फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
निवर्तमान भाजपा जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान ने किया नवनियुक्त अध्यक्ष दीपक मौर्या का स्वागत समारोह

सिद्धार्थनगर।भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य के भाजपा जिला कार्यालय पर प्रथम आगमन पर निवर्तमान जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान की अध्यक्षता में भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यकर्ताओं ने गर्म जोशी के साथ नवनियुक्त जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य का भव्य स्वागत अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम निवर्तमान जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान ने जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य का स्वागत अभिनंदन कर उनको उज्जवल कार्यकाल की शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम में स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए नवनियुक्त जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने कहा भारतीय जनता पार्टी शीर्ष नेतृत्व में जिस तरह मुझ जैसे सामान्य से कार्यकर्ता को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है वह भारतीय जनता पार्टी में ही संभव है उसके लिए मै शीर्ष नेतृत्व का आभार प्रकट करता हूं।
निश्चित रूप से पार्टी ने जिस विश्वास के साथ मुझे जिम्मेदारी दी है उस पर मैं खरा उतरने का प्रयास करूंगा।
कार्यक्रम में उपस्थित सांसद जगदंबिका पाल,विधायक बांसी राजा जय प्रताप सिंह,पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार डॉ सतीश द्विवेदी व पूर्व विधायक डुमरियागंज राघवेंद्र सिंह ने अपने उद्बोधन से जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य को सम्मानित करते हुए उनको उज्जवल कार्यकाल की शुभकामनाएं दिया।
वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे निवर्तमान जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान ने कहा पार्टी शीर्ष नेतृत्व द्वारा जिस तरह से जनपद सिद्धार्थनगर की जिम्मेदारी एक अनुभवी और समर्पित कार्यकर्ता को दी गई है निश्चित रूप से सराहनीय है श्री दीपक मौर्य को संगठन कार्य का एक लंबा अनुभव निश्चित रूप से उनके अनुभव से पार्टी और शसक्त होगी।
स्वागत समारोह के उपरांत नवनियुक्त जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य को निवर्तमान जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान ने ससम्मान जिलाध्यक्ष की कुर्सी पर बैठा कर कार्यभार सौंपा।
उक्त अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह,पूर्व जिलाध्यक्षण राम कुमार कुंवर,नरेंद्र मणि त्रिपाठी,लाल जी त्रिपाठी,नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव,शिवनाथ चौधरी,विधायक प्रतिनिधि सत्य प्रकाश राही,जिला मीडिया प्रभारी भाजपा निशांत पाण्डेय,संतोष शुक्ला एंव भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारीगण,नेतागण,कार्यकर्ता बंधु उपस्थित रहें।

28 फरबरी 2026 को आसमान में दिखेगी ग्रहों की परेड, 28 फरवरी की शाम एक साथ नजर आएंगे 6 ग्रह

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यदि आप ग्रहों, उपग्रहों और चांद और सितारों की दुनिया में दिलचस्पी रखते हैं, तो 28 फरवरी की शाम अपनी नजरें आसमान की ओर टिका लीजिए। इस दिन हमारे सौर मंडल के छह ग्रह—बुध (Mercury), शुक्र (Venus), शनि (Saturn), अरुण (Uranus), बरुण(Neptune),और बृहस्पति(Jupiter) , लगभग एक ही कतार में दिखाई देंगे।

क्या होता है ग्रहीय संरेखण या प्लैनेटरी परेड (Planetary Parade)

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह वह खगोलीय स्थिति है जब सौर मंडल के कई ग्रह एक ही समय में आकाश के लगभग एक ही हिस्से में, एक काल्पनिक रेखा (क्रांतिवृत्त Ecliptic) के आसपास दिखाई देते हैं। खगोल वैज्ञानिक रूप से इसका अर्थ है कि सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा लगभग एक ही समतल (plane) में करते हैं।

पृथ्वी से देखने पर वे उसी मार्ग पर एक कतार या चाप (arc) में दिखाई देते हैं। यही दृष्टि-आधारित संरेखण (line-of-sight alignment) होता है, वास्तव में ग्रह अंतरिक्ष में एक सीधी रेखा में पास-पास नहीं होते; वे करोड़ों किलोमीटर दूर अपनी-अपनी कक्षाओं में रहते हैं।

कितने ग्रह हों तो “परेड” कहा जाता है?

