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शादी का झांसा देकर संबंध बनाने का आरोप, केस दर्ज

शादी का भरोसा देकर संबंध बनाने का आरोप, युवती की शिकायत पर युवक के खिलाफ केस


इटावा। इकदिल थाना क्षेत्र के एक गांव की 22 वर्षीय युवती ने एक युवक पर शादी का झांसा देकर करीब एक साल तक संबंध बनाए रखने और बाद में शादी से इनकार करने का आरोप लगाया है। युवती की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सारांश

युवती का आरोप है कि आरोपी युवक करीब एक साल से शादी का भरोसा देकर उसके साथ संबंध बनाता रहा। इसी दौरान वह गर्भवती हो गई और वर्तमान में करीब आठ माह की गर्भवती है। युवती के मुताबिक जब उसने युवक से शादी और कोर्ट मैरिज करने को कहा तो युवक और उसके परिजनों से विवाद हो गया। आरोप है कि युवक व उसके परिजनों ने उसके साथ मारपीट भी की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 69 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पूरी खबर

इटावा। इकदिल थाना क्षेत्र के एक गांव से शादी का झांसा देकर युवती से संबंध बनाने का मामला सामने आया है। गांव की 22 वर्षीय युवती ने पुलिस को दी तहरीर में एक युवक पर करीब एक वर्ष तक शादी का भरोसा देकर उसके साथ संबंध बनाए रखने का आरोप लगाया है। युवती की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक युवती का आरोप है कि गांव का ही युवक करीब एक वर्ष से उसे शादी करने का भरोसा देता रहा। शादी का आश्वासन देकर उसने कई बार युवती से संबंध बनाए। युवती का कहना है कि इसी दौरान वह गर्भवती हो गई और वर्तमान में करीब आठ माह की गर्भवती है।

शिकायत में युवती ने यह भी आरोप लगाया कि करीब दो माह पहले उसने युवक से कोर्ट मैरिज करने की बात कही थी। आरोप है कि युवक ने उस समय शादी करने का आश्वासन देकर उसे भरोसे में रखा। बाद में जब युवती ने दोबारा शादी करने और कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा तो युवक और उसके परिजनों से विवाद हो गया।

युवती का आरोप है कि विवाद के दौरान युवक और उसके परिवार के लोगों ने उसके तथा उसके परिजनों के साथ मारपीट की। इसके बाद युवक ने शादी करने से इनकार कर दिया। युवती के मुताबिक घटना के बाद उसने इकदिल थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी देते हुए तहरीर दी।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

पुलिस ने युवती की तहरीर के आधार पर आरोपी युवक सचिन चौधरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। थाना प्रभारी इकदिल अनिल कुमार दुबे के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। ऐसे में आरोपी पक्ष का पक्ष और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है।

 

दोहरे हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक समेत 10 दोषियों को उम्रकैद

उत्तर प्रदेश

औरैया जिले के चर्चित दोहरे हत्याकांड से जुड़े मामले में अदालत ने फैसला सुनाते हुए पूर्व सपा एमएलसी कमलेश पाठक समेत 10 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामला नारायणपुर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में 15 मार्च 2020 को हुई फायरिंग और दो लोगों की मौत से जुड़ा है। उपलब्ध न्यायिक रिपोर्टों के अनुसार इस घटना में अधिवक्ता मंजुल चौबे और उनकी चचेरी बहन सुधा की मौत हुई थी।

अखबार में प्रकाशित विवरण के मुताबिक, मंदिर की जमीन को लेकर विवाद के दौरान हुई घटना में पुलिस की ओर से दर्ज कराए गए प्राणघातक हमले के मुकदमे में भी संबंधित आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। मामले की सुनवाई विशेष एमपी-एमएलए अदालत में चली।

अदालत के फैसले के बाद दोषियों को जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई। वहीं, इसी मामले में कुछ आरोपितों को अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर दोषमुक्त भी किया। इस तरह पूरे प्रकरण में न्यायालय के निर्णय ने लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया को एक महत्वपूर्ण पड़ाव दिया है।

क्या था पूरा मामला?

