फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
प्रेम विवाह के डेढ़ माह बाद मौत का रहस्य! घर की खुदाई में मिला नवविवाहिता का शव, पति पर हत्या का आरोप

प्रेम विवाह के डेढ़ माह बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, हत्या का आरोप; घर की खुदाई में मिला शव


सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता की मौत का मामला सनसनी का कारण बन गया है। युवती के परिजनों ने पति और उसके परिवार पर हत्या कर शव छिपाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने घर में खुदाई के दौरान शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।

सारांश

नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला।

परिजनों ने पति व अन्य पर हत्या का आरोप लगाया।

पुलिस ने घर की खुदाई में शव बरामद किया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

📌 इनसेट

परिजनों का आरोप

मृतका के परिजनों का आरोप है कि विवाह के बाद से दंपति के बीच विवाद चल रहा था। उनका कहना है कि युवती की हत्या कर शव को घर के भीतर छिपा दिया गया। पुलिस इन आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है।


पुलिस क्या कह रही है?

पुलिस के अनुसार, परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। घर की खुदाई में शव बरामद हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने तक किसी भी आरोपी को दोषी मानना उचित नहीं होगा।

पूरी खबर

सिद्धार्थनगर। जनपद के डुमरियागंज थाना क्षेत्र में नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। मृतका के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की और घर में खुदाई कर शव बरामद किया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला गंभीर प्रतीत होने पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। परिजनों ने पति सहित कुछ अन्य लोगों पर हत्या कर शव छिपाने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

बताया जा रहा है कि मृतका का कुछ समय पहले ही विवाह हुआ था। घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है।

(नोट: यह समाचार उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी, पुलिस कार्रवाई एवं परिजनों के आरोपों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है। अंतिम तथ्य न्यायिक एवं पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।)

रिपोर्ट: विजयपाल चतुर्वेदी  FT News Digital

प्रेम विवाह के डेढ़ माह बाद मौत का रहस्य! घर की खुदाई में मिला नवविवाहिता का शव, पति पर हत्या का आरोप

प्रेम विवाह के डेढ़ माह बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, हत्या का आरोप; घर की खुदाई में मिला शव


सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता की मौत का मामला सनसनी का कारण बन गया है। युवती के परिजनों ने पति और उसके परिवार पर हत्या कर शव छिपाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने घर में खुदाई के दौरान शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।

सारांश

नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला।

परिजनों ने पति व अन्य पर हत्या का आरोप लगाया।

पुलिस ने घर की खुदाई में शव बरामद किया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

📌 इनसेट

परिजनों का आरोप

मृतका के परिजनों का आरोप है कि विवाह के बाद से दंपति के बीच विवाद चल रहा था। उनका कहना है कि युवती की हत्या कर शव को घर के भीतर छिपा दिया गया। पुलिस इन आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है।


पुलिस क्या कह रही है?

पुलिस के अनुसार, परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। घर की खुदाई में शव बरामद हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने तक किसी भी आरोपी को दोषी मानना उचित नहीं होगा।

पूरी खबर

सिद्धार्थनगर। जनपद के डुमरियागंज थाना क्षेत्र में नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। मृतका के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की और घर में खुदाई कर शव बरामद किया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला गंभीर प्रतीत होने पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। परिजनों ने पति सहित कुछ अन्य लोगों पर हत्या कर शव छिपाने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

बताया जा रहा है कि मृतका का कुछ समय पहले ही विवाह हुआ था। घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है।

(नोट: यह समाचार उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी, पुलिस कार्रवाई एवं परिजनों के आरोपों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है। अंतिम तथ्य न्यायिक एवं पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।)

रिपोर्ट: विजयपाल चतुर्वेदी  FT News Digital

मासूम आरव हत्याकांड: दोषी को फांसी, 40 दिन में आया अदालत का बड़ा फैसला

फिरोजाबाद | शिकोहाबाद


40 दिन में आया फैसला, मासूम आरव हत्याकांड में दोषी को मृत्युदंड


डेढ़ वर्षीय मासूम की हत्या के दोषी को फांसी की सजा, अदालत ने अपराध को माना ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’

