोरी के मोबाइल, ₹7,700 नकद और दो बाइक बरामद

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बस्ती। भीड़भाड़ वाले आयोजनों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की जेब से मोबाइल पार करने वाले कथित अंतरजनपदीय गिरोह के खिलाफ बस्ती पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नगर थाना पुलिस और SOG की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए छह संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए लोगों के कब्जे से सात चोरी के मोबाइल फोन, 7,700 रुपये नकद और दो मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं।

 पुलिस की नजर में ऐसे बनाते थे शिकार

पुलिस के मुताबिक, आरोपी भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मौका देखकर लोगों के बीच घुसते थे और धक्का-मुक्की अथवा भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल चोरी कर लेते थे। राजनीतिक कार्यक्रम, मेले और अन्य सार्वजनिक आयोजन इनके निशाने पर रहते थे। पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और इसके नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

घटना के बाद सक्रिय हुई पुलिस टीम

पुलिस के अनुसार, 31 अगस्त को फुटहिया चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मोबाइल चोरी की घटना सामने आने के बाद मामले की जांच तेज की गई। पुलिस और SOG टीम ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए सुराग जुटाए। इसी क्रम में 2 सितंबर को संसारपुर शहीद स्मारक के पास घेराबंदी कर छह आरोपियों को पकड़ा गया।

बरामदगी ने खोले गिरोह के तार

तलाशी के दौरान पुलिस ने सात मोबाइल फोन, 7,700 रुपये नकद और दो बाइक बरामद करने का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में गिरोह के तार बस्ती के अलावा अन्य जिलों से भी जुड़े होने के संकेत मिले हैं। बरामद मोबाइल फोन के संबंध में पुलिस संबंधित शिकायतों और अभिलेखों से मिलान कर रही है।

सारांश

नगर थाना पुलिस और SOG की संयुक्त कार्रवाई में भीड़ में मोबाइल चोरी के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस ने सात मोबाइल, नकदी और दो बाइक बरामद की हैं। मामले की जांच जारी है और गिरोह के संभावित अन्य सदस्यों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

टिप्पणी

भीड़भाड़ वाले आयोजनों में मोबाइल चोरी की घटनाएं आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनती हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, गिरफ्तार किए गए लोगों के संबंध में अंतिम दोष सिद्धि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी; रिपोर्ट में आरोप और बरामदगी संबंधी तथ्य पुलिस के बताए अनुसार प्रस्तुत किए गए हैं।

FT NEWS DIGITAL | बस्ती

स्रोत: पुलिस कार्रवाई के संबंध में उपलब्ध जानकारी

रेस्टोरेंट के भीतर मिला 45 वर्षीय राम रूप का शव, इलाके में सनसनी; मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस

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रेस्टोरेंट के भीतर मिला 45 वर्षीय राम रूप का शव, इलाके में सनसनी; मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस

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बस्ती के लालगंज थाना क्षेत्र के देई साड़ बाजार का मामला; फॉरेंसिक टीम और फील्ड यूनिट ने जुटाए साक्ष्य, पोस्टमार्टम व जांच से सामने आएगा मौत का कारण

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बस्ती। लालगंज थाना क्षेत्र के देई साड़ बाजार स्थित दाना पानी रेस्टोरेंट में 45 वर्षीय व्यक्ति का शव मिलने की सूचना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान राम रूप, उम्र करीब 45 वर्ष, पुत्र गंगाराम, निवासी भोगपुर, थाना महोली, जनपद संत कबीर नगर के रूप में बताई गई है।

घटना की सूचना मिलते ही लालगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए फॉरेंसिक टीम और फील्ड यूनिट को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य संकलित किए, जबकि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी।

फिलहाल राम रूप की मौत आखिर किन परिस्थितियों में हुई, इसका निश्चित कारण सामने नहीं आया है। ऐसे में किसी भी तरह की अटकल को तथ्य मानना जल्दबाजी होगी। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम से मिलने वाले निष्कर्ष इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण होंगे।

इनसेट: रेस्टोरेंट में शव मिलने की सूचना और फिर शुरू हुई जांच

स्थानीय स्तर से मिली जानकारी के मुताबिक दाना पानी रेस्टोरेंट के भीतर एक व्यक्ति के मृत मिलने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस को सूचना दी गई।

