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99 वर्षीय राजेश्वर सिंह लापता, 24 घंटे से अधिक समय बाद भी नहीं मिला सुराग; परिजनों ने जनता से मांगी मदद

महराजगंज के महादेवा गांव से गायब हुए वृद्ध, क्षेत्र में बढ़ी चिंता

महराजगंज। जिले के बृजमनगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत महादेवा गांव से 99 वर्षीय वृद्ध राजेश्वर सिंह के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। 29 मई 2026 की दोपहर घर से निकले राजेश्वर सिंह का 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई पता नहीं चल सका है। परिजन लगातार उनकी तलाश में जुटे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।

घर से निकले और फिर अचानक हो गए गायब

परिजनों के अनुसार राजेश्वर सिंह शुक्रवार दोपहर अपने घर से निकले थे। काफी समय तक वापस न लौटने पर परिवार के लोगों ने उनकी खोजबीन शुरू की। पहले गांव और आसपास के क्षेत्रों में तलाश की गई, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो रिश्तेदारों और परिचितों को भी सूचना दी गई।

गांव के लोगों ने भी अपने स्तर पर खोजबीन की, लेकिन वृद्ध का कोई सुराग नहीं लग सका। इस घटना के बाद पूरे इलाके में चिंता और बेचैनी का माहौल है।

हर संभव जगह तलाश जारी, लेकिन हाथ खाली

राजेश्वर सिंह के भतीजे अंगद सिंह ने बताया कि परिवार लगातार उनकी तलाश कर रहा है। आसपास के गांवों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और संभावित स्थानों पर खोजबीन की जा रही है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों से मदद की अपील की जा रही है, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है।

उन्होंने कहा कि वृद्ध की उम्र अधिक होने के कारण परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

जनता से मदद की अपील, सूचना देने वालों से संपर्क करने का अनुरोध

परिजनों ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को राजेश्वर सिंह कहीं दिखाई दें या उनके संबंध में कोई भी जानकारी मिले तो तत्काल निम्न नंबरों पर संपर्क करें—

📞 9451562408

📞 9035477148

📞 9450045959

📞 9651003775

परिवार ने लोगों से इस सूचना को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की है ताकि लापता वृद्ध को सुरक्षित खोजा जा सके।

गोरखपुर में स्टाफ नर्स ने मकान मालिक पर लगाया बिजली चोरी और मानसिक उत्पीड़न का आरोप

गोरखपुर। बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में संविदा स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत रेखा चौधरी ने अपने मकान मालिक पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। मामला शहर के खजांची चौराहा स्थित फातिमा रोड के पास राज कॉलोनी का बताया जा रहा है।

प्रार्थिनी रेखा चौधरी के अनुसार वह 30 नवंबर 2025 को कृष्ण सिंह के मकान में किराए पर रहने आई थीं। उन्होंने बताया कि नौकरी के दौरान बीच-बीच में गांव जाने के कारण वह कमरे में सीमित समय ही रह सकीं। बावजूद इसके उनके बिजली मीटर में 570 यूनिट खपत दिखाई गई, जिसका भुगतान मकान मालिक उनसे ही कराने का दबाव बना रहे हैं।

रेखा चौधरी का आरोप है कि उनके बिजली मीटर से अन्य किरायेदारों, पानी की मोटर तथा मकान मालिक ने भी अवैध रूप से कनेक्शन जोड़ रखा है। इसके बावजूद पूरे बिजली बिल का भुगतान उनसे 8 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से लगभग 4560 रुपये मांगा जा रहा है। उन्होंने बताया कि वह कमरे में केवल दो बल्ब, एक पंखा और एक फ्रिज का ही उपयोग करती हैं, ऐसे में इतना अधिक बिल आना संदिग्ध है।

