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भीषण गर्मी और पेट्रोल संकट के बीच शुरू हुई जनगणना, घंटों लाइन में लगने को मजबूर कर्मी

सिद्धार्थनगर। जनगणना कार्य की शुरुआत होते ही जनगणना कर्मियों की मुश्किलें भी बढ़ने लगी हैं। एक ओर जहां भीषण गर्मी में घर-घर जाकर आंकड़े जुटाने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों ने कर्मचारियों की परेशानी और बढ़ा दी है। कई जनगणना कर्मियों को ड्यूटी स्थल तक पहुंचने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है।

जनगणना स्थल पर पहुंचना मुश्किल 

जनगणना कर्मियों का कहना है कि जिले में पेट्रोल की किल्लत और पंपों पर भारी भीड़ के कारण समय पर कार्यस्थल तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। कर्मी रविकांत, बुद्धिराम और विष्णु ने बताया कि उन्हें पेट्रोल भरवाने के लिए करीब दो से तीन घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा। इसके बाद ही वे जनगणना स्थल तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि पहले ही तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच काम करना कठिन हो रहा है, ऊपर से पेट्रोल के लिए घंटों इंतजार करने से पूरा कार्य प्रभावित हो रहा है।

जनगणना कार्य prabhavit

कर्मियों ने बताया कि जनगणना का कार्य समयबद्ध होता है और हर दिन तय लक्ष्य पूरा करना पड़ता है। लेकिन ईंधन संकट के कारण समय का बड़ा हिस्सा पेट्रोल पंपों पर ही निकल जा रहा है। इससे न केवल कर्मचारियों की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है, बल्कि आम लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन करे विशेष व्यवस्था 

जनगणना कर्मियों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। उन्होंने पेट्रोल पंपों पर अलग लाइन या प्राथमिकता सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठाई है ताकि जनगणना कार्य बिना बाधा के समय पर पूरा किया जा सके।

सिद्धार्थनगर में अधिवक्ताओं का पूर्ति विभाग पर हल्लाबोल, गैस सिलेंडर और पेट्रोल व्यवस्था को लेकर जोरदार प्रदर्शन

पेट्रोलियम संकट और गैस एजेंसियों की मनमानी के खिलाफ फूटा गुस्सा

सिद्धार्थनगर। सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने मंगलवार को जिला पूर्ति विभाग का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने जिले में व्याप्त पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत, गैस एजेंसियों की मनमानी और पेट्रोल पंपों पर अव्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने मांग उठाई कि बार प्रांगण में ही गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए तथा अधिवक्ताओं को पेट्रोल पंपों पर बिना लाइन लगाए पेट्रोल देने की विशेष व्यवस्था की जाए।

“पूर्ति विभाग के संरक्षण में चल रही मनमानी”: अखण्ड प्रताप सिंह

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बार एसोसिएशन अध्यक्ष अखण्ड प्रताप सिंह ने पूर्ति विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिले में गैस एजेंसियां और पेट्रोल पंप खुलेआम मनमानी कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन बने हुए हैं।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलेंडर की बुकिंग के बाद 45 दिन और शहरी क्षेत्रों में 25 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलेंडर धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहे हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब आम उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा, तो दुकानदारों तक प्रतिदिन बड़ी संख्या में सिलेंडर कैसे पहुंच रहे हैं।

बंधू आयल पेट्रोल पंप पर भी लगाए आरोप

जिलाध्यक्ष अखण्ड प्रताप सिंह ने बताया कि वह स्वयं बंधू आयल पेट्रोल पंप पहुंचे थे, जहां ऑटो में सीएनजी भरी जा रही थी। जब उन्होंने बड़ी गाड़ियों के लिए ईंधन की उपलब्धता पूछी तो कर्मचारियों ने “प्रेशर नहीं होने” की बात कही, जबकि ऑटो में लगातार फ्यूल दिया जा रहा था।

इस पर अधिवक्ताओं ने पेट्रोल पंप के खिलाफ हुई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।

अधिवक्ताओं ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

एसोसिएशन के महामंत्री कृपा शंकर त्रिपाठी ने कहा कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो अधिवक्ता बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को न्यायिक कार्यों के लिए लगातार दौड़भाग करनी पड़ती है, ऐसे में पेट्रोल और गैस की समस्या से उनका कार्य प्रभावित हो रहा है।