15 मार्च 2020 को औरैया के नारायणपुर मोहल्ले स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में फायरिंग हुई थी। घटना में अधिवक्ता मंजुल चौबे और उनकी चचेरी बहन सुधा की गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस ने तत्कालीन सपा एमएलसी कमलेश पाठक, उनके भाइयों और अन्य लोगों को मामले में आरोपित बनाया था।

बाद में मामले की जांच आगे बढ़ी और आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। प्रकरण की सुनवाई विशेष एमपी-एमएलए अदालत में हुई। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार मुकदमे में अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों तथा प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया।


फैसले की बड़ी बातें

• पूर्व सपा एमएलसी कमलेश पाठक समेत 10 दोषियों को उम्रकैद

• प्रकरण का संबंध 15 मार्च 2020 की फायरिंग से

• अधिवक्ता मंजुल चौबे और सुधा की हुई थी मौत

• मामला पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर से जुड़ा

• विशेष एमपी-एमएलए अदालत में चली सुनवाई

• कुछ आरोपितों को अदालत ने दोषमुक्त भी किया


छह साल बाद आया फैसला

15 मार्च 2020 की घटना ने औरैया में कानून-व्यवस्था और आपराधिक न्याय प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। वर्षों चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत का फैसला सामने आया है। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर 10 आरोपितों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

सारांश

औरैया के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में विशेष अदालत ने पूर्व सपा एमएलसी कमलेश पाठक समेत 10 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। मामला वर्ष 2020 में पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में हुई फायरिंग से जुड़ा है, जिसमें अधिवक्ता मंजुल चौबे और सुधा की मौत हुई थी।

टिप्पणी

किसी भी आपराधिक मामले में अंतिम निष्कर्ष का अधिकार न्यायालय को ही है। इस मामले में भी वर्षों चली सुनवाई के बाद अदालत ने साक्ष्यों और कानून के आधार पर अपना निर्णय दिया है। यह फैसला एक बार फिर रेखांकित करता है कि गंभीर आपराधिक मामलों में जांच, साक्ष्य और न्यायिक प्रक्रिया की मजबूती कितनी महत्वपूर्ण है। पीड़ित पक्ष के लिए न्याय की प्रक्रिया का पूरा होना सबसे अहम पहलू है।

कानूनी सावधानी

यह खबर न्यायालय के फैसले और उपलब्ध प्रकाशित रिपोर्टों पर आधारित है। किसी व्यक्ति के विरुद्ध अतिरिक्त आरोप को स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। दोषसिद्धि का आधार संबंधित न्यायालय का निर्णय है। अपील या आगे की न्यायिक कार्यवाही की स्थिति अलग हो सकती है।

 

नेपाल रूट से विदेशी महिलाओं की एंट्री का दावा, लोला से पूछताछ के बाद कथित नेटवर्क की जांच तेज

नेपाल रूट से विदेशी महिलाओं की एंट्री का दावा, लोला से पूछताछ के बाद जांच का दायरा बढ़ा


पूछताछ में सामने आए कड़ियों ने बढ़ाई जांच की चुनौती

लखनऊ। उज्बेकिस्तान की नागरिक लोला कयूमोवा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच अब कथित देह व्यापार नेटवर्क से आगे बढ़कर विदेशी महिलाओं के भारत आने, उनके ठहरने, स्थानीय संपर्कों और दस्तावेजों की कड़ियों तक पहुंच गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में सामने आई जानकारियों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि विदेशी महिलाओं को भारत लाने और अलग-अलग शहरों तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका रही। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक जांच में नेपाल के रास्ते महिलाओं के भारत आने की आशंका समेत कई पहलुओं को खंगाला जा रहा है।


| लोला से पूछताछ के बाद खुलीं नई कड़ियां

पुलिस के मुताबिक लोला कयूमोवा के संपर्कों, मोबाइल फोन, दस्तावेजों और उसके लखनऊ में रहने के ठिकानों की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कथित नेटवर्क में और कौन लोग जुड़े हो सकते हैं तथा विदेशी नागरिकों के भारत में ठहरने और आवाजाही में किस स्तर पर मदद दी गई।


