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होली पर देवरिया में हाई अलर्ट, चप्पे-चप्पे पर पुलिस – सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण रहा त्योहार

देवरिया।
रंगों के पर्व होली को लेकर जनपद देवरिया में प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय दिखाई दिया। त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई और कई स्थानों पर लगातार गश्त कराई गई।
प्रशासन की ओर से पहले ही शांति समिति की बैठकें आयोजित कर लोगों से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ होली मनाने की अपील की गई थी। त्योहार के दिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार क्षेत्र का निरीक्षण करते रहे ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
सूत्रों के अनुसार जिले में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। प्रमुख बाजारों, चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की विशेष निगरानी रही। कई स्थानों पर पुलिस की मोबाइल टीमें लगातार भ्रमण करती रहीं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई।
इसी दौरान कुछ जगहों पर युवाओं की भीड़ और जुलूस के कारण थोड़ी देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ, लेकिन पुलिस ने स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया। प्रशासन ने साफ कहा है कि त्योहार के नाम पर कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
होली के दौरान जिले के अधिकांश हिस्सों में लोगों ने रंग-गुलाल और ढोलक की थाप के साथ उत्साहपूर्वक त्योहार मनाया। वहीं प्रशासन की सक्रियता के कारण पूरे जिले में शांति और सौहार्द का माहौल बना रहा।

होली के दिन सड़क पर मौत का तांडव, भीषण हादसे में युवक की दर्दनाक मौत

महराजगंज।
रंगों और खुशियों के पर्व होली के दिन जहां लोग उत्साह के साथ त्योहार मना रहे थे, वहीं जनपद महराजगंज में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जिससे परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं।
मिली जानकारी के अनुसार युवक अपने परिचितों के साथ होली का त्योहार मनाने के लिए जा रहा था। रास्ते में अचानक तेज गति से आ रहे वाहन ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायल युवक को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
होली के दिन हुई इस हृदयविदारक घटना से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।

होली की खुशियों के बीच दर्दनाक हादसा: सड़क दुर्घटनाओं ने छीनी कई घरों की खुशियां

गोरखपुर।
रंग, उमंग और खुशियों का पर्व होली जहां पूरे जिले में उत्साह के साथ मनाया जा रहा था, वहीं गोरखपुर में कुछ दर्दनाक हादसों ने कई परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया। अलग-अलग स्थानों पर हुए सड़क हादसों में एक पुलिसकर्मी समेत कई लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
मिली जानकारी के अनुसार होली के दिन ड्यूटी पूरी कर घर लौट रहे एक पुलिसकर्मी की बाइक को तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना से पुलिस विभाग में भी शोक की लहर दौड़ गई।
इसी बीच सहजनवा क्षेत्र में एक और दर्दनाक हादसा सामने आया। बताया जाता है कि होली का त्योहार मनाकर लौट रहे युवकों की बाइक अचानक सामने आए जंगली पशु से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीन युवक सड़क पर जा गिरे। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान एक युवक ने दम तोड़ दिया, जबकि अन्य घायल युवकों का इलाज जारी है।
कैम्पियरगंज क्षेत्र में भी होली के दौरान अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में कई लोग घायल हुए। कुछ घायलों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और अस्पताल परिसर में शोक व आक्रोश का माहौल देखने को मिला।
होली जैसे उल्लास के पर्व पर हुए इन हादसों ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक ओर लोग रंगों में सराबोर होकर खुशियां मना रहे थे, वहीं कई घरों में मातम पसरा हुआ है।
फिलहाल पुलिस ने सभी घटनाओं में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और दुर्घटनाओं के कारणों की जांच की जा रही है।

घर में घुसकर 12वीं की छात्रा की गोली मारकर हत्या, इलाके में सनसनी

बस्ती | उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां एक 12वीं कक्षा की छात्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देर रात एक युवक छात्रा के घर पहुंचा। बताया जा रहा है कि उस समय छात्रा घर के बरामदे में सो रही थी। इसी दौरान आरोपी ने अचानक उस पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले जाने की कोशिश में जुटे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना के बाद घर में हड़कंप मच गया और आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
प्रारंभिक जांच में यह मामला आपसी जान-पहचान और एकतरफा लगाव से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
फिलहाल आरोपी युवक फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।
इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच आक्रोश और भय का माहौल बना हुआ है।
संक्षेप में
बस्ती में छात्रा की गोली मारकर हत्या
देर रात घर में घुसकर वारदात को दिया अंजाम
आरोपी फरार, पुलिस कर रही तलाश
जांच में आपसी परिचय की बात सामने