बड़ी संख्या में शामिल हुए अधिवक्ता

घेराव और प्रदर्शन में अनिल विश्वकर्मा, विकास शुक्ला, प्रमोद कुमार सिंह, मनीष यादव, राकेश कुमार सिंह, रामकुमार यादव, उमेश प्रताप सिंह, रियाज अहमद, मिथिलेश मिश्रा, संतोष मिश्रा और श्रीकृष्ण मिश्रा समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी उग्र दिखाई दिया।

स्वर्गीय जगन्नाथ सिंह की पुण्यतिथि पर सम्मान समारोह, मेधावी छात्र-छात्राओं को किया गया पुरस्कृत

शिक्षा और संस्कार के संगम बना विद्यालय परिसर

कुशीनगर। जनपद के टिकर अहिरौली बाजार स्थित गंगा सिंह कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय संबद्ध प्राथमिक विद्यालय में संस्थापक प्रबंधक एवं सेवानिवृत्त सहायक विकास अधिकारी स्वर्गीय श्री जगन्नाथ सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं के लिए पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, अभिभावकों, छात्र-छात्राओं एवं क्षेत्रीय गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमामयी बना दिया।

मेधावी छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित

समारोह के मुख्य अतिथि विवेक कुमार सिंह, प्रबंधक नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटर कॉलेज टिकर तथा विशिष्ट अतिथि प्रमोद कुमार सिंह, उप निरीक्षक उत्तर प्रदेश पुलिस थाना अहिरौली बाजार रहे। अतिथियों ने कक्षा में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति देकर सम्मानित किया।

अतिथियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि शिक्षा ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है और निरंतर मेहनत करने वाले छात्र भविष्य में समाज और देश का नाम रोशन करते हैं।

संस्थापक प्रबंधक को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय श्री जगन्नाथ Singh के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने उनके शिक्षा क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री अजय कुमार सिंह ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और विद्यालय के विकास में उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

विद्यालय बच्चों को आगे बढ़ाने का माध्यम बनेगा: गौतम भारद्वाज

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ अध्यापक गौतम भारद्वाज ने कहा कि स्वर्गीय श्री जगन्नाथ सिंह के सपनों और संकल्पों को पूरा करना विद्यालय परिवार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय सदैव विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का कार्य करता रहेगा और बच्चों को उनके आदर्शों एवं विचारों से प्रेरित किया जाता रहेगा।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ संस्कार और प्रेरणा भी पैदा करते हैं।

पुलिस प्रशासन और अभिभावकों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षक, अभिभावक, छात्र-छात्राएं तथा अहिरौली बाजार थाने की पुलिस टीम भी मौजूद रही। पूरे आयोजन का माहौल श्रद्धा, सम्मान और उत्साह से भरा रहा।

जनगणना ड्यूटी में मनमानी का आरोप, कर्मियों को 20 किलोमीटर दूर भेजे जाने पर फूटा गुस्सा

विकल्प मांगे गए, लेकिन आवंटन में नहीं दिखी पारदर्शिता।

बांसी, सिद्धार्थनगर। बांसी तहसील क्षेत्र में जनगणना कार्य के लिए लगाए गए प्रगणकों और कर्मचारियों में ड्यूटी आवंटन को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि विभाग ने उनसे एचएलबी (हाउस लिस्टिंग ब्लॉक) के लिए विकल्प तो मांगे, लेकिन अंतिम आवंटन में उनकी पसंद और सुविधा को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। कई कर्मचारियों की ड्यूटी उनके घर से 20 से 25 किलोमीटर दूर लगा दी गई है, जबकि कुछ कर्मियों का पहले से आवंटित एचएलबी अचानक निरस्त कर दिया गया।

खासकर ऐसी महिला कर्मियों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है, जिनके छोटे बच्चे हैं या जिनको कोई ले आने-जाने वाला नहीं है। महिला कर्मियों का कहना है कि, मनचाहा विकल्प चुनने के बाद भी इतनी दूर ड्यूटी लग जाने से हम परेशान हैं, कि इतनी दूर हम ड्यूटी कैसे कर पाएंगे।

“पहले एलॉट किया, फिर निरस्त कर दिया गया।”

