फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
नेपाल का शातिर चोर सिद्धार्थनगर में गिरफ्तार, 5 चोरी की घटनाओं का पुलिस ने किया खुलासा

सिद्धार्थनगर।
जनपद में चोरी की बढ़ती घटनाओं के बीच शोहरतगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने पांच अलग-अलग चोरी की घटनाओं का पर्दाफाश करते हुए एक अंतरराष्ट्रीय शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी नेपाल का रहने वाला बताया जा रहा है, जो सीमावर्ती क्षेत्र में चोरी की वारदातों को अंजाम देकर पुलिस की नजरों से बचता फिर रहा था।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह और उनकी टीम ने सघन चेकिंग अभियान चलाया।
इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि चोरी की घटनाओं में शामिल एक संदिग्ध व्यक्ति थाना क्षेत्र में घूम रहा है। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और सिसवा के पास से एक संदिग्ध युवक को चोरी की मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी की पहचान गोरख धोबी पुत्र स्वर्गीय गोपाल धोबी निवासी वार्ड नंबर-02 सेवरा, थाना कृष्णानगर जिला कपिलवस्तु (नेपाल) के रूप में हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय था और कई चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी का संबंध जिले के विभिन्न थानों में दर्ज पांच चोरी के मामलों से सामने आया है। इनमें थाना शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर और ढेबरुआ में दर्ज चोरी के मुकदमे शामिल हैं।
बरामदगी के आधार पर पुलिस ने संबंधित मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में बढ़ोत्तरी करते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर आरोपी को न्यायालय भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों पर नजर रखी जा रही है और ऐसे अपराधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
महत्वपूर्ण तथ्य
गिरफ्तार आरोपी
गोरख धोबी पुत्र स्व0 गोपाल धोबी
निवासी – सेवरा, थाना कृष्णानगर
जिला – कपिलवस्तु, राष्ट्र नेपाल
अनावरण किए गए मुकदमे
मु0अ0सं0 20/2026 – थाना शोहरतगढ़
मु0अ0सं0 230/2025 – थाना सिद्धार्थनगर
मु0अ0सं0 165/2025 – थाना ढेबरुआ
मु0अ0सं0 166/2025 – थाना ढेबरुआ
मु0अ0सं0 37/2026 – थाना शोहरतगढ़
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह
उपनिरीक्षक संतोष कुमार यादव
मुख्य आरक्षी दिनेश कुमार यादव
आरक्षी प्रभाकर यादव
आरक्षी धर्मनाथ यादव

सिद्धार्थनगर में शक से भड़का खून, चाकू के एक वार ने बुझा दी युवक की जिंदगी

नादेपार में शादी की खुशियों के बीच हुई सनसनीखेज वारदात, जोगिया पुलिस ने 24 घंटे में आरोपी दबोचा

सिद्धार्थनगर।
जोगिया उदयपुर थाना क्षेत्र के नादेपार गांव में उस समय सनसनी फैल गई, जब शादी की तैयारियों के बीच एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। खुशियों का माहौल अचानक चीख-पुकार और मातम में बदल गया।
मृतक शिवम कसौधन, निवासी नादेपार, अपने परिवार के साथ गांव में रहते थे और कपड़ों का कारोबार करते थे। उनके परिवार की कपड़ों की दुकान कड़जहवां में भी बताई जाती है।

पुलिस के अनुसार इसी दौरान एक ऐसी घटना हुई जिसने आगे चलकर खौफनाक रूप ले लिया।
बताया जाता है कि प्रिंस वर्मा ने शिवम को अपने रिश्तेदार के परिवार की एक लड़की से अंधेरे में बातचीत करते देखा था। इस बात को लेकर घर में नाराजगी हुई और इसी से विवाद की शुरुआत हो गई।
सोमवार को इस बात को लेकर शिवम और प्रिंस के बीच कहासुनी भी हुई थी। हालांकि उस समय मामला शांत हो गया, लेकिन मन में बैठी नाराजगी खत्म नहीं हुई।
मंगलवार की शाम करीब 5:30 बजे शिवम अपनी कार से घर से निकल रहे थे। उसी समय प्रिंस वर्मा वहां पहुंच गया। आरोप है कि उसने पहले कार का शीशा तोड़ दिया।
जैसे ही शिवम विरोध करते हुए कार से नीचे उतरे, प्रिंस ने अचानक चाकू निकालकर उनके गले पर वार कर दिया। वार इतना गंभीर था कि शिवम लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े।
घटना के बाद आसपास के लोग घबरा गए। परिवार के लोग उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उधर घटना की सूचना मिलते ही जोगिया उदयपुर पुलिस सक्रिय हो गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर पुलिस टीम ने तेजी से जांच शुरू की।
अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी बांसी शुभेन्दु सिंह के निर्देशन और थानाध्यक्ष अभय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी प्रिंस वर्मा पुत्र बजरंगी उर्फ अशोक, निवासी सोनबरसा टोला उडवलिया थाना मिश्रौलिया को सूपाबक्शी मार्ग से गिरफ्तार किया। उसके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया आलाकत्ल चाकू भी बरामद किया गया।


