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“राप्ती की लहरों में बुझ गया घर का चिराग, मां की मेहनत पर टूटा दुखों का पहाड़”

सिद्धार्थनगर जोगिया।
रमपुरवा गांव के समीप बहने वाली बूढ़ी राप्ती नदी ने बुधवार दोपहर एक मासूम जिंदगी को निगल लिया। सेमराकला गांव का रहने वाला एक किशोर अपने साथियों के साथ नदी में स्नान करने गया था, लेकिन यह मासूमियत भरा पल अचानक मातम में बदल गया।
बताया जाता है कि नहाते समय किशोर अनजाने में गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते लहरों में समा गया। साथियों के शोर मचाने पर गांव में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद किशोर का शव नदी से बाहर निकाला गया। पुलिस द्वारा आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
टूटा एक परिवार का सहारा
यह हादसा सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि एक परिवार के सहारे का टूटना है। मृतक के परिवार में उसकी एक बड़ी बहन और एक छोटा भाई है। मां मेहनत कर छोटे-मोटे काम से परिवार का पालन-पोषण करती हैं।
इस असमय घटना ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है। हर आंख नम है, हर दिल भारी… और हर कोई यही कह रहा है —
“अगर थोड़ा सावधानी बरती जाती, तो शायद यह हादसा टल सकता था।”

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