जांच के घेरे में ये अहम बिंदु

• विदेशी महिलाओं के भारत आने का रास्ता और यात्रा रिकॉर्ड

• लखनऊ में ठहरने के संभावित ठिकाने

• लोला के स्थानीय संपर्क और सहयोगियों की भूमिका

• आधार, पैन और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेजों की वैधता

• मोबाइल फोन और डिजिटल संपर्कों की जांच

• नेपाल और उज्बेकिस्तान से जुड़े संभावित संपर्कों की पड़ताल


पुलिस की पूछताछ में सामने आया कथित सप्लाई नेटवर्क, अब सहयोगियों की तलाश

पुलिस की कार्रवाई के बाद यह मामला अब केवल एक विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं दिखाई दे रहा है। जांच एजेंसियां कथित तौर पर उस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं, जिसके माध्यम से विदेशी महिलाओं के भारत आने, उनके यहां ठहरने और अलग-अलग स्थानों तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ पुलिस ने लोला कयूमोवा को गिरफ्तार किया है और उसके कथित अंतरराज्यीय देह व्यापार नेटवर्क तथा विदेशी नागरिकों के अवैध रूप से भारत में रहने से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस उसके मोबाइल फोन से संपर्क, संदेश, तस्वीरें, लोकेशन और संभावित वित्तीय लेनदेन से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है।

नेपाल के रास्ते भारत आने की आशंका की भी पड़ताल

जांच में यह पहलू भी सामने आया है कि कुछ विदेशी महिलाओं को नेपाल के रास्ते भारत लाए जाने की आशंका है। हिंदुस्तान टाइम्स ने पुलिस के हवाले से रिपोर्ट किया है कि लोला पर उज्बेकिस्तान से महिलाओं को नौकरी दिलाने के बहाने नेपाल के रास्ते भारत लाने और बाद में लखनऊ में उन्हें ठहराने के आरोपों की जांच हुई थी।

हालांकि, इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे, कितनी महिलाओं को कथित तौर पर लाया गया और उनकी भूमिका क्या थी—इन सवालों का अंतिम उत्तर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

फर्जी दस्तावेजों की आशंका ने बढ़ाई जांच

मामले में दस्तावेजों का पहलू भी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण बन गया है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक जांच एजेंसियों ने लोला से जुड़े आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस सहित दस्तावेजों की जांच शुरू की है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ये दस्तावेज किस प्रक्रिया से बने और इनमें किसी तरह की अनियमितता या स्थानीय स्तर पर सहायता की भूमिका थी या नहीं।

पहले की जांच में लोला के कथित विवाह और उसके नाम से जुड़े दस्तावेजों को लेकर भी सवाल सामने आए थे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में लखनऊ निवासी जनक प्रताप सिंह का नाम उसके दस्तावेजों में पति के रूप में दर्ज होने का उल्लेख है, जबकि जनक ने विवाह से इनकार करते हुए दस्तावेज को फर्जी बताया था। ऐसे दावों की सत्यता का निर्धारण जांच और दस्तावेजी सत्यापन से ही होगा।

एक साल से पुलिस की नजर में था मामला

रिपोर्टों के अनुसार इस मामले की जांच जून 2025 से चल रही है। उस समय विदेशी महिलाओं के भारत में दस्तावेजों की वैधता समाप्त होने के बाद भी रहने और कथित तौर पर आर्थिक लाभ के लिए उनकी मदद किए जाने से संबंधित मामला सामने आया था। जांच के दौरान प्लास्टिक सर्जरी के जरिए पहचान या हुलिया बदलने के आरोपों की भी पड़ताल की गई।