पूछताछ में आरोपी ने बताया कि शक और गुस्से में उसने यह हमला किया था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय भेज दिया है।

गोरखपुर में रेजिडेंट डॉक्टर से छेड़छाड़ का आरोप

गोरखपुर (मुख्यमंत्री का गृह जनपद)
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर से एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। All India Institute of Medical Sciences, Gorakhpur में तैनात नागालैंड की एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने तीन युवकों पर छेड़छाड़, अभद्र टिप्पणी और नस्लीय उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
पीड़िता के अनुसार, रविवार 22 फरवरी की रात लगभग 8 बजे वह शहर के एक मॉल से लौट रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार तीन युवकों ने कथित रूप से करीब डेढ़ किलोमीटर तक उनका पीछा किया। आरोप है कि रास्ते भर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं और एम्स गेट नंबर-2 के पास गलत तरीके से छूने की कोशिश की गई। शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गए।
संगठन ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग
पीड़िता ने मामले की शिकायत North East Federation of All India Resident Doctors (NAFORD) से भी की है। संगठन ने इसे नस्लीय और लैंगिक उत्पीड़न का गंभीर मामला बताते हुए उच्चस्तरीय जांच और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
पुलिस की कार्रवाई
गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ के अनुसार, पीड़िता की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। सीसीटीवी फुटेज की जांच में एक संदिग्ध बाइक चिन्हित की गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमें गठित की गई हैं।
पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कानून-व्यवस्था पर सवाल
मुख्यमंत्री के गृह जनपद में इस तरह की घटना ने महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषकर स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत महिला डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन ने त्वरित और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।


FTन्यूज़ इस प्रकरण पर सतत नजर बनाए हुए है। आधिकारिक पुष्टि और पुलिस जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की जानकारी साझा की जाएगी।

मासूमों की चीखों पर न्याय की मुहर: बांदा कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

दरिंदगी से दंड तक की पूरी कहानी
बांदा… एक शांत शहर, जहां जिंदगी सामान्य रफ्तार से चलती रही। लेकिन इसी शहर के भीतर एक ऐसा काला सच पल रहा था, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया।
सिंचाई विभाग का एक निलंबित जूनियर इंजीनियर — रामभवन। बाहर से सामान्य जीवन, भीतर घिनौनी साजिश। उसके साथ उसकी पत्नी दुर्गावती। दोनों पर आरोप लगा कि उन्होंने 34 मासूम बच्चों को अपने जाल में फंसाया। भरोसे का रिश्ता बनाया… और फिर उसी भरोसे को तोड़ते हुए उनका यौन शोषण किया।
जांच में सामने आया कि बच्चों के साथ न सिर्फ शारीरिक अत्याचार हुआ, बल्कि उनकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो भी तैयार किए गए। ये सामग्री डिजिटल माध्यमों से साझा की गई। हर नई जानकारी ने केस को और भयावह बना दिया।
जांच की परतें खुलती गईं
शुरुआत एक डिजिटल सुराग से हुई। साइबर ट्रेल ने पुलिस को उन उपकरणों तक पहुंचाया, जिनमें आपत्तिजनक सामग्री संग्रहीत थी। ई-मेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों ने आरोपों को मजबूत किया।
जांच एजेंसियों ने कई जिलों में फैले नेटवर्क की कड़ियां जोड़ीं। एक तीसरे आरोपी का नाम भी सामने आया, जो दिल्ली से जुड़ा बताया गया। उसकी फाइल अदालत ने अलग कर दी है।
अदालत में फैसला
विशेष पॉक्सो अदालत के न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्रा ने 163 पन्नों के विस्तृत फैसले में इस अपराध को “जघन्यतम” करार दिया।
अदालत ने कहा:
“यह मामला समाज की आत्मा को झकझोर देने वाला है। मासूमों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है।”
कोर्ट ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ श्रेणी में रखते हुए दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई।
जमानत और फिर जेल
दुर्गावती को पहले हाईकोर्ट से जमानत मिली थी, लेकिन दोष सिद्ध होने के बाद उसे दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों अभियुक्तों को कड़ी सुरक्षा में जेल ले जाया गया।
समाज के लिए संदेश
यह फैसला सिर्फ दो दोषियों की सजा नहीं, बल्कि उन सभी के लिए चेतावनी है जो बच्चों के खिलाफ अपराध करने की सोचते हैं।
बाल सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के दुरुपयोग के इस दौर में अभिभावकों और समाज दोनों को सजग रहने की जरूरत है।

गुरुग्राम में बैंक डिप्टी मैनेजर की संदिग्ध मौत: हिसार यात्रा से शुरू होकर जांच तक की पूरी कहानी