प्रगणक सत्यपाल सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें पहले एक एचएलबी (HLB) आवंटित किया गया था, लेकिन बाद में बिना किसी सूचना के उसे हटा दिया गया और अब उनकी स्थिति पेंडिंग में दिखाई जा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि अब उन्हें किसी दूरस्थ क्षेत्र में ड्यूटी दी जा सकती है।

वहीं विष्णु वरुण, रबीकांत, संजय चौधरी, निर्मल मौर्या समेत अन्य कर्मियों ने भी कहा कि उन्होंने अपने गांव या आसपास के क्षेत्रों का विकल्प चुना था, लेकिन विभाग ने उन्हें काफी दूर तैनात कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि इससे न सिर्फ आने-जाने में परेशानी होगी, बल्कि समय और आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा।

कर्मचारियों ने लगाया मनमानी का आरोप

जनगणना कर्मियों का आरोप है कि बांसी तहसील स्तर पर ड्यूटी निर्धारण में पारदर्शिता नहीं बरती गई। कर्मचारियों का कहना है कि यदि विकल्प लेने की प्रक्रिया अपनाई गई थी, तो उसी के अनुरूप एचएलबी (HLB)आवंटन किया जाना चाहिए था।

कई कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जिनकी ड्यूटी पहले उनके क्षेत्र या नजदीक लगी थी, उनकी ड्यूटी काटकर दूर स्थानों पर भेज दिया गया या फिर सूची से नाम ही हटा दिया गया।

तहसीलदार से लगाई न्याय की गुहार

नाराज कर्मचारियों ने तहसीलदार बांसी से मांग की है कि ड्यूटी आवंटन प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए। कर्मचारियों ने कहा कि जिनका एचएलबी निरस्त किया गया है, उन्हें पुनः वही एचएलबी आवंटित किया जाए और जिन कर्मियों को दूरस्थ क्षेत्रों में भेजा गया है, उन्हें उनके द्वारा चुने गए विकल्पों में से ही क्षेत्र दिया जाए।

कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इसका असर जनगणना कार्य की गति और गुणवत्ता दोनों पर पड़ सकता है।

सिद्धार्थनगर में धूमधाम से मनी महाराणा प्रताप जयंती

सिद्धार्थनगर। वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक मेवाड़ के महान योद्धा वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती शनिवार को सिद्धार्थनगर मुख्यालय स्थित अम्बेडकर सभागार में भव्य और ऐतिहासिक अंदाज में मनाई गई। कार्यक्रम में सर्व समाज के लोगों की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा सभागार “जय महाराणा”, “जय श्रीराम” और “भारत माता की जय” के नारों से देर तक गूंजता रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत महाराणा प्रताप की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, त्याग और मातृभूमि के प्रति समर्पण को याद करते हुए उन्हें भारतीय इतिहास का सबसे स्वाभिमानी योद्धा बताया।

हल्दीघाटी को पांचवां धाम मानना चाहिए

बार एसोसिएशन अध्यक्ष एडवोकेट अखंड प्रताप सिंह और शिवनाथ चौधरी ने हल्दीघाटी के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हर भारतीय को चार धाम के साथ हल्दीघाटी भी अवश्य जाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि हल्दीघाटी केवल एक युद्धस्थल नहीं बल्कि भारतीय स्वाभिमान की पवित्र भूमि है।

उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का 81 किलो का भाला, उनका युद्ध कौशल और मातृभूमि के लिए समर्पण आज भी लोगों को रोमांचित कर देता है। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने की सबसे अधिक आवश्यकता है।

जिला मुख्यालय पर स्थापित होगी भव्य प्रतिमा:जिला पंचायत अध्यक्ष (प्रo)

पूरा हाल उसे समयत तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा जब जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि उपेंद्र प्रताप सिंह ने घोषणा की, जल्द ही जिला मुख्यालय पर महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी और महाराणा प्रताप छात्रावास का भी निर्माण किया जाएगा।

महाराणा प्रताप राष्ट्र गौरव और हिंदू स्वाभिमान के प्रतीक

रामकृष्ण पाण्डेय ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा नहीं बल्कि राष्ट्र गौरव और हिंदू स्वाभिमान के अमर प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि “जिस योद्धा ने जंगलों में घास की रोटी खाकर जीवन गुजार लिया लेकिन मुगल बादशाह अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है।”

