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नवरात्रि में नारी शक्ति को नमन: DM ने धोए कन्याओं के चरण, ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का दिया भावनात्मक संदेश

सिद्धार्थनगर, 26 मार्च 2026 | FT News Digital

नवरात्रि के पावन पर्व पर जहां पूरे देश में मां दुर्गा की आराधना हो रही है, वहीं सिद्धार्थनगर में नारी शक्ति को सच्चे अर्थों में सम्मान देने की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई। जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने विकास खंड नौगढ़ के आंगनबाड़ी केंद्र, साड़ी प्रथम में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के अंतर्गत आयोजित कन्या पूजन कार्यक्रम में भाग लेकर समाज को एक मजबूत संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने पूरी श्रद्धा और पारंपरिक विधि-विधान के साथ नन्हीं बालिकाओं के चरण धोए, उन्हें तिलक लगाया, पुष्प अर्पित किए और प्रसाद वितरित किया। इतना ही नहीं, उन्होंने सभी कन्याओं को उपहार भेंट कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद भावुक और प्रेरणादायक रहा।

जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि नवरात्रि केवल पूजा-अर्चना का पर्व नहीं, बल्कि नारी शक्ति के सम्मान और उनकी महत्ता को पहचानने का अवसर है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि

“बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज की सोच बदलने का संकल्प है।

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को शिक्षा का अधिकार दें, उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दें और आत्मनिर्भर बनाने में हर संभव सहयोग करें।

इस दौरान जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं का भी गहन निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों को दी जा रही पोषण सेवाओं, शिक्षण सामग्री और साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि

आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के भविष्य की नींव हैं, इसलिए यहां की व्यवस्थाएं मजबूत और प्रभावी होना बेहद जरूरी है।

कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार सिंह और जिला कार्यक्रम अधिकारी साहब यादव भी मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने कन्याओं को आशीर्वाद दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने बताया कि जनपद में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के तहत लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिससे समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना मजबूत हो रही है।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

कार्यक्रम का समापन कन्याओं को प्रसाद और उपहार वितरण के साथ हुआ, लेकिन यह आयोजन अपने पीछे एक गहरी छाप छोड़ गया—

एक ऐसा संदेश, जो बताता है कि जब बेटियों का सम्मान होगा, तभी समाज सशक्त और समृद्ध बनेगा।

 

 

सिद्धार्थनगर में ई-रिक्शा पलटा, शॉकर टूटने से हादसा — एक गंभीर रूप से घायल

बरगदवा गांव के पास दोपहर में हुआ हादसा, सिर में गंभीर चोट लगने से हालत नाजुक

चिल्हिया (सिद्धार्थनगर) | FT News Digital

सिद्धार्थनगर जनपद के चिल्हिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बरगदवा गांव के पास गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, करीब 1:50 बजे एक ई-रिक्शा अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उसमें सवार एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।

बताया जा रहा है कि ई-रिक्शा का शॉकर टूट जाने के कारण वाहन संतुलन खो बैठा और पलट गया। हादसे में ढेबरूवा निवासी 35 वर्षीय सलीम को सिर में गंभीर चोट आई, जिससे उन्हें काफी खून बहने लगा।

घटना के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल को तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज जारी है और उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

इस हादसे के बाद क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों पर चल रहे ई-रिक्शा की तकनीकी जांच और फिटनेस पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

सुरक्षा संदेश 

विशेषज्ञों का मानना है कि ई-रिक्शा चालकों को नियमित रूप से वाहन की जांच करानी चाहिए, खासकर ब्रेक और शॉकर जैसे महत्वपूर्ण हिस्सों की, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके।

ग्रामीण क्षेत्र में आधुनिक शिक्षा की नई पहल — अदविका इंटरनेशनल स्कूल का भव्य शुभारंभ

स्मार्ट क्लास, टच स्क्रीन और आधुनिक सुविधाओं से लैस स्कूल, अब गांव में ही मिलेगी महानगर जैसी शिक्षा

