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गोरखपुर में 28.94 करोड़ से बनेगा प्रदेश का बड़ा गो-आश्रय केंद्र

गोरखपुर, संवाददाता।
गोरखपुर में निराश्रित गोवंश की समस्या के समाधान के लिए नगर निगम द्वारा एक बड़ी योजना पर काम शुरू किया गया है। जानकारी के अनुसार जिले में लगभग 28.94 करोड़ रुपये की लागत से एक विशाल गो-आश्रय केंद्र (कान्हा उपवन) का निर्माण कराया जा रहा है, जिसे क्षेत्र का सबसे बड़ा पशु आश्रय केंद्र बताया जा रहा है।

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार इस केंद्र में लगभग दो हजार निराश्रित पशुओं को रखने की व्यवस्था होगी। वर्तमान में जिले के विभिन्न गो-आश्रय स्थलों में लगभग 4500 से अधिक पशुओं की देखभाल की जा रही है, जबकि कुल क्षमता करीब पांच हजार तक पहुंचाने की योजना है।

निराश्रित पशुओं की समस्या से राहत की उम्मीद
गोरखपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से सड़कों और खेतों में घूम रहे निराश्रित पशुओं की समस्या सामने आती रही है। किसानों और आम नागरिकों द्वारा कई बार इस मुद्दे को उठाया गया था।
ऐसे में प्रशासन का कहना है कि नया आश्रय केंद्र बनने के बाद बड़ी संख्या में निराश्रित पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखा जा सकेगा, जिससे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा पशुओं की समस्या में कमी आने की उम्मीद है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा आश्रय स्थल
बताया जा रहा है कि बनने वाला यह गो-आश्रय केंद्र कई आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।
पशुओं के लिए अलग-अलग शेड
पशु चिकित्सालय और दवा की व्यवस्था
चारा भंडारण केंद्र
प्रशासनिक भवन
पानी के लिए तालाब और प्राकृतिक वातावरण
इन सुविधाओं का उद्देश्य पशुओं के बेहतर रख-रखाव और देखभाल को सुनिश्चित करना है।

योजना से ग्रामीणों को भी मिलेगा लाभ
सरकार की निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत कुछ पशुओं को जरूरतमंद पशुपालकों को भी सौंपा जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत पशु पालने वाले लोगों को प्रति पशु प्रतिदिन लगभग 50 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है।

इससे एक ओर पशुओं की देखभाल सुनिश्चित होती है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय का अवसर भी मिलता है।
प्रशासन ने दी जानकारी
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना पूरी होने के बाद गोरखपुर में निराश्रित पशुओं के प्रबंधन की व्यवस्था और मजबूत होगी तथा शहर की सड़कों पर घूमने वाले पशुओं की संख्या को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

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