प्रार्थिनी ने यह भी आरोप लगाया कि मकान मालिक उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। उनके अनुसार कई बार पानी की सप्लाई बंद कर दी जाती है, जिससे नहाने-धोने और दैनिक कार्यों में भारी परेशानी होती है। यहां तक कि बाथरूम उपयोग करने के दौरान भी पानी रोक दिया जाता है।

रेखा चौधरी ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मकान की बिजली व्यवस्था और सभी कमरों की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर न्याय दिलाने की अपील की है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है।

एम्बुलेंस माफिया पर बड़ा एक्शन” बीआरडी के प्रधानाचार्य की तहरीर पर केस, मरीजों को गुमराह कर प्राइवेट अस्पताल भेजने वाला गिरोह धराया, 6 गिरफ्तार

गोरखपुर। गोरखपुर में मरीजों की मजबूरी को “मौका” बनाकर खेल रहे एम्बुलेंस माफिया पर आखिरकार पुलिस का शिकंजा कस गया। थाना गुलरिहा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मरीजों को बहला-फुसलाकर प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर चल रहे संगठित “दलाली तंत्र” पर बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है।

यह पूरा मामला तब सामने आया जब बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. राम कुमार जायसवाल ने लिखित तहरीर देकर मरीजों को गुमराह किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। वहीं, अस्पताल परिसर में तैनात सैनिक सुपरवाइजर केदार कुमार पांडे की सतर्कता और सूझबूझ से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान हुई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

घटना का संक्षिप्त विवरण

14 अप्रैल को बीआरडी मेडिकल के 500 बेड वाली बिल्डिंग पर सरकारी एंबुलेंस से एक बच्चे को लेकर परिजन पहुंचे। वहां तैनात कर्मचारी ने बेड खाली न होने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद सरकारी एंबुलेंस चालक ने प्राइवेट अस्पताल के मैनेजर को फोन किया जिसके बाद एम्बुलेंस पहुंची और बीआरडी के मुख्य गेट के पास स्थित शौचालय के पास आ कर खड़ी हो गई। दलाल परिजनों को पैदल ही ले जा रहे थे। शक होने पर ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने पूछताछ की जिसके बाद एम्बुलेंस चालक और परिजन अलग अलग बयान देने लगे। जहां एम्बुलेंस चालक ने घर ले जाने की बात कही, वहीं परिजन प्राइवेट अस्पताल जाने की बात बताए। जिसके बाद मेडिकल पुलिस चौकी को इसकी सूचना दी गई और संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया।

कैसे काम करते है मरीज माफिया?

गैंग में शामिल लोग खासतौर पर बाहर से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को निशाना बनाता है।

मरीज की स्थिति को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है, सरकारी अस्पतालों की सुविधाओं को कमतर बताया जाता और डर का माहौल बनाकर उन्हें तत्काल “बेहतर इलाज” के नाम पर प्राइवेट अस्पताल भेजने के लिए तैयार किया जाता।

एम्बुलेंस पहले से तैयार रहती है और मरीज को सीधे तयशुदा अस्पतालों में भर्ती कराया जाता है। जहां से इस पूरे नेटवर्क को मोटा कमीशन मिलता है।

गिरफ्तार अभियुक्तों का नाम व पता

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान वेदप्रकाश पुत्र मुन्नीलाल, निवासी भागलपुर, थाना पीपीगंज, जनपद गोरखपुर,

राहुल पुत्र रामअनुज, निवासी कटुई, थाना ललिया, जनपद बलरामपुर,

गुंजेश यादव पुत्र झिंगुरी यादव, निवासी बंधवा, थाना रामकोला, जनपद कुशीनगर,

अमन पाण्डेय पुत्र राजकुमार पाण्डेय, निवासी घोरही, थाना महुली, जिला संतकबीरनगर,

अंकित शुक्ला पुत्र मोहन शुक्ला, निवासी पकड़ी मिसराइन, थाना कटया, जिला गोपालगंज (बिहार),

राहुल शर्मा पुत्र सुनील शर्मा, निवासी गाईबेला, थाना सिकरीगंज, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है।

गिरफ्तारी में ये रहे शामिल

उपनिरीक्षक मदन मोहन मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। टीम में उ.नि

विकास कुमार मिश्रा, उ.नि. राहुल कुमार, हेड कांस्टेबल सदानंद यादव सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।

बड़ा सवाल

इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह सिर्फ कुछ दलालों का काम है या इसके पीछे एक बड़ा संगठित नेटवर्क काम कर रहा है?