इंडिया टुडे के अनुसार, पुलिस ने यह भी जांच की थी कि विदेशी महिलाओं की पहचान में कथित बदलाव के लिए प्लास्टिक सर्जरी कराई गई थी या नहीं और इस प्रक्रिया में किसी डॉक्टर अथवा अन्य व्यक्ति की भूमिका थी।

सात अगस्त की घटना ने खोली एक और कड़ी

आपके उपलब्ध विवरण के अनुसार, लोला सात अगस्त को एक तुर्कमेनिस्तान की महिला के साथ लखनऊ की एक क्लीनिक पहुंची थी। विदेशी महिला के पास मेडिकल वीजा और दिल्ली में उपचार से संबंधित दस्तावेज बताए गए। क्लीनिक की ओर से संबंधित जानकारी एफआरआरओ को भेजे जाने के बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हुईं और पूछताछ के बाद लोला को गिरफ्तार किया गया।

इस घटनाक्रम से जुड़े दस्तावेजों और आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड से होना महत्वपूर्ण है, इसलिए पोर्टल पर इसे “पुलिस के अनुसार” और “जांच में सामने आया” के रूप में ही प्रस्तुत करना सुरक्षित रहेगा।

सारांश | गिरफ्तारी से बड़ा है अब जांच का सवाल

लोला कयूमोवा की गिरफ्तारी के बाद जांच की दिशा अब कथित नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की ओर है। विदेशी महिलाओं की भारत में एंट्री, उनके ठहरने की व्यवस्था, स्थानीय संपर्क, दस्तावेजों की वैधता और कथित आर्थिक लेनदेन—इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि लोला के अलावा कथित नेटवर्क में और कौन लोग सक्रिय थे।

टिप्पणी | असली सवाल गिरफ्तारी से आगे का है

यह मामला केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं माना जा सकता, यदि जांच में संगठित नेटवर्क के संकेत पुष्ट होते हैं। विदेशी नागरिकों की अवैध आवाजाही, फर्जी दस्तावेज और मानव तस्करी जैसे गंभीर आरोपों की जांच में एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती नेटवर्क की पूरी कड़ी तक पहुंचना होती है।

किसने प्रवेश कराया, किसने ठिकाना उपलब्ध कराया, दस्तावेज कैसे तैयार हुए और आर्थिक लेनदेन किसके माध्यम से हुआ—इन सवालों के जवाब ही जांच की असली दिशा तय करेंगे।


हालांकि, जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और अदालत में आरोप सिद्ध नहीं होते, किसी भी व्यक्ति को अपराधी घोषित करना उचित नहीं होगा। यही पत्रकारिता की जिम्मेदारी और कानूनी सुरक्षा—दोनों के लिए जरूरी है।

 

प्रेम विवाह के डेढ़ माह बाद मौत का रहस्य! घर की खुदाई में मिला नवविवाहिता का शव, पति पर हत्या का आरोप

प्रेम विवाह के डेढ़ माह बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, हत्या का आरोप; घर की खुदाई में मिला शव


सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता की मौत का मामला सनसनी का कारण बन गया है। युवती के परिजनों ने पति और उसके परिवार पर हत्या कर शव छिपाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने घर में खुदाई के दौरान शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।

सारांश

नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला।

परिजनों ने पति व अन्य पर हत्या का आरोप लगाया।

पुलिस ने घर की खुदाई में शव बरामद किया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

📌 इनसेट

परिजनों का आरोप

मृतका के परिजनों का आरोप है कि विवाह के बाद से दंपति के बीच विवाद चल रहा था। उनका कहना है कि युवती की हत्या कर शव को घर के भीतर छिपा दिया गया। पुलिस इन आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है।


पुलिस क्या कह रही है?

