*जनपद में शुरू हुआ एचपीवी टीकाककरण अभियान*
रायबरेली महिलाओं में होने वाले गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) की रोकथाम के उद्देश्य से 14 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं के लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ शनिवार को जिला महिला चिकित्सालय स्थित प्रसव पश्चात केंद्र में हुआ।अभियान का उद्घाटन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा ने किया। पहले दिन कुल सात किशोरियों को एचपीवी टीका लगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है और टीकाकरण से इसका प्रभावी बचाव संभव है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों का एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं, ताकि भविष्य में उन्हें इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके। सभी किशोरियों को गार्डसिल की सिंगल डोज वैक्सीन दी जाएगी। शासन की ओर से जिले को गार्डसिल वैक्सीन उपलब्ध कराई गई है।अभियान के तहत उन किशोरियों को पात्र माना जाएगा जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन मना लिया हो, लेकिन 15 वर्ष की आयु पूरी नहीं की हो तथा जो किशोरियाँ अभियान शुरू होने की तिथि से 90 दिनों के भीतर 15 वर्ष की होने वाली हैं वह भी तीन माह के गहन एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत पात्र होंगी। अभियान का लक्ष्य जिले की लगभग 36 हज़ार किशोरियों का टीकाकरण करना है।
जिला प्रशिक्षण अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि एचपीवी टीका उन सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर लगेगा जहां कोल्ड चेन प्वाइंट की सुविधा है | जिले में महिला अस्पताल स्थित पीपीसी सेंटर सहित सभी 19 सीएचसी पर लगेगा।
प्रारंभिक तीन माह तक यह अभियान सप्ताह के सभी कार्यदिवसों में प्रातः 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित होगा। इसके बाद यह नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक बुधवार और शनिवार को आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि टीकाकरण पूर्णतः स्वैच्छिक है तथा इसके लिए माता-पिता या अभिभावक की सहमति अनिवार्य होगी। अभिभावक यू-विन पोर्टल पर स्वयं पंजीकरण कर डिजिटल सहमति दे सकते हैं। इंटरनेट उपलब्ध न होने की स्थिति में लिखित सहमति ली जाएगी, जिसे बाद में पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। आयु सत्यापन के लिए पहचान पत्र आवश्यक होगा तथा टीकाकरण प्रमाणपत्र भी यू-विन पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा। टीका खाली पेट नहीं लगाया जाएगा और इसे एएनएम, स्टाफ नर्स या लेडी हेल्थ विजिटर (एलएचवी) द्वारा लगाया जाएगा। अभियान में शिक्षा एवं आईसीडीएस विभाग का भी समन्वय रहेगा।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी डी.एस. अस्थाना ने बताया कि एच.पी.वी. टीका पूरी तरह सुरक्षित है। टीकाकरण के बाद यदि बुखार, सिरदर्द, मतली या चक्कर जैसे सामान्य लक्षण दिखाई दें तो पैरासिटामॉल की एक गोली दी जा सकती है और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पिलाना चाहिए। इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, सूजन या लालिमा होने पर बर्फ से सिकाई करना लाभकारी रहेगा। अभी तक किसी भी किशोरी में टीके के प्रतिकूल प्रभाव नहीं दिखाई दिए हैं।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. निर्मला साहू, अर्बन नोडल अधिकारी डा राकेश यादव,प्रभारी सी डी पी ओ संध्या श्रीवास्तव, अर्बन कोआर्डिनेटर विनय पांडे, अंकित मौर्या, जिला समन्वयक गावी यूनिसेफ वन्दना त्रिपाठी , वैक्सीन कोल्ड चेन मैनेजर दीपक शुक्ला , तारावती, नीतू पाल, अमिता सिंह,लाभार्थीऔर उनके अभिभावक आदि उपस्थित रहे।
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