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गोंडा में दर्दनाक प्रेम कहानी का अंत: साथ जीने की चाह अधूरी, मौत ने जोड़ दी टूटी डोर

एक ही दिन, दो अलग जगह… प्रेमिका ट्रेन से कटी, प्रेमी पेड़ से लटका मिला — जांच में जुटी पुलिस


उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में सामने आई यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक अधूरी प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत बन गई।
बताया जा रहा है कि यह कहानी दो ऐसे युवाओं की है, जो एक-दूसरे के साथ जीवन बिताना चाहते थे, लेकिन परिस्थितियां शायद उनके साथ नहीं थीं। गांव और समाज के बीच पनपी यह मोहब्बत धीरे-धीरे दबाव और असमंजस के घेरे में आ गई।


स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। मुलाकातें कम थीं, लेकिन भावनाएं गहरी बताई जा रही हैं।
परिवारों की असहमति, सामाजिक बंधन और भविष्य की अनिश्चितता ने कथित तौर पर इस रिश्ते को मुश्किल मोड़ पर ला खड़ा किया।
बताया जाता है कि हाल के दिनों में दोनों के बीच बातचीत बढ़ी थी — जैसे कोई बड़ा फैसला लिया जा रहा हो। लेकिन उस फैसले का अंजाम इतना भयावह होगा, इसका अंदाजा शायद किसी को नहीं था।
घटना का दिन 
17 मार्च 2026 के मध्य
सुबह का वक्त…
रेलवे ट्रैक के पास लोगों की भीड़ जमा होती है। एक युवती का शव मिलने की खबर फैलती है। प्रथम दृष्टया यह आशंका जताई जाती है कि उसने ट्रेन के सामने आकर अपनी जान दे दी।
इसी बीच, कुछ ही समय बाद, गांव से कुछ दूरी पर एक पेड़ से लटका युवक का शव मिलने की सूचना मिलती है।
दोनों घटनाओं के बीच संबंध जुड़ते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल जाती है।
पुलिस जांच
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार:
“प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन अभी जांच जारी है। प्रेम प्रसंग, पारिवारिक विवाद सहित सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।”
मोबाइल कॉल डिटेल्स, आपसी संपर्क और घटना से पहले की परिस्थितियों को भी खंगाला जा रहा है, ताकि सच्चाई स्पष्ट हो सके।
सामाजिक और मानवीय पहलू
यह घटना कई सवाल छोड़ जाती है —
क्या संवाद की कमी ने दो जिंदगियों को खत्म कर दिया?
क्या सामाजिक दबाव इतना भारी पड़ गया कि जिंदगी छोटी लगने लगी?
विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे मामलों में समय रहते संवाद, सहमति और मानसिक सहयोग बेहद जरूरी है।

रिश्तों को रौंदने वाले बेटे को उम्रकैद

DNA बना सबसे बड़ा गवाह, बरेली कोर्ट का सख्त संदेश
बरेली | 16 मार्च (संवाददाता)
रिश्तों को शर्मसार कर देने वाले एक बेहद संवेदनशील मामले में बरेली की अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी पुत्र को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि ऐसे गंभीर अपराधों में किसी भी प्रकार की नरमी न्याय के मूल सिद्धांतों के विपरीत है।
क्या है पूरा मामला
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामला भमोरा थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां एक युवक पर अपनी ही माता के साथ गंभीर आपराधिक कृत्य करने का आरोप लगाया गया था।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि घटना के समय आरोपी के नशे में होने तथा पीड़िता को धमकाने जैसे आरोप भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
नोट: आरोपों की पुष्टि न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर की गई है।
गवाह पलटे, लेकिन विज्ञान बना आधार
सुनवाई के दौरान कुछ गवाह अपने पहले दिए गए बयानों से मुकर गए, जिससे मामला जटिल होता नजर आया।
लेकिन जांच में सामने आई DNA रिपोर्ट को अदालत ने निर्णायक साक्ष्य मानते हुए कहा कि:
“वैज्ञानिक साक्ष्य परिस्थितियों में सच्चाई स्थापित करने में सक्षम होते हैं।”
अदालत का फैसला
अपर सत्र न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए:
आजीवन कठोर कारावास
✔ ₹22,000 का अर्थदंड
की सजा सुनाई।
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि अर्थदंड में से ₹20,000 पीड़िता को प्रदान किए जाएं।
अदालत की सख्त टिप्पणी
फैसले में न्यायालय ने कहा कि:
पारिवारिक संबंध किसी अपराध को कम नहीं करते
गवाहों के बदलते बयान के बावजूद न्याय साक्ष्यों पर आधारित होता है
समाज के लिए बड़ा संदेश
यह फैसला कई स्तर पर एक स्पष्ट संदेश देता है:
कानून के सामने कोई भी अपराधी नहीं बच सकता
वैज्ञानिक जांच (DNA) न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाती है
संवेदनशील मामलों में अदालत का रुख सख्त रहेगा