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 3 या अधिक ग्रह एक साथ दिखाई दें तो सामान्यत: इसे “प्लैनेटरी परेड” कहा जाता है।

4–5 ग्रह नग्न आँखों से दिख जाएँ तो यह अपेक्षाकृत दुर्लभ माना जाता है।

6 या उससे अधिक ग्रहों का एक साथ दृश्य होना और भी कम बार होता है।

कैसे और कहाँ देखें?

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला ( तारामण्डल) गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह अद्भुत खगोलीय नजारा सूर्यास्त के लगभग 30 मिनट बाद शुरू होगा। आपको बस एक ऐसी जगह ढूंढनी है जहाँ से पश्चिमी क्षितिज (Western Horizon) साफ दिखाई दे।

बिना टेलिस्कोप के (नग्न आंखों से): शुक्र, बृहस्पति, बुध और शनि को आप बिना किसी उपकरण के देख पाएंगे। उस दौरान शुक्र ग्रह और बृहस्पति ग्रह की चमक अन्य साथी ग्रहों के मुक़ाबले सबसे ज्यादा दिखाई देगी। यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि अरुण ग्रह को देखने के लिए किसी अच्छी टेलिस्कोप/दूरबीन या किसी विशेष बिनाकुलर की जरूरत होगी, जबकि नेपच्यून को केवल किसी शक्तिशाली टेलिस्कोप से ही देखा जा सकेगा।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस दौरान आकाश में चांद का भी साथ होगा और इस शाम चांद भी 92% चमक के साथ बृहस्पति के बेहद करीब (लगभग 4°) पर नजर आएगा, जो इस दृश्य को और भी खूबसूरत बना देगा।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस प्रकार की खगोलीय घटना को खगोल विज्ञान की भाषा में प्लैनेटरी अलाइनमेंट’ या ग्रहीय संरेखण भी कहा जाता है, हालाँकि यह एक ‘प्लैनेटरी अलाइनमेंट’ या ग्रहीय संरेखण तो है, लेकिन इसमें कुछ चुनौतियां भी हैं जैसे कि समय की कमी इस दौरान बुध (Mercury) और शुक्र (Venus) सूर्यास्त के लगभग तुरंत बाद क्षितिज के नीचे डूब जाएंगे। इसलिए आपके पास इन्हें देखने के लिए बहुत कम समय होगा।

मंगल (Mars) कहाँ है? 

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि मंगल इस समय सूर्य की दूसरी ओर होने के कारण इस ‘परेड’ का हिस्सा नहीं बनेगा।

क्या यह सभी ग्रह, हक़ीकत में एक साथ होंगे

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि दूरी से ये ग्रह केवल पृथ्वी से देखने पर एक लाइन में दिखते हैं, अंतरिक्ष में ये एक-दूसरे से करोड़ों किलोमीटर दूर अपनी कक्षाओं में होते हैं।

कैसे देख सकते हैं?

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि देखने के लिए ऊंचाई वाली जगह चुनें, यदि सामने ऊंची इमारतें या पेड़ हैं, तो आप नीचे स्थित ग्रहों (बुध और शनि) को नहीं देख पाएंगे। साथ ही मौसम का हाल ख़्याल रखना ही होता है कि इसके लिए आसमान का साफ और बादल रहित होना अनिवार्य है। और कई प्रमुख समस्याओं में से एक जोकि है प्रकाश प्रदूषण इसीलिए इस लाइट पोल्यूशन से भी बचें ,शहर की तेज लाइटों से दूर अंधेरी जगह पर यह नजारा और भी साफ एवं स्पष्ट दिखेगा।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अगर आप पहली बार ग्रहों को पहचान रहे हैं, तो थोड़ा सा मुश्किल भी हो सकता है,

क्या क्या दिखाई देगा?