पुलिस के अनुसार, परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। घर की खुदाई में शव बरामद हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने तक किसी भी आरोपी को दोषी मानना उचित नहीं होगा।

पूरी खबर

सिद्धार्थनगर। जनपद के डुमरियागंज थाना क्षेत्र में नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। मृतका के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की और घर में खुदाई कर शव बरामद किया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला गंभीर प्रतीत होने पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। परिजनों ने पति सहित कुछ अन्य लोगों पर हत्या कर शव छिपाने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

बताया जा रहा है कि मृतका का कुछ समय पहले ही विवाह हुआ था। घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है।

(नोट: यह समाचार उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी, पुलिस कार्रवाई एवं परिजनों के आरोपों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है। अंतिम तथ्य न्यायिक एवं पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।)

रिपोर्ट: विजयपाल चतुर्वेदी  FT News Digital

प्रेम विवाह के डेढ़ माह बाद मौत का रहस्य! घर की खुदाई में मिला नवविवाहिता का शव, पति पर हत्या का आरोप

प्रेम विवाह के डेढ़ माह बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, हत्या का आरोप; घर की खुदाई में मिला शव


सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता की मौत का मामला सनसनी का कारण बन गया है। युवती के परिजनों ने पति और उसके परिवार पर हत्या कर शव छिपाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने घर में खुदाई के दौरान शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।

सारांश

नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला।

परिजनों ने पति व अन्य पर हत्या का आरोप लगाया।

पुलिस ने घर की खुदाई में शव बरामद किया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

📌 इनसेट

परिजनों का आरोप

मृतका के परिजनों का आरोप है कि विवाह के बाद से दंपति के बीच विवाद चल रहा था। उनका कहना है कि युवती की हत्या कर शव को घर के भीतर छिपा दिया गया। पुलिस इन आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है।


पुलिस क्या कह रही है?

पुलिस के अनुसार, परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। घर की खुदाई में शव बरामद हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने तक किसी भी आरोपी को दोषी मानना उचित नहीं होगा।

पूरी खबर

सिद्धार्थनगर। जनपद के डुमरियागंज थाना क्षेत्र में नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। मृतका के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की और घर में खुदाई कर शव बरामद किया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला गंभीर प्रतीत होने पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। परिजनों ने पति सहित कुछ अन्य लोगों पर हत्या कर शव छिपाने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

बताया जा रहा है कि मृतका का कुछ समय पहले ही विवाह हुआ था। घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है।

(नोट: यह समाचार उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी, पुलिस कार्रवाई एवं परिजनों के आरोपों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है। अंतिम तथ्य न्यायिक एवं पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।)

रिपोर्ट: विजयपाल चतुर्वेदी  FT News Digital

मासूम आरव हत्याकांड: दोषी को फांसी, 40 दिन में आया अदालत का बड़ा फैसला

फिरोजाबाद | शिकोहाबाद


40 दिन में आया फैसला, मासूम आरव हत्याकांड में दोषी को मृत्युदंड


डेढ़ वर्षीय मासूम की हत्या के दोषी को फांसी की सजा, अदालत ने अपराध को माना ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’

सारांश

शिकोहाबाद के चर्चित आरव हत्याकांड में जिला अदालत का बड़ा फैसला।

आरोपी को दोषी ठहराते हुए सुनाई गई मृत्युदंड की सजा।

पुलिस ने छह दिन में विवेचना पूरी कर दाखिल की थी चार्जशीट।

घटना के करीब 40 दिन में आया फैसला।

मृत्युदंड पर अंतिम मुहर उच्च न्यायालय की पुष्टि के बाद ही लगेगी।

पूरी खबर

फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जनपद के बहुचर्चित आरव हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड (फांसी की सजा) सुनाई है। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर यह निर्णय सुनाया। भारतीय कानून के अनुसार इस मृत्युदंड के आदेश को प्रभावी होने से पहले संबंधित उच्च न्यायालय की पुष्टि आवश्यक होगी।