लालगंज पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को जांच के दायरे में लिया। इसके बाद फॉरेंसिक टीम और फील्ड यूनिट की मदद से उन परिस्थितियों को समझने और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू हुई, जिनसे राम रूप की मौत के कारणों तक पहुंचा जा सके।

घटनास्थल पर मौजूद वस्तुओं और अन्य संभावित साक्ष्यों का महत्व अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

इनबॉक्स: सीओ रुधौली अनिल सिंह ने दी कार्रवाई की जानकारी

उपलब्ध स्थानीय जानकारी के मुताबिक क्षेत्राधिकारी रुधौली अनिल सिंह ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लिया और फॉरेंसिक टीम तथा फील्ड यूनिट की सहायता से घटनास्थल की बारीकी से जांच कराई जा रही है।

पुलिस का फोकस फिलहाल साक्ष्य संकलन और विधिक प्रक्रिया पूरी करने पर है।

सबसे बड़ा सवाल – राम रूप की मौत कैसे हुई?

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि 45 वर्षीय राम रूप की मौत आखिर कैसे हुई और किन परिस्थितियों में उनका शव रेस्टोरेंट में मिला?

लेकिन इस सवाल का जवाब अभी अनुमान के आधार पर नहीं दिया जा सकता।

मृत्यु स्वाभाविक थी, किसी आकस्मिक परिस्थिति का परिणाम थी अथवा इसके पीछे कोई अन्य कारण था—इनमें से किसी निष्कर्ष पर पुलिस अथवा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पहले पहुंचना उचित नहीं होगा।

यही वजह है कि इस मामले में फॉरेंसिक जांच, परिस्थितिजन्य साक्ष्य, संबंधित लोगों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आगे की तस्वीर स्पष्ट करने में अहम हो सकते हैं।

लीड: बंद सवालों के बीच फॉरेंसिक जांच पर टिकी निगाहें

दाना पानी रेस्टोरेंट में राम रूप का शव मिलना अपने पीछे कई सवाल छोड़ गया है। वह वहां कब और किन परिस्थितियों में पहुंचे? मौत किस समय और किस वजह से हुई? घटनास्थल से मिले साक्ष्य क्या संकेत देते हैं? इन सवालों के जवाब अभी जांच के गर्भ में हैं। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम और फील्ड यूनिट को जांच में लगाया है। ऐसे में अब वैज्ञानिक साक्ष्यों और पोस्टमार्टम से मिलने वाली जानकारी पर निगाहें टिकी हैं।

जांच पूरी होने तक अटकलों से बचना जरूरी

ऐसे मामलों में सोशल मीडिया या स्थानीय चर्चाओं के आधार पर हत्या, आत्महत्या अथवा किसी अन्य कारण का दावा करना जांच को प्रभावित करने के साथ गलत सूचना फैलाने का कारण भी बन सकता है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी केवल इतनी है कि राम रूप का शव रेस्टोरेंट में मिला है और पुलिस इसकी जांच कर रही है।

किसी व्यक्ति, रेस्टोरेंट संचालक, कर्मचारी अथवा अन्य पक्ष की भूमिका को लेकर अभी कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। यदि पुलिस जांच में कोई नया तथ्य सामने आता है तो उसी आधार पर मामले की अगली तस्वीर स्पष्ट होगी।

टिप्पणी: सवाल गंभीर हैं, लेकिन जवाब जांच से ही आने चाहिए

किसी सार्वजनिक व्यावसायिक प्रतिष्ठान में व्यक्ति का शव मिलना स्वाभाविक रूप से कई सवाल खड़े करता है। ऐसे मामलों में तेज और निष्पक्ष जांच जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी है कि जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी न ठहराया जाए।

फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलित करना जांच की महत्वपूर्ण कड़ी है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस विवेचना ही बताएगी कि राम रूप की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था।

सारांश

लालगंज थाना क्षेत्र के देई साड़ बाजार स्थित दाना पानी रेस्टोरेंट में करीब 45 वर्षीय राम रूप पुत्र गंगाराम, निवासी भोगपुर, थाना महोली, जनपद संत कबीर नगर का शव मिलने की सूचना सामने आई है।

सूचना पर लालगंज पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू की। फॉरेंसिक टीम तथा फील्ड यूनिट से घटनास्थल की जांच और साक्ष्य संकलन कराया जा रहा है।

मौत के वास्तविक कारण को लेकर फिलहाल कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पहले किसी आपराधिक कारण या किसी व्यक्ति की भूमिका का दावा करना उचित नहीं होगा।

 

पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, बस्ती में वैदिक गणित और करियर काउंसलिंग सत्र से विद्यार्थियों को मिली नई उड़ान

बस्ती (उत्तर प्रदेश), 1 अगस्त। नेशनल चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस (NCSC) एवं डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, रुधौली (जनपद बस्ती) में विद्यार्थियों के लिए वैदिक गणित एवं करियर काउंसलिंग पर एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि जागृत करना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सशक्त बनाना तथा उन्हें भविष्य के विविध करियर विकल्पों से परिचित कराना था।

यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020, नीति आयोग की नवाचार एवं कौशल-आधारित शिक्षा की परिकल्पना तथा “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य के अनुरूप विद्यार्थियों में 21वीं सदी के कौशल, तार्किक चिंतन, नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आत्मनिर्भर भारत की भावना को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश (CST-UP) तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), भारत सरकार से संबद्ध प्रख्यात गणित शिक्षाविद अनूप कुमार (अनूप सर) तथा डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन के चीफ एडवाइजर श्री अनूप कुमार उपस्थित रहे। उन्होंने वैदिक गणित की सरल, रोचक एवं वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से विद्यार्थियों को तेज मानसिक गणना, तार्किक सोच और समस्या समाधान की प्रभावी विधियाँ सिखाईं। सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कम समय में जटिल गणितीय प्रश्नों को हल करने की नई तकनीकों को आत्मसात किया।

करियर काउंसलिंग सत्र में विद्यार्थियों को विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, अनुसंधान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, सिविल सेवा, रक्षा सेवाओं तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार लक्ष्य निर्धारण, अनुशासित अध्ययन, समय प्रबंधन तथा निरंतर सीखने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही विकसित भारत 2047 के वैज्ञानिक, शिक्षक, इंजीनियर, शोधकर्ता, उद्यमी और नीति-निर्माता बनेंगे।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपनी जिज्ञासाएँ प्रस्तुत कीं, जिनका विशेषज्ञों ने सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के साथ समाधान किया। पूरे सत्र में सीखने की ऊर्जा, उत्साह और सहभागिता का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।प्राचार्या डॉ. अमिता सक्सेना ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे नवाचारपूर्ण एवं प्रेरक आयोजन विद्यार्थियों के बौद्धिक, वैज्ञानिक एवं व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, नवाचार, कौशल विकास एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

कार्यक्रम के सफल एवं सकुशल समापन पर प्राचार्या डॉ. अमिता सक्सेना ने मुख्य वक्ता अनूप कुमार (अनूप सर), कार्यक्रम समन्वयक श्री अंबिका यादव, डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन, समस्त आयोजन टीम, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पी.एम. श्री जवाहर नवोदय विद्यालय विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा, रचनात्मकता एवं नेतृत्व क्षमता को विकसित करने तथा उन्हें विकसित भारत 2047 के निर्माण में सक्रिय योगदान देने योग्य नागरिक बनाने हेतु भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का नियमित आयोजन करता रहेगा।

कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। अंत में विद्यार्थियों ने वैदिक गणित की तकनीकों को अपने दैनिक अध्ययन में अपनाने, वैज्ञानिक सोच विकसित करने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

चार जिलों के युवा वैज्ञानिकों का संगम, बस्ती नवोदय में विज्ञान प्रदर्शनी का सफल आयोजन

बस्ती के पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में विज्ञान और नवाचार का उत्सव देखने को मिला। विद्यालय स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में चार जिलों के छात्र-छात्राओं ने अपने वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का चयन अब क्लस्टर स्तर की प्रतियोगिता के लिए किया गया है।


बस्ती। पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, बहादुरपुर (रुधौली) में आयोजित विद्यालय स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में बस्ती, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर और श्रावस्ती के विद्यार्थियों ने विज्ञान, पर्यावरण और आधुनिक तकनीक पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किए। विद्यालय के अनुसार, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का चयन अब 13 जुलाई को मिर्जापुर में होने वाली संकुल स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी के लिए किया गया है।

पूरी खबर

पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, बहादुरपुर (रुधौली), बस्ती में शनिवार को विद्यालय स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। विद्यालय प्रशासन के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देना था।

प्रदर्शनी में बस्ती, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर और श्रावस्ती के जवाहर नवोदय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में जवाहर नवोदय विद्यालय बस्ती के विद्यार्थियों ने प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि संत कबीर नगर के विद्यार्थियों ने तृतीय स्थान हासिल किया।