सारांश

शिकोहाबाद के चर्चित आरव हत्याकांड में जिला अदालत का बड़ा फैसला।

आरोपी को दोषी ठहराते हुए सुनाई गई मृत्युदंड की सजा।

पुलिस ने छह दिन में विवेचना पूरी कर दाखिल की थी चार्जशीट।

घटना के करीब 40 दिन में आया फैसला।

मृत्युदंड पर अंतिम मुहर उच्च न्यायालय की पुष्टि के बाद ही लगेगी।

पूरी खबर

फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जनपद के बहुचर्चित आरव हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड (फांसी की सजा) सुनाई है। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर यह निर्णय सुनाया। भारतीय कानून के अनुसार इस मृत्युदंड के आदेश को प्रभावी होने से पहले संबंधित उच्च न्यायालय की पुष्टि आवश्यक होगी।

अभियोजन के अनुसार, 30 मई 2026 को शिकोहाबाद क्षेत्र में डेढ़ वर्षीय मासूम आरव की हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में आरोपी को गिरफ्तार किया गया और मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना तेजी से पूरी की गई। पुलिस ने मात्र छह दिन के भीतर न्यायालय में आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दिया।

सुनवाई के दौरान अभियोजन ने न्यायालय के समक्ष प्रत्यक्ष एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य, गवाहों के बयान तथा अन्य जांच संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए। इन साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उसे मृत्युदंड से दंडित किया। घटना के लगभग 40 दिनों के भीतर आए इस फैसले को त्वरित न्याय की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

घटना के बाद यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना रहा। पुलिस अधिकारियों ने जांच को प्राथमिकता देते हुए साक्ष्य संकलित किए और अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। अदालत के फैसले के बाद अब मामला विधि के अनुसार आगे की प्रक्रिया के लिए उच्च न्यायालय में जाएगा, जहां मृत्युदंड की पुष्टि पर विचार किया जाएगा।

प्रशासनिक पक्ष

फिरोजाबाद पुलिस के अनुसार विवेचना निर्धारित समय में पूरी कर आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों एवं सुनवाई के आधार पर निर्णय सुनाया। मामले की आगे की वैधानिक प्रक्रिया नियमानुसार जारी रहेगी।

कानूनी अस्वीकरण

यह समाचार जिला एवं सत्र न्यायालय के निर्णय तथा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध न्यायिक एवं आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। भारतीय कानून के अनुसार जिला न्यायालय द्वारा सुनाई गई मृत्युदंड की सजा उच्च न्यायालय की पुष्टि के अधीन होती है तथा दोषी को कानून के तहत उपलब्ध अपील का अधिकार प्राप्त है।

 

हाई सिक्योरिटी जेल में गैंगस्टर की हत्या से सनसनी, साथी बंदी पर आरोप; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात गैंगस्टर जगन गुर्जर की हत्या, साथी बंदी पर आरोप; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल


राजस्थान के अजमेर स्थित हाई सिक्योरिटी जेल में मंगलवार सुबह बंद गैंगस्टर जगन गुर्जर की हत्या से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उसी बैरक में बंद एक अन्य विचाराधीन बंदी पर हत्या का आरोप है। घटना के बाद पुलिस, जेल प्रशासन और फॉरेंसिक टीम ने जांच शुरू कर दी है। पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है।

अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हुई वारदात

मंगलवार (30 जून 2026) सुबह अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर जगन गुर्जर मृत अवस्था में मिला। प्रारंभिक पुलिस एवं जेल प्रशासन की जानकारी के अनुसार, घटना जेल की बैरक/सेल के भीतर हुई। बताया जा रहा है कि मृतक के साथ उसी सेल में एक अन्य विचाराधीन बंदी भी मौजूद था।

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि दोनों बंदियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद मारपीट और गला दबाने की घटना सामने आई। हालांकि, घटना के वास्तविक कारण और क्रम की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

