किसानों की तरक्की का नया रास्ता, मेगा कृषि ऋण अभियान से गांवों में विकास की उम्मीद जगी

सिद्धार्थनगर। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा विकासखंड नौगढ़ सभागार में आयोजित मेगा कृषि ऋण आउटरीच कार्यक्रम किसानों के लिए उम्मीदों का नया द्वार साबित हुआ। “बीज से बाजार तक – समृद्ध किसान, मजबूत भारत” थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में बैंकिंग सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और कृषि आधारित रोजगार को बढ़ावा देने का संकल्प दिखाई दिया।

कार्यक्रम में बैंक अधिकारियों ने किसानों, स्वयं सहायता समूहों तथा ग्रामीण उद्यमियों को विभिन्न ऋण योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि आधुनिक खेती, कृषि प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड स्टोरेज, स्वर्ण ऋण एवं स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी जा सकती है। अधिकारियों ने किसानों को बैंकिंग योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

क्षेत्रीय प्रमुख अयोध्या क्षेत्रीय कार्यालय अमरीश दुबे ने कहा कि कृषि और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना बैंक की प्राथमिकताओं में शामिल है। वहीं अन्य अधिकारियों ने भी किसानों को योजनाओं की पात्रता, प्रक्रिया और लाभों की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने ऋण सुविधाओं एवं कृषि निवेश से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा समाधान किया गया।

ग्रामीण विकास और किसान कल्याण को समर्पित इस पहल ने बैंक और किसानों के बीच विश्वास का मजबूत सेतु तैयार किया। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि यदि किसान आधुनिक संसाधनों और संस्थागत वित्तीय सहायता से जुड़ें तो खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदला जा सकता है। क्षेत्र के किसानों ने इस आयोजन को उपयोगी, प्रेरणादायक और भविष्य के लिए लाभदायक बताया।
किसानों के लिए खुली तरक्की की राह
▪ मेगा कृषि ऋण आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन।
▪ कृषि एवं स्वरोजगार योजनाओं की दी गई जानकारी।
▪ स्वयं सहायता समूहों को भी मिला विशेष मार्गदर्शन।
▪ बैंक अधिकारियों ने ऋण संबंधी शंकाओं का किया समाधान।
▪ कृषि निवेश और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर।
सारांश
नौगढ़ में आयोजित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के मेगा कृषि ऋण आउटरीच कार्यक्रम ने किसानों को बैंकिंग योजनाओं से जोड़ने का प्रभावी प्रयास किया। कृषि, स्वरोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले इस आयोजन ने किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास की दिशा में एक सराहनीय पहल का संदेश दिया।
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