जोगिया ब्लॉक में प्रधानों की हुंकार: मांगें पूरी न हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन
सिद्धार्थनगर | जोगिया ब्लॉक
जनपद सिद्धार्थनगर के जोगिया विकास खंड में मंगलवार को राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के बैनर तले आयोजित मासिक बैठक में ग्राम प्रधानों ने अपनी समस्याओं को लेकर जोरदार आवाज उठाई। बैठक का नेतृत्व जिलाध्यक्ष डॉ. पवन मिश्र एवं ब्लॉक अध्यक्ष प्रभुदयाल यादव ने किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्राम प्रधानों की मौजूदगी रही, जिसमें विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए प्रधानों ने पंचायत संचालन में आ रही गंभीर बाधाओं पर खुलकर चर्चा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारी के माध्यम से सौंपा गया।
क्या हैं प्रधानों की मुख्य मांगें?
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 के बाद समाप्त होने की स्थिति में
या तो कार्यकाल बढ़ाया जाए या प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किया जाए
मनरेगा के अंतर्गत कराए गए कार्यों का
3 वर्षों से लंबित भुगतान तत्काल जारी किया जाए
राज्य वित्त एवं केंद्रीय वित्त योजनाओं के
सभी बकाया भुगतान जल्द किए जाएं और नए कार्य स्वीकृत हों
चुनाव के समय फर्जी शिकायतों पर
बिना जांच कार्रवाई रोकने की मांग
ग्राम प्रधानों का मानदेय बढ़ाकर
कम से कम ₹15,000 प्रति माह किया जाए
विकास कार्यों के दौरान दबंगों से खतरे को देखते हुए
प्रधानों को प्रशासनिक और विधिक सुरक्षा दी जाए
बैठक का संचालन व प्रमुख मौजूदगी
कार्यक्रम का संचालन राजेन्द्र गौतम (प्रधान प्रतिनिधि, भैसहवा) ने किया, जबकि आयोजन की जिम्मेदारी ब्लॉक अध्यक्ष प्रभुदयाल यादव (ग्राम प्रधान, करौंदा मसिना) ने निभाई।
मुख्य रूप से उपस्थित रहे—
डॉ. पवन मिश्र (जिलाध्यक्ष)
ताकीब रिजवी (प्रदेश उपाध्यक्ष)
एडवोकेट नीरज सिंह
जिला कमेटी के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान
इसके अलावा जमील अहमद, नसीम अहमद, अरविंद यादव, पिंटू सिंह, सुग्रीम यादव, मनीष मिश्रा, दुर्गा चौधरी, महमूद हुसैन सहित कई ग्राम पंचायतों के प्रधान मौजूद रहे।
आंदोलन के संकेत
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यह जोगिया ब्लॉक सहित कुल 14 ब्लॉकों में से एक महत्वपूर्ण बैठक थी। अन्य ब्लॉकों में बैठक के बाद
👉 बड़े स्तर पर पंचायत/आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी
प्रधानों ने एक स्वर में कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
नारे और माहौल
बैठक के दौरान
“प्रधान एकता जिंदाबाद”
“स्व. महावीर दत्त शर्मा अमर रहें”
जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
यह बैठक केवल एक सामान्य बैठक नहीं, बल्कि पंचायत स्तर पर बढ़ती नाराजगी का संकेत है। यदि समय रहते सरकार ने इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले समय में यह मुद्दा बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक रूप ले सकता है।
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