मामला: भमोरा थाना क्षेत्र, बरेली
निर्णय: 16 मार्च 2026
सजा: उम्रकैद + ₹22,000 जुर्माना
मुख्य आधार: DNA साक्ष्य

भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय मंत्री चित्रा देवी ने मनोनीत पार्षदों को दी बधाई

गोरखपुर 17 मार्च। भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय मंत्री चित्रा देवी ने उत्तर प्रदेश शासन नगर विकास से नामित/नव नियुक्त गोरखपुर नगर निगम के कुल 10 मनोनीत पार्षद आदरणीय रितेश सिंह , दुर्गेश बजाज , अष्टभुजा श्रीवास्तव , संजय कुमार वैश्य , आलोक सिंह विशेन , वीर सिंह सोनकर , शिवम पांडेय , अरविंद निषाद , चंदन आर्या , ममता जायसवाल को हृदय की गहराईयों से हार्दिक बधाई दी हैं।

उन्होंने कहा कि मनोनीत कर सरकार ने कर्मठ कार्यकर्ताओं का सम्मान किया है । उत्तर प्रदेश सरकार के निर्णय की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए आभार जताया है ।

 

बकाया मानदेय को लेकर रोजगार सेवकों ने घेरा विकास भवन

सिद्धार्थनगर। जनपद के मनरेगा मजदूरों की बकाया मजदूरी एवं ग्राम रोजगार सेवकों सहित अन्य कर्मियों के लंबित मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर आज़ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद के नेतृत्व में विकास भवन का घेराव कर प्रदर्शन किया । मुख्य विकास अधिकारी को संबोधित ज्ञापन जिला विकास अधिकारी को सौंपा जिसमें उनसे मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी एवं एवं ग्राम रोजगार सेवकों सहित अन्य संविदा कर्मियों के बकाया भुगतान की मांग की गई है।

ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि मनरेगा के अंतर्गत कार्य करने वाले मजदूरों की मजदूरी लंबे समय से लंबित है, जिससे गरीब परिवारों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही संविदा कर्मियों को भी कई महीनों से मानदेय नहीं मिलने के कारण उनकी स्थिति दयनीय हो गई है।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद ने कहा कि मनरेगा मजदूरों का हक मारना गरीबों के साथ अन्याय है। सरकार और प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेते हुए मजदूरों की बकाया मजदूरी का भुगतान एवं ग्राम रोजगार सेवकों का बकाया मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए। यकांग्रेस पार्टी गरीबों के हक की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ती रहेगी।

 

जिला उपाध्यक्ष कृष्ण बहादुर सिंह, सादिक अहमद, रंजना मिश्रा एवं सतीश चन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि यदि मजदूरों और कर्मचारियों का भुगतान समय से नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को और तेज करेगी। प्रशासन को 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए, अन्यथा कांग्रेस पार्टी के लोग सड़कों पर उतर कर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

 

इस दौरान रियाज़ मनिहार, राजन श्रीवास्तव, ओमप्रकाश दूबे, सुदामा प्रसाद, रितेश त्रिपाठी, डॉ प्रमोद कुमार, होरी लाल श्रीवास्तव, मुकेश कुमार चौबे, संतोष त्रिपाठी, रिजवान, ज़ुबैर खान, शौकत अली, रुखमीना साहनी, पन्ना लाल साहनी, श्याम नारायन विज्ञानी बाबा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

 

बकाया मानदेय को लेकर रोजगार सेवकों ने घेरा विकास भवन

सिद्धार्थनगर। जनपद के मनरेगा मजदूरों की बकाया मजदूरी एवं ग्राम रोजगार सेवकों सहित अन्य कर्मियों के लंबित मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर आज़ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद के नेतृत्व में विकास भवन का घेराव कर प्रदर्शन किया । मुख्य विकास अधिकारी को संबोधित ज्ञापन जिला विकास अधिकारी को सौंपा जिसमें उनसे मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी एवं एवं ग्राम रोजगार सेवकों सहित अन्य संविदा कर्मियों के बकाया भुगतान की मांग की गई है।

ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि मनरेगा के अंतर्गत कार्य करने वाले मजदूरों की मजदूरी लंबे समय से लंबित है, जिससे गरीब परिवारों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही संविदा कर्मियों को भी कई महीनों से मानदेय नहीं मिलने के कारण उनकी स्थिति दयनीय हो गई है।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद ने कहा कि मनरेगा मजदूरों का हक मारना गरीबों के साथ अन्याय है। सरकार और प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेते हुए मजदूरों की बकाया मजदूरी का भुगतान एवं ग्राम रोजगार सेवकों का बकाया मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए। यकांग्रेस पार्टी गरीबों के हक की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ती रहेगी।

 

जिला उपाध्यक्ष कृष्ण बहादुर सिंह, सादिक अहमद, रंजना मिश्रा एवं सतीश चन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि यदि मजदूरों और कर्मचारियों का भुगतान समय से नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को और तेज करेगी। प्रशासन को 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए, अन्यथा कांग्रेस पार्टी के लोग सड़कों पर उतर कर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

 

इस दौरान रियाज़ मनिहार, राजन श्रीवास्तव, ओमप्रकाश दूबे, सुदामा प्रसाद, रितेश त्रिपाठी, डॉ प्रमोद कुमार, होरी लाल श्रीवास्तव, मुकेश कुमार चौबे, संतोष त्रिपाठी, रिजवान, ज़ुबैर खान, शौकत अली, रुखमीना साहनी, पन्ना लाल साहनी, श्याम नारायन विज्ञानी बाबा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

 

सुबह की सैर बनी मौत! गोरखपुर में पूर्व पार्षद प्रतिनिधि की हत्या से सनसनी

घेरकर किया हमला, गोली और धारदार हथियार से वार — इलाके में तनाव, जांच तेज
गोरखपुर | संवाददाता धनेश कुमार

गोरखपुर जिले के चिलुवाताल थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां टहलने निकले पूर्व पार्षद प्रतिनिधि राजकुमार चौहान की हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल बन गया।
🧾 क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजकुमार चौहान सुबह करीब 5 बजे घर से टहलने के लिए निकले थे। इसी दौरान घर से कुछ दूरी पर कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन्हें घेर लिया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हमलावरों ने पहले गोली चलाई और फिर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला किया। बताया जा रहा है कि हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए।
अस्पताल में मौत की पुष्टि
घायल अवस्था में परिजन उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इलाके में तनाव, सड़क जाम
घटना की खबर फैलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने बरगदवा चौराहे पर गोरखपुर–सोनौली मार्ग को जाम कर दिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर और हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया तथा यातायात बहाल कराया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और सभी पहलुओं पर जांच जारी है।
हालांकि, हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
जांच जारी, कई एंगल पर काम
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।


यह घटना एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, वहीं पुलिस के सामने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करना बड़ी चुनौती बन गया है।

100 साल की विरासत LIVE! लखनऊ जंक्शन बना इतिहास का जादुई संग्रहालय

स्कूली बच्चों ने देखा रेलवे का सुनहरा सफर, 102 साल पुराना इंजन ‘ऐरावत’ बना आकर्षण का केंद्र
लखनऊ, 17 मार्च 2026
उत्तर पूर्वी रेलवे, लखनऊ मंडल द्वारा लखनऊ जंक्शन के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित भव्य हेरिटेज प्रदर्शनी ने आज इतिहास को जीवंत कर दिया। मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने स्कूली बच्चों को भारतीय रेल के गौरवशाली अतीत से रूबरू कराया।
इस प्रदर्शनी में
सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (राजेंद्र नगर) के 78 छात्र-शिक्षक
बाल विद्या मंदिर (चारबाग) के 75 छात्र
सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल (गोयल कैंपस) के 40 छात्र
ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