आगे की कार्रवाई?

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि किन-किन प्राइवेट अस्पतालों से इनका सीधा संपर्क था।

बालिका सशक्तिकरण की मिसाल: नरायनपुर विद्यालय में साइकिल सम्मान समारोह, छात्राओं में बढ़ा आत्मविश्वास

गोरखपुर। चरगावां विकास क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय नरायनपुर में 6 अप्रैल 2026 को आयोजित साइकिल सम्मान समारोह ने बालिका शिक्षा को नई दिशा देने का संदेश दिया। प्रातः 9:00 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में छात्राओं को साइकिल प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति समाज की प्रतिबद्धता को दर्शाया गया।

गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ कार्यक्रम

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में खंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार गुप्ता उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि एडवोकेट पूजा गुप्ता (महानगर मंत्री, भाजपा महिला मोर्चा), कार्यक्रम अध्यक्ष ग्राम प्रधान गोपाल भारद्वाज तथा विशेष अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता प्रवीण चंद मिश्रा ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

काजल और प्रियंका को साइकिल देकर किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की मेधावी छात्राओं काजल एवं प्रियंका को साइकिल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस पहल से न केवल बालिकाओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा मिलेगी, बल्कि उनके भीतर शिक्षा के प्रति आत्मविश्वास और लगन भी बढ़ेगी।

अतिथियों का सम्मान और स्वागत

विद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया और श्री रामलला की तस्वीर भेंट कर उन्हें सम्मानित किया गया। इस दौरान अभिभावकों और ग्रामीणों की भी उल्लेखनीय सहभागिता रही।

संचालक विक्रम सिंह का प्रेरणादायक वक्तव्य

कार्यक्रम के संयोजक एवं संचालक, अनुदेशक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने अपने संबोधन में कहा

“बालिका शिक्षा समाज की प्रगति की आधारशिला है। जब एक बेटी पढ़ती है, तो पूरा परिवार शिक्षित होता है। यह साइकिल केवल एक साधन नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को उड़ान देने का माध्यम है। हम सभी का दायित्व है कि हर बालिका को शिक्षा से जोड़ें और उसे आगे बढ़ने का अवसर दें।”

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बालिका शिक्षा को मिला नया आयाम

समारोह का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ, जहां सभी ने एक स्वर में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल छात्राओं के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक सशक्त कदम भी साबित हुआ।

गोरखपुर जिला कारागार में एक भव्य कवि सम्मेलन एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया |

अपना ट्रस्ट एवं गोरखपुर कारागार के संयुक्त तत्वधान में गोरखपुर जिला कारागार में एक भव्य कवि सम्मेलन एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया |

कार्यक्रम के अध्यक्षता करते हुआ महामंडलेश्वर कनकेश्वरी नंद गिरी ने कहा कि साहित्यकार समाज का आईना होता है |

विशेष आमंत्रित अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी ने संबोधित करते हुआ कहा कि भजन और भक्ति के जरिए ईश्वर को पाया जा सकता है यह उसका एक मार्ग है | कार्यक्रम का संचालन करते हुआ |

मिन्नत गोरखपुरी ने पढ़ा

सब की श्रद्धा और सम्मान है इस नाम के साथ

भगवान श्री राम का जिक्र होता है हनुमान के नाम के साथ

जिस पर सभी ने तालियां बजा करके जोरदार स्वागत किया |

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राकेश श्रीवास्तव एवं विशिष्ट अतिथि प्रमोद चोखानी व शिवयोगी ने भजन प्रस्तुत किया और पूरा माहौल भक्ति में हो गया |

