परिवार से दूर शिक्षकों का फूटा दर्द, सिद्धार्थनगर में धरना देकर सरकार तक पहुंचाई आवाज
वरिष्ठता आधारित अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नीति की मांग तेज, बीएसए के मौके पर न पहुंचने से शिक्षकों में दिखा आक्रोश

सिद्धार्थनगर। जनपद में वर्षों से परिवार से दूर रहकर सेवा दे रहे परिषदीय शिक्षक और शिक्षिकाओं का दर्द बुधवार को खुलकर सामने आ गया। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, जनपद सिद्धार्थनगर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन कर अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग बुलंद की।

धरने का नेतृत्व संगठन के जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश संयुक्त मंत्री आदित्य कुमार शुक्ल ने किया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपते हुए वरिष्ठता आधारित पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू किए जाने की मांग उठाई।

धरने में शामिल शिक्षकों का कहना था कि कई शिक्षक-शिक्षिकाएं पिछले दस से बारह वर्षों से अपने गृह जनपद से दूर तैनात हैं, जिससे उनका पारिवारिक और सामाजिक जीवन प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान स्थानांतरण व्यवस्था में आकांक्षी जनपदों के शिक्षकों को अपेक्षित अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।
धरना स्थल पर उस समय नाराजगी और बढ़ गई जब ज्ञापन लेने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं रहे। शिक्षकों ने इसे उनकी समस्याओं के प्रति प्रशासनिक उदासीनता बताया। हालांकि बाद में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन शिक्षक अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे रहे।
जिलाध्यक्ष आदित्य कुमार शुक्ल ने कहा कि संगठन शिक्षकों की वर्षों पुरानी पीड़ा को गंभीरता से महसूस कर रहा है और अब इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई के मूड में है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही वरिष्ठता के आधार पर पारदर्शी अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नीति लागू नहीं की गई तो आंदोलन जिला मुख्यालय से लेकर राजधानी लखनऊ तक पहुंचाया जाएगा।
जिला महामंत्री पंकज त्रिपाठी ने कहा कि लंबे समय से परिवार से दूर रह रहे शिक्षकों की समस्याओं को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वहीं जिला कोषाध्यक्ष अभय सिंह ने शिक्षकों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि संगठन शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ता रहेगा।
धरने को शिवपाल सिंह, जे.पी. गुप्ता, मनोज त्रिपाठी, आनन्द पाण्डेय, अरुण कुमार चतुर्वेदी, विपुल कुमार सिंह, रेनू मणि त्रिपाठी, विजय सिंह भास्कर, सुरेन्द्र गुप्ता, नवनीत पाण्डेय, राहुल कुमार, अंजनी झा, गोपेश दूबे, राकेश पाण्डेय, धर्मेन्द्र श्रीवास्तव, उमाकान्त गुप्ता, नगीना राय, आशीष पाण्डेय, अरुण भास्कर, प्रतिभा त्रिपाठी, अर्चना कटियार, विवेक द्विवेदी सहित अन्य शिक्षकों ने संबोधित किया।
धरना प्रदर्शन का संचालन संजय कुमार पाठक एवं सुरेन्द्र द्वारा किया गया।
“बच्चों का भविष्य संवारने वाले शिक्षक आज अपने परिवार से मिलने की उम्मीद लेकर धरने पर बैठने को मजबूर हैं।”
Views: 101