अभियोजन के अनुसार, 30 मई 2026 को शिकोहाबाद क्षेत्र में डेढ़ वर्षीय मासूम आरव की हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में आरोपी को गिरफ्तार किया गया और मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना तेजी से पूरी की गई। पुलिस ने मात्र छह दिन के भीतर न्यायालय में आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दिया।

सुनवाई के दौरान अभियोजन ने न्यायालय के समक्ष प्रत्यक्ष एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य, गवाहों के बयान तथा अन्य जांच संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए। इन साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उसे मृत्युदंड से दंडित किया। घटना के लगभग 40 दिनों के भीतर आए इस फैसले को त्वरित न्याय की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

घटना के बाद यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना रहा। पुलिस अधिकारियों ने जांच को प्राथमिकता देते हुए साक्ष्य संकलित किए और अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। अदालत के फैसले के बाद अब मामला विधि के अनुसार आगे की प्रक्रिया के लिए उच्च न्यायालय में जाएगा, जहां मृत्युदंड की पुष्टि पर विचार किया जाएगा।

प्रशासनिक पक्ष

फिरोजाबाद पुलिस के अनुसार विवेचना निर्धारित समय में पूरी कर आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों एवं सुनवाई के आधार पर निर्णय सुनाया। मामले की आगे की वैधानिक प्रक्रिया नियमानुसार जारी रहेगी।

कानूनी अस्वीकरण

यह समाचार जिला एवं सत्र न्यायालय के निर्णय तथा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध न्यायिक एवं आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। भारतीय कानून के अनुसार जिला न्यायालय द्वारा सुनाई गई मृत्युदंड की सजा उच्च न्यायालय की पुष्टि के अधीन होती है तथा दोषी को कानून के तहत उपलब्ध अपील का अधिकार प्राप्त है।

 

हाई सिक्योरिटी जेल में गैंगस्टर की हत्या से सनसनी, साथी बंदी पर आरोप; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात गैंगस्टर जगन गुर्जर की हत्या, साथी बंदी पर आरोप; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल


राजस्थान के अजमेर स्थित हाई सिक्योरिटी जेल में मंगलवार सुबह बंद गैंगस्टर जगन गुर्जर की हत्या से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उसी बैरक में बंद एक अन्य विचाराधीन बंदी पर हत्या का आरोप है। घटना के बाद पुलिस, जेल प्रशासन और फॉरेंसिक टीम ने जांच शुरू कर दी है। पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है।

अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हुई वारदात

मंगलवार (30 जून 2026) सुबह अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर जगन गुर्जर मृत अवस्था में मिला। प्रारंभिक पुलिस एवं जेल प्रशासन की जानकारी के अनुसार, घटना जेल की बैरक/सेल के भीतर हुई। बताया जा रहा है कि मृतक के साथ उसी सेल में एक अन्य विचाराधीन बंदी भी मौजूद था।

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि दोनों बंदियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद मारपीट और गला दबाने की घटना सामने आई। हालांकि, घटना के वास्तविक कारण और क्रम की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

हत्या के कारणों की जांच जारी

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों बंदियों के बीच पहले भी कहासुनी हुई थी। कुछ रिपोर्टों में व्यक्तिगत टिप्पणी को विवाद की वजह बताया गया है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएगा।

फॉरेंसिक और पोस्टमार्टम से खुलेगा राज

घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, जेल प्रशासन तथा फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और सीसीटीवी सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जेल सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के दायरे में

घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार संबंधित बैरक के कुछ सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की भी जांच की जा रही है। जेल प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की विभागीय समीक्षा शुरू कर दी है।

कौन था जगन गुर्जर

जगन गुर्जर राजस्थान का चर्चित गैंगस्टर माना जाता था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, लूट और अन्य गंभीर अपराधों सहित अनेक मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज बताए जाते हैं। सुरक्षा कारणों से उसे हाई सिक्योरिटी जेल में रखा गया था।

पुलिस का पक्ष

पुलिस अधिकारियों के अनुसार—

घटना की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है।

संबंधित बंदी से पूछताछ की जा रही है।

पोस्टमार्टम एवं फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई होगी।

अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।


अब जांच के केंद्र में ये सवाल

हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या कैसे हुई?

