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43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, सिद्धार्थनगर द्वारा निःशुल्क चिकित्सा शिविर का किया गया आयोजन

 

दिनांक 26.02.2026 को नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल सिद्धार्थनगर द्वारा सीमा चौकी खुनवा क्षेत्र के वाइब्रेंट गाँव लुचुइया में निशुल्क मानव चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया I 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल द्वारा भारत- नेपाल की सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ सीमावर्ती गाँवों मे बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु अनेक जन कल्याणकारी कार्यक्रम और कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाता रहा है I इसी क्रम में आज 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, सिद्धार्थनगर द्वारा नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत डॉ. रामविलास, चिकित्साधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शोहरतगढ़ के सहयोग से 43वीं वाहिनी द्वारा सीमा चौकी खुनवा क्षेत्र के वाइब्रेंट गाँव लुचुइया में शिविर लगाकर निःशुल्क मानव चिकित्सा सेवा प्रदान किया गया I इस शिविर के माध्यम से सीमाई क्षेत्र के लुचुईया, बैदौली, नरौरा, और गनचौरा गाँव के 42 पुरुष, 53 महिला और 19 बच्चों के साथ कुल -114 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवा वितरित किया गया I कार्यक्रम के दौरान डॉ. रामविलास, चिकित्साधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शोहरतगढ़ द्वारा उपस्थित ग्रामीणों को स्वच्छता, संतुलित आहार एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के प्रति जागरूक किया। इस कार्यक्रम में 43वीं वाहिनी सीमा चौकी खुनवा के प्राभारी निरीक्षक रामप्रताप सिंह, सहायक उप निरीक्षक फार्मासिस्ट आशुतोष कुमार, और अन्य कार्मिको के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे I

SSB ने नशीली दवाओं के साथ नेपाली व्यक्ति को पकड़ा

सिद्धार्थनगर। आज दिनांक 25.02.2026 को 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के सीमा चौकी अलीगढ़वा और पुलिस के जवानों ने संयुक्त गस्ती के दौरान नशीली दवाओं के साथ एक नेपाली व्यक्ति को गिरफ्तार किया। सूचना प्राप्त हुआ कि सीमा स्तंभ संख्या 550 के समीप से नशीली दवाओं की तस्करी होने वाली है I सूचना प्राप्त होते ही सीमा चौकी अलीगढ़वा और पुलिस थाना कपिलवस्तु की संयुक्त गस्ती दल चिन्हित स्थान पर पहुंचे I कुछ समय पश्चात गस्ती दल द्वारा देखा गया कि एक व्यक्ति ठकुरापुर गाँव के रास्ते मोटरसाइकल से भारत से नेपाल की ओर जा रहा था। जैसे ही उस व्यक्ति की नजर संयुक्त गस्ती दल पर पड़ा वह मोटरसाइकल मोड़ कर भागने लगा लेकिन संयुक्त गस्ती दल द्वारा तत्परता के साथ घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया और उसके भागने का कारण पूछा गया तो उसने बताया कि उसके पास नशीली दवाए है। गस्ती दल द्वारा समवाय कमांडर को सूचित कर मौके पर राजपत्रित अधिकारी को बुलाया गया और उनकी उपस्थिति में उस व्यक्ति की तलाशी ली गई जिसमें उसके पास से 79 नग (SPM-PRX), 72 नग (CARISPAS-I) और 59 नग (ALPRAZOLAM) नशीली दवा बरामद हुआ I पूछ- ताछ करने पर उक्त व्यक्ति ने अपना नाम अब्दुल रहमान, उम्र 30 वर्ष, पुत्र अब्दुल समद, ग्राम- वार्ड नं-04, मायादेवी, थाना-पकड़ी जिला- कपिलवस्तु नेपाल बताया I संयुक्त गस्ती दल द्वारा सभी दवाओं को जब्त कर मोटरसाइकल सहित तस्कर को पुलिस थाना कपिलवस्तु को सुपुर्द कर दिया गया।

भारत-नेपाल सीमा पर होने वाली तस्करी और अन्य अपराधों की रोकथाम के लिए प्रचालन गतिविधियों द्वारा 43वी वाहिनी एस.एस.बी निरन्तर प्रयासरत है जिसके फलस्वरूप एस.एस.बी द्वारा लगातार भारत –नेपाल सीमा पर अवैध रूप से हो रही तस्करी के सामान,मानव तस्करी,नशीली दवा, अवैध मुद्रा व वन्य जीव और उत्पाद को जब्त किया जा रहा है तथा उसमे सम्बंधित लिप्त व्यक्तियों पर आवश्यक क़ानूनी कार्यवाही की जा रही है l