विद्यालय की प्राचार्या डॉ. अमिता सक्सेना ने बताया कि चयनित विद्यार्थी 13 जुलाई 2026 को मिर्जापुर में आयोजित संकुल स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यालय का प्रतिनिधित्व करेंगे।

कार्यक्रम में वैज्ञानिक मॉडलों का मूल्यांकन प्रो. डॉ. मुकेश कुमार (भौतिक विज्ञान विभागाध्यक्ष, शिवपति पीजी कॉलेज, शोहरतगढ़), अम्रेश कुमार (सलाहकार, डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन) तथा मुस्तन शेरउल्लाह (स्टेट अवार्डी शिक्षक) ने किया।

विद्यालय के अनुसार, डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन ने कार्यक्रम के तकनीकी समन्वय और आयोजन में सहयोग दिया। निर्णायकों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए अंतरिक्ष विज्ञान, खगोल विज्ञान और रोबोटिक्स आधारित मॉडलों की सराहना करते हुए उन्हें वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

विज्ञान प्रदर्शनी के साथ करियर काउंसलिंग सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, शोध, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने अपने करियर से जुड़े प्रश्न भी पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया।

समापन अवसर पर प्राचार्या डॉ. अमिता सक्सेना ने निर्णायकों, सहयोगी संस्थाओं, शिक्षकों तथा प्रतिभागी विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय भविष्य में भी विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा और रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसे आयोजन करता रहेगा।

सारांश

बस्ती में विद्यालय स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन।

चार जिलों के विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए वैज्ञानिक मॉडल।

बस्ती के विद्यार्थियों ने प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

चयनित विद्यार्थी 13 जुलाई को मिर्जापुर में क्लस्टर स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेंगे।

विशेषज्ञों ने विज्ञान प्रदर्शनी के साथ करियर काउंसलिंग भी दी।

 

“नाकाबंदी में फंसे 3 अंतर्जनपदीय गोतस्कर, 2 जिंदा बछड़े व अवैध चाकू बरामद”

 

थाना नगर पुलिस व SOG की संयुक्त कार्रवाई, आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी आया सामने

बस्ती | 19 अप्रैल 2026

जनपद बस्ती में अपराध और गोतस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना नगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस और SOG टीम की संयुक्त कार्रवाई में तीन संदिग्ध गोतस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

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पुलिस के अनुसार, जनपदीय नाकाबंदी योजना के तहत बेलाड़ी चौराहे पर सघन चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली, जिसके आधार पर टीम ने घेराबंदी कर तीनों व्यक्तियों को पकड़ा। तलाशी में दो जिंदा गोवंशीय बछड़े, दो अवैध चाकू और नकदी बरामद की गई।

 क्या-क्या हुआ बरामद

02 जिंदा गोवंशीय बछड़े

02 अवैध चाकू

कुल ₹900 नकद

गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान (पुलिस के अनुसार)

पंचम (50 वर्ष), निवासी – नेऊरी गाड़ा कुसरौत, थाना नगर, बस्ती

दिलीप (35 वर्ष), निवासी – खुटहन, थाना नगर, बस्ती

मेराज (40 वर्ष), निवासी – साफियाबाद, थाना दुधारा, संतकबीर नगर

दर्ज धाराएं

पुलिस ने मामले में मु0अ0सं0 91/2026 के तहत:

उ0प्र0 गोवध निवारण संशोधन अधिनियम 2020 की धारा 3/5/8 व 5B

शस्त्र अधिनियम की धारा 4/25

के तहत मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय भेज दिया है।

आपराधिक इतिहास भी सामने आया (पुलिस का दावा)

जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल दिलीप और मेराज के खिलाफ पूर्व में भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता, हत्या के प्रयास (धारा 307) और गैंगस्टर एक्ट जैसी धाराएं शामिल बताई गई हैं।

कार्रवाई में शामिल टीम

इस कार्रवाई में थाना नगर पुलिस के साथ SOG टीम और सर्विलांस सेल के कई अधिकारी व जवान शामिल रहे, जिन्होंने त्वरित सूचना पर संयुक्त ऑपरेशन को सफल बनाया।

FT NEWS DIGITAL – धारदार निष्कर्ष (Editorial Punch)

“सटीक सूचना, तेज कार्रवाई और मजबूत नेतृत्व—बस्ती पुलिस का गोतस्करी नेटवर्क पर करारा प्रहार