घटना के समय सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी?

बैरक में मौजूद बंदियों की भूमिका क्या रही?

सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों से क्या तथ्य सामने आते हैं?

पोस्टमार्टम रिपोर्ट क्या बताती है?

समाचार सारांश

अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में गैंगस्टर जगन गुर्जर की मौत।

साथी विचाराधीन बंदी पर हत्या का आरोप, जांच जारी।

पुलिस, जेल प्रशासन और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही कारणों की आधिकारिक पुष्टि होगी।

जेल की सुरक्षा व्यवस्था की भी विभागीय समीक्षा शुरू।

आरोप; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल


संपादकीय सावधानी: इस खबर में आरोपों को अंतिम सत्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। हत्या के कारण, आरोपी की भूमिका और अन्य तथ्य पुलिस जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। इसलिए यह प्रस्तुति कानूनी रूप से संतुलित और सुरक्षित शैली में तैयार की गई है।

मां ने ठुकराया रिश्ता, सनकी आशिक ने मासूम को बनाया निशाना!

34 सेकंड में आठ बार जमीन पर पटका, डेढ़ साल के मासूम की दर्दनाक मौत से दहला फिरोजाबाद

एकतरफा प्रेम, सनक और बेरहमी की खौफनाक कहानी; आरोपी गिरफ्तार

फिरोजाबाद/शिकोहाबाद। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जनपद में इंसानियत को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां डेढ़ वर्षीय मासूम की मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि एक युवक ने कथित रूप से महज अपनी सनक और एकतरफा प्रेम में मासूम बच्चे को निशाना बना लिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।


34 सेकंड की हैवानियत

बताया जा रहा है कि आरोपी ने महज 34 सेकंड के भीतर मासूम को कई बार जमीन पर पटक दिया। गंभीर चोट लगने से बच्चे की हालत बिगड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई। घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस और परिजनों के अनुसार महिला रती (परिवर्तित नाम) अपने पति से अनबन के चलते अलग रह रही थी। इसी दौरान आरोपी विराज उसके संपर्क में आया। बताया जा रहा है कि विराज महिला से शादी करना चाहता था, लेकिन महिला ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।

जांच में सामने आया कि आरोपी के मन में यह धारणा बन गई थी कि महिला अपने डेढ़ वर्षीय बेटे आरव की वजह से उससे शादी नहीं कर रही है। उसे यह भी शक था कि भविष्य में महिला और उसका पति बच्चे के कारण फिर एक हो सकते हैं। इसी सोच ने आरोपी को खतरनाक मानसिक स्थिति में पहुंचा दिया।

मासूम बना सनक का शिकार

पुलिस के अनुसार आरोपी ने कथित रूप से मासूम आरव को अकेला पाकर उस पर हमला कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देने वाले दृश्य इतने भयावह बताए जा रहे हैं कि उन्हें देखकर लोगों की रूह कांप उठी। गंभीर रूप से घायल बच्चे को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।

सीसीटीवी फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत

घटना के बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान हुई। जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर आरोपी तक पहुंचना संभव हुआ।

पुलिस ने आरोपी को दबोचा

घटना के बाद आरोपी फरार होने की कोशिश में था, लेकिन पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। पुलिस आरोपी के खिलाफ हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई कर रही है।

इलाके में आक्रोश, न्याय की मांग

मासूम की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

FT NEWS DIGITAL विशेष

यह मामला केवल एक हत्या का नहीं, बल्कि एक सनक, अस्वीकृत रिश्ते और विकृत मानसिकता के खतरनाक परिणाम का उदाहरण बनकर सामने आया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद जांच तेज, मोबाइल उपयोग को लेकर विवाद की बात भी सामने आई

FT News Digital

रायपुर (छत्तीसगढ़)