“टेट अनिवार्यता के Add New Postखिलाफ शिक्षकों का शक्ति प्रदर्शन, समय से शुरू हुआ धरना – कलेक्ट्रेट में सौंपा गया ज्ञापन”

🔥 हेडिंग:
“टेट अनिवार्यता के Add New Postखिलाफ शिक्षकों का शक्ति प्रदर्शन, समय से शुरू हुआ धरना – कलेक्ट्रेट में सौंपा गया ज्ञापन
📰 YFT / FT NEWS DIGITAL के लिए विशेष खबर
सिद्धार्थनगर।
टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में गुरुवार को जनपद मुख्यालय पर शिक्षकों ने संगठित शक्ति का प्रदर्शन किया। टीचर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (टीएफआई) के आह्वान पर बीएसए कार्यालय परिसर में निर्धारित समय अपराह्न एक बजे धरना शुरू हुआ और शांतिपूर्ण तरीके से कलेक्ट्रेट परिसर तक पैदल मार्च निकालकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
धरना पूरी तरह पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार संचालित हुआ। प्रशासनिक व्यवस्था के बीच शिक्षक संगठनों ने अनुशासन बनाए रखते हुए अपनी मांगों को मजबूती से रखा।
क्या है मामला?
टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उ.प्र. प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई एक्ट) लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों ने निर्धारित योग्यता और चयन प्रक्रिया के तहत सेवा प्राप्त की थी। ऐसे में अब उन पर टेट की अनिवार्यता लागू करना नियमों के विपरीत है।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस विषय पर शीघ्र स्पष्ट निर्णय लिया जाए, जिससे वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों में व्याप्त असमंजस और असुरक्षा की भावना समाप्त हो।
🚶‍♂️ बीएसए कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक मार्च
धरना समाप्ति के बाद शिक्षक बीएसए कार्यालय परिसर से संगठित रूप से कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां प्रशासनिक अधिकारी को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और निर्धारित समय पर समाप्त हुआ।
शिक्षा व्यवस्था पर असर
शिक्षकों का कहना है कि यह आंदोलन उनके सम्मान, सेवा सुरक्षा और अधिकारों से जुड़ा है। वहीं प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार ज्ञापन को शासन स्तर पर अग्रसारित किया जाएगा।
फिलहाल, जनपद में यह मुद्दा शिक्षा जगत की बड़ी बहस बन चुका है। यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आगे भी रणनीतिक कदम उठाए जा सकते हैं।

बुकिंग के बहाने बुलाया… नशीला पदार्थ देकर कार और नकदी लेकर फरार!

UP सिद्धार्थनगर।
जिले में बुकिंग पर गाड़ी चलाने वाले एक चालक के साथ हुई संदिग्ध लूट की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामला गंभीरता से लिया गया है और हर पहलू की जांच की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
शास्त्रीनगर मोहल्ला निवासी नागेंद्र गुप्ता चार पहिया वाहन बुकिंग पर चलाते हैं। 22 फरवरी को उन्हें फोन के माध्यम से सूचना मिली कि बिहार जाने के लिए सवारी है। बताया जाता है कि एक परिचित ई-रिक्शा चालक ने रेलवे स्टेशन बुलाया, जहां से वह सवारी लेकर बिहार की ओर रवाना हुए।
रात करीब 11 बजे नागेंद्र ने अपने घर फोन कर बताया कि वह बिहार से वापस निकल रहे हैं। इसके बाद अचानक उनका मोबाइल फोन बंद हो गया।
परिजनों की बढ़ी चिंता
23 फरवरी को पूरा दिन बीत गया, लेकिन चालक का कोई संपर्क नहीं हुआ। परिवार के लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। काफी तलाश के बाद भी जब कोई जानकारी नहीं मिली तो परिजनों ने सदर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की सक्रियता
शिकायत मिलते ही सदर पुलिस हरकत में आई।
मोबाइल लोकेशन ट्रेस की गई
संबंधित क्षेत्रों में संपर्क साधा गया
संभावित रूट की जानकारी जुटाई गई
प्रारंभिक जांच में युवक की लोकेशन बिहार क्षेत्र में मिली। पुलिस की सक्रियता और दबाव के बीच कुछ समय बाद पीड़ित युवक को बरामद कर लिया गया।
पीड़ित ने क्या बताया?
होश में आने के बाद नागेंद्र गुप्ता ने पुलिस को दिए बयान में आशंका जताई कि रास्ते में उन्हें नशीला पदार्थ दिया गया। बेहोशी की हालत में उनकी कार, मोबाइल फोन और नकदी गायब हो गए।
उन्होंने बताया कि जब होश आया तो वह खुद को असहाय स्थिति में पाया। किसी तरह संपर्क स्थापित कर परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद उन्हें वापस लाया गया।
पुलिस का आधिकारिक बयान
सदर कोतवाली प्रभारी राम यादव ने बताया कि:
“तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। दोषियों की पहचान कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां सामने आएंगी।
महत्वपूर्ण बिंदु (सुरक्षित रिपोर्टिंग हेतु)
घटना पीड़ित के बयान पर आधारित है
पुलिस जांच जारी है
आरोपियों की आधिकारिक पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है