आसिया गोरखपुरी ने सरस्वती वंदना के साथ कवि सम्मेलन का आरंभ किया |

इसके बाद कवियों ने एक करके अपनी प्रस्तुति दी |

गौतम गोरखपुरी ने पढ़ा,

गीता और कुरान से बाहर आ गए

हिंदू मुसलमान से बाहर आ गए

प्रतिभा गुप्ता ने पढ़ा,

हरे-भरे दरख्तों को उजाड़ कर इंसान

विरानियों में सुकून भरा आयाम ढूँढ़ता है।

आसिया गोरखपुरी ने पढ़ा,

मोहम्मद माते ए जा अपनी

राम भी राम है हमारे लिए

साथ ही साथ उत्कर्ष पाठक उत्पल,तनिष्क हरि अग्रवाल,आदित्य राज अंकुर सच्चर आदि ने भी काव्य पाठ किया |

इस अवसर पर जेलर अरुण कुमार , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कारागारर डी.के पांडेय, शाहिना शेख,रवीश मिश्रा,दीपक, आजाद पांडेय आदि उपस्थित रहे |

कार्यक्रम की संयोजिका स्वेच्छा श्रीवास्तव ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया |

भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय मंत्री चित्रा देवी ने मनोनीत पार्षदों को दी बधाई

गोरखपुर 17 मार्च। भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय मंत्री चित्रा देवी ने उत्तर प्रदेश शासन नगर विकास से नामित/नव नियुक्त गोरखपुर नगर निगम के कुल 10 मनोनीत पार्षद आदरणीय रितेश सिंह , दुर्गेश बजाज , अष्टभुजा श्रीवास्तव , संजय कुमार वैश्य , आलोक सिंह विशेन , वीर सिंह सोनकर , शिवम पांडेय , अरविंद निषाद , चंदन आर्या , ममता जायसवाल को हृदय की गहराईयों से हार्दिक बधाई दी हैं।

उन्होंने कहा कि मनोनीत कर सरकार ने कर्मठ कार्यकर्ताओं का सम्मान किया है । उत्तर प्रदेश सरकार के निर्णय की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए आभार जताया है ।

 

BRD मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने निकाला कैंडल मार्च, एमबीबीएस छात्र आकाश पांडेय की मौत पर जताया शोक

गोरखपुरगोरखपुर स्थित BRD Medical College के जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने मंगलवार को एमबीबीएस छात्र स्वर्गीय आकाश कुमार पाण्डेय की आकस्मिक मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान सभी डॉक्टरों और छात्रों ने मोमबत्तियां जलाकर दिवंगत छात्र की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने के लिए लोगों से आगे आने की अपील की।

एमबीबीएस 2023 बैच के छात्र थे आकाश कुमार पाण्डेय

बताया गया कि स्वर्गीय आकाश कुमार पाण्डेय, पुत्र श्री देवेंद्र नाथ पाण्डेय, BRD Medical College में एमबीबीएस बैच 2023 के छात्र थे। 4 मार्च 2026 की रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना से पूरे मेडिकल कॉलेज परिसर में शोक का माहौल है।

तेज रफ्तार फॉरच्यूनर ने मारी थी टक्कर

जानकारी के अनुसार 4 मार्च 2026 की रात रॉन्ग साइड से आ रही एक तेज रफ्तार फॉरच्यूनर कार ने आकाश कुमार पाण्डेय को टक्कर मार दी। आरोप है कि कार चालक गोल्डेन साहनी नशे की हालत में वाहन चला रहा था। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि आकाश गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

कैंडल मार्च निकालकर दी श्रद्धांजलि

घटना के बाद मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों, छात्रों और स्टाफ ने कैंडल मार्च निकालकर दिवंगत छात्र को श्रद्धांजलि दी। सभी ने मोमबत्तियां जलाकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया।

