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स्वर्गीय जगन्नाथ सिंह की पुण्यतिथि पर सम्मान समारोह, मेधावी छात्र-छात्राओं को किया गया पुरस्कृत

शिक्षा और संस्कार के संगम बना विद्यालय परिसर

कुशीनगर। जनपद के टिकर अहिरौली बाजार स्थित गंगा सिंह कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय संबद्ध प्राथमिक विद्यालय में संस्थापक प्रबंधक एवं सेवानिवृत्त सहायक विकास अधिकारी स्वर्गीय श्री जगन्नाथ सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं के लिए पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, अभिभावकों, छात्र-छात्राओं एवं क्षेत्रीय गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमामयी बना दिया।

मेधावी छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित

समारोह के मुख्य अतिथि विवेक कुमार सिंह, प्रबंधक नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटर कॉलेज टिकर तथा विशिष्ट अतिथि प्रमोद कुमार सिंह, उप निरीक्षक उत्तर प्रदेश पुलिस थाना अहिरौली बाजार रहे। अतिथियों ने कक्षा में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति देकर सम्मानित किया।

अतिथियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि शिक्षा ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है और निरंतर मेहनत करने वाले छात्र भविष्य में समाज और देश का नाम रोशन करते हैं।

संस्थापक प्रबंधक को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय श्री जगन्नाथ Singh के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने उनके शिक्षा क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री अजय कुमार सिंह ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और विद्यालय के विकास में उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

विद्यालय बच्चों को आगे बढ़ाने का माध्यम बनेगा: गौतम भारद्वाज

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ अध्यापक गौतम भारद्वाज ने कहा कि स्वर्गीय श्री जगन्नाथ सिंह के सपनों और संकल्पों को पूरा करना विद्यालय परिवार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय सदैव विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का कार्य करता रहेगा और बच्चों को उनके आदर्शों एवं विचारों से प्रेरित किया जाता रहेगा।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ संस्कार और प्रेरणा भी पैदा करते हैं।

पुलिस प्रशासन और अभिभावकों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षक, अभिभावक, छात्र-छात्राएं तथा अहिरौली बाजार थाने की पुलिस टीम भी मौजूद रही। पूरे आयोजन का माहौल श्रद्धा, सम्मान और उत्साह से भरा रहा।

मुख्यमंत्री योगी के हाथों सम्मानित हुए गोरखपुर के अनुदेशक देवेंद्र लाल

लखनऊ के लोक भवन में आयोजित हुआ भव्य सम्मान समारोह

गोरखपुर। लखनऊ स्थित लोक भवन में आयोजित अंशकालिक अनुदेशक सम्मान समारोह में गोरखपुर के अनुदेशक देवेंद्र लाल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, शिक्षामंत्री संदीप सिंह हाथों सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान प्रदेश भर से आए अनुदेशकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित होने के बाद देवेंद्र लाल ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे अनुदेशकों के सम्मान और संघर्ष की बड़ी जीत बताया।

17 हजार मानदेय से मिली राहत

सम्मान समारोह के बाद देवेंद्र लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपये किया जाना सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि पहले 7 हजार रुपये मानदेय में परिवार चलाना बेहद मुश्किल होता था, लेकिन अब 8 हजार रुपये की बढ़ोतरी से अनुदेशकों को बड़ी राहत मिली है।

उन्होंने कहा,“पहले सीमित मानदेय में घर का खर्च चलाना काफी कठिन था। सरकार ने हमारी समस्याओं को समझा और मानदेय बढ़ाकर हमें सम्मान देने का काम किया है। इससे प्रदेश के हजारों अनुदेशकों में नई ऊर्जा आई है।”

नियमितीकरण की भी जताई उम्मीद

देवेंद्र लाल ने मुख्यमंत्री से उम्मीद जताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार भविष्य में अनुदेशकों को नियमित करने की दिशा में भी सकारात्मक निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि अनुदेशक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं और सरकार को उनकी सेवाओं का स्थायी समाधान करना चाहिए।

उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा,

“हमें पूरा भरोसा है कि मुख्यमंत्री जी जल्द ही हमें हमारे ही पद पर नियमित करने का कार्य भी करेंगे।”