सलोंन में माहे रमजान के पहले दिन से रोजा इफ्तार का दौर जारी, मौला बक्स कॉलोनी में भव्य आयोजन

सलोंन, रायबरेली। नगर पंचायत सलोंन में पवित्र माहे रमजान की शुरुआत के साथ ही रोजा इफ्तार का दौर लगातार जारी है। पहले ही दिन से विभिन्न वार्डों में इफ्तार कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है, जहां रोजेदारों के साथ बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश दे रहे हैं।

मौला बक्स कॉलोनी में आयोजित हुआ रोजा इफ्तार कार्यक्रम

मिल्कियाना पूर्वी वार्ड स्थित मौला बक्स कॉलोनी में अख्तर सलमानी और अकबर सलमानी (ओमान) की ओर से भव्य रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया। इस मौके पर रोजेदारों के लिए खजूर, फल, शरबत और विभिन्न व्यंजनों की विशेष व्यवस्था की गई थी।

इफ्तार के समय सभी ने सामूहिक रूप से रोजा खोला और रमजान की फजीलत पर चर्चा की।

जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की रही मौजूदगी

इस मुबारक अवसर पर समाजसेवी एवं पूर्व चेयरमैन प्रत्याशी मोहम्मद इरफान सिद्दीकी, सभासद मो. फिरोज इद्रीसी, पूर्व सभासद इसरार हैदर (रानू), सभासद शरीफ (गड्डी), मो. जैद मेवाती, रईस इद्रीसी, आजम मेवाती, तनवीर सलमानी, नदीम मेवाती, पापा सलमानी, अशरफ कुरैशी, सैफ इद्रीसी और आफाक मछली वाले सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम में शामिल लोगों ने एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया।

इफ्तार के बाद अदा की गई नमाज, अमन-चैन की मांगी दुआ

इफ्तार के बाद सभी ने सामूहिक रूप से नमाज अदा की और मुल्क में अमन, शांति और तरक्की के लिए दुआएं मांगीं। वक्ताओं ने कहा कि रमजान का महीना सब्र, त्याग और इंसानियत का पैगाम देता है।

रोजा इफ्तार जैसे आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा और सौहार्द बढ़ता है, जो देश की गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान है।

सलोंन में माहे रमजान के पहले दिन से रोजा इफ्तार का दौर जारी, मौला बक्स कॉलोनी में भव्य आयोजन

सलोंन, रायबरेली। नगर पंचायत सलोंन में पवित्र माहे रमजान की शुरुआत के साथ ही रोजा इफ्तार का दौर लगातार जारी है। पहले ही दिन से विभिन्न वार्डों में इफ्तार कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है, जहां रोजेदारों के साथ बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश दे रहे हैं।

मौला बक्स कॉलोनी में आयोजित हुआ रोजा इफ्तार कार्यक्रम

मिल्कियाना पूर्वी वार्ड स्थित मौला बक्स कॉलोनी में अख्तर सलमानी और अकबर सलमानी (ओमान) की ओर से भव्य रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया। इस मौके पर रोजेदारों के लिए खजूर, फल, शरबत और विभिन्न व्यंजनों की विशेष व्यवस्था की गई थी।

इफ्तार के समय सभी ने सामूहिक रूप से रोजा खोला और रमजान की फजीलत पर चर्चा की।

जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की रही मौजूदगी

इस मुबारक अवसर पर समाजसेवी एवं पूर्व चेयरमैन प्रत्याशी मोहम्मद इरफान सिद्दीकी, सभासद मो. फिरोज इद्रीसी, पूर्व सभासद इसरार हैदर (रानू), सभासद शरीफ (गड्डी), मो. जैद मेवाती, रईस इद्रीसी, आजम मेवाती, तनवीर सलमानी, नदीम मेवाती, पापा सलमानी, अशरफ कुरैशी, सैफ इद्रीसी और आफाक मछली वाले सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम में शामिल लोगों ने एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया।

