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नशा मुक्त भारत अभियान को मिलेगी नई गति*

नशे की बढ़ती समस्या के विरुद्ध जागरूकता, रोकथाम और नशा मुक्ति के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (DJJS) के ‘बोध–नशा उन्मूलन कार्यक्रम’ ने भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (MSJE) के साथ नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) के अंतर्गत दो वर्ष के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) किया है।

DJJS गोरखपुर उत्तर प्रदेश के संयोजक स्वामी अर्जुनानंद जी ने बताया कि यह साझेदारी देश में नशे की रोकथाम एवं नशा मुक्ति के प्रयासों को व्यापक स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि ‘बोध’ कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं सहित समाज के विभिन्न वर्गों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा नशे से दूर रहने के लिए सकारात्मक एवं सशक्त वातावरण तैयार करने के प्रयास किए जाएंगे।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर साध्वी शिताभा भारती, ग्लोबल कोऑर्डिनेटर, बोध–नशा उन्मूलन कार्यक्रम, DJJS, के साथ श्री गौरव गुप्ता एवं श्री गौरव सगर ने संस्थान का प्रतिनिधित्व किया।

समझौता ज्ञापन पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से श्री सुधांश पंत, IAS, सचिव, श्री आस्तिक कुमार पांडेय, IAS, निदेशक, तथा डॉ. संदीप आर. राठौड़, संयुक्त सचिव, ड्रग प्रिवेंशन एंड प्लानिंग डिवीजन की गरिमामयी उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।

यह समझौता नशे की रोकथाम, जन-जागरूकता और नशा मुक्ति से जुड़े प्रयासों को नई दिशा और गति प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके माध्यम से सरकारी प्रयासों और सामाजिक संस्थाओं की सहभागिता को और मजबूत करते हुए नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

इस अवसर पर पूज्य श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य अश्वनी शर्मा (अखंड भारत मिशन) ने कहा कि यह पहल नशा मुक्ति के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय एवं सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उन्होंने कहा, “नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को भी प्रभावित करता है। ऐसे में नशे के विरुद्ध जागरूकता और रोकथाम के लिए इस प्रकार की व्यापक साझेदारी निश्चित रूप से सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनेगी।”

उन्होंने कहा कि सरकार, सामाजिक संस्थाओं और समाज के सामूहिक प्रयासों से नशे के विरुद्ध जागरूकता को व्यापक स्तर तक पहुंचाया जा सकता है। विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रखने तथा उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली की ओर प्रेरित करने में ऐसे प्रयास महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

यह साझेदारी एक स्वस्थ, सशक्त और नशा मुक्त भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

गोरखपुर में खाकी शर्मसार: डायल-112 के सिपाही ने 10 साल की मासूम का अपहरण कर की हत्या, नदी से शव बरामद, जुर्म कबूला

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में खाकी को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। डायल-112 में तैनात एक पुलिस सिपाही ने जिला अस्पताल से 10 वर्षीय मासूम बच्ची का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी और शव को रोहिणी नदी में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी सिपाही की निशानदेही पर गुरुवार सुबह मानीराम क्षेत्र स्थित चिउटहा पुल के पास नदी से बच्ची का शव बरामद कर लिया है। दुष्कर्म की आशंका को देखते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

अस्पताल से घर लौटते समय बनाई गई शिकार

पीड़ित परिवार मूल रूप से आजमगढ़ के कप्तानगंज क्षेत्र का निवासी है और पिछले चार वर्षों से गोरखपुर में किराए पर रहकर ई-रिक्शा चलाता है। पीड़ित पिता के मुताबिक, उनकी 13 वर्षीय बड़ी बेटी जिला अस्पताल में भर्ती थी। 28 जुलाई की रात करीब 8:30 बजे 10 साल की छोटी बेटी अपनी बहन को खाना देने अस्पताल गई थी। रात करीब 10 बजे घर लौटते समय वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई।

बड़ी बहन के अनुसार, अस्पताल परिसर में खाना खाने के दौरान पुलिस वर्दी में आए एक व्यक्ति ने उनसे घर का पता पूछा और रात अधिक होने पर घर छोड़ने की पेशकश की। इसके बाद मौका देखकर वह छोटी बच्ची को अपने साथ ले गया।