राजधानी रायपुर के डीडी नगर थाना क्षेत्र से जुड़ा एक मामला करीब छह महीने बाद नए मोड़ पर पहुंच गया है। पहले संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की घटना अब पुलिस जांच में गंभीर रूप लेती नजर आ रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना सितंबर 2025 की बताई जा रही है, जब एक व्यक्ति की मौत के बाद मामला स्पष्ट नहीं हो पाया था। हालांकि, हाल ही में सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई चोटों के निशान मिलने के बाद जांच एजेंसियां सतर्क हो गईं और केस को नए सिरे से देखा जाने लगा।

 जांच में क्या आया सामने:

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में घरेलू स्तर पर विवाद की बात सामने आई है।

प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि मोबाइल उपयोग को लेकर परिवार के भीतर मतभेद था, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अभी सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।

साक्ष्य और कार्रवाई:

जांच एजेंसियां घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को जोड़ने में जुटी हैं। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले को तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे बढ़ाया जाएगा।

समाज के लिए चेतावनी (Highlight):

छोटे घरेलू विवाद भी बड़ा रूप ले सकते हैं

गुस्से और जल्दबाजी के फैसले खतरनाक साबित हो सकते हैं

परिवार में संवाद और समझ ही समाधान है


यह खबर पुलिस व प्रारंभिक जांच पर आधारित है। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय द्वारा की जाएगी। FT News Digital स्वतंत्र पुष्टि का दावा नहीं करता।

 

नेपाल का शातिर चोर सिद्धार्थनगर में गिरफ्तार, 5 चोरी की घटनाओं का पुलिस ने किया खुलासा

सिद्धार्थनगर।
जनपद में चोरी की बढ़ती घटनाओं के बीच शोहरतगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने पांच अलग-अलग चोरी की घटनाओं का पर्दाफाश करते हुए एक अंतरराष्ट्रीय शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी नेपाल का रहने वाला बताया जा रहा है, जो सीमावर्ती क्षेत्र में चोरी की वारदातों को अंजाम देकर पुलिस की नजरों से बचता फिर रहा था।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह और उनकी टीम ने सघन चेकिंग अभियान चलाया।
इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि चोरी की घटनाओं में शामिल एक संदिग्ध व्यक्ति थाना क्षेत्र में घूम रहा है। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और सिसवा के पास से एक संदिग्ध युवक को चोरी की मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी की पहचान गोरख धोबी पुत्र स्वर्गीय गोपाल धोबी निवासी वार्ड नंबर-02 सेवरा, थाना कृष्णानगर जिला कपिलवस्तु (नेपाल) के रूप में हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय था और कई चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी का संबंध जिले के विभिन्न थानों में दर्ज पांच चोरी के मामलों से सामने आया है। इनमें थाना शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर और ढेबरुआ में दर्ज चोरी के मुकदमे शामिल हैं।
बरामदगी के आधार पर पुलिस ने संबंधित मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में बढ़ोत्तरी करते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर आरोपी को न्यायालय भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों पर नजर रखी जा रही है और ऐसे अपराधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
महत्वपूर्ण तथ्य
गिरफ्तार आरोपी
गोरख धोबी पुत्र स्व0 गोपाल धोबी
निवासी – सेवरा, थाना कृष्णानगर
जिला – कपिलवस्तु, राष्ट्र नेपाल
अनावरण किए गए मुकदमे
मु0अ0सं0 20/2026 – थाना शोहरतगढ़
मु0अ0सं0 230/2025 – थाना सिद्धार्थनगर
मु0अ0सं0 165/2025 – थाना ढेबरुआ
मु0अ0सं0 166/2025 – थाना ढेबरुआ
मु0अ0सं0 37/2026 – थाना शोहरतगढ़
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह
उपनिरीक्षक संतोष कुमार यादव
मुख्य आरक्षी दिनेश कुमार यादव
आरक्षी प्रभाकर यादव
आरक्षी धर्मनाथ यादव

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