प्राचार्य प्रो. अरविंद सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में युवाओं को महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र को पढ़ने और समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि “देश और धर्म की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाला योद्धा कभी इतिहास से मिट नहीं सकता। महाराणा प्रताप भारत की आत्मा हैं।”

सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में मनाई गई जयंती

कार्यक्रम में राजकुमार सिंह उर्फ राजू शाही, कुँवर आनंद सिंह, सौरभ पाल सिंह, दिवाकर विक्रम सिंह, पूर्व विधायक अनिल सिंह, माधव सिंह, उपेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजू सिंह, फते बहादुर सिंह, कृष्णपाल सिंह, विक्रांत सिंह विक्कू, अमर नाथ सिंह, कैलाश नाथ दुबे, प्रदीप वर्मा, दिलीप सिंह, शत्रुजीत सिंह, योगेंद्र सिंह, मुरारी सिंह सहित दो सौ से अधिक लोग मौजूद रहे।

क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष भूपनारायण सिंह उर्फ राजन सिंह की अध्यक्षता तथा महामंत्री हरेंद्र बहादुर सिंह के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में विकास सिंह हाड़ा, राजवंत सिंह, केपी सिंह, ओपी सिंह, कौशलेन्द्र त्रिपाठी, करण सिंह, कृपा शंकर त्रिपाठी, हरिशंकर सिंह, अष्टभुजा सिंह श्रीनेत, शिवम सिंह, विपलव दुबे, विनय शर्मा और बीरेंद्र सिंह सहित दर्जनों वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के जीवन पर अपने विचार रखे।

युवाओं से की गई राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान अपनाने की अपील

वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि आज की युवा पीढ़ी को मोबाइल और आधुनिकता की चकाचौंध से निकलकर इतिहास के महानायकों से प्रेरणा लेने की जरूरत है। महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, संघर्ष और राष्ट्रप्रेम का जीवंत उदाहरण है।

कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने महाराणा प्रताप की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और “जय महाराणा” के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का चेक वितरण का सिद्धार्थनगर में लाइव प्रसारण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोरखपुर से शिक्षामित्रों के सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सिद्धार्थनगर के लोहिया कला भवन में देखा गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम में सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक जय प्रताप सिंह, श्यामधनी राही, विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह मौजूद रहे।

सभी अतिथियों ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

शिक्षामित्रों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बताया कि पहले शिक्षामित्रों को ₹3500 मानदेय मिलता था, जिसे पहले बढ़ाकर ₹10,000 किया गया और अब ₹8000 की बढ़ोतरी के साथ ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

महिला शिक्षामित्रों को मिलेगी नजदीकी तैनाती

मुख्यमंत्री ने महिला शिक्षामित्रों के लिए राहत की बात करते हुए कहा कि उन्हें उनके घर के नजदीक विद्यालयों में तैनाती देने की दिशा में सरकार काम कर रही है। इससे उनकी कार्यक्षमता और सुविधा दोनों बढ़ेगी।

गुणवत्तापूर्ण और डिजिटल शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे सकारात्मक सोच के साथ बच्चों को डिजिटल और तकनीकी शिक्षा दें। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं, इसलिए शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

स्कूल चलो अभियान’ से ड्रॉपआउट खत्म करने का लक्ष्य

प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार

सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा के स्कूलों में स्मार्ट क्लास, फर्नीचर, पेयजल, शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, किताबें, जूते-मोजे और बैग दिए जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हो।

जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं

सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें पूरी निष्ठा से कार्य करना चाहिए।

विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों की भूमिका ग्रामीण शिक्षा में बेहद महत्वपूर्ण है।

अन्य विधायकों ने भी इस निर्णय को सराहनीय बताते हुए शिक्षामित्रों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की अपील की।

प्रतीकात्मक चेक वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम

कार्यक्रम के दौरान 10 शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक वितरित किया गया।

बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग दिया।

अधिकारियों का संदेश

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने शिक्षकों से समय पर विद्यालय पहुंचने और एआई जैसी नई तकनीकों की जानकारी बच्चों को देने की अपील की। उन्होंने सभी शिक्षामित्रों को बधाई दी।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