39 सेकेंड के CCTV फुटेज से बेनकाब हुआ आरोपी

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जांच के लिए 10 टीमों का गठन किया। जिला अस्पताल के CCTV फुटेज खंगालने पर आरोपी सिपाही की करतूत सामने आई। महज 39 सेकेंड के फुटेज में बच्ची अस्पताल से बाहर निकलती दिखी और पीछे से वर्दीधारी सिपाही बाइक से आता नजर आया। बातचीत के बाद वह बच्ची को बाइक पर बैठाकर ले जाता दिखा।

आपराधिक पृष्ठभूमि का निकला सिपाही, सेवा से बर्खास्तगी की सिफारिश

CCTV के आधार पर बाइक नंबर ट्रेस कर पुलिस ने आरोपी सिपाही अभिषेक यादव को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने बच्ची की हत्या कर शव रोहिणी नदी में फेंक दिया था। आरोपी मूल रूप से गाजीपुर का रहने वाला है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. कौस्तुभ ने प्रेस वार्ता में बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे सेवा से बर्खास्त करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। एसएसपी ने खुलासा किया कि आरोपी सिपाही का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है और वह जनवरी 2025 में छेड़छाड़ के आरोप में जेल जा चुका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. मुकेश शुक्ला को उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने किया सम्मानित

गोरखपुर। चिकित्सा सेवा को केवल पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का माध्यम मानने वाले गोरखपुर के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. मुकेश शुक्ला को उनके उत्कृष्ट चिकित्सकीय योगदान और समाज के प्रति समर्पण के लिए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने सम्मानित किया। यह सम्मान प्रतिष्ठित दैनिक अमर उजाला द्वारा आयोजित ‘आभार समर्पण’ कार्यक्रम में प्रदान किया गया।

‘आभार समर्पण’ कार्यक्रम में मिला प्रतिष्ठित सम्मान

गोरखपुर में आयोजित इस भव्य समारोह में शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग, समाजसेवा एवं विभिन्न क्षेत्रों की कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया।

इसी क्रम में वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. मुकेश शुक्ला को चिकित्सा क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान, मरीजों के प्रति समर्पित सेवा, सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदनाओं के लिए सम्मान प्रदान किया गया।

पूर्वांचल ही नहीं, बिहार और नेपाल के मरीजों की भी पहली पसंद

डॉ. मुकेश शुक्ला वर्षों से गोरखपुर में न्यूरो सर्जरी की विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, नेपाल और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज उनके पास उपचार के लिए पहुंचते हैं।

मस्तिष्क एवं रीढ़ की हड्डी से जुड़ी जटिल शल्य चिकित्सा में उनकी विशेषज्ञता, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और बेहतर उपचार पद्धति ने उन्हें चिकित्सा जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है।

जानिए सम्मान पर क्या बोले डॉ. मुकेश शुक्ला?

सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. मुकेश शुक्ला ने कहाकि-

“यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि उन सभी मरीजों का विश्वास और मेरे पूरे चिकित्सा दल की मेहनत का सम्मान है। मरीजों की सेवा ही मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता रही है और आगे भी पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से समाज की सेवा करता रहूंगा। यह सम्मान मुझे और अधिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।”

चिकित्सा सेवा को मिला सम्मान, बढ़ा चिकित्सकों का उत्साह

‘आभार समर्पण’ कार्यक्रम में चिकित्सा सेवा को मिले इस सम्मान को स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भी एक सकारात्मक संदेश माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सम्मान समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों का मनोबल बढ़ाते हैं और उन्हें जनसेवा के लिए और अधिक प्रेरित करते हैं।

99 वर्षीय राजेश्वर सिंह लापता, 24 घंटे से अधिक समय बाद भी नहीं मिला सुराग; परिजनों ने जनता से मांगी मदद

