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स्वामी विवेकानंद की स्मृति में चित्रकला प्रतियोगिता हुई संपन्न

नई दिल्ली। बैटर टूमोरो फाउंडेशन द्वारा स्वामी विवेकानंद जी की स्मृति में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता का निर्णयन (जजमेंट) आज मॉडर्न इंटरनेशनल स्कूल, द्वारका, दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। संस्था की संस्थापक अध्यक्षा डॉ.ममता सिंह ने बताया कि इस प्रतियोगिता में देश भर के विभिन्न राज्यों से विद्यार्थियों, युवाओं एवं कला प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के संयोजक डॉ. भरत झा ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रप्रेम, संस्कार, रचनात्मकता तथा स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को कला के माध्यम से अभिव्यक्त करना रहा। प्रतिभागियों ने अपनी चित्रकला के माध्यम से स्वामी विवेकानंद जी के जीवन, उनके संदेशों एवं भारतीय संस्कृति को अत्यंत सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के सह संयोजक जतिन राणा ने बताया कि निर्णायक मंडल में प्रतिष्ठित कलाकारों एवं शिक्षाविदों ने भाग लिया, जिन्होंने चित्रों का मूल्यांकन रचनात्मकता, विषयवस्तु, प्रस्तुति एवं संदेश के आधार पर किया। इसमें मुख्य रूप से पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे, सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन की नित्या पाठक,पूर्व चीफ दिल्ली फायर सर्विस डॉ. धर्मपाल भारद्वाज,समाजसेविका मंजू छिब्बर, कमल शर्मा, डॉ.प्रिया माथुर, डॉ.रवि कुमार, डॉ. इंदिरा मिश्रा,श्रवण कुमार तथा कई कला शिक्षकों ने भी बड़े ही पारदर्शी तरीके से विजेताओं के नाम घोषित किए ।

आयोजन समिति के सदस्य कमल शर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा शीघ्र ही की जाएगी तथा आगामी समारोह में उन्हें सम्मानित किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों के उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना की गई।

इस अवसर पर आयोजक मंडल ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ युवाओं में सकारात्मक सोच, सृजनात्मक अभिव्यक्ति एवं राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा देती हैं।

लव ट्रायंगल बना मौत की वजह: मुंबई की प्रिया शेट्टी की गोरखपुर में बेरहमी से हत्या

GorakhpurNews: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक खौफनाक और सनसनीखेज लव ट्रायंगल मर्डर केस सामने आया है, जिसने रिश्तों की सच्चाई और विश्वास पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

यह मामला न सिर्फ क्राइम की दुनिया को झकझोर देने वाला है, बल्कि यह दिखाता है कि जब लालच, डर और झूठ मिल जाते हैं, तो इंसान किस हद तक गिर सकता है।

30 जनवरी की सुबह गोरखपुर के पीपीगंज थाना क्षेत्र में एक अज्ञात महिला का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था।

महिला की हालत इतनी भयावह थी कि पहचान करना लगभग नामुमकिन हो गया था।

पुलिस के लिए यह मामला पूरी तरह से ब्लाइंड केस बन चुका था।

शिनाख्त बनी सबसे बड़ी चुनौती

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और साथ ही महिला की पहचान के लिए जांच शुरू की।

घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।

लगातार तकनीकी और मैनुअल जांच के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि हत्या सुनियोजित तरीके से की गई है।

जांच में खुलासा हुआ कि मृतका की पहचान मुंबई निवासी 35 वर्षीय प्रिया शेट्टी के रूप में हुई।

लिव-इन रिलेशन से शुरू हुई कहानी, हत्या पर खत्म

पुलिस जांच के अनुसार, प्रिया शेट्टी की मुलाकात मुंबई में एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले विजय कुमार साहनी से हुई थी।

दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वे लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे।

इसी दौरान दोनों का एक बेटा भी हुआ, जिसकी उम्र लगभग 13–14 साल बताई जा रही है।

हालांकि समय के साथ विजय और प्रिया के रिश्ते में तनाव बढ़ने लगा।

इसी बीच विजय ने गोरखपुर में परिवार की मर्जी से दूसरी शादी कर ली।

शादी का दबाव और साज़िश की शुरुआत

पुलिस के मुताबिक, प्रिया शेट्टी विजय पर शादी का दबाव बना रही थी।

यह दबाव धीरे-धीरे विजय के लिए परेशानी का सबब बन गया।

इसी से छुटकारा पाने के लिए आरोपी ने अपनी पत्नी संध्या और ससुर रामविलास साहनी के साथ मिलकर एक खतरनाक साज़िश रची।