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यदि आकाश साफ रहता है, तो इन छह ग्रहों में से केवल चार ग्रहों को ही नग्न आंखों/ (साधारण आंखों) से देखा जा सकेगा। साथ ही यूरेनस ( अरूण ग्रह) और नेपच्यून ( बरुण ग्रह) को देखने के लिए किसी अच्छी दूरबीन (टेलीस्कोप) या (विशेष बिनाकुलर) की आवश्यकता होगी। सच तो यही है कि यहाँ तक कि बुध (Mercury) को देख पाना भी कभी-कभी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, जो लोग इन ग्रहों को एक कतार में देखना चाहते हैं, उन्हें 28 फरवरी को सूर्यास्त के लगभग 25 से 30 मिनट बाद पश्चिम दिशा के आकाश की तरफ़ देखना चाहिए। लेकिन अगर आपको और भी अधिक स्पष्ट एवं सार्थक नज़ारा देखना है तब एक शर्त है कि इसके लिए साफ आसमान, पश्चिमी क्षितिज का स्पष्ट दृश्य और बेहतर अवलोकन के लिए किसी अच्छी दूरबीन/टेलीस्कोप या विशेष बिनाकुलर का होना जरूरी है।

इन छह ग्रहों में से चार ग्रह सूर्य के अत्यंत निकट होंगे, जो शाम के उजाले में केवल थोड़े समय के लिए ही दिखाई देंगे, या संभवतः कुछ को साधारण आंखों से बिल्कुल भी दिखाई न दें। शुक्र और बुध क्षितिज (धरती की रेखा) के सबसे करीब होंगे, उनके बाद शनि ग्रह और बरुण ग्रह का स्थान होगा। जबकि अरुण ग्रह और बृहस्पति ग्रह आकाश में काफी ऊंचाई पर स्थित होंगे। इस कारण तीन से अधिक ग्रहों को एक साथ देख पाना एक कठिन चुनौती हो सकती है। क्योंकि अरुण ग्रह बिना दूरबीन के दिखाई ही नहीं देता है।

यह खगोलीय घटना कितनी दुर्लभ है?

खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को भारत में सूर्यास्त लगभग 6:20 PM (स्थान के अनुसार थोड़ा अलग) पर होगा। ग्रहों को देखने का सबसे अच्छा समय 6:45 PM से 7:15 PM के बीच होगा क्योंकि इसके बाद बुध ग्रह और शुक्र ग्रह और कुछ ही देर बाद में शनि ग्रह भी,क्षितिज से नीचे चले जाएंगे। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि मौसम साफ होने पर सामान्यतः अधिकांश रातों में भी कम से कम एक चमकदार ग्रह देखा जा सकता है। या अलग अलग समय में दो भी हो सकते हैं, या कुछ यूं कहें कि आमतौर पर सूर्यास्त के आसपास दो या तीन ग्रह भी दिखाई दे जाते हैं, जोकि उनकी स्थिति एवं समय पर निर्भर करता है कि कब कौनसा ग्रह दिखाई देगा, लेकिन कभी कभार ही बिना किसी खगोलीय उपकरण के चार या पांच चमकदार ग्रहों को एक साथ देखा जा सकता है। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चार या पांच ग्रहों का नग्न आंखों (साधारण आंखों) से दिखने वाला स्पष्ट एवं दृश्य संरेखण (Alignment) कई वर्षों में एक बार ही घटित होता है।

