मिलेट्स से आधुनिक खेती तक: सिद्धार्थनगर में किसानों को नई तकनीक और बाजार की दिशा
सिद्धार्थनगर। किसानों की आय बढ़ाने, पौष्टिक मिलेट्स की खेती को प्रोत्साहित करने और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के उद्देश्य से कृषि भवन सभागार, सिद्धार्थनगर में दो दिवसीय कृषि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मिलेट्स बीज उत्पादन से जुड़े एफपीओ सदस्यों का प्रशिक्षण तथा सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन योजना के अंतर्गत किसान-वैज्ञानिक संवाद आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों, विषय वस्तु विशेषज्ञों, एफपीओ प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में किसानों की सहभागिता रही।
खबर
कृषि भवन सभागार, सिद्धार्थनगर में 20 अगस्त से 21 अगस्त 2026 तक आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को बदलती कृषि परिस्थितियों के अनुरूप तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना और खेती को अधिक उपयोगी एवं बाजारोन्मुख बनाने की दिशा में जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश श्री अन्न (मिलेट्स) पुनरोद्धार कार्यक्रम वर्ष 2026-27 के अंतर्गत मिलेट्स बीज उत्पादन से संबंधित एफपीओ सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में मिलेट्स उत्पादन, गुणवत्तापूर्ण बीज, खेती की उपयोगी तकनीक तथा किसानों और एफपीओ के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर जानकारी दिए जाने पर जोर रहा।

इसके साथ ही सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन योजना के अंतर्गत किसान-वैज्ञानिक संवाद भी आयोजित हुआ। संवाद का उद्देश्य किसानों को कृषि वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों से सीधे अपनी कृषि संबंधी जिज्ञासाओं और समस्याओं पर चर्चा का अवसर उपलब्ध कराना रहा।
कार्यक्रम में जिला कृषि अधिकारी राजेश कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के प्रदीप कुमार एवं एसएन सिंह, विषय वस्तु विशेषज्ञ मसूर अली, मृदा परीक्षण प्रयोगशाला सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष गौरव सिंह, बर्डपुर के वरुण नंदू, उसका के जनार्दन पाठक, लखनपारा के सुलेमान सहित अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कृषकों के साथ-साथ एफपीओ सदस्यों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को कृषि से जुड़े विषयों पर जानकारी देने के साथ-साथ विशेषज्ञों के साथ संवाद और विचार-विमर्श का अवसर मिला। तस्वीरों में कार्यक्रम के दौरान अतिथियों एवं प्रतिभागियों के स्वागत तथा सम्मान का दृश्य भी दिखाई देता है।
मिलेट्स पर फोकस
श्री अन्न की ओर बढ़ता कदम
मिलेट्स यानी मोटे अनाज को लेकर जागरूकता बढ़ाने और इसके उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। गुणवत्तापूर्ण बीज, वैज्ञानिक खेती और बेहतर बाजार संपर्क मिलेट्स उत्पादन को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
एफपीओ की भूमिका
किसानों को बाजार से जोड़ने की कोशिश
एफपीओ यानी किसान उत्पादक संगठन किसानों को सामूहिक रूप से उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मिलेट्स बीज उत्पादन से जुड़े एफपीओ सदस्यों को प्रशिक्षण दिए जाने से किसानों को संगठित कृषि की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।
किसान-वैज्ञानिक संवाद
सवाल सीधे विशेषज्ञों से, समाधान तकनीक के साथ
किसान-वैज्ञानिक संवाद का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह रहा कि किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच प्रत्यक्ष संवाद का मंच उपलब्ध हुआ। खेती से जुड़ी स्थानीय जरूरतों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझना और तकनीकी जानकारी को खेत तक पहुंचाना कृषि विस्तार व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है।
सारांश
सिद्धार्थनगर में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में मिलेट्स बीज उत्पादन से जुड़े एफपीओ सदस्यों को प्रशिक्षण और किसानों को कृषि वैज्ञानिकों से संवाद का अवसर मिला। कृषि विभाग की पहल से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों और एफपीओ सदस्यों की सहभागिता रही।
संपादकीय टिप्पणी
खेती अब केवल परंपरागत अनुभव तक सीमित रहने का विषय नहीं है। बदलते मौसम, लागत, बाजार और तकनीक के दौर में किसान तक सही वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाना बेहद जरूरी है। सिद्धार्थनगर में प्रशिक्षण और किसान-वैज्ञानिक संवाद जैसी पहलें तभी अधिक प्रभावी होंगी, जब इनसे मिली जानकारी वास्तविक रूप से खेतों तक पहुंचे और किसानों को उत्पादन के साथ-साथ बाजार से भी बेहतर जोड़ मिले। मिलेट्स को बढ़ावा देने की दिशा में प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण बीज और एफपीओ आधारित सामूहिक प्रयास निश्चित रूप से
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