26 जनवरी को आरोपी विजय, उसकी पत्नी और प्रिया शेट्टी गोरखपुर पहुंचे।

इसके बाद 29 जनवरी की रात यह साज़िश अपने खौफनाक अंजाम तक पहुंच गई।

हत्या के बाद पहचान छिपाने की कोशिश

जांच में सामने आया कि हत्या के बाद

शव की पहचान छिपाने के लिए

जानबूझकर चेहरा क्षत-विक्षत किया गया और

शरीर से कपड़े हटाकर शव को सुनसान जगह पर फेंक दिया गया।

लेकिन अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी कर लें,

कानून की नजर से बच नहीं सकते।

तीन दिन में खुलासा, तीनों आरोपी गिरफ्तार

गोरखपुर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और ऑटो चालक की अहम जानकारी के आधार पर

पूरे मामले का खुलासा किया।

मुख्य आरोपी

✔️ विजय कुमार साहनी

✔️ उसकी पत्नी संध्या साहनी

✔️ ससुर रामविलास साहनी

तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस का बयान

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह मामला शुरू में पूरी तरह से ब्लाइंड था,

लेकिन टीमवर्क, तकनीकी जांच और स्थानीय इनपुट की मदद से

सच्चाई सामने लाई गई।

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि

गलत रिश्ते, झूठे वादे और स्वार्थ

किसी की जिंदगी को कितनी बेरहमी से खत्म कर सकते हैं।

 

56 लाख फॉलोअर्स वाला मशहूर यूट्यूबर गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार

सोशल मीडिया की चमक-दमक के पीछे छिपे एक खौफनाक सच का पर्दाफाश छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में हुआ है। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे चर्चित यूट्यूबर को गिरफ्तार किया है, जिसके यूट्यूब चैनल पर करीब 56 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं।

ओडिसा से लेकर महाराष्ट्र तक था नेटवर्क

बताया जा रहा है कि आरोपी यूट्यूबर सांपों के रेस्क्यू से जुड़े वीडियो बनाकर खुद को समाजसेवी के रूप में पेश करता था और इसी लोकप्रियता की आड़ में ओडिशा से महाराष्ट्र तक गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का संचालन कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, हाल ही में महासमुंद में एक एंबुलेंस से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया गया था। जांच आगे बढ़ी तो इस पूरे नेटवर्क की कड़ियाँ उक्त यूट्यूबर तक जा पहुँचीं। पूछताछ में सामने आया कि तस्करी के लिए अलग-अलग तरीकों और वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा था, ताकि किसी को शक न हो।

पुलिस का दावा

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी सोशल मीडिया पर भरोसेमंद छवि बनाकर लोगों की नजरों से बचता रहा, लेकिन पर्दे के पीछे अवैध धंधे को पूरी योजना के साथ अंजाम दे रहा था। गांजे की खेप, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग और वित्तीय लेन-देन की भी गहन जांच की जा रही है।

बड़ा सवाल

यह मामला एक बार फिर सोचने पर मजबूर करता है कि

क्या सोशल मीडिया की लोकप्रियता किसी की सच्चाई की गारंटी होती है?

कानून ने साफ संदेश दे दिया है कि पहचान चाहे जितनी बड़ी हो, अपराध करने वाला कानून से ऊपर नहीं।

फिलहाल पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

 

भारत के बाहर जन्मे नागरिकों के लिए मतदाता पंजीकरण में नई व्यवस्था लागू..भारत-नेपाल में खुशी की लहर

भारत के बाहर जन्मे नागरिकों को वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने संबंधी पुरानी समस्या का समाधान किया गया है, जिससे भारत और नेपाल दोनों में खुशी का माहौल है।

समस्या का समाधान: अब बाहर जन्मे भारतीय भी कर सकते हैं नामांकन 

पिछले समय में भारत के बाहर जन्मे भारतीय नागरिक फॉर्म-6 या फॉर्म-6A के माध्यम से मतदाता के रूप में आवेदन नहीं कर पा रहे थे। इसका कारण यह था कि सिस्टम में ‘भारत के बाहर’ जन्म स्थान दर्ज करने का कोई विकल्प उपलब्ध नहीं था।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुसार, अब यह समस्या पूरी तरह से हल कर दी गई है।