महराजगंज के महादेवा गांव से गायब हुए वृद्ध, क्षेत्र में बढ़ी चिंता

महराजगंज। जिले के बृजमनगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत महादेवा गांव से 99 वर्षीय वृद्ध राजेश्वर सिंह के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। 29 मई 2026 की दोपहर घर से निकले राजेश्वर सिंह का 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई पता नहीं चल सका है। परिजन लगातार उनकी तलाश में जुटे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।

घर से निकले और फिर अचानक हो गए गायब

परिजनों के अनुसार राजेश्वर सिंह शुक्रवार दोपहर अपने घर से निकले थे। काफी समय तक वापस न लौटने पर परिवार के लोगों ने उनकी खोजबीन शुरू की। पहले गांव और आसपास के क्षेत्रों में तलाश की गई, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो रिश्तेदारों और परिचितों को भी सूचना दी गई।

गांव के लोगों ने भी अपने स्तर पर खोजबीन की, लेकिन वृद्ध का कोई सुराग नहीं लग सका। इस घटना के बाद पूरे इलाके में चिंता और बेचैनी का माहौल है।

हर संभव जगह तलाश जारी, लेकिन हाथ खाली

राजेश्वर सिंह के भतीजे अंगद सिंह ने बताया कि परिवार लगातार उनकी तलाश कर रहा है। आसपास के गांवों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और संभावित स्थानों पर खोजबीन की जा रही है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों से मदद की अपील की जा रही है, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है।

उन्होंने कहा कि वृद्ध की उम्र अधिक होने के कारण परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

जनता से मदद की अपील, सूचना देने वालों से संपर्क करने का अनुरोध

परिजनों ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को राजेश्वर सिंह कहीं दिखाई दें या उनके संबंध में कोई भी जानकारी मिले तो तत्काल निम्न नंबरों पर संपर्क करें—

📞 9451562408

📞 9035477148

📞 9450045959

📞 9651003775

परिवार ने लोगों से इस सूचना को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की है ताकि लापता वृद्ध को सुरक्षित खोजा जा सके।

गोरखपुर में स्टाफ नर्स ने मकान मालिक पर लगाया बिजली चोरी और मानसिक उत्पीड़न का आरोप

गोरखपुर। बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में संविदा स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत रेखा चौधरी ने अपने मकान मालिक पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। मामला शहर के खजांची चौराहा स्थित फातिमा रोड के पास राज कॉलोनी का बताया जा रहा है।

प्रार्थिनी रेखा चौधरी के अनुसार वह 30 नवंबर 2025 को कृष्ण सिंह के मकान में किराए पर रहने आई थीं। उन्होंने बताया कि नौकरी के दौरान बीच-बीच में गांव जाने के कारण वह कमरे में सीमित समय ही रह सकीं। बावजूद इसके उनके बिजली मीटर में 570 यूनिट खपत दिखाई गई, जिसका भुगतान मकान मालिक उनसे ही कराने का दबाव बना रहे हैं।

रेखा चौधरी का आरोप है कि उनके बिजली मीटर से अन्य किरायेदारों, पानी की मोटर तथा मकान मालिक ने भी अवैध रूप से कनेक्शन जोड़ रखा है। इसके बावजूद पूरे बिजली बिल का भुगतान उनसे 8 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से लगभग 4560 रुपये मांगा जा रहा है। उन्होंने बताया कि वह कमरे में केवल दो बल्ब, एक पंखा और एक फ्रिज का ही उपयोग करती हैं, ऐसे में इतना अधिक बिल आना संदिग्ध है।

प्रार्थिनी ने यह भी आरोप लगाया कि मकान मालिक उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। उनके अनुसार कई बार पानी की सप्लाई बंद कर दी जाती है, जिससे नहाने-धोने और दैनिक कार्यों में भारी परेशानी होती है। यहां तक कि बाथरूम उपयोग करने के दौरान भी पानी रोक दिया जाता है।

रेखा चौधरी ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मकान की बिजली व्यवस्था और सभी कमरों की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर न्याय दिलाने की अपील की है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है।

एम्बुलेंस माफिया पर बड़ा एक्शन” बीआरडी के प्रधानाचार्य की तहरीर पर केस, मरीजों को गुमराह कर प्राइवेट अस्पताल भेजने वाला गिरोह धराया, 6 गिरफ्तार