इस दौरान सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षामित्र एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का चेक वितरण का सिद्धार्थनगर में लाइव प्रसारण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोरखपुर से शिक्षामित्रों के सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सिद्धार्थनगर के लोहिया कला भवन में देखा गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम में सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक जय प्रताप सिंह, श्यामधनी राही, विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह मौजूद रहे।

सभी अतिथियों ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

शिक्षामित्रों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बताया कि पहले शिक्षामित्रों को ₹3500 मानदेय मिलता था, जिसे पहले बढ़ाकर ₹10,000 किया गया और अब ₹8000 की बढ़ोतरी के साथ ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

महिला शिक्षामित्रों को मिलेगी नजदीकी तैनाती

मुख्यमंत्री ने महिला शिक्षामित्रों के लिए राहत की बात करते हुए कहा कि उन्हें उनके घर के नजदीक विद्यालयों में तैनाती देने की दिशा में सरकार काम कर रही है। इससे उनकी कार्यक्षमता और सुविधा दोनों बढ़ेगी।

गुणवत्तापूर्ण और डिजिटल शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे सकारात्मक सोच के साथ बच्चों को डिजिटल और तकनीकी शिक्षा दें। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं, इसलिए शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

स्कूल चलो अभियान’ से ड्रॉपआउट खत्म करने का लक्ष्य

प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार

सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा के स्कूलों में स्मार्ट क्लास, फर्नीचर, पेयजल, शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, किताबें, जूते-मोजे और बैग दिए जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हो।

जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं

सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें पूरी निष्ठा से कार्य करना चाहिए।

विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों की भूमिका ग्रामीण शिक्षा में बेहद महत्वपूर्ण है।

अन्य विधायकों ने भी इस निर्णय को सराहनीय बताते हुए शिक्षामित्रों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की अपील की।

प्रतीकात्मक चेक वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम

कार्यक्रम के दौरान 10 शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक वितरित किया गया।

बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग दिया।

अधिकारियों का संदेश

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने शिक्षकों से समय पर विद्यालय पहुंचने और एआई जैसी नई तकनीकों की जानकारी बच्चों को देने की अपील की। उन्होंने सभी शिक्षामित्रों को बधाई दी।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

इस दौरान सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षामित्र एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं: सिद्धार्थनगर में जिलाधिकारी का सख्त आदेश जारी

सिद्धार्थनगर, 24 अप्रैल 2024। जनपद में पेट्रोल के दुरुपयोग और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। देर रात पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के बार-बार पहुंचकर पेट्रोल लेने और उसकी तस्करी करने की शिकायतों के बाद अब प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है।

हेलमेट नहीं तो ईंधन नहीं” नियम लागू

प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब बिना हेलमेट आए किसी भी दोपहिया वाहन चालक को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। सभी पेट्रोल पंप संचालकों को इस नियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

ड्राइविंग लाइसेंस की होगी जांच

पेट्रोल पंपों पर आने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की यादृच्छिक जांच भी की जाएगी। इससे बिना लाइसेंस वाहन चलाने वालों और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ी चौकसी

बलरामपुर और नेपाल सीमा से सटे पेट्रोल पंपों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में बाहरी ग्राहकों की आवाजाही को देखते हुए अतिरिक्त निगरानी और जरूरत पड़ने पर पुलिस बल की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी।

पुलिस-प्रशासन रहेगा अलर्ट

सभी क्षेत्राधिकारी (CO) और थाना प्रभारी (SHO/SO) को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त और निरीक्षण के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, प्रशासन, आपूर्ति विभाग और पेट्रोल पंप संचालकों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है।

ईंधन की उपलब्धता पर प्रशासन का दावा

प्रशासन ने साफ किया है कि जनपद में पेट्रोल की आपूर्ति पर्याप्त है। इसलिए जरूरी है कि इसका उपयोग केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक ही सीमित रहे और किसी भी तरह के दुरुपयोग या तस्करी पर सख्ती से रोक लगाई जाए।

कड़ा संदेश: अब नहीं चलेगी मनमानी

प्रशासन के इस फैसले से साफ संकेत मिल गया है कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है। आम जनता से भी अपील की गई है कि नियमों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