शिक्षा विभाग और संगठन पदाधिकारियों का जताया आभार

देवेंद्र लाल ने इस अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग और संगठन के पदाधिकारियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने गोरखपुर के एडी बेसिक शिक्षा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह, प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा तथा महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया।

अनुदेशकों में दिखा उत्साह का माहौल

लोक भवन में आयोजित इस सम्मान समारोह को लेकर प्रदेश भर के अनुदेशकों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले अनुदेशकों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया गया। समारोह के बाद कई अनुदेशकों ने इसे ऐतिहासिक पहल बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

मुख्यमंत्री योगी के हाथों सम्मानित हुए गोरखपुर के अनुदेशक देवेंद्र लाल

लखनऊ के लोक भवन में आयोजित हुआ भव्य सम्मान समारोह

गोरखपुर। लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित अंशकालिक अनुदेशक सम्मान समारोह में गोरखपुर के अनुदेशक देवेंद्र लाल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान प्रदेश भर से आए अनुदेशकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित होने के बाद देवेंद्र लाल ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे अनुदेशकों के सम्मान और संघर्ष की बड़ी जीत बताया।

“17 हजार मानदेय से मिली राहत”

सम्मान समारोह के बाद देवेंद्र लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपये किया जाना सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि पहले 7 हजार रुपये मानदेय में परिवार चलाना बेहद मुश्किल होता था, लेकिन अब 8 हजार रुपये की बढ़ोतरी से अनुदेशकों को बड़ी राहत मिली है।

उन्होंने कहा,“पहले सीमित मानदेय में घर का खर्च चलाना काफी कठिन था। सरकार ने हमारी समस्याओं को समझा और मानदेय बढ़ाकर हमें सम्मान देने का काम किया है। इससे प्रदेश के हजारों अनुदेशकों में नई ऊर्जा आई है।”

नियमितीकरण की भी जताई उम्मीद

देवेंद्र लाल ने मुख्यमंत्री से उम्मीद जताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार भविष्य में अनुदेशकों को नियमित करने की दिशा में भी सकारात्मक निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि अनुदेशक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं और सरकार को उनकी सेवाओं का स्थायी समाधान करना चाहिए।

उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा,

“हमें पूरा भरोसा है कि मुख्यमंत्री जी जल्द ही हमें हमारे ही पद पर नियमित करने का कार्य भी करेंगे।”

शिक्षा विभाग और संगठन पदाधिकारियों का जताया आभार

देवेंद्र लाल ने इस अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग और संगठन के पदाधिकारियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने गोरखपुर के एडी बेसिक शिक्षा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह, प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा पार्थसारथी सेन शर्मा तथा महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया।

अनुदेशकों में दिखा उत्साह का माहौल

लोक भवन में आयोजित इस सम्मान समारोह को लेकर प्रदेश भर के अनुदेशकों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले अनुदेशकों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया गया। समारोह के बाद कई अनुदेशकों ने इसे ऐतिहासिक पहल बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

UP Board 12th Result 2026: कसीरन कॉलेज की बेटियों का जलवा, जिले के टॉप-10 में बनाई दमदार जगह

सिद्धार्थनगर। जिले में यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परिणाम 2026 ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बेटियां किसी से कम नहीं हैं। कसीरन कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड साइंसेज, सेमरा मुस्तहकम की दो होनहार छात्राओं अंशिका और आयुषी अग्रहरि ने जिले के टॉप-10 में जगह बनाकर पूरे इलाके का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।

अंशिका बनीं जिले की सेकेंड टॉपर, आयुशी ने भी मारी बाजी

अंशिका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले में दूसरा स्थान हासिल किया, उनको 91.60 प्रतिशत अंक मिला। वहीं आयुशी अग्रहरि ने आठवां स्थान पाकर अपनी मेहनत का परचम लहराया, इनको 89.80 प्रतिशत अंक प्राप्त हुआ। दोनों छात्राओं की इस उपलब्धि ने न सिर्फ स्कूल बल्कि पूरे जिले में चर्चा बटोर ली है।

स्कूल में जश्न का माहौल, फूल-मालाओं से हुआ स्वागत

रिजल्ट घोषित होते ही स्कूल परिसर में खुशी की लहर दौड़ गई। छात्राओं का जोरदार स्वागत किया गया। माला पहनाकर, मिठाइयां खिलाकर और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उन्हें सम्मानित किया गया। इस मौके पर स्कूल के सभी शिक्षक और स्टाफ मौजूद रहे।