पीड़ित परिवार की आर्थिक सहायता के लिए अपील

जूनियर डॉक्टरों और कॉलेज प्रशासन की ओर से सभी मेडिकल संस्थानों, डॉक्टरों और समाज के लोगों से अपील की गई है कि वे स्वेच्छा से आर्थिक सहयोग देकर पीड़ित परिवार की मदद करें। यह सहयोग राशि BRD Medical College के प्रधानाचार्य की देखरेख में चेक के माध्यम से पीड़ित परिवार तक पहुंचाई जाएगी।

सहायता के लिए बैंक खाता विवरण

खाता धारक का नाम: BRD FEES ACCOUNT

खाता संख्या: 40119591547

IFSC कोड: SBIN0003168

सहयोग राशि UPI / QR कोड या बैंक खाते के माध्यम से भेजी जा सकती है।

मेडिकल छात्रों में शोक और आक्रोश

इस घटना के बाद मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों में गहरा शोक और आक्रोश देखा जा रहा है। सभी ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

MBBS छात्र हादसे की सुर्खियों में दब गया विपिन जायसवाल के परिवार का दर्द– होली के दिन धर्मशाला ओवरब्रिज पर तेज रफ्तार कार की टक्कर से गई थी जान

गोरखपुर : रंगों का पर्व होली आपसी भाईचारे और खुशियों का त्योहार माना जाता है, लेकिन कभी-कभी यही उत्सव लापरवाही और हुड़दंग की वजह से दर्दनाक हादसों में बदल जाता है। ऐसा ही एक हादसा 4 मार्च 2026 को गोरखपुर में हुआ, जिसमें एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छिन गईं।

होली के दिन कार की टक्कर से हुए थे घायल

4 मार्च 1996 को जन्मे विपिन कुमार जायसवाल को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि 4 मार्च 2026 का दिन उनकी जिंदगी का आखिरी दिन बन जाएगा। होली के दिन दोपहर करीब 2:30 बजे वह अपने दोस्त सुमित श्रीवास्तव के साथ स्कूटी से धर्मशाला ओवरब्रिज से गुजर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार मारुति वेगनर कार ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि विपिन ओवरब्रिज से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनके साथी सुमित श्रीवास्तव भी बुरी तरह घायल हो गए।

इलाज के दौरान चली गई विपिन की जान 

दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान विपिन कुमार जायसवाल ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत से परिवार में मातम छा गया, जबकि घायल सुमित श्रीवास्तव का अभी भी इलाज चल रहा है।

उसी रात एमबीबीएस छात्र आकाश पांडे की हुई थी मौत 

उसी दिन रात में चारफाटक मोहद्दीपुर इलाके में हुए एक अन्य सड़क हादसे में एमबीबीएस छात्र आकाश पांडे और उमेश शर्मा की मौत हो गई थी। आरोपी के एक राजनीतिक दल से जुड़े होने की वजह से यह मामला मीडिया में सुर्खियों में छाया रहा। लेकिन उसी दिन दोपहर धर्मशाला ओवरब्रिज पर हुए हादसे में जान गंवाने वाले विपिन जायसवाल के परिवार की पीड़ा कहीं दबकर रह गई।

MBBS छात्र हादसे में दब गई विपिन की मौत

परिजनों का कहना है कि चारफाटक हादसे में मृतकों के परिवारों के घर जनप्रतिनिधि और अधिकारी पहुंचे तथा सरकार की ओर से मुआवजे की घोषणा भी की गई, लेकिन विपिन जायसवाल के परिवार की सुध लेने वाला कोई नहीं पहुंचा। परिजनों के मुताबिक विपिन एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते थे, शायद यही वजह रही कि उनकी मौत को लेकर न तो किसी अधिकारी ने संज्ञान लिया और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने परिवार से मिलकर सांत्वना दी।