होली की खुशियां मातम में बदलीं, यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा

उत्तर प्रदेश के हाथरस जनपद में यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने छह परिवारों की खुशियां छीन लीं। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 4:20 बजे नोएडा से गोरखपुर की ओर जा रही एक डबल डेकर स्लीपर बस ने आगे चल रही वैन को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भयावह थी कि वैन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार यात्रियों में से छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
बताया जा रहा है कि वैन में सवार लोग दिल्ली क्षेत्र से अपने घर होली मनाने जा रहे थे। त्योहार की उमंग लेकर निकले ये लोग कभी नहीं सोच सकते थे कि सफर ही उनकी आखिरी यात्रा बन जाएगा।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और यमुना एक्सप्रेसवे की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल भिजवाया गया। कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
प्राथमिक जांच में ओवरस्पीडिंग को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। पुलिस ने बस चालक को हिरासत में लेकर मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
त्योहार के ठीक पहले हुए इस भीषण हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

महाराजगंज में पत्नी ने बुजुर्ग पति को पेट्रोल/डीजल डालकर जिंदा जला दिया

महाराजगंज (UP)। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र में मंगलवार तड़के एक बेहद हिंसक और सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहाँ एक 60 वर्षीय पत्नी ने अपने 62 वर्षीय पति पर पेट्रोल/डीजल डालकर आग लगा दी, जिससे बुजुर्ग की मौत हो गई। इस वारदात से इलाके में भारी आक्रोश और बढ़ती घरेलू हिंसा की चिंताजनक तस्वीर उभर रही है।

घटना का क्रम
श्यामदेउरवा थाना अंतर्गत बासपार कोठी टोला पिपरा निवासी रामपत (62) और उसकी पत्नी सुमित्रा (60) के बीच सोमवार देर शाम विवाद हुआ। 

रात में रामपत सो रहे थे, तब सुमित्रा ने उनके ऊपर पेट्रोल/डीजल डालकर आग लगा दी। 

आग लगने के बाद आरोपी महिला ने कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर ताला लगा दिया।

कमरे में धुआँ उठता देख ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस को बुलाया गया।

जब पुलिस और ग्रामीणों ने दरवाजा खोला, तो रामपत का जलता हुआ शव मिला — वह बाहर निकलने में असफल रहे। 

पुलिस कार्रवाई
मौके पर पहुँची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्र किए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। �

आरोपी पत्नी सुमित्रा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उसके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। 

पृष्ठभूमि व जांच
जानकारी के मुताबिक सुमित्रा के खिलाफ पहले भी उसके पति पर जानलेवा हमला करने का मामला दर्ज हो चुका है और वह जेल से अब कुछ समय पहले ही बाहर आई थी। �
Patrika News
पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की आश्वासन दी है। �
ऑपइंडिया
📰 संक्षिप्त समाचार (स्क्रॉल/हेडलाइन वाक्य)
महाराजगंज में पत्नी ने पति को पेट्रोल/डीजल डालकर आग लगाई, मौत।
पुलिस ने आरोपी पत्नी को हिरासत में लिया, जांच जारी।
📍 पारंपरिक अखबार/सोशल माध्यम के लिए हेडलाइन विकल्प
घर में पेट्रोल डालकर पति को जिंदा जलाया, हत्या मामला उभरता घरेलू विवाद
महाराजगंज में घरेलू हिंसा का रोंगटे खड़े कर देने वाला केस
पति को मौत के घाट उतारा, पत्नी गिरफ्तार — फॉरेंसिक जांच जारी

फेस हाजिरी के पहले ही दिन मनरेगा की रफ्तार थमी, आंकड़ों ने उठाए कई सवाल

ब्यूरो रिपोर्ट अर्जुन सिंह

 संत कबीर नगर


डिजिटल निगरानी की नई व्यवस्था लागू होते ही जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना यानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जमीनी हकीकत सामने आ गई। सोमवार से फेस अटेंडेंस लागू होते ही काम की रफ्तार में अचानक आई गिरावट ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिले भर में जहां रविवार तक सैकड़ों परियोजनाओं पर हजारों मजदूरों की मौजूदगी दर्ज की जा रही थी, वहीं सोमवार को फेस हाजिरी शुरू होते ही आंकड़े सिमटकर बेहद कम रह गए। प्रथम पाली में केवल 11 ग्राम पंचायतों की 12 परियोजनाएं ही शुरू हो सकीं और ऑन रिकॉर्ड मात्र 76 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज हुई।
रविवार और सोमवार के आंकड़ों में बड़ा अंतर
बताया जाता है कि रविवार तक 230 ग्राम पंचायतों में 243 परियोजनाएं संचालित थीं। 802 मस्टररोल पर 6,757 मजदूरों की हाजिरी दर्ज की गई थी। लेकिन फेस स्कैनिंग आधारित उपस्थिति व्यवस्था लागू होने के बाद कई ब्लॉकों में कार्य नगण्य या शून्य स्तर पर पहुंच गया।
कुछ प्रमुख बिंदु इस प्रकार रहे—
सांथा ब्लॉक: पूर्व में 1,000 से अधिक मजदूर, फेस हाजिरी के पहले दिन कार्य शून्य।
नाथनगर ब्लॉक: पहले 1,100 से अधिक मजदूर, अब 47 मजदूर।
बघौली: 600+ से घटकर 2 मजदूर।
सेमरियावां: 700+ से घटकर 1 मजदूर।
खलीलाबाद और पौली ब्लॉक में भी उपस्थिति बेहद सीमित रही।
इन आंकड़ों ने जमीनी क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर इसे तकनीकी संक्रमण काल की चुनौती भी बताया जा रहा है।
क्या है फेस हाजिरी व्यवस्था?
फेस हाजिरी, केंद्र सरकार द्वारा लागू डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का हिस्सा है। इसमें NMMS App (एनएमएमएस ऐप) के माध्यम से मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की जाती है।
कार्यस्थल पर मजदूर का लाइव फोटो लिया जाता है
चेहरे की स्कैनिंग आधार डाटा से मिलान करती है
जॉब कार्ड की ई-केवाईसी अनिवार्य होती है
निर्धारित समय सीमा में उपस्थिति दर्ज करनी होती है
इस व्यवस्था का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और वास्तविक मजदूरों की उपस्थिति सुनिश्चित करना बताया गया है।
सवाल और संभावनाएं
डिजिटल तकनीक का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना है, लेकिन पहले ही दिन आए आंकड़े प्रशासनिक तैयारी, तकनीकी समझ और जमीनी समन्वय पर भी प्रश्न खड़े कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती दिनों में नेटवर्क, प्रशिक्षण और तकनीकी दिक्कतों के कारण उपस्थिति प्रभावित हो सकती है। आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य होती है या नहीं, इस पर सभी की नजर रहेगी।
(यह रिपोर्ट उपलब्ध आंकड़ों और स्थानीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

रिश्तों का कत्ल: जमीन के 14 बिस्वा विवाद में एक ही परिवार के चार की निर्मम हत्या

बाबागंज (बहराइच)
रुपईडीहा थाना क्षेत्र के बसंतपुर ऊदल गांव के मजरा रामनगर में सोमवार आधी रात रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। जमीन बिक्री के पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि एक ही परिवार के चार सदस्यों की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई।
मृतकों में 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला सिताला, उनके पुत्र बदलूराम (60), पुत्रवधू संजू देवी (56) और परिवार की बेटी शामिल हैं। घटना के बाद गांव में मातम और दहशत का माहौल है।
 क्या है पूरा मामला?
परिवार के बड़े बेटे गुरुदेव की तहरीर के आधार पर छोटे भाई निरंकार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि जमीन के 14 बिस्वा हिस्से की बिक्री से मिले पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था।
बताया जा रहा है कि सोमवार रात करीब 12:30 बजे कहासुनी हिंसक रूप ले बैठी। आरोप है कि कुल्हाड़ी से हमला कर चार लोगों की जान ले ली गई। घटना के बाद आरोपी ने स्वयं को भी गंभीर रूप से घायल कर लिया। उसे लखनऊ ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
दो भाइयों के आरोप आमने-सामने
जहां बड़े भाई ने छोटे पर हत्या का आरोप लगाया है, वहीं परिवार की एक अन्य बहन ने बड़े भाई पर ही हत्या का आरोप लगाया है। इस कारण पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि प्राथमिक जांच में जमीन के पैसों को लेकर विवाद सामने आया है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष विस्तृत विवेचना के बाद ही स्पष्ट होगा।
गांव में भारी पुलिस बल तैनात
घटना के बाद तनाव की आशंका को देखते हुए गांव में पीएसी समेत भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। ग्रामीणों में भय और शोक का माहौल है। बताया जाता है कि रात से दूसरे दिन तक गांव में कई घरों में चूल्हा तक नहीं जला।
एक मासूम बालक, जो घटना के समय मौजूद था, पुलिस की निगरानी में है।
आध्यात्मिक परिवार में खूनखराबा
परिवार जय गुरुदेव आध्यात्मिक संगठन से जुड़ा बताया जाता है। बावजूद इसके पारिवारिक विवाद वर्षों से चल रहा था।
(नोट: यह खबर पुलिस द्वारा दर्ज तहरीर और स्थानीय सूत्रों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है। अंतिम सत्य पुलिस विवेचना के बाद ही स्पष्ट होगा।)