इफ्तार के बाद अदा की गई नमाज, अमन-चैन की मांगी दुआ

इफ्तार के बाद सभी ने सामूहिक रूप से नमाज अदा की और मुल्क में अमन, शांति और तरक्की के लिए दुआएं मांगीं। वक्ताओं ने कहा कि रमजान का महीना सब्र, त्याग और इंसानियत का पैगाम देता है।

रोजा इफ्तार जैसे आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा और सौहार्द बढ़ता है, जो देश की गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान है।

टीएफआई के आह्वान पर टेट अनिवार्यता के विरोध में 26 फरवरी को धरना देंगे शिक्षक, बीएसए कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक करेंगे पैदल मार्च

सिद्धार्थनगर। टीएफआई (Teachers Federation of India) के आह्वान पर गुरुवार को टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में जनपद में धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। यह धरना अपराह्न एक बजे से बीएसए कार्यालय परिसर में शुरू होगा, जिसके बाद शिक्षक कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च करेंगे और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपेंगे।

टीएफआई का आह्वान: टेट (TET)अनिवार्यता के खिलाफ एकजुट होंगे शिक्षक

टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने बताया कि, “आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों ने निर्धारित योग्यता और चयन प्रक्रिया के आधार पर नियुक्ति प्राप्त की है। ऐसे में अब उन पर टेट अनिवार्यता लागू करना नियमों के विरुद्ध है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस विषय पर शीघ्र निर्णय लेते हुए शिक्षकों को राहत प्रदान करनी चाहिए।”

बीएसए कार्यालय परिसर में धरना, कलेक्ट्रेट तक निकलेगा पैदल मार्च

धरना कार्यक्रम के तहत जनपद भर के शिक्षक गुरुवार को अपराह्न एक बजे बीएसए कार्यालय परिसर में एकत्रित होंगे। यहां से शिक्षक शांतिपूर्ण ढंग से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे।

कलेक्ट्रेट में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा जाएगा, जिसमें टेट अनिवार्यता समाप्त करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी।

शिक्षकों से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील

राधेरमण त्रिपाठी ने जनपद के सभी शिक्षकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में धरना-प्रदर्शन में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करें। उनका कहना है कि यह आंदोलन शिक्षकों के अधिकारों और सम्मान से जुड़ा हुआ है, इसलिए सभी की सहभागिता आवश्यक है।

टेट अनिवार्यता विवाद: क्या है पूरा मामला?

शिक्षकों का तर्क है कि आरटीई एक्ट से पूर्व नियुक्त शिक्षकों ने उस समय की निर्धारित शैक्षिक योग्यता और चयन प्रक्रिया के अनुसार नौकरी पाई थी। ऐसे में बाद में टेट की अनिवार्यता लागू करना उनके साथ अन्याय है।

लगातार तीसरे दिन काली पट्टी बांध शिक्षकों ने किया शैक्षिक कार्य- 26 को देंगे जिलाधिकारी को ज्ञापन

सिद्धार्थनगर। टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का विरोध लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। खेसराहा विकास खंड के विभिन्न विद्यालयों में अध्यापकों ने काली पट्टी बांधकर सरकार के निर्णय के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने इसे अपने अनुभव और सेवा के साथ अन्याय बताते हुए निर्णय वापस लेने की मांग की है।

प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष इंद्रसेन सिंह ने बताया कि तीन दिनों से शिक्षक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करते हुए शांतिपूर्ण विरोध जता रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक टीईटी की अनिवार्यता समाप्त नहीं की जाती, आंदोलन जारी रहेगा।

26 फरवरी को देंगे ज्ञापन: इंद्रसेन सिंह 

उन्होंने आगे बताया कि 26 फरवरी को शिक्षक बीएससी ग्राउंड से पैदल मार्च निकालते हुए जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचेंगे और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। यदि इसके बाद भी सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा दिल्ली कूच कर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।

अनुभव के आधार पर मिले छूट: नीरज मिश्रा 

वहीं शिक्षक नीरज मिश्रा ने कहा कि वर्षों से विद्यालयों में पढ़ा रहे शिक्षकों को अनुभव के आधार पर छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों पर टीटी अनिवार्य करना उचित नहीं है। सरकार को शिक्षकों के अनुभव का सम्मान करना चाहिए।

शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और इसे प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा।

 

Siddharthnagar district: साइबर फ्रॉड के 40 हजार रुपये पुलिस ने कराए वापस, जोगिया उदयपुर पुलिस की बड़ी सफलता