सबसे बड़ा आकर्षण बना 102 साल पुराना इंजन ‘ऐरावत’
साल 1924 में इंग्लैंड में बना यह ऐतिहासिक स्टीम इंजन कभी महाराजगंज ट्रामवे लाइन पर चलता था। ‘छोटी लाइन’ के इस इंजन ने बच्चों को भाप इंजन के सुनहरे दौर की याद दिला दी।
बच्चों के लिए सीख और रोमांच दोनों
🔹 ब्रेल मैप ने दिव्यांग यात्रियों के लिए रेलवे की संवेदनशीलता दिखाई
🔹 चलती हुई टॉय ट्रेन और ‘हॉगवर्ट्स एक्सप्रेस’ थीम ने बच्चों को किया रोमांचित
पुराने टिकट, मशीनें, सिग्नल सिस्टम और यूनिफॉर्म ने दिखाया रेलवे का बदलता स्वरूप


आरपीएफ कांस्टेबल श्वेता ने बच्चों को पुराने उपकरणों और रेलवे सिस्टम की जानकारी दी।
सुरक्षा और तकनीक का शानदार प्रदर्शन
सिग्नल एवं टेलीकॉम विभाग ने बताया कि कैसे


👉 पहले मैनुअल सिस्टम से ट्रेनें चलती थीं
👉 और आज इलेक्ट्रॉनिक व कंप्यूटराइज्ड तकनीक ने सुरक्षा और गति दोनों बढ़ा दी हैं


माइकल’ बना बच्चों का फेवरेट
आरपीएफ के स्निफर डॉग माइकल के साथ बच्चों ने सेल्फी ली और सुरक्षा व्यवस्था को करीब से समझा।


महिला कर्मचारियों के लिए भी खास आयोजन
डिवीजन ऑफिस की महिला कर्मचारियों को भी प्रदर्शनी का विशेष भ्रमण कराया गया, जिससे उन्होंने लखनऊ जंक्शन के 100 साल के गौरवशाली सफर को जाना।


यह प्रदर्शनी सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय रेलवे की ताकत, तकनीक और विरासत से जोड़ने का सशक्त प्रयास साबित हुई।

“मेहदावल में प्रसव के दौरान उठे सवाल, परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप”

संत कबीर नगर जिले के मेहदावल क्षेत्र में एक निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
बेलहर कला निवासी एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उनकी गर्भवती पत्नी का समय से पहले ऑपरेशन किया गया…
और पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधा के अभाव में नवजात की मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रसूता को पेट में दर्द होने पर परिजन मेहदावल स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे।
परिजनों का आरोप है कि वहां मौजूद डॉक्टर द्वारा सामान्य डिलीवरी संभव न होने की बात कही गई और तत्काल ऑपरेशन की सलाह दी गई।
परिवार का कहना है कि डॉक्टर की चेतावनी से घबराकर उन्होंने ऑपरेशन की अनुमति दे दी…
जिसके बाद बच्चे का जन्म हुआ, लेकिन कुछ ही समय बाद उसकी हालत गंभीर बताई गई और उसे रेफर कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि नवजात को पहले खलीलाबाद और फिर गोरखपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया…
जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रसव की संभावित तिथि आगे की थी…
ऐसे में समय से पहले ऑपरेशन और अस्पताल में पर्याप्त आपातकालीन सुविधाओं की कमी इस घटना का कारण हो सकती है।
हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासनिक एंगल (सुरक्षित लाइन)
फिलहाल मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जांच की बात कही जा रही है…
जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।

सिद्धार्थनगर में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की कार्यकारिणी का विस्तार

