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लगातार तीसरे दिन काली पट्टी बांध शिक्षकों ने किया शैक्षिक कार्य- 26 को देंगे जिलाधिकारी को ज्ञापन

सिद्धार्थनगर। टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का विरोध लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। खेसराहा विकास खंड के विभिन्न विद्यालयों में अध्यापकों ने काली पट्टी बांधकर सरकार के निर्णय के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने इसे अपने अनुभव और सेवा के साथ अन्याय बताते हुए निर्णय वापस लेने की मांग की है।

प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष इंद्रसेन सिंह ने बताया कि तीन दिनों से शिक्षक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करते हुए शांतिपूर्ण विरोध जता रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक टीईटी की अनिवार्यता समाप्त नहीं की जाती, आंदोलन जारी रहेगा।

26 फरवरी को देंगे ज्ञापन: इंद्रसेन सिंह 

उन्होंने आगे बताया कि 26 फरवरी को शिक्षक बीएससी ग्राउंड से पैदल मार्च निकालते हुए जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचेंगे और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। यदि इसके बाद भी सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा दिल्ली कूच कर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।

अनुभव के आधार पर मिले छूट: नीरज मिश्रा 

वहीं शिक्षक नीरज मिश्रा ने कहा कि वर्षों से विद्यालयों में पढ़ा रहे शिक्षकों को अनुभव के आधार पर छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों पर टीटी अनिवार्य करना उचित नहीं है। सरकार को शिक्षकों के अनुभव का सम्मान करना चाहिए।

शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और इसे प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा।