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“प्रधानों की बढ़ती सक्रियता: अधिकार, कार्यभार और भुगतान पर उठा मुद्दा”

नौगढ़-बर्डपुर बैठकों के बाद जिला स्तर पर महापंचायत की “प्रधानों की बढ़ती सक्रियता: अधिकार, कार्यभार और भुगतान पर उठा मुद्दा”

सिद्धार्थनगर (नौगढ़/बर्डपुर):

जनपद में ग्राम प्रधानों से जुड़े मुद्दों को लेकर गतिविधियां लगातार गति पकड़ रही हैं। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन, उत्तर प्रदेश के बैनर तले विकास खंड नौगढ़ एवं उसके बाद विकास खंड बर्डपुर में क्रमवार बैठकें आयोजित की गईं।

इससे पूर्व 5 विकास खंडों में बैठकें संपन्न हो चुकी थीं, जबकि इन दो बैठकों के साथ यह संख्या बढ़कर 7 विकास खंड हो गई है। संगठन के अनुसार यह अभियान अनवरत जारी रहेगा और सभी 14 विकास खंडों में बैठकें पूर्ण होने के बाद जिला मुख्यालय पर वृहद महापंचायत आयोजित की जाएगी।

नौगढ़ में उठे मुद्दे

विकास खंड नौगढ़ में आयोजित बैठक में जिलाध्यक्ष पवन मिश्रा मुख्य अतिथि रहे, जबकि प्रदेश उपाध्यक्ष तकी रिज़वी एवं वरिष्ठ प्रधान धर्मराज यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए।

संचालन चंद्रजीत जायसवाल उर्फ गुड्डू ने किया तथा आयोजन राघवेंद्र मिश्रा उर्फ गंगा मिश्रा के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

बैठक में विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए प्रधानों/प्रतिनिधियों ने पंचायत स्तर के कार्यों और व्यवस्थाओं से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।

बर्डपुर में नेतृत्व के साथ सहभागिता

विकास खंड बर्डपुर में बैठक ग्राम प्रधान अध्यक्ष (इंजीनियर) प्रदीप कुमार चौधरी की अगुवाई में आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में प्रधान/प्रतिनिधि शामिल हुए।

जहां महिला प्रधान निर्वाचित हैं, वहां उनकी ओर से अधिकृत प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

प्रमुख मुद्दे और अपेक्षाएं

बैठकों में प्रस्तुत बिंदुओं के अनुसार—

ग्राम पंचायतों के वित्तीय आवंटन में वृद्धि

मनरेगा एवं ग्राम निधि के लंबित भुगतान का निस्तारण

पंचायत स्तर पर कार्यों के संचालन में सुगमता

प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने

जैसे विषय प्रमुख रूप से सामने आए।

चुनाव, कार्यभार और भुगतान पर सुझाव

कुछ प्रधानों/प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि आगामी पंचायत चुनावों की प्रक्रिया को देखते हुए कार्यभार हस्तांतरण से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता आवश्यक है।

उन्होंने सुझाव दिया कि—

लंबित भुगतान एवं कार्यों का निस्तारण समय रहते सुनिश्चित किया जाए


कार्यभार से संबंधित प्रक्रिया को स्पष्ट और व्यवस्थित किया जाए

 अन्य प्रदेशों का संदर्भ भी उठा

बैठकों के दौरान कुछ वक्ताओं ने यह भी उल्लेख किया कि अन्य राज्यों में पंचायत स्तर से जुड़े कुछ व्यवस्थात्मक प्रावधान लागू किए जा चुके हैं।


उन्होंने अपेक्षा जताई कि उत्तर प्रदेश में भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ऐसे पहलुओं पर विचार किया जा सकता है, जिससे ग्राम स्तर पर कार्यों का संचालन और सुगम हो सके।

आगे की रणनीति संगठन के अनुसार—

सभी 14 विकास खंडों में बैठकें पूर्ण होने के बाद

 जिला मुख्यालय सिद्धार्थनगर में

 एक वृहद महापंचायत आयोजित करने की योजना है

संतुलित दृष्टिकोण

बैठकों में यह भी कहा गया कि उद्देश्य संवाद के माध्यम से समाधान प्राप्त करना है और ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सहयोगात्मक वातावरण आवश्यक है।

सामूहिक अभिव्यक्ति

“ग्राम स्तर पर विकास कार्यों को सुचारु रखने के लिए

समन्वय, संसाधन और स्पष्ट प्रक्रिया जरूरी है।”

सूचना

यह समाचार बैठकों में व्यक्त विचारों एवं उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है। संबंधित विषयों पर अंतिम निर्णय प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुरूप होगा।

 

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