स्कूल बस की टूटी फर्श बनी मौत का कारण, आरटीओ प्रवर्तन और आरआई निलंबित

लखनऊ/अलीगढ़/सिद्धार्थनगर।
स्कूल बस की लापरवाही ने एक मासूम छात्रा की जान ले ली और अब परिवहन विभाग में बड़ी कार्रवाई हुई है। अलीगढ़ में स्कूल बस की फर्श टूटने से छात्रा के सड़क पर गिरकर बस के पहिए के नीचे आने से हुई दर्दनाक मौत के मामले में शासन ने सख्त कदम उठाए हैं।
परिवहन विभाग ने अलीगढ़ की आरटीओ प्रवर्तन वंदना सिंह और तत्कालीन सम्भागीय निरीक्षक (प्राविधिक) इति चंपालाल को निलंबित कर दिया है। इति चंपालाल की वर्तमान तैनाती सिद्धार्थनगर में बताई जा रही है। दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
 क्या था पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार 28 फरवरी को अलीगढ़ सीमा से सटे क्षेत्र में संचालित एक स्कूल बस (UP-81 BT-8873) का फर्श अचानक टूट गया। बस में बैठी एक छात्रा सड़क पर गिर गई और पीछे से आ रहे पहिए की चपेट में आ गई। गंभीर रूप से घायल बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई।
जांच में सामने आया कि बस का परमिट समाप्त हो चुका था और बीमा भी वैध नहीं था। यह बस अलीगढ़ दादो स्थित Mount Deva International School में संचालित हो रही थी।
मंत्री ने लिया संज्ञान
मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अधिकारियों से जवाब तलब किया।
परिवहन आयुक्त किंजल सिंह के निर्देश पर उप परिवहन आयुक्त (आगरा परिक्षेत्र), एआरटीओ प्रशासन/प्रवर्तन अलीगढ़, एआरटीओ कासगंज और संबंधित यात्रीकर अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है। तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब के आधार पर आगे की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
स्कूल प्रबंधन पर भी शिकंजा
सूत्रों के मुताबिक स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तहरीर भी दी गई है। अगर परमिट और बीमा समाप्त होने के बावजूद बस का संचालन पाया गया, तो यह सीधी आपराधिक लापरवाही की श्रेणी में आएगा।
बड़ा सवाल
बिना वैध परमिट और बीमा के बस सड़कों पर कैसे दौड़ रही थी?
फिटनेस और सुरक्षा मानकों की जांच किस स्तर पर हुई?
बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल प्रशासन कितना जिम्मेदार है?
एक मासूम की मौत ने परिवहन व्यवस्था की पोल खोल दी है। सवाल सिर्फ एक बस का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही का है।
(नोट: यह खबर प्रकाशित तथ्यों और विभागीय जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। जांच जारी है। आगे आने वाले आधिकारिक अपडेट के अनुसार स्थिति स्पष्ट होगी।)

पत्नी की हत्या के आरोप में पति गिरफ्तार, न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया

आर्थिक तनाव और आपसी विवाद बना घटना का कारण, पुलिस जांच जारी

Meerut, उत्तर प्रदेश।
मेरठ जिले के धनवाली गांव में एक विवाहिता की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, महिला की मौत के मामले में उसके पति को आरोपी बनाया गया है। घटना के बाद आरोपी स्वयं थाने पहुंचा, जहां उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। बाद में उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से पारिवारिक कलह चल रही थी। प्रारंभिक जांच में आर्थिक तंगी, कर्ज और आपसी अविश्वास को विवाद की वजह बताया जा रहा है। घटना वाले दिन दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो हिंसक रूप ले बैठी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
थाना प्रभारी का कहना है कि मोबाइल कॉल डिटेल, वित्तीय लेन-देन और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु के सटीक कारण स्पष्ट होंगे।

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