हत्या के कारणों की जांच जारी

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों बंदियों के बीच पहले भी कहासुनी हुई थी। कुछ रिपोर्टों में व्यक्तिगत टिप्पणी को विवाद की वजह बताया गया है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएगा।

फॉरेंसिक और पोस्टमार्टम से खुलेगा राज

घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, जेल प्रशासन तथा फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और सीसीटीवी सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जेल सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के दायरे में

घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार संबंधित बैरक के कुछ सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की भी जांच की जा रही है। जेल प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की विभागीय समीक्षा शुरू कर दी है।

कौन था जगन गुर्जर

जगन गुर्जर राजस्थान का चर्चित गैंगस्टर माना जाता था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, लूट और अन्य गंभीर अपराधों सहित अनेक मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज बताए जाते हैं। सुरक्षा कारणों से उसे हाई सिक्योरिटी जेल में रखा गया था।

पुलिस का पक्ष

पुलिस अधिकारियों के अनुसार—

घटना की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है।

संबंधित बंदी से पूछताछ की जा रही है।

पोस्टमार्टम एवं फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई होगी।

अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।


अब जांच के केंद्र में ये सवाल

हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या कैसे हुई?

घटना के समय सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी?

बैरक में मौजूद बंदियों की भूमिका क्या रही?

सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों से क्या तथ्य सामने आते हैं?

पोस्टमार्टम रिपोर्ट क्या बताती है?

समाचार सारांश

अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में गैंगस्टर जगन गुर्जर की मौत।

साथी विचाराधीन बंदी पर हत्या का आरोप, जांच जारी।

पुलिस, जेल प्रशासन और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही कारणों की आधिकारिक पुष्टि होगी।

जेल की सुरक्षा व्यवस्था की भी विभागीय समीक्षा शुरू।

आरोप; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल


संपादकीय सावधानी: इस खबर में आरोपों को अंतिम सत्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। हत्या के कारण, आरोपी की भूमिका और अन्य तथ्य पुलिस जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। इसलिए यह प्रस्तुति कानूनी रूप से संतुलित और सुरक्षित शैली में तैयार की गई है।

मां ने ठुकराया रिश्ता, सनकी आशिक ने मासूम को बनाया निशाना!

34 सेकंड में आठ बार जमीन पर पटका, डेढ़ साल के मासूम की दर्दनाक मौत से दहला फिरोजाबाद

एकतरफा प्रेम, सनक और बेरहमी की खौफनाक कहानी; आरोपी गिरफ्तार

फिरोजाबाद/शिकोहाबाद। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जनपद में इंसानियत को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां डेढ़ वर्षीय मासूम की मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि एक युवक ने कथित रूप से महज अपनी सनक और एकतरफा प्रेम में मासूम बच्चे को निशाना बना लिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।


34 सेकंड की हैवानियत

बताया जा रहा है कि आरोपी ने महज 34 सेकंड के भीतर मासूम को कई बार जमीन पर पटक दिया। गंभीर चोट लगने से बच्चे की हालत बिगड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई। घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस और परिजनों के अनुसार महिला रती (परिवर्तित नाम) अपने पति से अनबन के चलते अलग रह रही थी। इसी दौरान आरोपी विराज उसके संपर्क में आया। बताया जा रहा है कि विराज महिला से शादी करना चाहता था, लेकिन महिला ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।

जांच में सामने आया कि आरोपी के मन में यह धारणा बन गई थी कि महिला अपने डेढ़ वर्षीय बेटे आरव की वजह से उससे शादी नहीं कर रही है। उसे यह भी शक था कि भविष्य में महिला और उसका पति बच्चे के कारण फिर एक हो सकते हैं। इसी सोच ने आरोपी को खतरनाक मानसिक स्थिति में पहुंचा दिया।

मासूम बना सनक का शिकार

पुलिस के अनुसार आरोपी ने कथित रूप से मासूम आरव को अकेला पाकर उस पर हमला कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देने वाले दृश्य इतने भयावह बताए जा रहे हैं कि उन्हें देखकर लोगों की रूह कांप उठी। गंभीर रूप से घायल बच्चे को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।