 नई तकनीकी व्यवस्था: ‘Outside India’ विकल्प उपलब्ध

निर्वाचन आयोग ने तकनीकी कठिनाई को दूर करते हुए एक ऑफलाइन व्यवस्था लागू की है। अब:

ईआरओ-नेट और बीएलओ ऐप के डेटा एंट्री मॉड्यूल में

जन्म स्थान के रूप में ‘Outside India’ चुनने का विकल्प है।

साथ में देश का नाम दर्ज करने के लिए Text Box भी उपलब्ध है।

इससे अब भारत के बाहर जन्मे भारतीय पात्र नागरिक अपने वोटर रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन कैसे करें: फॉर्म-6 / फॉर्म-6A भरें और जमा करें 

नई व्यवस्था के तहत:

आवेदनकर्ता फॉर्म-6 या फॉर्म-6A को भौतिक रूप में भरें।

उसे अपने निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी / बूथ लेवल अधिकारी के पास जमा कराएँ।

इससे अब विदेश में जन्मे पात्र नागरिक भी अपने मताधिकार का पूरा लाभ उठा सकेंगे।

भारत-नेपाल में खुशी का माहौल

इस नई व्यवस्था की घोषणा से भारत में तो लोग ख़ुश हैं ही, साथ ही नेपाल में बहुएं और वधू पक्ष के लोग भी इसे स्वागत योग्य बता रहे हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे:

इस व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

व्यापक प्रचार-प्रसार भी करें, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिक इसका लाभ उठाएँ।

भारी भरकम बजट में पुरानी पेंशन पर चुप्पी, कर्मचारियों में निराशा और रोष

केंद्र सरकार के वित्त मंत्री द्वारा संसद में प्रस्तुत वर्ष 2026–27 के लगभग 53.5 लाख करोड़ रुपये के बजट को विकासोन्मुख और व्यापक बताया जा रहा है, लेकिन कर्मचारियों के लिए सबसे संवेदनशील मुद्दा — पुरानी पेंशन योजना (OPS) — इस बजट से नदारद दिखी। इसी बात को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों में निराशा और आक्रोश का माहौल है।

यह बात राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद बस्ती मंडल के मंडल अध्यक्ष अरुण कुमार प्रजापति ने कही। उन्होंने कहा कि बजट में हर क्षेत्र के लिए प्रावधान किए गए, लेकिन कर्मचारियों के बुढ़ापे की सामाजिक सुरक्षा मानी जाने वाली पुरानी पेंशन पर न तो कोई चर्चा हुई और न ही किसी प्रकार का बजटीय संकेत मिला।

लंबे समय से चल रही है आर-पार की लड़ाई”

अरुण कुमार प्रजापति ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारी लंबे समय से पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर संघर्षरत हैं। कई चरणों में आंदोलन, ज्ञापन और प्रदर्शन के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है।

उन्होंने कहा कि अब कर्मचारी संगठनों ने इस लड़ाई को और व्यापक रूप से एकजुट होकर लड़ने का निर्णय लिया है।

सरकार से पुनर्विचार की अपील

मंडल अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से अपील की कि कर्मचारियों के भविष्य और बुढ़ापे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर गंभीरता से पुनर्विचार किया जाए और ऐतिहासिक निर्णय लिया जाए।