प्रधानाचार्य का बयान: ‘हमें था पूरा भरोसा’

विद्यालय के प्रधानाचार्य कमलेश धर द्विवेदी ने खुशी जताते हुए कहा, “हमें पहले से ही विश्वास था कि हमारे छात्र इस बार भी जिले में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएंगे। अंशिका और आयुशी ने उस भरोसे को सच कर दिखाया है।”

मेहनत, अनुशासन और मार्गदर्शन बना सफलता का मंत्र

शिक्षकों ने छात्राओं की लगन और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि आने वाले छात्रों के लिए प्रेरणा बनेगी। वहीं, दोनों छात्राओं ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों और अभिभावकों को देते हुए कहा कि निरंतर मेहनत ही सफलता की असली कुंजी है।

पूरे क्षेत्र में गर्व और प्रेरणा का माहौल

कसीरन कॉलेज की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। यह सफलता न सिर्फ एक स्कूल की जीत है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश भी है कि सही दिशा और मेहनत से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।

सिद्धार्थनगर सहित पूरे यूपी के विद्यालयों में समय बदला, अब नए समय से खुलेंगे विद्यालय

उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी और लू (हीट वेव) को देखते हुए बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है, ताकि बच्चों को तेज धूप और गर्मी से बचाया जा सके।

सुबह 7.30 बजे खुलेगा स्कूल

अब प्रदेश के सभी परिषदीय (सरकारी) स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक चलेंगे।

छात्र-छात्राएं सुबह 7:30 से 12:30 बजे तक स्कूल में रहेंगे

शिक्षक और कर्मचारी 1:30 बजे तक स्कूल में मौजूद रहेंगे

प्रार्थना सभा और योग: 7:30 से 7:40 बजे तक

मध्यावकाश (लंच ब्रेक): 10:00 से 10:15 बजे तक

इस बदलाव का मकसद है कि पढ़ाई का समय सुबह की ठंडी अवधि में पूरा हो सके और बच्चों को लू से बचाया जा सके।

प्राइवेट (मान्यता प्राप्त) स्कूलों को भी इस स्थिति को देखते हुए अपने स्तर पर निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। उनकी प्रबंधन समितियां जरूरत के अनुसार समय तय कर सकती हैं।

शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

प्रदेश में तापमान लगातार बढ़ रहा है और दोपहर में लू का प्रकोप तेज हो जाता है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है।

मिठवल के चरथरी विद्यालय में गूंजा सम्मान का स्वर, सेवानिवृत्त शिक्षक वरुणेंद्र राय को दी गई भावभीनी विदाई

सिद्धार्थनगर। मिठवल विकास खंड अंतर्गत पूर्व माध्यमिक विद्यालय चरथरी में आज एक गरिमामय एवं भावनात्मक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्राथमिक विद्यालय हसवापार के सेवानिवृत्त शिक्षक वरुणेंद्र राय को उनके दीर्घकालीन शैक्षिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

शिक्षकों ने जताया गर्व और सम्मान

इस अवसर पर शिक्षक संघ अध्यक्ष रमेश मिश्रा ने कहा कि वरुणेंद्र राय का पूरा जीवन शिक्षा और संस्कारों को समर्पित रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को न केवल पढ़ाया, बल्कि उन्हें एक बेहतर नागरिक बनने की दिशा भी दिखाई।

प्रधानाचार्य धर्मेंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि ऐसे शिक्षक शिक्षा जगत की रीढ़ होते हैं, जिनकी कार्यशैली और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनते हैं।

अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित

समारोह के दौरान अतुल दुबे, राजीव कुमार, रविकांत सहित अन्य शिक्षकों ने वरुणेंद्र राय को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया। इस दौरान विद्यालय का वातावरण भावुक हो उठा और सभी ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

सेवानिवृत्त शिक्षक का भावुक संबोधन

अपने संबोधन में वरुणेंद्र राय ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा सेवा उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का प्यार और सहयोग उन्हें हमेशा याद रहेगा।

अनुदेशकों के लिए बड़ी सौगात: 17 हजार मानदेय कैबिनेट से मंजूर, विक्रम सिंह ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