चेतिया बाजार (बांसी), सिद्धार्थनगर | FT News Digital

सिद्धार्थनगर जनपद के बांसी तहसील क्षेत्र अंतर्गत चेतिया बाजार के पास स्थित थुमहुवा गांव में आज शिक्षा के क्षेत्र में एक नई शुरुआत हुई। यहां सीबीएसई बोर्ड से सम्बद्ध अदविका इंटरनेशनल स्कूल का विधिवत शुभारंभ किया गया।
ग्रामीण परिवेश में स्थापित इस विद्यालय का उद्देश्य क्षेत्रीय विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बेहतर शिक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन न करना पड़े।
विद्यालय परिसर अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। प्रत्येक कक्षा में स्मार्ट पैटर्न आधारित पढ़ाई के लिए टच स्क्रीन बोर्ड लगाए गए हैं। साथ ही बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए खेलकूद एवं मानसिक विकास से जुड़े विभिन्न उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक उपेंद्र सिंह ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी वही सुविधाएं देना है जो महानगरों के बड़े स्कूलों में मिलती हैं। उन्होंने कहा कि अब क्षेत्र के अभिभावकों को अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
वहीं विद्यालय के प्रिंसिपल जनार्दन सिंह ने जानकारी दी कि वर्तमान में विद्यालय को एलकेजी से कक्षा 8 तक सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन और नैतिक मूल्यों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विद्यालय के शुभारंभ अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य लोग, अभिभावक एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

गड्ढे ने निगली दो मासूम जिंदगियां, लापरवाही पर उठे बड़े सवाल

सिद्धार्थनगर के डोकम अमया गांव में दर्दनाक हादसा, पूरे इलाके में मातम

 सिद्धार्थनगर | FT News Digital

सिद्धार्थनगर जिले के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के डोकम अमया गांव में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। गांव के पास बने गहरे और पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो किशोरों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने न केवल परिवारों को तोड़कर रख दिया है, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।

मृतकों की पहचान साहिल रज़ा (17 वर्ष) और तहारत (12 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे और आपस में परिचित भी बताए जा रहे हैं।

कैसे हुआ हादसा? (ग्राउंड रिपोर्ट)

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, गांव के बाहर काफी समय से एक गहरा गड्ढा बना हुआ था, जिसमें बारिश और अन्य स्रोतों से पानी भर गया था। यह गड्ढा बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के खुला पड़ा था।

बताया जा रहा है कि दोनों किशोर खेलते-खेलते उसी स्थान पर पहुंच गए। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ा और वे गहरे पानी में गिर गए। गहराई ज्यादा होने और बचाव के अभाव में दोनों बाहर नहीं निकल सके।

जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

मातम में डूबा गांव, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

घटना के बाद गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया है। हर घर में सन्नाटा पसरा हुआ है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

 महिलाएं बदहवास हालत में

बच्चे सहमे हुए

पुरुषों की आंखें भी नम

पूरा गांव इस हादसे को अपनी आंखों के सामने हुई त्रासदी के रूप में याद कर रहा है।

प्रशासन पर गंभीर आरोप

ग्रामीणों ने प्रशासन पर सीधा आरोप लगाया है कि यह हादसा पूरी तरह लापरवाही का नतीजा है।

 गड्ढा लंबे समय से खुला पड़ा था

 कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया

 न ही बैरिकेडिंग की गई

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस गड्ढे को भर दिया जाता या सुरक्षा इंतजाम कर दिए जाते, तो शायद आज दो जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।

राजनीतिक हलचल, नेता प्रतिपक्ष पहुंचे मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय मौके पर पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर घटना की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

बड़े सवाल, जिनका जवाब जरूरी

यह हादसा कई गंभीर सवाल खड़े करता है—

आखिर खतरनाक गड्ढे खुले क्यों छोड़े गए?

क्या स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं थी?

यदि जानकारी थी, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

क्या हर हादसे के बाद ही सिस्टम जागेगा?

 मांग: कार्रवाई और मुआवजा

ग्रामीणों ने मांग की है कि—

पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए

जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो

गांव में ऐसे खतरनाक स्थलों को तुरंत सुरक्षित किया जाए

FT News Digital का नजरिया (Editorial Touch)

यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही का आईना है।

जब तक जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, ऐसे गड्ढे यूं ही जिंदगियां निगलते रहेंगे।

 दो मासूम चले गए, अब और कितनी जानें जाएंगी?