सीसीटीवी फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत

घटना के बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान हुई। जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर आरोपी तक पहुंचना संभव हुआ।

पुलिस ने आरोपी को दबोचा

घटना के बाद आरोपी फरार होने की कोशिश में था, लेकिन पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। पुलिस आरोपी के खिलाफ हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई कर रही है।

इलाके में आक्रोश, न्याय की मांग

मासूम की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

FT NEWS DIGITAL विशेष

यह मामला केवल एक हत्या का नहीं, बल्कि एक सनक, अस्वीकृत रिश्ते और विकृत मानसिकता के खतरनाक परिणाम का उदाहरण बनकर सामने आया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद जांच तेज, मोबाइल उपयोग को लेकर विवाद की बात भी सामने आई

FT News Digital

रायपुर (छत्तीसगढ़)

राजधानी रायपुर के डीडी नगर थाना क्षेत्र से जुड़ा एक मामला करीब छह महीने बाद नए मोड़ पर पहुंच गया है। पहले संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की घटना अब पुलिस जांच में गंभीर रूप लेती नजर आ रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना सितंबर 2025 की बताई जा रही है, जब एक व्यक्ति की मौत के बाद मामला स्पष्ट नहीं हो पाया था। हालांकि, हाल ही में सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई चोटों के निशान मिलने के बाद जांच एजेंसियां सतर्क हो गईं और केस को नए सिरे से देखा जाने लगा।

 जांच में क्या आया सामने:

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में घरेलू स्तर पर विवाद की बात सामने आई है।

प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि मोबाइल उपयोग को लेकर परिवार के भीतर मतभेद था, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अभी सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।

साक्ष्य और कार्रवाई:

जांच एजेंसियां घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को जोड़ने में जुटी हैं। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले को तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे बढ़ाया जाएगा।

समाज के लिए चेतावनी (Highlight):

छोटे घरेलू विवाद भी बड़ा रूप ले सकते हैं

गुस्से और जल्दबाजी के फैसले खतरनाक साबित हो सकते हैं

परिवार में संवाद और समझ ही समाधान है


यह खबर पुलिस व प्रारंभिक जांच पर आधारित है। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय द्वारा की जाएगी। FT News Digital स्वतंत्र पुष्टि का दावा नहीं करता।

 

नेपाल का शातिर चोर सिद्धार्थनगर में गिरफ्तार, 5 चोरी की घटनाओं का पुलिस ने किया खुलासा

सिद्धार्थनगर।
जनपद में चोरी की बढ़ती घटनाओं के बीच शोहरतगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने पांच अलग-अलग चोरी की घटनाओं का पर्दाफाश करते हुए एक अंतरराष्ट्रीय शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी नेपाल का रहने वाला बताया जा रहा है, जो सीमावर्ती क्षेत्र में चोरी की वारदातों को अंजाम देकर पुलिस की नजरों से बचता फिर रहा था।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह और उनकी टीम ने सघन चेकिंग अभियान चलाया।
इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि चोरी की घटनाओं में शामिल एक संदिग्ध व्यक्ति थाना क्षेत्र में घूम रहा है। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और सिसवा के पास से एक संदिग्ध युवक को चोरी की मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी की पहचान गोरख धोबी पुत्र स्वर्गीय गोपाल धोबी निवासी वार्ड नंबर-02 सेवरा, थाना कृष्णानगर जिला कपिलवस्तु (नेपाल) के रूप में हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय था और कई चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी का संबंध जिले के विभिन्न थानों में दर्ज पांच चोरी के मामलों से सामने आया है। इनमें थाना शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर और ढेबरुआ में दर्ज चोरी के मुकदमे शामिल हैं।
बरामदगी के आधार पर पुलिस ने संबंधित मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में बढ़ोत्तरी करते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर आरोपी को न्यायालय भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों पर नजर रखी जा रही है और ऐसे अपराधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
महत्वपूर्ण तथ्य
गिरफ्तार आरोपी
गोरख धोबी पुत्र स्व0 गोपाल धोबी
निवासी – सेवरा, थाना कृष्णानगर
जिला – कपिलवस्तु, राष्ट्र नेपाल
अनावरण किए गए मुकदमे
मु0अ0सं0 20/2026 – थाना शोहरतगढ़
मु0अ0सं0 230/2025 – थाना सिद्धार्थनगर
मु0अ0सं0 165/2025 – थाना ढेबरुआ
मु0अ0सं0 166/2025 – थाना ढेबरुआ
मु0अ0सं0 37/2026 – थाना शोहरतगढ़
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह
उपनिरीक्षक संतोष कुमार यादव
मुख्य आरक्षी दिनेश कुमार यादव
आरक्षी प्रभाकर यादव
आरक्षी धर्मनाथ यादव