UP Board 12th Result 2026: कसीरन कॉलेज की बेटियों का जलवा, जिले के टॉप-10 में बनाई दमदार जगह

सिद्धार्थनगर। जिले में यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परिणाम 2026 ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बेटियां किसी से कम नहीं हैं। कसीरन कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड साइंसेज, सेमरा मुस्तहकम की दो होनहार छात्राओं अंशिका और आयुषी अग्रहरि ने जिले के टॉप-10 में जगह बनाकर पूरे इलाके का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।

अंशिका बनीं जिले की सेकेंड टॉपर, आयुशी ने भी मारी बाजी

अंशिका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले में दूसरा स्थान हासिल किया, उनको 91.60 प्रतिशत अंक मिला। वहीं आयुशी अग्रहरि ने आठवां स्थान पाकर अपनी मेहनत का परचम लहराया, इनको 89.80 प्रतिशत अंक प्राप्त हुआ। दोनों छात्राओं की इस उपलब्धि ने न सिर्फ स्कूल बल्कि पूरे जिले में चर्चा बटोर ली है।

स्कूल में जश्न का माहौल, फूल-मालाओं से हुआ स्वागत

रिजल्ट घोषित होते ही स्कूल परिसर में खुशी की लहर दौड़ गई। छात्राओं का जोरदार स्वागत किया गया। माला पहनाकर, मिठाइयां खिलाकर और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उन्हें सम्मानित किया गया। इस मौके पर स्कूल के सभी शिक्षक और स्टाफ मौजूद रहे।

प्रधानाचार्य का बयान: ‘हमें था पूरा भरोसा’

विद्यालय के प्रधानाचार्य कमलेश धर द्विवेदी ने खुशी जताते हुए कहा, “हमें पहले से ही विश्वास था कि हमारे छात्र इस बार भी जिले में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएंगे। अंशिका और आयुशी ने उस भरोसे को सच कर दिखाया है।”

मेहनत, अनुशासन और मार्गदर्शन बना सफलता का मंत्र

शिक्षकों ने छात्राओं की लगन और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि आने वाले छात्रों के लिए प्रेरणा बनेगी। वहीं, दोनों छात्राओं ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों और अभिभावकों को देते हुए कहा कि निरंतर मेहनत ही सफलता की असली कुंजी है।

पूरे क्षेत्र में गर्व और प्रेरणा का माहौल

कसीरन कॉलेज की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। यह सफलता न सिर्फ एक स्कूल की जीत है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश भी है कि सही दिशा और मेहनत से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।

24 घंटे में चोरी का खुलासा: जोगिया उदयपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, शातिर चोर गिरफ्तार

सिद्धार्थनगर, 16 अप्रैल 2026। जनपद के थाना जोगिया उदयपुर पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए चोरी की घटनाओं का महज 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दिया। पुलिस टीम ने एक शातिर चोर और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी का सामान और नकदी बरामद की है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार एवं क्षेत्राधिकारी बाँसी सुबेन्दू सिंह के नेतृत्व में थानाध्यक्ष अभय सिंह की टीम ने यह सफलता हासिल की। पुलिस ने मुकदमा संख्या 48/2026 धारा 305(A) बीएनएस में वांछित अभियुक्त जितेन्द्र (24 वर्ष), निवासी ग्राम हरैया, थाना जोगिया उदयपुर को एक बाल अपचारी के साथ पकड़ी रोड के पास गिरफ्तार किया।

बरामद हुआ सामान:

पुलिस ने आरोपियों के पास से सरसों तेल, रिफाइंड तेल, चाय पत्ती, सॉस सहित कुल दर्जनों सामान के पैकेट और ₹7130 नगद बरामद किए।

🗣️ पूछताछ में खुलासा:

गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वे जोगिया क्षेत्र की दुकानों से चोरी कर सामान को सस्ते दामों पर राहगीरों को बेच देते थे और उसी से अपने खर्च चलाते थे। घटना के दिन भी वे चोरी का सामान बेचने जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।

पुलिस टीम को मिली सराहना:

इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक जानार्दन यादव, हेड कांस्टेबल श्रीनंद यादव, हेड कांस्टेबल हेमंत सिंह और कांस्टेबल राजाराम राजभर की अहम भूमिका रही।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय भेज दिया है। इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।

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