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भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय मंत्री चित्रा देवी ने मनोनीत पार्षदों को दी बधाई

गोरखपुर 17 मार्च। भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय मंत्री चित्रा देवी ने उत्तर प्रदेश शासन नगर विकास से नामित/नव नियुक्त गोरखपुर नगर निगम के कुल 10 मनोनीत पार्षद आदरणीय रितेश सिंह , दुर्गेश बजाज , अष्टभुजा श्रीवास्तव , संजय कुमार वैश्य , आलोक सिंह विशेन , वीर सिंह सोनकर , शिवम पांडेय , अरविंद निषाद , चंदन आर्या , ममता जायसवाल को हृदय की गहराईयों से हार्दिक बधाई दी हैं।

उन्होंने कहा कि मनोनीत कर सरकार ने कर्मठ कार्यकर्ताओं का सम्मान किया है । उत्तर प्रदेश सरकार के निर्णय की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए आभार जताया है ।

 

बकाया मानदेय को लेकर रोजगार सेवकों ने घेरा विकास भवन

सिद्धार्थनगर। जनपद के मनरेगा मजदूरों की बकाया मजदूरी एवं ग्राम रोजगार सेवकों सहित अन्य कर्मियों के लंबित मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर आज़ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद के नेतृत्व में विकास भवन का घेराव कर प्रदर्शन किया । मुख्य विकास अधिकारी को संबोधित ज्ञापन जिला विकास अधिकारी को सौंपा जिसमें उनसे मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी एवं एवं ग्राम रोजगार सेवकों सहित अन्य संविदा कर्मियों के बकाया भुगतान की मांग की गई है।

ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि मनरेगा के अंतर्गत कार्य करने वाले मजदूरों की मजदूरी लंबे समय से लंबित है, जिससे गरीब परिवारों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही संविदा कर्मियों को भी कई महीनों से मानदेय नहीं मिलने के कारण उनकी स्थिति दयनीय हो गई है।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद ने कहा कि मनरेगा मजदूरों का हक मारना गरीबों के साथ अन्याय है। सरकार और प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेते हुए मजदूरों की बकाया मजदूरी का भुगतान एवं ग्राम रोजगार सेवकों का बकाया मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए। यकांग्रेस पार्टी गरीबों के हक की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ती रहेगी।

 

जिला उपाध्यक्ष कृष्ण बहादुर सिंह, सादिक अहमद, रंजना मिश्रा एवं सतीश चन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि यदि मजदूरों और कर्मचारियों का भुगतान समय से नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को और तेज करेगी। प्रशासन को 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए, अन्यथा कांग्रेस पार्टी के लोग सड़कों पर उतर कर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

 

इस दौरान रियाज़ मनिहार, राजन श्रीवास्तव, ओमप्रकाश दूबे, सुदामा प्रसाद, रितेश त्रिपाठी, डॉ प्रमोद कुमार, होरी लाल श्रीवास्तव, मुकेश कुमार चौबे, संतोष त्रिपाठी, रिजवान, ज़ुबैर खान, शौकत अली, रुखमीना साहनी, पन्ना लाल साहनी, श्याम नारायन विज्ञानी बाबा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

 

बकाया मानदेय को लेकर रोजगार सेवकों ने घेरा विकास भवन

सिद्धार्थनगर। जनपद के मनरेगा मजदूरों की बकाया मजदूरी एवं ग्राम रोजगार सेवकों सहित अन्य कर्मियों के लंबित मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर आज़ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद के नेतृत्व में विकास भवन का घेराव कर प्रदर्शन किया । मुख्य विकास अधिकारी को संबोधित ज्ञापन जिला विकास अधिकारी को सौंपा जिसमें उनसे मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी एवं एवं ग्राम रोजगार सेवकों सहित अन्य संविदा कर्मियों के बकाया भुगतान की मांग की गई है।

ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि मनरेगा के अंतर्गत कार्य करने वाले मजदूरों की मजदूरी लंबे समय से लंबित है, जिससे गरीब परिवारों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही संविदा कर्मियों को भी कई महीनों से मानदेय नहीं मिलने के कारण उनकी स्थिति दयनीय हो गई है।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद ने कहा कि मनरेगा मजदूरों का हक मारना गरीबों के साथ अन्याय है। सरकार और प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेते हुए मजदूरों की बकाया मजदूरी का भुगतान एवं ग्राम रोजगार सेवकों का बकाया मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए। यकांग्रेस पार्टी गरीबों के हक की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ती रहेगी।

 

जिला उपाध्यक्ष कृष्ण बहादुर सिंह, सादिक अहमद, रंजना मिश्रा एवं सतीश चन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि यदि मजदूरों और कर्मचारियों का भुगतान समय से नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को और तेज करेगी। प्रशासन को 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए, अन्यथा कांग्रेस पार्टी के लोग सड़कों पर उतर कर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

 

इस दौरान रियाज़ मनिहार, राजन श्रीवास्तव, ओमप्रकाश दूबे, सुदामा प्रसाद, रितेश त्रिपाठी, डॉ प्रमोद कुमार, होरी लाल श्रीवास्तव, मुकेश कुमार चौबे, संतोष त्रिपाठी, रिजवान, ज़ुबैर खान, शौकत अली, रुखमीना साहनी, पन्ना लाल साहनी, श्याम नारायन विज्ञानी बाबा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

 

सुबह की सैर बनी मौत! गोरखपुर में पूर्व पार्षद प्रतिनिधि की हत्या से सनसनी

घेरकर किया हमला, गोली और धारदार हथियार से वार — इलाके में तनाव, जांच तेज
गोरखपुर | संवाददाता धनेश कुमार