गोरखपुर। गोरखपुर में मरीजों की मजबूरी को “मौका” बनाकर खेल रहे एम्बुलेंस माफिया पर आखिरकार पुलिस का शिकंजा कस गया। थाना गुलरिहा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मरीजों को बहला-फुसलाकर प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर चल रहे संगठित “दलाली तंत्र” पर बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है।

यह पूरा मामला तब सामने आया जब बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. राम कुमार जायसवाल ने लिखित तहरीर देकर मरीजों को गुमराह किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। वहीं, अस्पताल परिसर में तैनात सैनिक सुपरवाइजर केदार कुमार पांडे की सतर्कता और सूझबूझ से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान हुई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

घटना का संक्षिप्त विवरण

14 अप्रैल को बीआरडी मेडिकल के 500 बेड वाली बिल्डिंग पर सरकारी एंबुलेंस से एक बच्चे को लेकर परिजन पहुंचे। वहां तैनात कर्मचारी ने बेड खाली न होने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद सरकारी एंबुलेंस चालक ने प्राइवेट अस्पताल के मैनेजर को फोन किया जिसके बाद एम्बुलेंस पहुंची और बीआरडी के मुख्य गेट के पास स्थित शौचालय के पास आ कर खड़ी हो गई। दलाल परिजनों को पैदल ही ले जा रहे थे। शक होने पर ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने पूछताछ की जिसके बाद एम्बुलेंस चालक और परिजन अलग अलग बयान देने लगे। जहां एम्बुलेंस चालक ने घर ले जाने की बात कही, वहीं परिजन प्राइवेट अस्पताल जाने की बात बताए। जिसके बाद मेडिकल पुलिस चौकी को इसकी सूचना दी गई और संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया।

कैसे काम करते है मरीज माफिया?

गैंग में शामिल लोग खासतौर पर बाहर से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को निशाना बनाता है।

मरीज की स्थिति को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है, सरकारी अस्पतालों की सुविधाओं को कमतर बताया जाता और डर का माहौल बनाकर उन्हें तत्काल “बेहतर इलाज” के नाम पर प्राइवेट अस्पताल भेजने के लिए तैयार किया जाता।

एम्बुलेंस पहले से तैयार रहती है और मरीज को सीधे तयशुदा अस्पतालों में भर्ती कराया जाता है। जहां से इस पूरे नेटवर्क को मोटा कमीशन मिलता है।

गिरफ्तार अभियुक्तों का नाम व पता

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान वेदप्रकाश पुत्र मुन्नीलाल, निवासी भागलपुर, थाना पीपीगंज, जनपद गोरखपुर,

राहुल पुत्र रामअनुज, निवासी कटुई, थाना ललिया, जनपद बलरामपुर,

गुंजेश यादव पुत्र झिंगुरी यादव, निवासी बंधवा, थाना रामकोला, जनपद कुशीनगर,

अमन पाण्डेय पुत्र राजकुमार पाण्डेय, निवासी घोरही, थाना महुली, जिला संतकबीरनगर,

अंकित शुक्ला पुत्र मोहन शुक्ला, निवासी पकड़ी मिसराइन, थाना कटया, जिला गोपालगंज (बिहार),

राहुल शर्मा पुत्र सुनील शर्मा, निवासी गाईबेला, थाना सिकरीगंज, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है।

गिरफ्तारी में ये रहे शामिल

उपनिरीक्षक मदन मोहन मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। टीम में उ.नि

विकास कुमार मिश्रा, उ.नि. राहुल कुमार, हेड कांस्टेबल सदानंद यादव सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।

बड़ा सवाल

इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह सिर्फ कुछ दलालों का काम है या इसके पीछे एक बड़ा संगठित नेटवर्क काम कर रहा है?

आगे की कार्रवाई?