लखनऊ/उत्तर प्रदेश: प्रदेश सरकार द्वारा अनुदेशकों के मानदेय को बढ़ाकर 17 हजार रुपये किए जाने के कैबिनेट फैसले के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में खुशी की लहर दौड़ गई है। लंबे समय से मानदेय वृद्धि की मांग कर रहे अनुदेशकों के लिए यह फैसला किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।

विक्रम सिंह ने जताया आभार, कहा,सरकार ने समझी हमारी पीड़ा

इस महत्वपूर्ण निर्णय पर अनुदेशक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, शिक्षामंत्री संदीप सिंह और शिक्षक विधायक श्रीचंद शर्मा का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के करीब 25 हजार अनुदेशकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा और उनके सम्मान को भी बढ़ाएगा।

“यह सिर्फ मानदेय नहीं, सम्मान की जीत” – विक्रम सिंह

विक्रम सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह सिर्फ मानदेय वृद्धि नहीं बल्कि अनुदेशकों के संघर्ष और आत्मसम्मान की जीत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज ने हमेशा शिक्षा और शिक्षकों के हितों को प्राथमिकता दी है, जिसका यह परिणाम है।

शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा मजबूती का आधार

विक्रम सिंह ने कहा कि, मानदेय में वृद्धि से अनुदेशकों का मनोबल बढ़ेगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। यह कदम प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम साबित होगा।

प्रदेशभर में जश्न का माहौल

फैसले के बाद कई जिलों में अनुदेशकों ने खुशी जताई और सरकार के प्रति आभार प्रकट किया। सोशल मीडिया पर भी इस निर्णय की सराहना हो रही है।

टीएफआई की बैठक संपन्न, 4 अप्रैल आंदोलन को लेकर बनी रणनीति

सिद्धार्थनगर। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (TFI) के तत्वावधान में टीईटी से मुक्ति की मांग को लेकर प्रस्तावित 4 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाले विशाल धरना-प्रदर्शन की तैयारियों के क्रम में बुधवार को जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिला मुख्यालय स्थित एक होटल में संपन्न हुई, जिसमें विभिन्न ब्लॉकों से आए पदाधिकारी और शिक्षक शामिल हुए।

धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने पर जोर

बैठक के दौरान आगामी धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की गई। पदाधिकारियों ने अधिक से अधिक संख्या में शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। सभी को 4 अप्रैल को दिल्ली पहुंचकर अपनी एकजुटता दिखाने का आह्वान किया गया।

एकजुटता ही समाधान का रास्ता: आनंद त्रिपाठी

पर्यवेक्षक एवं मंडलीय मंत्री आनंद कुमार त्रिपाठी (देवी पाटन मंडल) ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए एकजुटता और सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी शिक्षकों से आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।

टीईटी मुद्दे पर गरमाई चर्चा

टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने टीईटी से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि शिक्षकों ने अपनी नियुक्ति के समय निर्धारित योग्यता पूरी की थी, ऐसे में बाद में नई योग्यता लागू करना उचित नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षकों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की।

ज्यादा से ज्यादा शिक्षक दिल्ली पहुंचे: योगेंद्र पांडेय

जिला मंत्री योगेंद्र पांडेय ने कहा कि आंदोलन को सफल बनाने के लिए सभी शिक्षकों को एकजुट होकर कार्य करना होगा और बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचना होगा।

संगठन को मजबूत करने पर दिया गया जोर

जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रमेश चंद्र मिश्र और महामंत्री कलीमुल्लाह ने भी शिक्षकों से एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की।

कार्यक्रम में संगठन विस्तार के तहत राघवेंद्र तिवारी को उस्का बाजार इकाई का संगठन मंत्री तथा दुर्गेश पांडेय को मीडिया प्रभारी मनोनीत किया गया।

कैशलैस ईलाज और मानदेय बढ़ाए जाने से अनुदेशक खुश, विधायकों का किया स्वागत, मुख्यमंत्री का जताया आभार

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर 17000 रुपए प्रति माह किए जाने तथा पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान किए जाने के निर्णय से जनपद सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी की लहर है। सरकार के इस फैसले पर अनुदेशकों ने जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

इसी क्रम में अनुदेशक संघ के पदाधिकारियों ने शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा और कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही को ज्ञापन सौंपकर धन्यवाद ज्ञापित किया। अनुदेशकों ने कहा कि सरकार का यह निर्णय लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम है।