सिद्धार्थनगर में शक से भड़का खून, चाकू के एक वार ने बुझा दी युवक की जिंदगी

नादेपार में शादी की खुशियों के बीच हुई सनसनीखेज वारदात, जोगिया पुलिस ने 24 घंटे में आरोपी दबोचा
Screenshot 20260312 074712
सिद्धार्थनगर।
जोगिया उदयपुर थाना क्षेत्र के नादेपार गांव में उस समय सनसनी फैल गई, जब शादी की तैयारियों के बीच एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। खुशियों का माहौल अचानक चीख-पुकार और मातम में बदल गया।
मृतक शिवम कसौधन, निवासी नादेपार, अपने परिवार के साथ गांव में रहते थे और कपड़ों का कारोबार करते थे। उनके परिवार की कपड़ों की दुकान कड़जहवां में भी बताई जाती है।IMG 20260311 WA1415

पुलिस के अनुसार इसी दौरान एक ऐसी घटना हुई जिसने आगे चलकर खौफनाक रूप ले लिया।
बताया जाता है कि प्रिंस वर्मा ने शिवम को अपने रिश्तेदार के परिवार की एक लड़की से अंधेरे में बातचीत करते देखा था। इस बात को लेकर घर में नाराजगी हुई और इसी से विवाद की शुरुआत हो गई।
सोमवार को इस बात को लेकर शिवम और प्रिंस के बीच कहासुनी भी हुई थी। हालांकि उस समय मामला शांत हो गया, लेकिन मन में बैठी नाराजगी खत्म नहीं हुई।
मंगलवार की शाम करीब 5:30 बजे शिवम अपनी कार से घर से निकल रहे थे। उसी समय प्रिंस वर्मा वहां पहुंच गया। आरोप है कि उसने पहले कार का शीशा तोड़ दिया।
जैसे ही शिवम विरोध करते हुए कार से नीचे उतरे, प्रिंस ने अचानक चाकू निकालकर उनके गले पर वार कर दिया। वार इतना गंभीर था कि शिवम लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े।
घटना के बाद आसपास के लोग घबरा गए। परिवार के लोग उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उधर घटना की सूचना मिलते ही जोगिया उदयपुर पुलिस सक्रिय हो गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर पुलिस टीम ने तेजी से जांच शुरू की।
अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी बांसी शुभेन्दु सिंह के निर्देशन और थानाध्यक्ष अभय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी प्रिंस वर्मा पुत्र बजरंगी उर्फ अशोक, निवासी सोनबरसा टोला उडवलिया थाना मिश्रौलिया को सूपाबक्शी मार्ग से गिरफ्तार किया। उसके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया आलाकत्ल चाकू भी बरामद किया गया।

Screenshot 20260310 211437
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि शक और गुस्से में उसने यह हमला किया था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय भेज दिया है।