सिद्धार्थनगर | संवाददाता
जनपद सिद्धार्थनगर के विकास भवन स्थित डीपीआरसी सभागार में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश (जनपद शाखा सिद्धार्थनगर) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें परिषद की जनपदीय कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए कई कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
बैठक की अध्यक्षता परिषद के जिलाध्यक्ष अनिल सिंह ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन परिषद के कोषाध्यक्ष महेश्वर पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से जुड़े कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
बैठक के दौरान संगठन को मजबूत बनाने तथा कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को शासन और प्रशासन तक पहुंचाने के लिए संगठन की मजबूती बेहद जरूरी है।
कार्यकारिणी विस्तार के अंतर्गत कई पदों पर नई जिम्मेदारियां दी गईं।
अवधेश यादव को सह संरक्षक, प्रदीप सिंह को कार्यवाहक वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा राम सागर को कार्यवाहक मंत्री बनाया गया।
इसके अलावा शोभनाथ, दिलीप पासवान, रुद्र प्रकाश शाही, विवेक तिवारी और रमेश सिंह को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।
वहीं महेन्द्र सहानी को सह प्रवक्ता तथा राधेश्याम भारती को संप्रेक्षक बनाया गया।
इसी क्रम में सुशील अम्बेडकर को सह संप्रेक्षक, जबकि विनय सिंह, अशोक मिश्र, दिलीप कुमार और मूलचंद्र को संगठन मंत्री की जिम्मेदारी दी गई।
साथ ही मनीष त्रिपाठी, अरुण यादव, गौरव सिंह और सौरभ श्रीवास्तव को संयुक्त मंत्री बनाया गया।
जबकि श्रीमती दुर्गावती को प्रचार मंत्री, श्रीमती मीरा शुक्ला को सह प्रचार मंत्री और जय शंकर त्रिपाठी को सह मीडिया प्रभारी का दायित्व सौंपा गया।
बैठक में लेखपाल संघ, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ, कोषागार कर्मचारी संघ, लोक निर्माण विभाग, ग्राम पंचायत राज सफाई कर्मचारी संघ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
गौरतलब है कि परिषद के बैनर में शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी और सदर विधायक श्यामधनी राही का नाम मुख्य अतिथि के रूप में अंकित था, हालांकि कार्यक्रम में दोनों जनप्रतिनिधि उपस्थित नहीं हो सके।
बैठक के अंत में परिषद के जिलाध्यक्ष अनिल सिंह ने सभी पदाधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए संगठन को मजबूत बनाने के लिए मिलकर कार्य करने की अपील की।

मानदेय अटका, संसाधन भी नदारद… सिद्धार्थनगर में पंचायत सहायकों की उठी मजबूत आवाज”

उसका बाजार विकास खंड में पंचायत सहायकों ने BDO को सौंपा ज्ञापन, लंबित भुगतान और तकनीकी संसाधनों की मांग

सिद्धार्थनगर | संवाददाता
जनपद सिद्धार्थनगर के विकास खंड उसका बाजार में रविवार को पंचायत सहायकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया। पंचायत सहायकों ने एकत्र होकर खंड विकास अधिकारी (BDO) को ज्ञापन सौंपा और लंबित मानदेय सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं के समाधान की मांग उठाई।


पंचायत सहायकों का कहना है कि कई महीनों से मानदेय लंबित चल रहा है, जिसके कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि नियमित भुगतान न होने से दैनिक जीवन और पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाना भी कठिन हो गया है।
ज्ञापन के माध्यम से पंचायत सहायकों ने यह भी अवगत कराया कि शासन की विभिन्न योजनाओं और पोर्टलों पर कार्य करने के लिए सहज (Sahaj) ID रिन्यूअल आवश्यक है, लेकिन इसके लिए आवश्यक धनराशि ग्राम पंचायत स्तर से उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसके चलते कई ऑनलाइन कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को मिलने वाली सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।
पंचायत सहायकों ने यह भी बताया कि वर्तमान में अधिकांश विभागीय कार्य मोबाइल आधारित एप और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित होते हैं, लेकिन उन्हें निजी मोबाइल और व्यक्तिगत इंटरनेट डेटा का उपयोग करना पड़ रहा है। ऐसे में उन्होंने मांग की कि सरकारी कार्यों के सुचारू संचालन के लिए उच्च गुणवत्ता वाले स्मार्टफोन या टैबलेट उपलब्ध कराए जाएं।


साथ ही पंचायत सहायकों ने यह भी मांग उठाई कि तकनीकी बाधाओं और कमजोर नेटवर्क के कारण होने वाली समस्याओं के आधार पर किसी भी पंचायत सहायक का मानदेय न रोका जाए, क्योंकि कई ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की स्थिति अभी भी संतोषजनक नहीं है।
पंचायत सहायकों ने प्रशासन से आग्रह किया कि
लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए
सहज ID रिन्यूअल और मोबाइल रिचार्ज से संबंधित धनराशि उपलब्ध कराई जाए
विभागीय कार्यों के लिए आवश्यक तकनीकी संसाधन मुहैया कराए जाएं
ताकि ग्राम पंचायत स्तर पर चलने वाले कार्य बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से संचालित हो सकें।
इस दौरान पंचायत सहायकों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करेगा और शीघ्र ही समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


“सिद्धार्थनगर में पंचायत सहायकों की आवाज बुलंद
मानदेय और संसाधनों को लेकर BDO को सौंपा ज्ञापन”


मानदेय नहीं… संसाधन नहीं
तो कैसे चलेगा पंचायत का काम?”
सिद्धार्थनगर में पंचायत सहायकों की आवाज बुलंद


 

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