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि किन-किन प्राइवेट अस्पतालों से इनका सीधा संपर्क था।

बालिका सशक्तिकरण की मिसाल: नरायनपुर विद्यालय में साइकिल सम्मान समारोह, छात्राओं में बढ़ा आत्मविश्वास

गोरखपुर। चरगावां विकास क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय नरायनपुर में 6 अप्रैल 2026 को आयोजित साइकिल सम्मान समारोह ने बालिका शिक्षा को नई दिशा देने का संदेश दिया। प्रातः 9:00 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में छात्राओं को साइकिल प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति समाज की प्रतिबद्धता को दर्शाया गया।

गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ कार्यक्रम

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में खंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार गुप्ता उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि एडवोकेट पूजा गुप्ता (महानगर मंत्री, भाजपा महिला मोर्चा), कार्यक्रम अध्यक्ष ग्राम प्रधान गोपाल भारद्वाज तथा विशेष अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता प्रवीण चंद मिश्रा ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

काजल और प्रियंका को साइकिल देकर किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की मेधावी छात्राओं काजल एवं प्रियंका को साइकिल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस पहल से न केवल बालिकाओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा मिलेगी, बल्कि उनके भीतर शिक्षा के प्रति आत्मविश्वास और लगन भी बढ़ेगी।

अतिथियों का सम्मान और स्वागत

विद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया और श्री रामलला की तस्वीर भेंट कर उन्हें सम्मानित किया गया। इस दौरान अभिभावकों और ग्रामीणों की भी उल्लेखनीय सहभागिता रही।

संचालक विक्रम सिंह का प्रेरणादायक वक्तव्य

कार्यक्रम के संयोजक एवं संचालक, अनुदेशक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने अपने संबोधन में कहा

“बालिका शिक्षा समाज की प्रगति की आधारशिला है। जब एक बेटी पढ़ती है, तो पूरा परिवार शिक्षित होता है। यह साइकिल केवल एक साधन नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को उड़ान देने का माध्यम है। हम सभी का दायित्व है कि हर बालिका को शिक्षा से जोड़ें और उसे आगे बढ़ने का अवसर दें।”

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बालिका शिक्षा को मिला नया आयाम

समारोह का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ, जहां सभी ने एक स्वर में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल छात्राओं के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक सशक्त कदम भी साबित हुआ।

गोरखपुर जिला कारागार में एक भव्य कवि सम्मेलन एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया |

अपना ट्रस्ट एवं गोरखपुर कारागार के संयुक्त तत्वधान में गोरखपुर जिला कारागार में एक भव्य कवि सम्मेलन एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया |

कार्यक्रम के अध्यक्षता करते हुआ महामंडलेश्वर कनकेश्वरी नंद गिरी ने कहा कि साहित्यकार समाज का आईना होता है |

विशेष आमंत्रित अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी ने संबोधित करते हुआ कहा कि भजन और भक्ति के जरिए ईश्वर को पाया जा सकता है यह उसका एक मार्ग है | कार्यक्रम का संचालन करते हुआ |

मिन्नत गोरखपुरी ने पढ़ा

सब की श्रद्धा और सम्मान है इस नाम के साथ

भगवान श्री राम का जिक्र होता है हनुमान के नाम के साथ

जिस पर सभी ने तालियां बजा करके जोरदार स्वागत किया |

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राकेश श्रीवास्तव एवं विशिष्ट अतिथि प्रमोद चोखानी व शिवयोगी ने भजन प्रस्तुत किया और पूरा माहौल भक्ति में हो गया |

आसिया गोरखपुरी ने सरस्वती वंदना के साथ कवि सम्मेलन का आरंभ किया |

इसके बाद कवियों ने एक करके अपनी प्रस्तुति दी |

गौतम गोरखपुरी ने पढ़ा,

गीता और कुरान से बाहर आ गए

हिंदू मुसलमान से बाहर आ गए

प्रतिभा गुप्ता ने पढ़ा,

हरे-भरे दरख्तों को उजाड़ कर इंसान

विरानियों में सुकून भरा आयाम ढूँढ़ता है।

आसिया गोरखपुरी ने पढ़ा,

मोहम्मद माते ए जा अपनी

राम भी राम है हमारे लिए

साथ ही साथ उत्कर्ष पाठक उत्पल,तनिष्क हरि अग्रवाल,आदित्य राज अंकुर सच्चर आदि ने भी काव्य पाठ किया |