गोरखपुर में रेजिडेंट डॉक्टर से छेड़छाड़ का आरोप

गोरखपुर (मुख्यमंत्री का गृह जनपद)
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर से एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। All India Institute of Medical Sciences, Gorakhpur में तैनात नागालैंड की एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने तीन युवकों पर छेड़छाड़, अभद्र टिप्पणी और नस्लीय उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
पीड़िता के अनुसार, रविवार 22 फरवरी की रात लगभग 8 बजे वह शहर के एक मॉल से लौट रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार तीन युवकों ने कथित रूप से करीब डेढ़ किलोमीटर तक उनका पीछा किया। आरोप है कि रास्ते भर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं और एम्स गेट नंबर-2 के पास गलत तरीके से छूने की कोशिश की गई। शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गए।
संगठन ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग
पीड़िता ने मामले की शिकायत North East Federation of All India Resident Doctors (NAFORD) से भी की है। संगठन ने इसे नस्लीय और लैंगिक उत्पीड़न का गंभीर मामला बताते हुए उच्चस्तरीय जांच और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
पुलिस की कार्रवाई
गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ के अनुसार, पीड़िता की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। सीसीटीवी फुटेज की जांच में एक संदिग्ध बाइक चिन्हित की गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमें गठित की गई हैं।
पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कानून-व्यवस्था पर सवाल
मुख्यमंत्री के गृह जनपद में इस तरह की घटना ने महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषकर स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत महिला डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन ने त्वरित और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।


FTन्यूज़ इस प्रकरण पर सतत नजर बनाए हुए है। आधिकारिक पुष्टि और पुलिस जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की जानकारी साझा की जाएगी।

मासूमों की चीखों पर न्याय की मुहर: बांदा कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

दरिंदगी से दंड तक की पूरी कहानी
बांदा… एक शांत शहर, जहां जिंदगी सामान्य रफ्तार से चलती रही। लेकिन इसी शहर के भीतर एक ऐसा काला सच पल रहा था, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया।
सिंचाई विभाग का एक निलंबित जूनियर इंजीनियर — रामभवन। बाहर से सामान्य जीवन, भीतर घिनौनी साजिश। उसके साथ उसकी पत्नी दुर्गावती। दोनों पर आरोप लगा कि उन्होंने 34 मासूम बच्चों को अपने जाल में फंसाया। भरोसे का रिश्ता बनाया… और फिर उसी भरोसे को तोड़ते हुए उनका यौन शोषण किया।
जांच में सामने आया कि बच्चों के साथ न सिर्फ शारीरिक अत्याचार हुआ, बल्कि उनकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो भी तैयार किए गए। ये सामग्री डिजिटल माध्यमों से साझा की गई। हर नई जानकारी ने केस को और भयावह बना दिया।
जांच की परतें खुलती गईं
शुरुआत एक डिजिटल सुराग से हुई। साइबर ट्रेल ने पुलिस को उन उपकरणों तक पहुंचाया, जिनमें आपत्तिजनक सामग्री संग्रहीत थी। ई-मेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों ने आरोपों को मजबूत किया।
जांच एजेंसियों ने कई जिलों में फैले नेटवर्क की कड़ियां जोड़ीं। एक तीसरे आरोपी का नाम भी सामने आया, जो दिल्ली से जुड़ा बताया गया। उसकी फाइल अदालत ने अलग कर दी है।
अदालत में फैसला
विशेष पॉक्सो अदालत के न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्रा ने 163 पन्नों के विस्तृत फैसले में इस अपराध को “जघन्यतम” करार दिया।
अदालत ने कहा:
“यह मामला समाज की आत्मा को झकझोर देने वाला है। मासूमों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है।”
कोर्ट ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ श्रेणी में रखते हुए दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई।
जमानत और फिर जेल
दुर्गावती को पहले हाईकोर्ट से जमानत मिली थी, लेकिन दोष सिद्ध होने के बाद उसे दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों अभियुक्तों को कड़ी सुरक्षा में जेल ले जाया गया।
समाज के लिए संदेश
यह फैसला सिर्फ दो दोषियों की सजा नहीं, बल्कि उन सभी के लिए चेतावनी है जो बच्चों के खिलाफ अपराध करने की सोचते हैं।
बाल सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के दुरुपयोग के इस दौर में अभिभावकों और समाज दोनों को सजग रहने की जरूरत है।

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।