विशेष रिपोर्ट | हरियाणा
Gurugram | संवाददाता
हरियाणा के गुरुग्राम में एक निजी बैंक में कार्यरत डिप्टी मैनेजर महक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और विभिन्न पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
घटनाक्रम की शुरुआत
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महक अपने पति अंशुल धवन के साथ दो दिन पूर्व Hisar गई थीं। मकान मालिक के मुताबिक, दोनों ने रविवार रात तक वापस लौटने की बात कही थी।
बताया जाता है कि निर्धारित समय तक वापसी या संपर्क न होने के बाद स्थिति को लेकर चिंता बढ़ी। इसी बीच घटनाक्रम ने गंभीर मोड़ लिया और महक की मौत की सूचना सामने आई।
मकान मालिक का बयान
मकान मालिक ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा है कि दंपति सामान्य रूप से रह रहे थे और हाल ही में हिसार जाने की बात कहकर निकले थे। उन्होंने यह भी बताया कि रविवार रात तक लौटने की जानकारी दी गई थी।
हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह बयान जांच का एक हिस्सा है और सभी तथ्यों की पुष्टि साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही गुरुग्राम पुलिस ने:
घटनास्थल का निरीक्षण किया
फोरेंसिक टीम को बुलाया
आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू की
संबंधित लोगों से पूछताछ प्रारंभ की
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जा सकेगी। फिलहाल किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता को लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।
जांच के संभावित पहलू
जांच एजेंसियां निम्न बिंदुओं पर काम कर रही हैं:
दंपति की हालिया गतिविधियां
कॉल डिटेल और डिजिटल साक्ष्य
यात्रा से जुड़ी जानकारी
पारिवारिक एवं व्यक्तिगत पृष्ठभूमि
अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित जांच की जा रही है।
कानूनी रूप से संतुलित स्थिति
यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि अभी तक किसी भी प्रकार का आरोप सिद्ध नहीं हुआ है। मामला जांचाधीन है और अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
हमारा उद्देश्य केवल उपलब्ध और पुष्ट प्रारंभिक जानकारी को पाठकों तक पहुंचाना है। किसी भी प्रकार की अटकल या अपुष्ट दावे से बचना आवश्यक है।
निष्कर्ष
गुरुग्राम की इस घटना ने स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है।
जैसे ही आधिकारिक रूप से नई जानकारी सामने आएगी, पाठकों को अवगत कराया जाएगा।

इटावा में पत्नी ने पति को कुल्हाड़ी से काटा

इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के भरथना थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक महिला पर अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की कुल्हाड़ी से हत्या करने का आरोप लगा है। घटना के बाद आरोपी पत्नी अपनी दोनों बेटियों को लेकर मौके से फरार हो गई। इस वारदात के बाद पूरे गांव में दहशत और घर में कोहराम मच गया।

पड़ियापुर गांव का मामला

जानकारी के अनुसार, भरथना थाना क्षेत्र के पड़ियापुर गांव निवासी रणवीर सिंह यादव (45) की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। घर में खून फैला मिला और घटनास्थल से एक कुल्हाड़ी भी बरामद हुई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई।

प्रेम संबंध को लेकर हत्या का आरोप

मृतक के भाई लालू यादव ने आरोप लगाया कि रणवीर की शादी वर्ष 2018 में पूजा से हुई थी और उनकी दो बेटियां हैं। उन्होंने बताया कि पूजा का अर्पित नामक युवक से प्रेम संबंध था। परिवार को इस बारे में जानकारी भी दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आरोप है कि पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर रणवीर की हत्या कर दी और बच्चियों को लेकर फरार हो गई।

मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम

घटना की सूचना मिलते ही भरथना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी को कब्जे में ले लिया है। एसपी ग्रामीण सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।

क्या बोले अपर पुलिस अधीक्षक?

अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पड़ियापुर गांव में हत्या की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। प्रथम दृष्टया परिजनों ने पत्नी और उसके प्रेमी पर हत्या का आरोप लगाया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने जल्द खुलासा करने का आश्वासन दिया है।

गांव में तनाव, पुलिस अलर्ट

घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और दोनों बच्चियों की सुरक्षित बरामदगी के प्रयास भी जारी हैं।

शिलिगुड़ी–नेपाल सीमा पर नकदी पकड़े जाने की सूचना, SSB ने की कार्रवाई

शिलिगुड़ी:
शिलिगुड़ी–नेपाल सीमा के पानीटंकी ICP न्यू ब्रिज क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल (SSB) द्वारा अवैध नकदी की आवाजाही को लेकर कार्रवाई किए जाने की सूचना सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार, SSB की 41वीं बटालियन ने गुप्त सूचना के आधार पर एक वाहन की जांच के दौरान लगभग 22 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इस दौरान एक कार को जब्त किया गया है और चार लोगों को हिरासत में लिया गया है।
बताया जा रहा है कि यह धन भारत से नेपाल ले जाया जा रहा था। हिरासत में लिए गए लोगों में मेघालय और दार्जिलिंग क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति शामिल बताए जा रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि बरामद नकदी और संबंधित व्यक्तियों को आगे की जांच के लिए पानीटंकी कस्टम विभाग को सौंप दिया गया है।
फिलहाल मामले में आधिकारिक बयान या विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।