फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
पेट्रोल पंप पर डीजल देने से इनकार और अभद्रता का आरोप, भाजपा नेता ने डीएम से की कार्रवाई की मांग

 “मोबिल खरीदो तभी मिलेगा डीजल?” — वायरल शिकायती पत्र से मचा हड़कंप

9d061e106f424d1fa3e2ee69a831066a

सिद्धार्थनगर। जिले में एक पेट्रोल पंप संचालक पर उपभोक्ताओं के साथ कथित मनमानी और अभद्र व्यवहार करने के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। भाजपा जिला मंत्री अविनाश सिंह द्वारा जिलाधिकारी को सौंपे गए एक शिकायती पत्र के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। आरोप है कि पेट्रोल पंप पर डीजल देने से पहले जबरन मोबिल ऑयल खरीदने का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर कथित रूप से धमकी तक दी गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 10 मई 2026 की शाम अविनाश सिंह अपनी कार में डीजल भरवाने के लिए बर्डपुर क्षेत्र स्थित मेकरानी ऑयल कंपनी पेट्रोल पंप पहुंचे थे। आरोप है कि वहां मौजूद कर्मचारियों ने ₹300 का मोबिल ऑयल खरीदने की शर्त रखी और बिना मोबिल खरीदे डीजल देने से इनकार कर दिया।

शिकायती पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब इस बात का विरोध किया गया तो पेट्रोल पंप संचालक और कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मामले के दौरान जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

भाजपा नेता ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही पेट्रोल पंप के लाइसेंस और संचालन व्यवस्था की जांच कर आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की गई है।

प्रशासनिक जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर

हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, संबंधित पेट्रोल पंप संचालक का पक्ष समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आ सका।

FT News Digital वायरल शिकायती पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। यह खबर उपलब्ध शिकायत पत्र और स्थानीय चर्चाओं के आधार पर प्रकाशित की जा रही है। मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

जनता के बीच उठ रहे सवाल

क्या उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त सामान खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है?

क्या पेट्रोल पंपों पर नियमों का पालन सही तरीके से हो रहा है?

आखिर आम उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर कहां जाए?

अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

 

Views: 353

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।