गोरखपुर जिले के चिलुवाताल थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां टहलने निकले पूर्व पार्षद प्रतिनिधि राजकुमार चौहान की हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल बन गया।
🧾 क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजकुमार चौहान सुबह करीब 5 बजे घर से टहलने के लिए निकले थे। इसी दौरान घर से कुछ दूरी पर कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन्हें घेर लिया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हमलावरों ने पहले गोली चलाई और फिर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला किया। बताया जा रहा है कि हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए।
अस्पताल में मौत की पुष्टि
घायल अवस्था में परिजन उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इलाके में तनाव, सड़क जाम
घटना की खबर फैलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने बरगदवा चौराहे पर गोरखपुर–सोनौली मार्ग को जाम कर दिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर और हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया तथा यातायात बहाल कराया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और सभी पहलुओं पर जांच जारी है।
हालांकि, हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
जांच जारी, कई एंगल पर काम
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।


यह घटना एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, वहीं पुलिस के सामने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करना बड़ी चुनौती बन गया है।

100 साल की विरासत LIVE! लखनऊ जंक्शन बना इतिहास का जादुई संग्रहालय

स्कूली बच्चों ने देखा रेलवे का सुनहरा सफर, 102 साल पुराना इंजन ‘ऐरावत’ बना आकर्षण का केंद्र
लखनऊ, 17 मार्च 2026
उत्तर पूर्वी रेलवे, लखनऊ मंडल द्वारा लखनऊ जंक्शन के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित भव्य हेरिटेज प्रदर्शनी ने आज इतिहास को जीवंत कर दिया। मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने स्कूली बच्चों को भारतीय रेल के गौरवशाली अतीत से रूबरू कराया।
इस प्रदर्शनी में
सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (राजेंद्र नगर) के 78 छात्र-शिक्षक
बाल विद्या मंदिर (चारबाग) के 75 छात्र
सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल (गोयल कैंपस) के 40 छात्र
ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


सबसे बड़ा आकर्षण बना 102 साल पुराना इंजन ‘ऐरावत’
साल 1924 में इंग्लैंड में बना यह ऐतिहासिक स्टीम इंजन कभी महाराजगंज ट्रामवे लाइन पर चलता था। ‘छोटी लाइन’ के इस इंजन ने बच्चों को भाप इंजन के सुनहरे दौर की याद दिला दी।
बच्चों के लिए सीख और रोमांच दोनों
🔹 ब्रेल मैप ने दिव्यांग यात्रियों के लिए रेलवे की संवेदनशीलता दिखाई
🔹 चलती हुई टॉय ट्रेन और ‘हॉगवर्ट्स एक्सप्रेस’ थीम ने बच्चों को किया रोमांचित
पुराने टिकट, मशीनें, सिग्नल सिस्टम और यूनिफॉर्म ने दिखाया रेलवे का बदलता स्वरूप


आरपीएफ कांस्टेबल श्वेता ने बच्चों को पुराने उपकरणों और रेलवे सिस्टम की जानकारी दी।
सुरक्षा और तकनीक का शानदार प्रदर्शन
सिग्नल एवं टेलीकॉम विभाग ने बताया कि कैसे


👉 पहले मैनुअल सिस्टम से ट्रेनें चलती थीं
👉 और आज इलेक्ट्रॉनिक व कंप्यूटराइज्ड तकनीक ने सुरक्षा और गति दोनों बढ़ा दी हैं


माइकल’ बना बच्चों का फेवरेट
आरपीएफ के स्निफर डॉग माइकल के साथ बच्चों ने सेल्फी ली और सुरक्षा व्यवस्था को करीब से समझा।


महिला कर्मचारियों के लिए भी खास आयोजन
डिवीजन ऑफिस की महिला कर्मचारियों को भी प्रदर्शनी का विशेष भ्रमण कराया गया, जिससे उन्होंने लखनऊ जंक्शन के 100 साल के गौरवशाली सफर को जाना।


यह प्रदर्शनी सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय रेलवे की ताकत, तकनीक और विरासत से जोड़ने का सशक्त प्रयास साबित हुई।

“मेहदावल में प्रसव के दौरान उठे सवाल, परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप”

संत कबीर नगर जिले के मेहदावल क्षेत्र में एक निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
बेलहर कला निवासी एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उनकी गर्भवती पत्नी का समय से पहले ऑपरेशन किया गया…
और पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधा के अभाव में नवजात की मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रसूता को पेट में दर्द होने पर परिजन मेहदावल स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे।
परिजनों का आरोप है कि वहां मौजूद डॉक्टर द्वारा सामान्य डिलीवरी संभव न होने की बात कही गई और तत्काल ऑपरेशन की सलाह दी गई।
परिवार का कहना है कि डॉक्टर की चेतावनी से घबराकर उन्होंने ऑपरेशन की अनुमति दे दी…
जिसके बाद बच्चे का जन्म हुआ, लेकिन कुछ ही समय बाद उसकी हालत गंभीर बताई गई और उसे रेफर कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि नवजात को पहले खलीलाबाद और फिर गोरखपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया…
जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रसव की संभावित तिथि आगे की थी…
ऐसे में समय से पहले ऑपरेशन और अस्पताल में पर्याप्त आपातकालीन सुविधाओं की कमी इस घटना का कारण हो सकती है।
हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासनिक एंगल (सुरक्षित लाइन)
फिलहाल मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जांच की बात कही जा रही है…
जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।

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