सिद्धार्थनगर के डोकम अमया गांव में गहरे गड्ढे में डूबने से दो किशोरों की मौत। घटना के बाद गांव में मातम, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप। पूरी ग्राउंड रिपोर्ट पढ़ें।

सिद्धार्थनगर में तेल की कालाबाजारी का बड़ा खुलासा, 522 लीटर डीजल-45 लीटर पेट्रोल बरामद

इटवा पुलिस की कार्रवाई से मचा हड़कंप, तीन नामजद — आवश्यक वस्तु अधिनियम में FIR की तैयार
सिद्धार्थनगर | FT News Digital
जनपद सिद्धार्थनगर में डीजल-पेट्रोल की कालाबाजारी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है। इटवा थाना क्षेत्र में 24 मार्च 2026 की रात पकड़े गए 522 लीटर डीजल और 45 लीटर पेट्रोल की जांच पूरी होने के बाद मामला और स्पष्ट हो गया है।
पूर्ति निरीक्षक, इटवा द्वारा 25 मार्च को की गई जांच में पुष्टि हुई कि बरामद तेल का अवैध रूप से संग्रहण और वितरण किया जा रहा था, जो सीधे तौर पर कालाबाजारी की श्रेणी में आता है।
 तीन आरोपी नामजद, कानूनी शिकंजा कसा
जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में
विपिन मिश्र, उमेश मिश्र और सचिन मिश्र
को नामजद किया है, जो इटवा थाना क्षेत्र के लोहटा गांव के निवासी हैं।
इनके खिलाफ हाई स्पीड डीजल ऑयल और लाइट डीजल ऑयल (सम्भरण एवं वितरण) आदेश-1981 के उल्लंघन का मामला सामने आया है।
आवश्यक वस्तु अधिनियम में होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों के विरुद्ध
आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 के तहत
FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह कानून जमाखोरी और कालाबाजारी जैसे मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान करता है।
तेल संकट के बीच कालाबाजारी से बढ़ी जनता की परेशानी
यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब डीजल-पेट्रोल को लेकर बाजार में असमंजस का माहौल बना हुआ है।
कई स्थानों पर लोग डिब्बों और टंकियों के साथ लाइन में खड़े नजर आ रहे हैं
किसानों को सिंचाई और मशीनों के संचालन में कठिनाई हो रही है
ट्रांसपोर्ट और छोटे कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं
ऐसे हालात में कालाबाजारी जैसी गतिविधियां आम जनता की परेशानी को और बढ़ा रही हैं।
प्रशासन का सख्त संदेश
इटवा पुलिस की इस कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।
अधिकारियों ने साफ संकेत दिया है कि
“जनता की जरूरतों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”
निष्कर्ष 
सिद्धार्थनगर में सामने आया यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि यह उस मानसिकता को भी उजागर करता है जहां संकट के समय मुनाफाखोरी को प्राथमिकता दी जाती है।
जरूरत है कि लोग अफवाहों से दूर रहें और प्रशासन भी लगातार निगरानी बनाए रखे, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और बाजार में कृत्रिम संकट की स्थिति न बने।

जनहित में बड़ा कदम: सिद्धार्थनगर में 26 मार्च को 10,318 गैस सिलेंडर की विशेष आपूर्ति

गर्मी के बीच राहत देने को प्रशासन सक्रिय, हर उपभोक्ता तक गैस पहुंचाने की तैयारी

सिद्धार्थनगर, संवाददाता।
जनता की सुविधा और राहत को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने एक सराहनीय पहल की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर 26 मार्च 2026 को जनपद में विशेष अभियान चलाकर 10,318 घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
हाल के दिनों में बढ़ती गर्मी और गैस की मांग के चलते कई स्थानों पर उपभोक्ताओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कदम उठाया और सभी गैस एजेंसियों को पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जिले की विभिन्न तहसीलों—बांसी, डुमरियागंज, नौगढ़, इटवा और शोहरतगढ़—में संचालित HP, इंडेन और भारत गैस एजेंसियों के माध्यम से यह आपूर्ति की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर जरूरतमंद परिवार तक समय पर गैस पहुंच सके और किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन की इस पहल को जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे न केवल गैस की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि लोगों को अनावश्यक भीड़ और लंबी कतारों से भी राहत मिलेगी।
हीट वेव को लेकर भी प्रशासन सतर्क
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने भीषण गर्मी और लू को देखते हुए आमजन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे दोपहर में अनावश्यक बाहर न निकलें, पर्याप्त पानी पिएं तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
विश्वास और राहत का संदेश
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि—
जनता की जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है
 गैस की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी
 हर उपभोक्ता को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा
साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और धैर्य बनाए रखें।


