जिले की अधिकांश नदियों का जलस्तर घटा, बाणगंगा अब भी खतरे के निशान से ऊपर
जिले की अधिकांश नदियों का जलस्तर घटा, बाणगंगा अब भी खतरे के निशान से ऊपर
बारिश थमने से मिली राहत, प्रशासन ने नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की दी सलाह
स्थान: सिद्धार्थनगर
रिपोर्ट: सिंचाई विभाग, 22 जुलाई 2026 (प्रातः 8 बजे)
इनबॉक्स (Info Box)
मुख्य राहत: अधिकांश नदियों का जलस्तर घटा।
चिंता: बाणगंगा नदी अभी भी खतरे के निशान से लगभग 5 सेंटीमीटर ऊपर।
निगरानी: सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन की लगातार नजर।
अपील: नदी किनारे रहने वाले लोग सतर्क रहें, अफवाहों से बचें।
सिद्धार्थनगर जनपद में लगातार हुई बारिश के बाद अब राहत के संकेत मिलने लगे हैं। सिंचाई विभाग द्वारा जारी 22 जुलाई 2026 की प्रातः 8 बजे की गेज रिपोर्ट के अनुसार जिले की अधिकांश नदियों का जलस्तर पिछले 24 घंटे के मुकाबले घटा है। हालांकि बाणगंगा नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
मुख्य समाचार
सिंचाई विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, घोघी, जमुआर तथा अन्य प्रमुख नदियों के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि बाणगंगा नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से लगभग 5 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है। ऐसे में नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा सभी गेज स्थलों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही न करें, बच्चों को नदी के पास न जाने दें तथा केवल प्रशासन और सिंचाई विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
यदि आगामी दिनों में भारी वर्षा नहीं होती है तो जिले में बाढ़ की स्थिति में और सुधार आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि जलस्तर पर लगातार निगरानी जारी रहेगी।
सारांश
बारिश थमने के बाद सिद्धार्थनगर में राहत के संकेत मिले हैं और अधिकांश नदियों का जलस्तर घटा है। इसके बावजूद बाणगंगा नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। लोगों से सावधानी बरतने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
— संवाददाता, FT News Digital | सिद्धार्थनगर
Views: 58

