फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
“नाकाबंदी में फंसे 3 अंतर्जनपदीय गोतस्कर, 2 जिंदा बछड़े व अवैध चाकू बरामद”

 

थाना नगर पुलिस व SOG की संयुक्त कार्रवाई, आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी आया सामने

बस्ती | 19 अप्रैल 2026

जनपद बस्ती में अपराध और गोतस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना नगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस और SOG टीम की संयुक्त कार्रवाई में तीन संदिग्ध गोतस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

IMG 20260419 WA1215

पुलिस के अनुसार, जनपदीय नाकाबंदी योजना के तहत बेलाड़ी चौराहे पर सघन चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली, जिसके आधार पर टीम ने घेराबंदी कर तीनों व्यक्तियों को पकड़ा। तलाशी में दो जिंदा गोवंशीय बछड़े, दो अवैध चाकू और नकदी बरामद की गई।

 क्या-क्या हुआ बरामद

02 जिंदा गोवंशीय बछड़े

02 अवैध चाकू

कुल ₹900 नकद

गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान (पुलिस के अनुसार)

पंचम (50 वर्ष), निवासी – नेऊरी गाड़ा कुसरौत, थाना नगर, बस्ती

दिलीप (35 वर्ष), निवासी – खुटहन, थाना नगर, बस्ती

मेराज (40 वर्ष), निवासी – साफियाबाद, थाना दुधारा, संतकबीर नगर

दर्ज धाराएं

पुलिस ने मामले में मु0अ0सं0 91/2026 के तहत:

उ0प्र0 गोवध निवारण संशोधन अधिनियम 2020 की धारा 3/5/8 व 5B

शस्त्र अधिनियम की धारा 4/25

के तहत मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय भेज दिया है।

आपराधिक इतिहास भी सामने आया (पुलिस का दावा)

जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल दिलीप और मेराज के खिलाफ पूर्व में भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता, हत्या के प्रयास (धारा 307) और गैंगस्टर एक्ट जैसी धाराएं शामिल बताई गई हैं।

कार्रवाई में शामिल टीम

इस कार्रवाई में थाना नगर पुलिस के साथ SOG टीम और सर्विलांस सेल के कई अधिकारी व जवान शामिल रहे, जिन्होंने त्वरित सूचना पर संयुक्त ऑपरेशन को सफल बनाया।

FT NEWS DIGITAL – धारदार निष्कर्ष (Editorial Punch)

“सटीक सूचना, तेज कार्रवाई और मजबूत नेतृत्व—बस्ती पुलिस का गोतस्करी नेटवर्क पर करारा प्रहार

प्रसव में लापरवाही का बड़ा आरोप: नवजात की दर्दनाक मौत, अस्पताल सील—डिप्टी सीएम के संज्ञान से मचा हड़कंप

कुदरहा / बस्ती | स्वास्थ्य विभाग जांच

बस्ती जिले के कुदरहा क्षेत्र में प्रसव के दौरान कथित लापरवाही से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य विभाग में हलचल मचा दी है। मामले की गूंज उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित निजी अस्पताल को सील कर दिया है।

बताया जा रहा है कि एक गर्भवती महिला को प्रसव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कुदरहा लाया गया था, जहां ड्यूटी पर तैनात स्टाफ द्वारा डिलीवरी कराई जा रही थी। इसी दौरान जटिल स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसके बाद नवजात की मृत्यु हो गई।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि प्रसव के दौरान उचित चिकित्सकीय सावधानी नहीं बरती गई, जिससे स्थिति बिगड़ गई। मामला गंभीर होने पर महिला को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां सर्जरी के माध्यम से आगे का उपचार किया गया।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू की। जांच के दौरान सीएचसी के पास संचालित एक निजी अस्पताल में भी कई अनियमितताएं पाई गईं, जिसके चलते प्रशासन ने उसे सील कर दिया।
प्राथमिक स्तर पर संबंधित स्टाफ को हटाकर अन्य स्वास्थ्य केंद्र से संबद्ध किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच और कार्रवाई:
राज्य स्तर की टीम ने पूरे मामले की जांच की
संबंधित निजी अस्पताल में नियमों के उल्लंघन के संकेत
स्टाफ की भूमिका की जांच जारी
CCTV फुटेज और दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं
 पुराने मामलों से भी उठे सवाल:
सूत्रों के अनुसार, इसी स्वास्थ्य केंद्र में पूर्व में भी प्रसव के दौरान लापरवाही के आरोप लग चुके हैं। हालांकि उन मामलों में जांच के बाद स्पष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आ सका था।
संभावित बड़ी कार्रवाई:
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


यह रिपोर्ट उपलब्ध जानकारी और स्थानीय सूत्रों पर आधारित है।


मामले की जांच जारी है, अंतिम निष्कर्ष संबंधित विभाग की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।