जनहित को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन की यह पहल निश्चित ही आमजन के लिए राहत लेकर आई है। समय पर की गई यह व्यवस्था न केवल व्यवस्था की सक्रियता को दर्शाती है, बल्कि जनता के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भी परिचायक है।

जनहित में बड़ा कदम: सिद्धार्थनगर में 26 मार्च को 10,318 गैस सिलेंडर की विशेष आपूर्ति

गर्मी के बीच राहत देने को प्रशासन सक्रिय, हर उपभोक्ता तक गैस पहुंचाने की तैयारी

सिद्धार्थनगर, संवाददाता।
जनता की सुविधा और राहत को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने एक सराहनीय पहल की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर 26 मार्च 2026 को जनपद में विशेष अभियान चलाकर 10,318 घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
हाल के दिनों में बढ़ती गर्मी और गैस की मांग के चलते कई स्थानों पर उपभोक्ताओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कदम उठाया और सभी गैस एजेंसियों को पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जिले की विभिन्न तहसीलों—बांसी, डुमरियागंज, नौगढ़, इटवा और शोहरतगढ़—में संचालित HP, इंडेन और भारत गैस एजेंसियों के माध्यम से यह आपूर्ति की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर जरूरतमंद परिवार तक समय पर गैस पहुंच सके और किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन की इस पहल को जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे न केवल गैस की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि लोगों को अनावश्यक भीड़ और लंबी कतारों से भी राहत मिलेगी।
हीट वेव को लेकर भी प्रशासन सतर्क
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने भीषण गर्मी और लू को देखते हुए आमजन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे दोपहर में अनावश्यक बाहर न निकलें, पर्याप्त पानी पिएं तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
विश्वास और राहत का संदेश
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि—
जनता की जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है
 गैस की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी
 हर उपभोक्ता को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा
साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और धैर्य बनाए रखें।


जनहित को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन की यह पहल निश्चित ही आमजन के लिए राहत लेकर आई है। समय पर की गई यह व्यवस्था न केवल व्यवस्था की सक्रियता को दर्शाती है, बल्कि जनता के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भी परिचायक है।

सिद्धार्थनगर में मनरेगा घोटाले की पुष्टि, FIR की कॉपी आई सामने — प्रधान समेत 4 पर केस दर्ज

सिद्धार्थनगर | FT News Digital

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जनपद सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज क्षेत्र में मनरेगा घोटाले के मामले में अब बड़ा खुलासा हुआ है। मामले में दर्ज एफआईआर से जुड़े दस्तावेज सामने आने के बाद आरोपों की पुष्टि होती नजर आ रही है, जिससे स्थानीय प्रशासन में हलचल तेज हो गई है।

प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, ग्राम पंचायत देईपार में मनरेगा कार्यों के तहत करीब 7.91 लाख रुपये के कथित फर्जी भुगतान का मामला दर्ज किया गया है। इस संबंध में जांच के बाद ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और रोजगार सेवक समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

एफआईआर में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनमें

ग्राम प्रधान रावती देवी

पंचायत सचिव हरिशंकर सिंह

 तकनीकी सहायक ओमप्रकाश

 रोजगार सेवक राजकुमार

शामिल बताए जा रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, मनरेगा लोकपाल द्वारा की गई जांच में प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद संबंधित आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई। साथ ही, सरकारी धन की रिकवरी की प्रक्रिया भी शुरू किए जाने की बात कही जा रही है।

वहीं, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि मामले को उजागर करने के बाद उसे जान से मारने की धमकी दी गई। इस संबंध में उसने स्थानीय थाने में तहरीर देकर सुरक्षा की मांग की है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और संबंधित पक्षों से पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