वैसे तो समय समय पर ज़्यादातर 

मंगल, बृहस्पति और शनि ग्रह अक्सर रात के आकाश में दिखाई देते हैं। लेकिन जब शुक्र और बुध भी उनके साथ जुड़ जाते हैं, तो चार या पांच ग्रहों का यह मिलन अपने आप में कुछ विशेष हो जाता है। क्योंकि शुक्र और बुध, पृथ्वी की तुलना में सूर्य के बहुत करीब परिक्रमा करते हैं और उनकी कक्षाएं भी छोटी व तेज होती हैं।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि शुक्र ग्रह को उन कुछ महीनों के दौरान और भी स्पष्ट देखा जा सकता है जब वह आकाश में सूर्य से सबसे दूर होता है, और यह सूर्यास्त के बाद या सूर्योदय से कुछ पहले दिखाई देता है। वहीं बुध, जोकि मात्र 88 दिनों में सूर्य की परिक्रमा पूरी करता है, या यूं कहें कि बुद्ध ग्रह का वर्ष,पृथ्वी के लगभग 88 दिनों के बराबर होता है,आमतौर पर यह सूर्यास्त के बाद या सूर्योदय से पहले केवल दो सप्ताह या कभी-कभी केवल कुछ दिनों के लिए ही दिखाई देता है।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अगली ऐसी खगोलीय घटना अक्टूबर 2028 के अंत में घटित होगी, जब सूर्योदय से पहले पांच ग्रह एक साथ दिखाई देंगे। इसके बाद, फरवरी 2034 के अंत में, पांच ग्रह फिर से सूर्यास्त के बाद दिखाई देंगे, हालांकि उस दौरान भी शुक्र और बुध को उतना स्पष्ट देख पाना कुछ चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

क्या सभी 6 ग्रह नग्न आंखों से दिखाई देंगे?

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि सभी छह ग्रह नग्न आंखों से नहीं दिखाई देंगे।

नग्न आंखों से तेज़ चमक वाले ग्रह: शुक्र, बृहस्पति, शनि, और कभी-कभी बुध देख पाए जाते हैं। यूरेनस और नेप्च्यून के लिए टेलीस्कोप या दूरबीन की ज़रूरत पड़ेगी ही।

क्या होता है दूरी का भ्रम

(Optical Illusion): खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि पूरी सौर प्रणाली में भौतिक रूप से एक सीधी रेखा में होने जैसा नहीं होगा, लेकिन पृथ्वी से देखने वाले के दृष्टिकोण से ये लगभग एक विस्तृत रेखा या एक साथ दिखाई देंगे, यह एक दृष्टि-प्रतिबद्ध संरेखण (line-of-sight alignment) है।

क्या होगा धरती पर इसका असर।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि सही ज्ञान सभी समस्याओं का समाधान और यही है विज्ञान, इसीलिए सबसे पहले ठीक से जानें उसके बाद ही मानें, और अंधविश्वासों से रखें पूरी दूरी और नहीं होनी चाहिए कोई भी मजबूरी, साथ ही अंधविश्वासों से नाता तोड़ें और विज्ञान से नाता जोड़ें क्योंकि खगोल विज्ञान में किसी भी ग्रहों के पार्श्व प्रभाव धरती पर किसी तरह का विपरीत प्रभाव नहीं डालते (जैसे भूकंप, मौसम में बदलाव या मनोवैज्ञानिक प्रभाव)। एवं इसका कोई भी अनिष्टकारक एवम् अलौकिक प्रभाव पृथ्वी पर रहने वाले लोगों पर कभी भी नहीं होता है।

पत्नी की हत्या के आरोप में पति गिरफ्तार, न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया

आर्थिक तनाव और आपसी विवाद बना घटना का कारण, पुलिस जांच जारी

Meerut, उत्तर प्रदेश।
मेरठ जिले के धनवाली गांव में एक विवाहिता की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, महिला की मौत के मामले में उसके पति को आरोपी बनाया गया है। घटना के बाद आरोपी स्वयं थाने पहुंचा, जहां उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। बाद में उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से पारिवारिक कलह चल रही थी। प्रारंभिक जांच में आर्थिक तंगी, कर्ज और आपसी अविश्वास को विवाद की वजह बताया जा रहा है। घटना वाले दिन दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो हिंसक रूप ले बैठी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
थाना प्रभारी का कहना है कि मोबाइल कॉल डिटेल, वित्तीय लेन-देन और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु के सटीक कारण स्पष्ट होंगे।

पत्नी की हत्या के आरोप में पति गिरफ्तार, न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया

आर्थिक तनाव और आपसी विवाद बना घटना का कारण, पुलिस जांच जारी

Meerut, उत्तर प्रदेश।
मेरठ जिले के धनवाली गांव में एक विवाहिता की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, महिला की मौत के मामले में उसके पति को आरोपी बनाया गया है। घटना के बाद आरोपी स्वयं थाने पहुंचा, जहां उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। बाद में उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से पारिवारिक कलह चल रही थी। प्रारंभिक जांच में आर्थिक तंगी, कर्ज और आपसी अविश्वास को विवाद की वजह बताया जा रहा है। घटना वाले दिन दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो हिंसक रूप ले बैठी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
थाना प्रभारी का कहना है कि मोबाइल कॉल डिटेल, वित्तीय लेन-देन और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु के सटीक कारण स्पष्ट होंगे।

पहचान छिपाकर विवाह का आरोप, महराजगंज में मुकदमा दर्ज

महराजगंज। जिले के सोनौली क्षेत्र में एक युवती की शिकायत पर पुलिस ने एक युवक और उसके परिजनों के खिलाफ धोखाधड़ी, प्रताड़ना और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। प्रकरण की जांच जारी है।
पीड़िता का आरोप है कि युवक ने अपनी वास्तविक वैवाहिक स्थिति और पहचान छिपाकर उससे संपर्क किया तथा विवाह का विश्वास दिलाया। युवती के अनुसार, पारंपरिक रीति से विवाह के बाद उसे जानकारी मिली कि आरोपी पहले से विवाहित है। विरोध करने पर कथित रूप से उसके साथ दुर्व्यवहार और दबाव डाला गया।
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि आरोपी के परिवार के कुछ सदस्य भी कथित रूप से मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न में शामिल थे। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

सूना मकान बना चोरों का निशाना, पांच Thieves Loot Jewelry Worth ₹5 Lakh from Locked House in Bansi के जेवरात समेट ले गए बदमाश

Uttar Pradesh janpad Siddharthnagar

बांसी। दो माह से बंद पड़े मकान को चोरों ने अपना निशाना बना लिया। परिवार के सूरत में रहने के दौरान अज्ञात बदमाशों ने घर का ताला तोड़कर भीतर प्रवेश किया और आलमारी में रखे लाखों रुपये मूल्य के जेवरात पार कर दिए। घटना की सटीक तिथि स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है मामला?
खेसरहा थाना क्षेत्र के ग्राम बरगदवा सोयम निवासी एक व्यक्ति बीते दिसंबर में परिवार सहित सूरत चले गए थे। इस दौरान उनका घर बंद पड़ा था। हाल ही में लौटने पर मकान के भीतर सामान बिखरा मिला और आलमारी का लॉक टूटा हुआ पाया गया।
परिजनों के अनुसार, घर से मंगलसूत्र, सोने के हार, झुमके, चूड़ियां, अंगूठी, मांगटीका सहित अन्य आभूषण गायब मिले। अनुमानित कीमत लगभग पांच लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई
पीड़ित की तहरीर पर थाना पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और संदिग्धों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्र में दहशत
लगातार सूने मकानों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं से स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और घर खाली छोड़ते समय पड़ोसियों को सूचना देने की अपील की है।

नाली विवाद बना खूनी संग्राम, अधिवक्ता की पीट-पीटकर हत्या से दहला बांसगांव

गोरखपुर (बांसगांव)। नाली के पानी की निकासी को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद शुक्रवार सुबह खूनी संघर्ष में बदल गया। बांसगांव कस्बे के वार्ड नंबर नौ में दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प में अधिवक्ता अग्निवेश सिंह की कथित तौर पर लोहे की रॉड और धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया है।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
स्थानीय लोगों के अनुसार, एक पक्ष अपने घर की नाली का पानी मुख्य नाले में बहाने के लिए पाइप डाल रहा था। इसी दौरान रास्ते को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। आरोप है कि विवाद के दौरान एक पक्ष ने अधिवक्ता अग्निवेश सिंह पर रॉड, धारदार हथियार और लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
बचाव में पहुंचे परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट की बात सामने आई है। झड़प में दूसरे पक्ष का एक युवक भी घायल हुआ है, जिसका उपचार चल रहा है।
पुलिस की कार्रवाई
परिजनों की तहरीर पर बांसगांव थाना पुलिस ने पांच नामजद लोगों के विरुद्ध हत्या व मारपीट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। एहतियातन क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
शोक में डूबा इलाका
घटना के बाद परिवार और मोहल्ले में गहरा शोक है। अंतिम संस्कार स्थानीय नदी तट पर संपन्न हुआ।

