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सिद्धार्थनगर में बाढ़ प्रभावित गांवों का डीएम ने किया निरीक्षण, फसल क्षति के सर्वे और राहत वितरण के निर्देश

संगलदीप और बैरवानानकार में ग्रामीणों से जाना हाल, बंधों की निगरानी बढ़ाने के साथ मेडिकल टीमों को सक्रिय रहने के निर्देश

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सिद्धार्थनगर, 01 अक्टूबर 2026। जनपद में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने तहसील नौगढ़ के अंतर्गत संगलदीप और बैरवानानकार गांवों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ और बारिश से उत्पन्न स्थिति की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को बंधों पर लगातार निगरानी रखने, प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने, क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वे कराने और जरूरतमंदों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।


मुख्य खबर | बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाने पर जोर


निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। राहत एवं बचाव कार्यों में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए और जरूरतमंद परिवारों तक समय से सहायता पहुंचाई जाए।

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उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित लोगों के बीच लंच पैकेट और राहत किट का वितरण सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही गांवों में बुजुर्गों, महिलाओं, पुरुषों और बीमार व्यक्तियों को चिह्नित कर उनकी जरूरतों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।


फसल नुकसान का सर्वे, मुआवजे की प्रक्रिया पर निर्देश


बाढ़ और बारिश से किसानों की फसलों को हुए संभावित नुकसान को देखते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी नौगढ़ निखिल चक्रवर्ती को क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वे कराने और पात्र प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

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इस पहल का उद्देश्य प्रभावित किसानों के नुकसान का आकलन कर उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत राहत उपलब्ध कराना है। सर्वेक्षण के बाद ही फसल क्षति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेग


बंधों की निगरानी में लापरवाही न हो


बाढ़ के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को बंधों पर सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। बाढ़ की स्थिति में तटबंधों की निगरानी और समय रहते आवश्यक कार्रवाई करना महत्वपूर्ण है, ताकि संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन उचित कदम उठा सके।


गांवों में पहुंचेगी मेडिकल टीम


बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने मेडिकल टीमों को गांवों में जाकर लोगों की जांच करने और जरूरत के अनुसार आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

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विशेष रूप से बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों और अन्य जरूरतमंद लोगों को चिह्नित कर उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर ध्यान देने को कहा गया। इसका उद्देश्य प्रभावित परिवारों को गांव में ही आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।


ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से मदद का भरोसा


निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

प्रशासन की ओर से राहत सामग्री वितरण, फसल क्षति के सर्वे, बंधों की निगरानी और स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। अब इन निर्देशों के धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन से प्रभावित ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है।


राहत कार्यों पर रहेगी नजर


बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता के साथ-साथ फसल क्षति के सर्वे की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण रहेगी। ग्रामीणों को समय पर राहत सामग्री मिलना, बीमार लोगों को दवाएं उपलब्ध होना और प्रभावित किसानों के नुकसान का आकलन होना प्रशासनिक व्यवस्था की अहम जिम्मेदारियां हैं।

ऐसे में संबंधित विभागों की कार्यवाही और प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचने की स्थिति पर आगे भी नजर बनी रहेगी।


सारांश


स्थान: संगलदीप और बैरवानानकार, तहसील नौगढ़, सिद्धार्थनगर।

निरीक्षण: जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन।

प्रमुख निर्देश: बंधों की लगातार निगरानी, राहत किट एवं लंच पैकेट वितरण, फसल क्षति का सर्वे और मुआवजे की प्रक्रिया।

स्वास्थ्य सुविधा: गांवों में मेडिकल टीमों द्वारा जांच और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता।

विशेष ध्यान: बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार व्यक्तियों की पहचान कर सहायता उपलब्ध कराना।


संपादकीय टिप्पणी | संकट के समय राहत सबसे जरूरी


बाढ़ जैसी परिस्थितियों में प्रशासनिक सक्रियता का वास्तविक महत्व तभी सामने आता है, जब राहत और सहायता जरूरतमंद लोगों तक समय पर पहुंचे। प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित रखना, किसानों के नुकसान का उचित आकलन करना, स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और बंधों की निगरानी सुनिश्चित करना जरूरी है। अब चुनौती यह है कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन हो और जरूरतमंद परिवारों को सरकारी सहायता निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मिल सके।


FT NEWS DIGITAL | सिद्धार्थनगर

 

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