सरकार के फैसले से अनुदेशकों में उत्साह

अनुदेशकों का कहना है कि लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग की जा रही थी। ऐसे में प्रदेश सरकार द्वारा मानदेय को बढ़ाकर ₹17,000 करना उनके लिए बड़ी राहत है। इसके साथ ही पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने से अब अनुदेशकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा भी मिलेगी।

अनुदेशकों ने बताया कि इस निर्णय से प्रदेश के करीब 25 हजार अनुदेशकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम अनुदेशकों के मनोबल को बढ़ाने वाला है और इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

विधायकों को सौंपा ज्ञापन

सरकार के इस फैसले के बाद अनुदेशकों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर आभार व्यक्त किया। इस दौरान अनुदेशकों ने शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा तथा कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही का स्वागत किया और उनके माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद ज्ञापित किया।

अनुदेशकों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रयासों और सरकार की सकारात्मक सोच के कारण ही यह फैसला संभव हो सका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी सरकार अनुदेशकों की अन्य समस्याओं के समाधान के लिए इसी तरह सकारात्मक कदम उठाएगी।

इस अवसर पर परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन, सिद्धार्थनगर के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुदेशकों की समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए यह सराहनीय निर्णय लिया है। इससे हजारों अनुदेशकों और उनके परिवारों को आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला अनुदेशकों के लिए सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक है। इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और अनुदेशक और अधिक समर्पण के साथ बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने में योगदान देंगे।

ये अनुदेशक रहे मौजूद

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अनिल पांडेय,अनुदेशक रामानंद उपाध्याय, लवकुश चौधरी, सत्य मृत्युंजयधर, सत्यपाल सिंह, कैलाश नाथ, देवेंद्र चौधरी, शरद, दिलीप कुमार सहित अन्य कई अनुदेशक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और इस निर्णय को ऐतिहासिक बताया।

मानदेय बढ़ाए जाने और कैशलेश ईलाज देने पर अनुदेशकों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार, विधायक जय प्रताप सिंह का किया स्वागत

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर 17000 रुपए प्रति माह किए जाने और पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा देने के फैसले से जनपद सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी का माहौल है। सरकार के इस निर्णय को अनुदेशकों ने राहत भरा कदम बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। इसी क्रम में अनुदेशक संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बांसी विधायक जय प्रताप सिंह का स्वागत कर धन्यवाद ज्ञापित किया।

अनुदेशकों ने जताई खुशी, सरकार के फैसले को बताया ऐतिहासिक

अनुदेशकों का कहना है कि लंबे समय से मानदेय बढ़ाए जाने की मांग की जा रही थी। ऐसे में सरकार द्वारा मानदेय को बढ़ाकर 17000 रुपए करना अनुदेशकों के लिए बड़ी राहत है। इसके साथ ही पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने से अब अनुदेशकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा भी मिल सकेगी।

अनुदेशकों ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के करीब 25 हजार अनुदेशकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अनुदेशकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और सरकार का यह कदम उनके मनोबल को बढ़ाने वाला है।

विधायक जय प्रताप सिंह का किया गया स्वागत

सरकार के इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए अनुदेशक संघ के पदाधिकारियों ने बांसी विधायक जय प्रताप सिंह का स्वागत किया और उनके माध्यम से प्रदेश सरकार तथा मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। अनुदेशकों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रयासों और सरकार की सकारात्मक सोच के कारण ही यह फैसला संभव हो पाया है।

आर्थिक और सामाजिक लाभ होगा

इस अवसर पर परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन, सिद्धार्थनगर के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुदेशकों की समस्याओं को समझते हुए यह सराहनीय निर्णय लिया है। इससे हजारों अनुदेशकों और उनके परिवारों को आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम अनुदेशकों के लिए सम्मान और प्रोत्साहन का प्रतीक है। इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और अनुदेशक पहले से अधिक उत्साह के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

ये अनुदेशक रहे मौजूद

इस दौरान अनुदेशक सीमा निषाद, रामानंद उपाध्याय, लवकुश चौधरी, सत्य मृत्युंजयधर, सत्यपाल सिंह, दिलीप, कैलाश नाथ, देवेंद्र चौधरी, शरद सहित कई अन्य अनुदेशक उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के इस निर्णय से अनुदेशकों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

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