जहाँ ज़िंदा होना भी अपराध बन जाए: काग़ज़ों में मृत घोषित की गई वृद्धा

सिद्धार्थनगर।
सिस्टम की एक चौंकाने वाली लापरवाही ने इंसान और सरकारी काग़ज़ों के बीच की सच्चाई पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
ज़िले के शोहरतगढ़ ब्लॉक अंतर्गत सुजकुंडिया गांव के टोला मोहम्मदपुर में एक वृद्ध महिला ज़िंदा है, चलती-फिरती है, बोलती है — लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उसे मृत घोषित कर दिया गया।
यह मामला आज का नहीं, बल्कि दो से तीन वर्ष पुराना बताया जा रहा है।
जब वृद्ध महिला वृद्धा पेंशन के लिए आवेदन कराने पहुँची, तो सिस्टम में उसका नाम देखकर कहा गया कि आप तो पहले ही मृत घोषित की जा चुकी हैं।
महिला के लिए यह जवाब किसी सदमे से कम नहीं था।
जिसके पास खुद का अस्तित्व है, वही जब काग़ज़ों में खत्म कर दिया जाए — तो सवाल सिर्फ़ पेंशन का नहीं, इंसाफ़ और भरोसे का बन जाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार महिला के पति और संतान पहले ही गुजर चुके हैं।
वृद्धा पेंशन ही उसके जीवन का एकमात्र सहारा है।
हैरानी की बात यह है कि महिला के बैंक खाते में हाल के वर्षों तक लेन-देन दर्ज है, जो उसके जीवित होने की पुष्टि करता है, लेकिन विभागीय रिकॉर्ड कुछ और कहानी कहता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना किसी भौतिक सत्यापन और मौके की जांच के ही महिला को मृत दर्शा दिया गया।
अब सवाल यह उठता है कि अगर एक ज़िंदा इंसान काग़ज़ों में मारा जा सकता है, तो आम आदमी की सुरक्षा सिस्टम में कितनी मज़बूत है?
मामले पर मुख्य विकास अधिकारी, सिद्धार्थनगर बलराम सिंह का कहना है कि शिकायत संज्ञान में आई है और जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला न सिर्फ़ प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है, बल्कि यह भी बताता है कि सरकारी रिकॉर्ड की एक गलती किसी ज़िंदा इंसान को कैसे “काग़ज़ी मौत” दे सकती है।

जहाँ ज़िंदा होना भी अपराध बन जाए: काग़ज़ों में मृत घोषित की गई वृद्धा

सिद्धार्थनगर।
सिस्टम की एक चौंकाने वाली लापरवाही ने इंसान और सरकारी काग़ज़ों के बीच की सच्चाई पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
ज़िले के शोहरतगढ़ ब्लॉक अंतर्गत सुजकुंडिया गांव के टोला मोहम्मदपुर में एक वृद्ध महिला ज़िंदा है, चलती-फिरती है, बोलती है — लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उसे मृत घोषित कर दिया गया।
यह मामला आज का नहीं, बल्कि दो से तीन वर्ष पुराना बताया जा रहा है।
जब वृद्ध महिला वृद्धा पेंशन के लिए आवेदन कराने पहुँची, तो सिस्टम में उसका नाम देखकर कहा गया कि आप तो पहले ही मृत घोषित की जा चुकी हैं।
महिला के लिए यह जवाब किसी सदमे से कम नहीं था।
जिसके पास खुद का अस्तित्व है, वही जब काग़ज़ों में खत्म कर दिया जाए — तो सवाल सिर्फ़ पेंशन का नहीं, इंसाफ़ और भरोसे का बन जाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार महिला के पति और संतान पहले ही गुजर चुके हैं।
वृद्धा पेंशन ही उसके जीवन का एकमात्र सहारा है।
हैरानी की बात यह है कि महिला के बैंक खाते में हाल के वर्षों तक लेन-देन दर्ज है, जो उसके जीवित होने की पुष्टि करता है, लेकिन विभागीय रिकॉर्ड कुछ और कहानी कहता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना किसी भौतिक सत्यापन और मौके की जांच के ही महिला को मृत दर्शा दिया गया।
अब सवाल यह उठता है कि अगर एक ज़िंदा इंसान काग़ज़ों में मारा जा सकता है, तो आम आदमी की सुरक्षा सिस्टम में कितनी मज़बूत है?
मामले पर मुख्य विकास अधिकारी, सिद्धार्थनगर बलराम सिंह का कहना है कि शिकायत संज्ञान में आई है और जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला न सिर्फ़ प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है, बल्कि यह भी बताता है कि सरकारी रिकॉर्ड की एक गलती किसी ज़िंदा इंसान को कैसे “काग़ज़ी मौत” दे सकती है।