घटना की निष्पक्ष जांच की मांग 

घटना के अगले दिन मृतक के पिता राजेंद्र कुमार जायसवाल की तहरीर पर शाहपुर थाने में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि परिवार का आरोप है कि हादसे के बाद कार चालक और उसके साथियों को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने प्रशासन से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है, ताकि विपिन की मौत के जिम्मेदार लोगों को सजा मिल सके।

कार की टक्कर से बाइक सवार सिपाही की मौत

गोरखपुर : कुसम्ही जंगल स्थित तुर्रा नाला के पास बुधवार दोपहर एक कार की टक्कर से बाइक सवार सिपाही की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल सिपाही को एम्स थाना पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने कार चालक को गिरफ्तार कर लिया है।

मृतक सिपाही की पहचान देवरिया जिले के तरकुलवा स्थित सोहनरिया गांव निवासी विवेक कुमार सिंह (29) के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी के पद पर तैनात थे। उनकी मूल नियुक्ति संतकबीरनगर में थी और वर्तमान में वह गोरखपुर स्थित एडीजी जोन कार्यालय में अटैच थे। बुधवार दोपहर करीब एक बजे विवेक कुमार सिंह अपनी बाइक से गोरखपुर से घर जा रहे थे। कुसम्ही जंगल के पास तुर्रा नाला के समीप सामने से आ रही एक कार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि विवेक गंभीर रूप से घायल हो गए और कार भी अनियंत्रित होकर पलट गई।

सूचना मिलने पर एम्स थाना प्रभारी चंद्रप्रकाश पांडेय मौके पर पहुंचे। घायल सिपाही को तत्काल एम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में ले लिया है और कार चालक को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।

पत्नी को फावड़े से काटकर हत्या,आरोपी पति गिरफ्तार

गोरखपुर : खजनी थाना क्षेत्र के धाधूपार गांव में पति ने फावड़े और कुल्हाड़ी से अपनी पत्नी की गला काटकर हत्या कर दी। यह घटना मंगलवार 3 मार्च की रात करीब 1 बजे हुई। खजनी पुलिस ने आरोपी पति अशोक निषाद (45) को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी अशोक निषाद को अपनी पत्नी के अनैतिक संबंधों का संदेह था, जिसके चलते उसने इस वारदात को अंजाम दिया। घटना के तुरंत बाद खजनी पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था।

हिरासत में लेने के बाद आरोपी अशोक निषाद मनोरोगी की तरह बड़बड़ा रहा था कि उसे पचासों लोगों ने घेर लिया है और वे उसे मार डालेंगे। पुलिस ने उसे शांत कराया। अगले दिन सुबह 10 बजे पुलिस आरोपी को घटनास्थल पर ले गई, जहां उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त फावड़ा और कुल्हाड़ी बरामद की गई। पुलिस ने घटनास्थल से खून से सनी मिट्टी भी साक्ष्य के तौर पर एकत्र कर सील कर दिया है।

मृतका नीलम के पिता राजेंद्र प्रसाद की तहरीर पर खजनी थाने में केस संख्या 64/26 में बीएनएस की धारा 103 (1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मृतका के पिता ने पुलिस को बताया कि उनका दामाद अक्सर शराब पीकर बेटी के साथ मारपीट करता था। पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद ही उसने बेटी की गला काटकर हत्या की।

वारदात की सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी खजनी दीपांशी राठौर ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में सब इंस्पेक्टर रामदयाल यादव, महिला सब इंस्पेक्टर प्रीति यादव, हेड कांस्टेबल अनिल चौधरी, कांस्टेबल जितेंद्र यादव, मनीष कुमार और महिला कांस्टेबल मनीषा वर्मा शामिल थे।

मां की मौत और पिता के जेल जाने के बाद मृतका के दोनों बच्चों को उनके ननिहाल के लोग अपने साथ ले गए हैं।

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