इस अवसर पर जेलर अरुण कुमार , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कारागारर डी.के पांडेय, शाहिना शेख,रवीश मिश्रा,दीपक, आजाद पांडेय आदि उपस्थित रहे |

कार्यक्रम की संयोजिका स्वेच्छा श्रीवास्तव ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया |

भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय मंत्री चित्रा देवी ने मनोनीत पार्षदों को दी बधाई

गोरखपुर 17 मार्च। भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय मंत्री चित्रा देवी ने उत्तर प्रदेश शासन नगर विकास से नामित/नव नियुक्त गोरखपुर नगर निगम के कुल 10 मनोनीत पार्षद आदरणीय रितेश सिंह , दुर्गेश बजाज , अष्टभुजा श्रीवास्तव , संजय कुमार वैश्य , आलोक सिंह विशेन , वीर सिंह सोनकर , शिवम पांडेय , अरविंद निषाद , चंदन आर्या , ममता जायसवाल को हृदय की गहराईयों से हार्दिक बधाई दी हैं।

उन्होंने कहा कि मनोनीत कर सरकार ने कर्मठ कार्यकर्ताओं का सम्मान किया है । उत्तर प्रदेश सरकार के निर्णय की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए आभार जताया है ।

 

BRD मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने निकाला कैंडल मार्च, एमबीबीएस छात्र आकाश पांडेय की मौत पर जताया शोक

गोरखपुर। गोरखपुर स्थित BRD Medical College के जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने मंगलवार को एमबीबीएस छात्र स्वर्गीय आकाश कुमार पाण्डेय की आकस्मिक मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान सभी डॉक्टरों और छात्रों ने मोमबत्तियां जलाकर दिवंगत छात्र की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने के लिए लोगों से आगे आने की अपील की।

एमबीबीएस 2023 बैच के छात्र थे आकाश कुमार पाण्डेय

बताया गया कि स्वर्गीय आकाश कुमार पाण्डेय, पुत्र श्री देवेंद्र नाथ पाण्डेय, BRD Medical College में एमबीबीएस बैच 2023 के छात्र थे। 4 मार्च 2026 की रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना से पूरे मेडिकल कॉलेज परिसर में शोक का माहौल है।

तेज रफ्तार फॉरच्यूनर ने मारी थी टक्कर

जानकारी के अनुसार 4 मार्च 2026 की रात रॉन्ग साइड से आ रही एक तेज रफ्तार फॉरच्यूनर कार ने आकाश कुमार पाण्डेय को टक्कर मार दी। आरोप है कि कार चालक गोल्डेन साहनी नशे की हालत में वाहन चला रहा था। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि आकाश गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

कैंडल मार्च निकालकर दी श्रद्धांजलि

घटना के बाद मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों, छात्रों और स्टाफ ने कैंडल मार्च निकालकर दिवंगत छात्र को श्रद्धांजलि दी। सभी ने मोमबत्तियां जलाकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया।

पीड़ित परिवार की आर्थिक सहायता के लिए अपील

जूनियर डॉक्टरों और कॉलेज प्रशासन की ओर से सभी मेडिकल संस्थानों, डॉक्टरों और समाज के लोगों से अपील की गई है कि वे स्वेच्छा से आर्थिक सहयोग देकर पीड़ित परिवार की मदद करें। यह सहयोग राशि BRD Medical College के प्रधानाचार्य की देखरेख में चेक के माध्यम से पीड़ित परिवार तक पहुंचाई जाएगी।

सहायता के लिए बैंक खाता विवरण

खाता धारक का नाम: BRD FEES ACCOUNT

खाता संख्या: 40119591547

IFSC कोड: SBIN0003168

सहयोग राशि UPI / QR कोड या बैंक खाते के माध्यम से भेजी जा सकती है।

मेडिकल छात्रों में शोक और आक्रोश

इस घटना के बाद मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों में गहरा शोक और आक्रोश देखा जा रहा है। सभी ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

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