तलाक की खुशी में अनोखी तपस्या, 6 किलोमीटर लेटकर मंदिर पहुंचा युवक

भानपुर (बस्ती)
तलाक के बाद युवक ने निभाई मन्नत, 6 किलोमीटर दंडवत यात्रा कर पहुंचा मंदिर
भानपुर क्षेत्र में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां वैवाहिक विवाद से मुक्ति मिलने के बाद एक युवक ने अपनी मन्नत पूरी करने के लिए करीब 6 किलोमीटर की दंडवत यात्रा कर मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
जानकारी के अनुसार, सोनहा क्षेत्र के मैनिहवा गांव निवासी योगेश कुमार का विवाह वर्ष 2022 में हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद ही पति-पत्नी के संबंधों में मतभेद उत्पन्न हो गए। पारिवारिक स्तर पर सुलह के प्रयास किए गए, लेकिन बात नहीं बन सकी और मामला न्यायालय तक पहुंच गया।
बताया जाता है कि इस दौरान मानसिक तनाव से गुजर रहे युवक ने स्थानीय समय माता मंदिर में मन्नत मांगी थी कि यदि उसे वैवाहिक विवाद से कानूनी राहत मिल जाती है, तो वह अपने घर से मंदिर तक दंडवत (पेट के बल लेटकर) यात्रा करेगा।
समय बीतने के बाद न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों के बीच तलाक को मंजूरी दे दी गई। इसके बाद युवक ने अपनी प्रतिज्ञा पूरी करने का निर्णय लिया। प्रशासन से अनुमति प्राप्त करने के उपरांत उसने गांव से मंदिर तक लगभग 6 किलोमीटर की दूरी दंडवत यात्रा के माध्यम से तय की।
करीब 12 घंटे चली इस तपस्या यात्रा के दौरान रास्ते में लोगों की भीड़ जुटी रही और यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। मंदिर पहुंचकर युवक ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपनी मन्नत पूरी होने पर आभार व्यक्त किया।

यह घटना व्यक्तिगत आस्था और मान्यता से जुड़ी है। समाचार का उद्देश्य केवल जानकारी देना है, किसी भी प्रकार की मान्यता या प्रथा को बढ़ावा देना नहीं है।

“ऐसी ही जमीनी और अलग खबरों के लिए जुड़े रहें – FT News Digital के साथ”

बस्ती में छात्रा हत्याकांड: आरोपी की तलाश में पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश

बस्ती छात्रा हत्याकांड में बड़ा अपडेट, आरोपी की तलाश में पुलिस


अनीश चौधरी की एक रिपोर्ट 

 


बस्ती।
जनपद बस्ती में छात्रा की हत्या की घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है और आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार घटना के बाद पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। साथ ही इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि घटना से जुड़े सुराग मिल सकें।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित कर दी गई है। टीम संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
घटना के बाद इलाके में लोगों में आक्रोश और चिंता का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मामले का जल्द खुलासा कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

घर में घुसकर 12वीं की छात्रा की गोली मारकर हत्या, इलाके में सनसनी

बस्ती | उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां एक 12वीं कक्षा की छात्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देर रात एक युवक छात्रा के घर पहुंचा। बताया जा रहा है कि उस समय छात्रा घर के बरामदे में सो रही थी। इसी दौरान आरोपी ने अचानक उस पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले जाने की कोशिश में जुटे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना के बाद घर में हड़कंप मच गया और आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
प्रारंभिक जांच में यह मामला आपसी जान-पहचान और एकतरफा लगाव से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
फिलहाल आरोपी युवक फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।
इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच आक्रोश और भय का माहौल बना हुआ है।
संक्षेप में
बस्ती में छात्रा की गोली मारकर हत्या
देर रात घर में घुसकर वारदात को दिया अंजाम
आरोपी फरार, पुलिस कर रही तलाश
जांच में आपसी परिचय की बात सामने

भारी भरकम बजट में पुरानी पेंशन पर चुप्पी, कर्मचारियों में निराशा और रोष

केंद्र सरकार के वित्त मंत्री द्वारा संसद में प्रस्तुत वर्ष 2026–27 के लगभग 53.5 लाख करोड़ रुपये के बजट को विकासोन्मुख और व्यापक बताया जा रहा है, लेकिन कर्मचारियों के लिए सबसे संवेदनशील मुद्दा — पुरानी पेंशन योजना (OPS) — इस बजट से नदारद दिखी। इसी बात को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों में निराशा और आक्रोश का माहौल है।

यह बात राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद बस्ती मंडल के मंडल अध्यक्ष अरुण कुमार प्रजापति ने कही। उन्होंने कहा कि बजट में हर क्षेत्र के लिए प्रावधान किए गए, लेकिन कर्मचारियों के बुढ़ापे की सामाजिक सुरक्षा मानी जाने वाली पुरानी पेंशन पर न तो कोई चर्चा हुई और न ही किसी प्रकार का बजटीय संकेत मिला।

लंबे समय से चल रही है आर-पार की लड़ाई”

अरुण कुमार प्रजापति ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारी लंबे समय से पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर संघर्षरत हैं। कई चरणों में आंदोलन, ज्ञापन और प्रदर्शन के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है।

उन्होंने कहा कि अब कर्मचारी संगठनों ने इस लड़ाई को और व्यापक रूप से एकजुट होकर लड़ने का निर्णय लिया है।

सरकार से पुनर्विचार की अपील

मंडल अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से अपील की कि कर्मचारियों के भविष्य और बुढ़ापे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर गंभीरता से पुनर्विचार किया जाए और ऐतिहासिक निर्णय लिया जाए।

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।