यह खबर उपलब्ध दस्तावेज (FIR/प्रपत्र) एवं संबंधित सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

 

 

 

मेडिकल कॉलेज में कमाल: गंभीर मरीज को नई जिंदगी, सफल सर्जरी के बाद मिली छुट्टी

सिद्धार्थनगर | FT News Digital
जिले के माधव प्रसाद त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय से एक राहत भरी खबर सामने आई है, जहां डॉक्टरों की टीम ने एक गंभीर रूप से बीमार मरीज को नई जिंदगी देने में सफलता हासिल की है। जोगिया क्षेत्र निवासी इस मरीज को बेहद नाजुक हालत में भर्ती कराया गया था, लेकिन विशेषज्ञों की मेहनत और सतत देखभाल से अब वह पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मरीज को 12 मार्च 2026 को गंभीर स्थिति में मेडिकल कॉलेज लाया गया था। इससे पहले वह विभिन्न अस्पतालों में उपचाररत था, जहां उसे आंत में छेद और संक्रमण (इंटेस्टाइनल परफोरेशन विद पेरिटोनाइटिस), किडनी पर असर (AKI) और दोनों फेफड़ों में पानी भरने (बाइलेटरल प्लूरल इफ्यूजन) जैसी जटिल समस्याएं बताई गई थीं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल आपातकालीन सर्जरी का निर्णय लिया गया। मेडिकल कॉलेज में डॉ. आशीष कुमार त्रिपाठी (शल्य चिकित्सक) एवं उनकी टीम, साथ ही नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ ने मिलकर 12 मार्च को सफल ऑपरेशन किया।
ऑपरेशन के बाद मरीज को लगातार निगरानी में रखा गया और चरणबद्ध तरीके से इलाज किया गया। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की कड़ी मेहनत के चलते मरीज की हालत में धीरे-धीरे सुधार हुआ और अब वह पूरी तरह स्थिर है।
फिलहाल मरीज को स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। इस सफल उपचार को लेकर क्षेत्र में चिकित्सा महाविद्यालय की सराहना की जा रही है।


यह जानकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबंधित सूत्रों से प्राप्त विवरण पर आधारित है। उपचार के परिणाम व्यक्ति विशेष की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर कर सकते हैं।

ब्लॉक स्तरीय संगोष्ठी व उन्मुखीकरण कार्यक्रम सम्पन्न

विकास खंड उसका बाजार के सभागार में मंगलवार को ब्लॉक स्तरीय संगोष्ठी एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान, स्थानीय निकाय के सदस्य एवं परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ सदर विधायक श्यामधनी राही ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि सरकार की मंशा है कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शिक्षा और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि डीबीटी के माध्यम से पारदर्शिता के साथ अभिभावकों के खातों में धनराशि भेजी जा रही है, जिससे बच्चों को समय पर यूनिफॉर्म, बैग एवं स्टेशनरी मिल सके। उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों, जनप्रतिनिधियों एवं शिक्षकों से अपील की कि वे विद्यालयों के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहयोग करें।खण्ड शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश मिश्र ने संगोष्ठी के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देना तथा डीबीटी के माध्यम से यूनिफॉर्म, स्कूल बैग एवं स्टेशनरी के लिए धनराशि अभिभावकों के खातों में भेजे जाने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष श्रीश प्रताप उर्फ सोनू यादव ने कहा कि भले ही गांवों के अन्य कार्य अपूर्ण रह जाएं, लेकिन विद्यालयों में निर्धारित सभी 19 पैरामीटर शत-प्रतिशत पूर्ण होने चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चे ही देश का भविष्य हैं, इसलिए उनकी शिक्षा और सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। कार्यक्रम में पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय परसा खुर्द के बच्चों द्वारा प्रस्तुत पिरामिड आकर्षण का केंद्र रहा, वहीं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत ‘मिशन शक्ति’ कार्यक्रम की सभी ने सराहना की। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। पशुपति नाथ दूबे के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि रामसुरेश चौहान, रूपेश सिंह, अभय श्रीवास्तव, हरिशंकर सिंह, शिवाकांत दूबे, सुभाष जायसवाल, गुलाब चंद, अशोक यादव, सभासद विभूति अग्रहरी, बालजोत कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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