नेपाल बस हादसे में 2 की मौत, 19 घायल — भारतीय युवाओं ने निभाई मानवता की मिसाल, शव से इलाज तक संभाली पूरी जिम्मेदारी
“सीमा पार भी नहीं रुकी इंसानियत — भारतीय युवाओं ने दिखाया असली जज़्बा”
महराजगंज/नेपाल।
नेपाल के प्यूठान जिले के भीगरी क्षेत्र में हुए भीषण बस हादसे ने कई परिवारों को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक दुर्घटना में 2 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 19 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और घायलों की चीख-पुकार ने माहौल को दहला दिया।
स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। हालात बेहद गंभीर थे, लेकिन इसी बीच भारत के युवाओं ने आगे बढ़कर मानवता की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने सभी का दिल जीत लिया।
महराजगंज जनपद से जुड़े आशुतोष मौर्या, ऋषिराज (टीटू राय), शत्रुजीत मौर्या, बलराम मौर्या और राजे शिव मौर्य ने बिना समय गंवाए राहत कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई। इन युवाओं ने प्रशासन के सहयोग से रातों-रात घायलों को नेपाल से भारत लाकर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है।
यही नहीं, ये टीम अगले ही दिन फिर से नेपाल के लिए रवाना हो गई। वहां पहुंचकर इन्होंने दो दिनों तक रुककर मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाने से लेकर हर जरूरी प्रक्रिया पूरी कराई। इस दौरान कई प्रशासनिक और भौगोलिक चुनौतियां सामने आईं, लेकिन इन युवाओं ने धैर्य और साहस के साथ हर मुश्किल का सामना किया।
काफी प्रयासों के बाद दोनों मृतकों के शव को सुरक्षित भारत लाया गया, जहां प्रशासन की निगरानी में उनका अंतिम संस्कार कराया गया। इस पूरी घटना ने यह साबित कर दिया कि मुश्किल वक्त में इंसानियत ही सबसे बड़ी ताकत होती है।
स्थानीय लोगों और परिजनों ने इन युवाओं के कार्य की खुले दिल से सराहना की है। हर तरफ इनकी तत्परता, सेवा भाव और साहस की चर्चा हो रही है।
नेपाल के प्यूठान जिले में भीषण बस हादसा
2 की मौत, 19 घायल — कई की हालत गंभीर
भारतीय युवाओं ने संभाला राहत से लेकर अंतिम संस्कार तक का जिम्मा
घायलों को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में कराया भर्ती
दो दिन नेपाल में रहकर पूरी की कानूनी प्रक्रिया
“सीमा पार भी नहीं रुकी इंसानियत — भारतीय युवाओं ने दिखाया असली जज़्बा”
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