सिद्धार्थनगर। डॉ अभिषेक महाजन पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के आदेश के क्रम में साइबर अपराध एवं साइबर क्राइम रिकवरी/लीन के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना जोगिया उदयपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के कुशल निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी बांसी शुभेंदु सिंहके पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई।

एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

दिनांक 04.02.2026 को थाना जोगिया उदयपुर क्षेत्र के लखनापार निवासी मनोज कुमार द्वारा एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि यूपीआई आईडी गलत अंकित हो जाने के कारण उनके खाते से 40,000 रुपये की गलत ट्रांजेक्शन हो गई थी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना जोगिया उदयपुर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।

साइबर सेल की सक्रियता से पूरी धनराशि हुई रिकवर

थानाध्यक्ष अभय सिंह के नेतृत्व में उ0नि0 अवधेश यादव (प्रभारी साइबर सेल) एवं साइबर सेल टीम द्वारा तकनीकी जांच की गई। तत्पर प्रयासों के परिणामस्वरूप फ्रॉड की गई पूरी धनराशि 40,000 रुपये आवेदक के खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी गई।

इस कार्रवाई से पीड़ित को बड़ी राहत मिली है तथा आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।

सराहनीय कार्य करने वाली टीम

श्री अभय सिंह – थानाध्यक्ष, थाना जोगिया उदयपुर

उ0नि0 अवधेश यादव – प्रभारी साइबर सेल

कम्प्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए सेनजीत निषाद

का0 विकास कुमार गोंड

का0 मृत्युंजय गुप्ता

का0 अजीत यादव

साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए पुलिस की अपील

पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत एनसीआरपी पोर्टल या नजदीकी थाना पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धनराशि को रिकवर कराया जा सके।

सिद्धार्थनगर: शंकराचार्य प्रकरण पर कांग्रेस ने जिला कलेक्टरेट को सौंपा ज्ञापन, मांगी उच्चस्तरीय जांच

सिद्धार्थनगर | 25 फरवरी 2026  | FT News Digital


सिद्धार्थनगर में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों के साथ कथित दुर्व्यवहार और प्रताड़ना को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को सिद्धार्थनगर जिला कलेक्टरेट में ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद ने प्रधानमंत्री और जिलाधिकारी को प्रेषित इस ज्ञापन में पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
घटना और आरोप
ज्ञापन के अनुसार, कुंभ के दौरान मौनी अमावस्या के अवसर पर शंकराचार्य और उनके शिष्यों को स्नान से रोका गया और उनके साथ आए बच्चों की चोटी खींच कर अपमानित किया गया।
साथ ही शंकराचार्य जी, उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और कुछ अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ यौन शोषण के आरोप में FIR दर्ज होने की खबरें मिली हैं।
प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी
ज्ञापन सौंपने के मौके पर जिला कांग्रेस के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे:
काजी सुहेल अहमद, कृष्णबहादुर सिंह, सुदामा प्रसाद, सतीश चन्द्र त्रिपाठी, शौकत भाभी, होरी लाल श्रीमान, डॉ. प्रमोद कुमार, आलोक कुमार, अनिल सिंह, भान मनिहार, राजन श्रीवास्तव, रितेश त्रिपाठी।
जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद ने कहा कि शंकराचार्य का पद सनातन परंपरा में अत्यंत उच्च आध्यात्मिक महत्व रखता है। इसलिए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।
राष्ट्रीय और संवैधानिक परिप्रेक्ष्य
धार्मिक स्वतंत्रता: संविधान के अनुच्छेद 25 एवं 26 के तहत नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता और अपने धार्मिक कार्यों का संचालन करने का अधिकार है।
कानून बनाम धार्मिक गरिमा: किसी भी आरोप की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए, लेकिन धार्मिक पदाधिकारियों की गरिमा का सम्मान भी लोकतंत्र का हिस्सा है।
राष्ट्रीय विमर्श: मामला अब केवल स्थानीय नहीं, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता और प्रशासनिक कार्रवाई के संतुलन पर राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है।
कांग्रेस की मांग
काजी सुहेल अहमद ने जिला कलेक्टरेट को सौंपे गए ज्ञापन में कहा:
पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
अगर किसी स्तर पर अवैध या अनावश्यक प्रताड़ना हुई हो तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो।
भविष्य में ऐसे धार्मिक अवसरों पर प्रशासनिक स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
प्रशासनिक स्थिति
मामला जांचाधीन है और पुलिस/जिलाधिकारी की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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