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यशवंत हत्याकांड में तीन और महिलाएं गिरफ्तार, पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

एसओजी, सर्विलांस और वाल्टरगंज पुलिस की संयुक्त कार्रवाई*

*मृतक की चेकबुक, एटीएम, मोबाइल और बाइक बरामद*

बस्ती : वाल्टरगंज थाना क्षेत्र में सड़क किनारे मिले संविदाकर्मी यशवंत कुमार के शव के मामले में पुलिस ने तीन और महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेंद्र कुमार राय के नेतृत्व में वाल्टरगंज पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में तीनों को मंगलवार को करीब 9:58 बजे नगर थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे स्थित लोहरैया मोड़ से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए रवाना कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड में इससे पहले 12 सितंबर को दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस तरह मामले में अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रीमा (26), शीला (20) दोनों पुत्रियां स्व. श्रीपत निवासी कौड़ीकोल, थाना कप्तानगंज, बस्ती तथा गुड़िया (23) पुत्री जगन्नाथ चौधरी निवासी खड़ौवाखुर्द, थाना नगर, बस्ती के रूप में हुई है।

*मृतक की चेकबुक और एटीएम समेत सामान बरामद*

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो एंड्राइड मोबाइल फोन, मृतक यशवंत कुमार की केनरा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा की दो चेकबुक, एसबीआई का एटीएम कार्ड, मृतक की दो फोटो तथा पैशन प्रो मोटरसाइकिल संख्या UP51AN4255 बरामद की है।

*ड्यूटी से लौटने के बाद हो गया था लापता*

पुलिस के अनुसार, यशवंत कुमार उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम की निर्माण इकाई गोरखपुर में संविदा पर नौकरी करता था। आठ सितंबर को वह अपने मामा के बेटे अंकित कुमार के साथ मोटरसाइकिल से ड्यूटी गया था। शाम करीब 7:30 बजे दोनों नगर बाजार पहुंचे, जहां से अंकित अपने घर चला गया। इसके बाद यशवंत घर नहीं पहुंचा।

अगले दिन नौ सितंबर को उसकी मोटरसाइकिल दुबौलिया-बैरागल के किनारे पड़ी मिली, जबकि यशवंत का शव वाल्टरगंज थाना क्षेत्र में धमौरा के पास सड़क किनारे पड़ा मिला। परिजनों ने शव की पहचान की। इसके बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या कर शव को सड़क किनारे फेंकने और साक्ष्य छिपाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया।

विवेचना के दौरान पुलिस को आरोपियों के बारे में सुराग मिले। इसके बाद पहले दो आरोपियों की गिरफ्तारी की गई और अब तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।

पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, बस्ती में वैदिक गणित और करियर काउंसलिंग सत्र से विद्यार्थियों को मिली नई उड़ान

बस्ती (उत्तर प्रदेश), 1 अगस्त। नेशनल चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस (NCSC) एवं डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, रुधौली (जनपद बस्ती) में विद्यार्थियों के लिए वैदिक गणित एवं करियर काउंसलिंग पर एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि जागृत करना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सशक्त बनाना तथा उन्हें भविष्य के विविध करियर विकल्पों से परिचित कराना था।

यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020, नीति आयोग की नवाचार एवं कौशल-आधारित शिक्षा की परिकल्पना तथा “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य के अनुरूप विद्यार्थियों में 21वीं सदी के कौशल, तार्किक चिंतन, नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आत्मनिर्भर भारत की भावना को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश (CST-UP) तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), भारत सरकार से संबद्ध प्रख्यात गणित शिक्षाविद अनूप कुमार (अनूप सर) तथा डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन के चीफ एडवाइजर श्री अनूप कुमार उपस्थित रहे। उन्होंने वैदिक गणित की सरल, रोचक एवं वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से विद्यार्थियों को तेज मानसिक गणना, तार्किक सोच और समस्या समाधान की प्रभावी विधियाँ सिखाईं। सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कम समय में जटिल गणितीय प्रश्नों को हल करने की नई तकनीकों को आत्मसात किया।

करियर काउंसलिंग सत्र में विद्यार्थियों को विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, अनुसंधान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, सिविल सेवा, रक्षा सेवाओं तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार लक्ष्य निर्धारण, अनुशासित अध्ययन, समय प्रबंधन तथा निरंतर सीखने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही विकसित भारत 2047 के वैज्ञानिक, शिक्षक, इंजीनियर, शोधकर्ता, उद्यमी और नीति-निर्माता बनेंगे।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपनी जिज्ञासाएँ प्रस्तुत कीं, जिनका विशेषज्ञों ने सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के साथ समाधान किया। पूरे सत्र में सीखने की ऊर्जा, उत्साह और सहभागिता का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।प्राचार्या डॉ. अमिता सक्सेना ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे नवाचारपूर्ण एवं प्रेरक आयोजन विद्यार्थियों के बौद्धिक, वैज्ञानिक एवं व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, नवाचार, कौशल विकास एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

कार्यक्रम के सफल एवं सकुशल समापन पर प्राचार्या डॉ. अमिता सक्सेना ने मुख्य वक्ता अनूप कुमार (अनूप सर), कार्यक्रम समन्वयक श्री अंबिका यादव, डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन, समस्त आयोजन टीम, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पी.एम. श्री जवाहर नवोदय विद्यालय विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा, रचनात्मकता एवं नेतृत्व क्षमता को विकसित करने तथा उन्हें विकसित भारत 2047 के निर्माण में सक्रिय योगदान देने योग्य नागरिक बनाने हेतु भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का नियमित आयोजन करता रहेगा।

कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। अंत में विद्यार्थियों ने वैदिक गणित की तकनीकों को अपने दैनिक अध्ययन में अपनाने, वैज्ञानिक सोच विकसित करने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

भारी भरकम बजट में पुरानी पेंशन पर चुप्पी, कर्मचारियों में निराशा और रोष

केंद्र सरकार के वित्त मंत्री द्वारा संसद में प्रस्तुत वर्ष 2026–27 के लगभग 53.5 लाख करोड़ रुपये के बजट को विकासोन्मुख और व्यापक बताया जा रहा है, लेकिन कर्मचारियों के लिए सबसे संवेदनशील मुद्दा — पुरानी पेंशन योजना (OPS) — इस बजट से नदारद दिखी। इसी बात को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों में निराशा और आक्रोश का माहौल है।

यह बात राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद बस्ती मंडल के मंडल अध्यक्ष अरुण कुमार प्रजापति ने कही। उन्होंने कहा कि बजट में हर क्षेत्र के लिए प्रावधान किए गए, लेकिन कर्मचारियों के बुढ़ापे की सामाजिक सुरक्षा मानी जाने वाली पुरानी पेंशन पर न तो कोई चर्चा हुई और न ही किसी प्रकार का बजटीय संकेत मिला।

“लंबे समय से चल रही है आर-पार की लड़ाई”

अरुण कुमार प्रजापति ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारी लंबे समय से पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर संघर्षरत हैं। कई चरणों में आंदोलन, ज्ञापन और प्रदर्शन के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है।

उन्होंने कहा कि अब कर्मचारी संगठनों ने इस लड़ाई को और व्यापक रूप से एकजुट होकर लड़ने का निर्णय लिया है।

सरकार से पुनर्विचार की अपील

मंडल अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से अपील की कि कर्मचारियों के भविष्य और बुढ़ापे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर गंभीरता से पुनर्विचार किया जाए और ऐतिहासिक निर्णय लिया जाए।

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