गोरखपुर में शिक्षक आत्महत्या प्रकरण: सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक गिरफ्तार, भ्रष्टाचार व साजिश की धाराएं बढ़ीं

गोरखपुर। गुलरिहा थाना क्षेत्र में सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी गई हैं। मामले की विवेचना अब क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ को सौंपी गई है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, 37 वर्षीय कृष्ण मोहन सिंह मूल रूप से कुशीनगर जिले के हरैया बुजुर्ग के निवासी थे और वर्तमान में गुलरिहा क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज में परिवार के साथ रह रहे थे। वे देवरिया जनपद के गौरीबाजार स्थित एक लघु माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे।
बताया जाता है कि 21 फरवरी की रात उन्होंने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार, उन्होंने चार पन्नों का एक सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर आर्थिक लेन-देन और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे।
जांच में क्या सामने आया?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मृतक की पत्नी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों (मोबाइल कॉल डिटेल व चैट) के आधार पर यह तथ्य सामने आया कि सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक ने कथित रूप से कुछ शिक्षकों का परिचय बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय के एक लिपिक से कराया था और कथित तौर पर धनराशि तय कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी।
दो अन्य शिक्षकों से पूछताछ के बाद पुलिस को लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण इनपुट मिले। इसके बाद आरोपित सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
अन्य आरोपितों की तलाश
पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद अन्य संबंधित व्यक्तियों की तलाश जारी है। विभिन्न जनपदों में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। संबंधित विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।
पुलिस का आधिकारिक बयान
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर ने त्योहारों को देखते हुए किया पैदल मार्च

शिवशरणप्पा जीएन जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर व डॉ0 अभिषेक महाजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद सिद्धार्थनगर द्वारा आज दिनांक 27.02.2026 को आगामी त्यौहार होली व रमजान माह ईंद-उल-फितर के दृष्टिगत व शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु थाना डुमरियागंज पुलिस के साथ कस्बा डुमरियागंज मे पैदल गश्त/रुट मार्च किया गया तथा आम जनमानस को सुरक्षा का एहसास कराया गया तथा शान्ति व्यवस्था बनाये रखने हेतु सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया । इस दौरान क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज व प्रभारी निरीक्षक डुमरियागंज सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण मौजूद रहें ।

डुमरियागंज में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित

सिद्धार्थनगर। जिले के डुमरियागंज तहसील स्थित मंगल भवन में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सांसद जगदंबिकापाल,पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह विधायक सैयदा खातून, जिला अधिकारी शिवरणप्पा जीएन,  पुलिस अधीक्षक अभिषेक महाजन, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने शिरकत की और शादी के बंधन में बंधे नव जोड़ों को आशीर्वाद दिया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आज जनपद के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में 205 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। जिसमें हिंदू , बौद्ध और मुस्लिम जोड़ों का उनके रीति रिवाज के साथ विवाह संपन्न कराया गया। इस दौरान जिला अधिकारी शिवशरणप्पा जीएन , पुलिस अधीक्षक अभिषेक महाजन, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, समाज कल्याण अधिकारी सहित जिले के आला अधिकारी मौजूद रहे। वहीं मीडिया से बात करते हुए सांसद जगदंबिका पाल व पूर्व भाजपा विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन आज डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के हिंदू भवन पर किया गया है जिसमें सभी समुदाय के 205 जोड़े का विवाह संपन्न कराया गया है । इस कार्यक्रम में हम सभी लोगों ने विवाह में पहुंच कर वर वधू को आशीर्वाद दिया। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा डीबीटी के मध्यम से 60000 रूपए व 25000 रूपये का सामान उपहार में दिया है गया है।

वही जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आज यहा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया है। जिसमे करीब 205जोड़ो की शादी यह सम्पन्न हुई संबंधी नव जोड़ों को जिला प्रशासन की तरह से ढेरो शुभकामनाएं

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।