“नवजात मौत कांड में बढ़ा दबाव, जांच की आंच में घिरे कई सवाल”

नवजात शिशु की मौत मामले में जांच ने पकड़ी रफ्तार, पीड़ित परिवार ने फिर उठाए सवाल, सीएमओ बोले— जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई।
स्थान : इटवा, सिद्धार्थनगर
मामला : नवजात शिशु की मौत
शिकायत : डीएम, एसपी और सीएमओ को सौंपा गया प्रार्थना पत्र
पुलिस कार्रवाई : मुकदमा पंजीकृत
जांच : तीन सदस्यीय समिति कर रही जांच
सीएमओ का बयान : जांच जारी, रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
स्थिति : किसी भी पक्ष की जिम्मेदारी अभी तय नहीं
इटवा क्षेत्र में नवजात शिशु की मौत का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। पीड़ित परिवार द्वारा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को नए शिकायत पत्र सौंपे जाने के बाद जांच प्रक्रिया और तेज हो गई है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मीडिया में मामला सामने आने के बाद विभाग ने संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की, मुकदमा दर्ज कराया गया और जांच समिति गठित कर दी गई है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।

सिद्धार्थनगर।
इटवा क्षेत्र में नवजात शिशु की मौत से जुड़े चर्चित प्रकरण में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा मुख्य चिकित्साधिकारी को शिकायत पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कराई जाए तथा उपचार प्रक्रिया, चिकित्सकीय अभिलेखों और अन्य संबंधित तथ्यों की निष्पक्ष समीक्षा की जाए। शिकायत पत्र में कई बिंदुओं पर सवाल उठाए गए हैं, जिनकी सत्यता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
इस बीच मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि मामला समाचार पत्रों और समाचार चैनलों के माध्यम से संज्ञान में आने के बाद विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की गई थी। उन्होंने कहा कि मामले में मुकदमा पंजीकृत कराया जा चुका है और जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है।

सीएमओ के अनुसार जांच समिति विभिन्न पहलुओं की समीक्षा कर रही है तथा संबंधित दस्तावेजों और पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
उधर पीड़ित परिवार जांच प्रक्रिया पर लगातार नजर बनाए हुए है और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहा है। वहीं प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभागीय अधिकारी पूरे मामले की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
फिलहाल मामला जांचाधीन है। ऐसे में अंतिम निष्कर्ष और किसी भी पक्ष की जिम्मेदारी का निर्धारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। जिले भर में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और लोगों की निगाहें अब जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
रिपोर्ट : FT News Digital
“सच और… कुछ नहीं”
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