बड़ौत में अविका ब्यूटी पार्लर का हुआ शुभारंभ

बागपत। विवेक जैन। बडौत के बिनोली रोड स्थित वर्धा ज्योति कॉलोनी में अविका मेकओवर ब्यूटी पार्लर का शुभारंभ हो गया। इस मौके पर यू-टयूबर पारूल चौधरी व इंटरनेशनल अवार्डी व महामहिम राष्ट्रपति व उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित सीनियर जर्नलिस्ट विपुल जैन अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने फीता काटकर अविका मेकओवर ब्यूटीपार्लर का शुभारंभ किया। उनका यहाँ पहुँचने पर अविका मेकओवर मेघा गुप्ता, प्रवीण तोमर व निखिल चौहान ने फूल माला पहनाकर व फूल बुग्गा भेंट कर सम्मान किया। इस मौके पर मेघा गुप्ता ने कहा कि उनके ब्यूटीपार्लर में मेकअप से जुड़े हर कार्य बहुत ही रियायती दरों पर किये जाएंगे। कस्टमर की संतुष्टि ही उनका पहला उद्देश्य होगा। बताया कि उनके ब्यूटी पार्लर द्वारा होम सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिये पहले फोन से बुकिंग करानी होगी और उसके बाद घर पर जाकर ही मेकअप से जुड़े सभी कार्य किए जाएंगे। ब्यूटी पार्लर का शुभारंभ करने पर उन्हें पारूल चौधरी व विपुल जैन ने बधाई दी और उनके पार्लर की दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की करने की कामना की। इस मौके पर संजीव गुप्ता, रेखा गुप्ता, बबीता देवी, तनु देवी आदि समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।

फौजी प्रवीण तोमर को मिला राष्ट्रीय गौरव अवार्ड

बागपत। विवेक जैन। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पराक्रम दिवस पर दिल्ली के रोहिणी में स्थित टेक्निया इंस्टिट्यूट ऑफ़ एडवांस्ड स्टडीस में भारत गौरव अवार्ड समारोह-2026 का शानदार आयोजन किया गया। इस मौके पर बागपत के वाजिदपुर गांव के रहने वाले फौजी प्रवीण तोमर के कार्यों को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय गौरव अवॉर्ड- 2026 से पुरस्कृत किया गया और उनके कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा की गई। फौजी प्रवीण तोमर जेसलमेर राजस्थान में तैनात है और देश की सेवा में लगे हुए है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर व ऑपरेशन पुलवामा में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। हर कोई व्यक्ति उनके कार्यों की सराहना कर रहा है और उनसे प्रेरणा लेने की बात कह रहा है। उन्हें राष्ट्रीय गौरव अवार्ड- 2026 से पुरस्कृत होने पर उन्हें अनेक लोगों ने बधाई दी है। इस मौके पर कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव परमवीर चक्र विजेता, एडवोकेट कूमर इंद्रनील कॉर्डिनेटर, डॉ भरत झा कनवेनर, जतिन राणा को-कनवेनर, डीएफएस के पूर्व चीफ व तीन बार के राष्ट्रपति पदक विजेता डॉ धर्मपाल भारद्वाज, इंटरनेशनल अवार्डी व महामहिम राष्ट्रपति व उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित सीनियर जर्नलिस्ट विपुल जैन समेत काफी लोग मौजूद रहे।

माघ मेला देखकर लौट रहे युवकों पर कहर, अज्ञात वाहन की टक्कर से एक की मौत, दूसरा गंभीर घायल

सिद्धार्थनगर।
जनपद सिद्धार्थनगर के कोतवाली बंसी क्षेत्र में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। माघ मेला बंसी देखकर घर लौट रहे मोटरसाइकिल सवार दो युवक अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए, जिसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका चचेरा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना का पूरा विवरण
यह हादसा 1 फरवरी 2026, दिन रविवार की रात लगभग 10:30 बजे हुआ। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक माघ मेले की रौनक देखकर मोटरसाइकिल से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में तेज रफ्तार से आए अनियंत्रित अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी और चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया।
मृतक व घायल की पहचान
हादसे में इंद्रेश (20 वर्ष), पुत्र सुकी प्रसाद लोधी की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
वहीं उसके चचेरे भाई सतीश कुमार लोधी (19 वर्ष), पुत्र सुरेश कुमार लोधी गंभीर रूप से घायल हो गए।
दोनों युवक कोतवाली जोगिया क्षेत्र के ग्राम सनौरा, जनपद सिद्धार्थनगर के निवासी बताए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों की तत्परता
हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने मानवता दिखाते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी और दोनों युवकों को इलाज के लिए अस्पताल पहुँचाया। अस्पताल पहुँचते ही चिकित्सकों ने इंद्रेश को मृत घोषित कर दिया।
घायल का इलाज जारी
घायल सतीश कुमार की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली बंसी पुलिस मौके पर पहुँची और मृतक के परिजनों को सूचित किया। इसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
फिलहाल पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी हुई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। मामले में विधिक कार्रवाई जारी है।
गांव में शोक का माहौल
जैसे ही हादसे की खबर गांव पहुँची, परिवार में कोहराम मच गया। एक ही परिवार के दो युवकों के हादसे का शिकार होने से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।