प्रसव में लापरवाही का बड़ा आरोप: नवजात की दर्दनाक मौत, अस्पताल सील—डिप्टी सीएम के संज्ञान से मचा हड़कंप

कुदरहा / बस्ती | स्वास्थ्य विभाग जांच

बस्ती जिले के कुदरहा क्षेत्र में प्रसव के दौरान कथित लापरवाही से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य विभाग में हलचल मचा दी है। मामले की गूंज उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित निजी अस्पताल को सील कर दिया है।

बताया जा रहा है कि एक गर्भवती महिला को प्रसव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कुदरहा लाया गया था, जहां ड्यूटी पर तैनात स्टाफ द्वारा डिलीवरी कराई जा रही थी। इसी दौरान जटिल स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसके बाद नवजात की मृत्यु हो गई।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि प्रसव के दौरान उचित चिकित्सकीय सावधानी नहीं बरती गई, जिससे स्थिति बिगड़ गई। मामला गंभीर होने पर महिला को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां सर्जरी के माध्यम से आगे का उपचार किया गया।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू की। जांच के दौरान सीएचसी के पास संचालित एक निजी अस्पताल में भी कई अनियमितताएं पाई गईं, जिसके चलते प्रशासन ने उसे सील कर दिया।
प्राथमिक स्तर पर संबंधित स्टाफ को हटाकर अन्य स्वास्थ्य केंद्र से संबद्ध किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच और कार्रवाई:
राज्य स्तर की टीम ने पूरे मामले की जांच की
संबंधित निजी अस्पताल में नियमों के उल्लंघन के संकेत
स्टाफ की भूमिका की जांच जारी
CCTV फुटेज और दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं
 पुराने मामलों से भी उठे सवाल:
सूत्रों के अनुसार, इसी स्वास्थ्य केंद्र में पूर्व में भी प्रसव के दौरान लापरवाही के आरोप लग चुके हैं। हालांकि उन मामलों में जांच के बाद स्पष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आ सका था।
संभावित बड़ी कार्रवाई:
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


यह रिपोर्ट उपलब्ध जानकारी और स्थानीय सूत्रों पर आधारित है।


मामले की जांच जारी है, अंतिम निष्कर्ष संबंधित विभाग की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।

तलाक की खुशी में अनोखी तपस्या, 6 किलोमीटर लेटकर मंदिर पहुंचा युवक

भानपुर (बस्ती)
तलाक के बाद युवक ने निभाई मन्नत, 6 किलोमीटर दंडवत यात्रा कर पहुंचा मंदिर
भानपुर क्षेत्र में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां वैवाहिक विवाद से मुक्ति मिलने के बाद एक युवक ने अपनी मन्नत पूरी करने के लिए करीब 6 किलोमीटर की दंडवत यात्रा कर मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
जानकारी के अनुसार, सोनहा क्षेत्र के मैनिहवा गांव निवासी योगेश कुमार का विवाह वर्ष 2022 में हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद ही पति-पत्नी के संबंधों में मतभेद उत्पन्न हो गए। पारिवारिक स्तर पर सुलह के प्रयास किए गए, लेकिन बात नहीं बन सकी और मामला न्यायालय तक पहुंच गया।
बताया जाता है कि इस दौरान मानसिक तनाव से गुजर रहे युवक ने स्थानीय समय माता मंदिर में मन्नत मांगी थी कि यदि उसे वैवाहिक विवाद से कानूनी राहत मिल जाती है, तो वह अपने घर से मंदिर तक दंडवत (पेट के बल लेटकर) यात्रा करेगा।
समय बीतने के बाद न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों के बीच तलाक को मंजूरी दे दी गई। इसके बाद युवक ने अपनी प्रतिज्ञा पूरी करने का निर्णय लिया। प्रशासन से अनुमति प्राप्त करने के उपरांत उसने गांव से मंदिर तक लगभग 6 किलोमीटर की दूरी दंडवत यात्रा के माध्यम से तय की।
करीब 12 घंटे चली इस तपस्या यात्रा के दौरान रास्ते में लोगों की भीड़ जुटी रही और यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। मंदिर पहुंचकर युवक ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपनी मन्नत पूरी होने पर आभार व्यक्त किया।

यह घटना व्यक्तिगत आस्था और मान्यता से जुड़ी है। समाचार का उद्देश्य केवल जानकारी देना है, किसी भी प्रकार की मान्यता या प्रथा को बढ़ावा देना नहीं है।

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