बाढ़ प्रभावित किसानों के मुआवजे की मांग, सपा नेता मणेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

सौ एकड़ से अधिक फसल नुकसान का दावा, पशुओं के चारे, मेडिकल कैंप और बिजली आपूर्ति की भी उठी मांग
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर।
बाढ़ से प्रभावित किसानों की फसलों के नुकसान और राहत-मुआवजे की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में किसानों और स्थानीय लोगों ने शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गेंगटी गांव में तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन कार्यवाहक उप जिलाधिकारी शोहरतगढ़/तहसीलदार माधवेंद्र प्रताप सिंह को दिया गया।

ज्ञापन के माध्यम से किसानों की ओर से सौ एकड़ से अधिक फसल प्रभावित होने का दावा करते हुए नियमानुसार सरकारी राहत एवं मुआवजा दिलाने की मांग की गई। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए सूखा चारा, बिजली आपूर्ति, मेडिकल कैंप और प्रभावित गांवों के आवागमन मार्ग को दुरुस्त कराने की मांग भी रखी गई।
बाढ़ के बाद खेतों में हुए नुकसान को लेकर किसानों की चिंता अब प्रशासन तक पहुंच गई है। शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गेंगटी गांव में किसानों ने फसल क्षति के मुआवजे समेत विभिन्न राहत उपायों की मांग को लेकर तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। सपा नेता मणेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर पात्र किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की मांग की गई।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, किसानों ने बताया कि बाढ़ की वजह से क्षेत्र में फसलों को नुकसान पहुंचा है। ज्ञापन में सौ एकड़ से अधिक फसल प्रभावित होने का दावा किया गया है। किसानों की मांग है कि संबंधित विभाग द्वारा मौके पर क्षति का आकलन कर नियमानुसार रिपोर्ट तैयार की जाए और पात्र प्रभावित किसानों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए।

मणेन्द्र मिश्रा ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में किसानों के साथ-साथ पशुपालकों और आम लोगों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से पशुओं के लिए सूखा चारा उपलब्ध कराने, बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मेडिकल कैंप लगाए जाने की मांग रखी।
तीन साल पुरानी बाढ़ का भी हवाला
ज्ञापन में तीन वर्ष पूर्व आई बाढ़ का भी उल्लेख किया गया है। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, उस समय प्रभावित किसानों को सरकारी राहत मिलने की बात कही गई है। इसी आधार पर इस बार भी प्रभावित किसानों के नुकसान का आकलन कर नियमानुसार राहत एवं मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की गई।
में प्रमुख मांगें
- बाढ़ प्रभावित किसानों की फसल क्षति का सर्वे
- पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा/राहत
- पशुओं के लिए सूखा चारा
- प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप
- बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग
- प्रभावित गांवों के आवागमन मार्ग को दुरुस्त कराने की मांग
फसल नुकसान के सर्वे और मुआवजे की मांग को लेकर किसान तहसील पहुंचे। शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गेंगटी गांव में बाढ़ प्रभावित किसानों ने सपा नेता मणेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर राहत की मांग उठाई। प्रशासन की ओर से कार्यवाहक एसडीएम/तहसीलदार माधवेंद्र प्रताप सिंह ने मामले में जल्द मदद किए जाने का आश्वासन दिया।
सारांश
बाढ़ प्रभावित किसानों की समस्याओं को लेकर शोहरतगढ़ तहसील में ज्ञापन दिया गया। किसानों ने फसल क्षति का सर्वे कराकर नियमानुसार मुआवजा दिलाने के साथ पशुओं के लिए चारा, मेडिकल कैंप, बिजली और आवागमन व्यवस्था बेहतर कराने की मांग रखी। प्रशासन की ओर से आवश्यक मदद का आश्वासन दिए जाने की बात प्रेस विज्ञप्ति में कही गई है।
टिप्पणी
बाढ़ के बाद किसानों की फसल क्षति का वास्तविक आकलन और पात्रता के आधार पर राहत उपलब्ध कराना प्रशासनिक प्रक्रिया का विषय है। ऐसे में किसानों की मांग के बाद अब महत्वपूर्ण यह होगा कि संबंधित विभाग द्वारा क्षति का कितना आकलन किया जाता है और पात्र प्रभावित लोगों तक सरकारी सहायता किस स्तर तक पहुंचती है। फिलहाल ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखी हैं।
प्रमुख रूप से रहे मौजूद
ज्ञापन देने वालों में पूर्व नगर पंचायत प्रत्याशी गोपाल फौजी, जिला अध्यक्ष अल्पसंख्यक शकील शाह, प्रदेश सचिव मो. जावेद खान, जोनल प्रभारी राकेश दूबे, जिला सचिव लवकुश सैनी, मझवन बूथ प्रभारी शफीक, रहमत अली, शहाबुद्दीन, सोमई, संदीप साहनी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
FT News Digital के लिए कानूनी सावधानी: खबर में किसानों के नुकसान और प्रशासन की कार्रवाई से जुड़े दावों को उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर ही रखा गया है। अंतिम प्रसारण में यदि सरकारी सर्वे/मुआवजे की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध हो, तो उसे अलग से जोड़ा जा सकता है।
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