दुर्गापूजा-दशहरा को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट, थाना परिसर में हुई पीस कमेटी बैठक

सिद्धार्थनगर। आगामी दुर्गापूजा और दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में थाना सिद्धार्थनगर परिसर में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मूर्ति आयोजकों, डी.जे. संचालकों, धर्मगुरुओं, संभ्रांत नागरिकों, पत्रकारों और ग्राम प्रहरियों की मौजूदगी रही। अधिकारियों ने पर्व के दौरान शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सभी से सहयोग की अपील की।
बैठक में उप जिलाधिकारी सदर निखिल चतुर्वेदी और क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयान ने मौजूद लोगों को आगामी त्योहारों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देशों से अवगत कराया। प्रशासन की ओर से विशेष रूप से डी.जे. और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संचालन में न्यायालय के निर्देशों एवं निर्धारित नियमों का पालन करने की बात कही गई।
अधिकारियों ने कहा कि त्योहारों के दौरान आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मूर्ति आयोजकों और अन्य संबंधित लोगों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा किसी भी परिस्थिति में शांति व्यवस्था प्रभावित न होने देने में सहयोग की अपील की गई।

बैठक में पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित लोगों की बात भी सुनी और त्योहारों के दौरान आवश्यक समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।
बैठक में ये रहे मौजूद
उप जिलाधिकारी सदर निखिल चतुर्वेदी
क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयान
प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह
पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी
मूर्ति आयोजक
डी.जे. संचालक
धर्मगुरु एवं संभ्रांत नागरिक
पत्रकार
ग्राम प्रहरीगण
इनबॉक्स | प्रशासन का संदेश
आस्था के पर्व में नियमों का भी ध्यान रखें।
दुर्गापूजा और दशहरा को लेकर प्रशासन की अपील है कि सभी आयोजक निर्धारित नियमों का पालन करें। विशेषकर ध्वनि विस्तारक यंत्रों का संचालन माननीय न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप किया जाए और किसी भी तरह की स्थिति में आपसी सौहार्द एवं शांति व्यवस्था प्रभावित न हो।
सारांश
दुर्गापूजा-दशहरा से पहले पुलिस-प्रशासन ने संभाली कमान। थाना सिद्धार्थनगर परिसर में हुई पीस कमेटी बैठक में अधिकारियों ने आयोजकों और नागरिकों से शांतिपूर्ण आयोजन तथा नियमों के पालन की अपील की।
टिप्पणी
त्योहार केवल धार्मिक आस्था का अवसर नहीं, बल्कि सामाजिक भाईचारे और सौहार्द का भी पर्व हैं। ऐसे में प्रशासन और पुलिस की तैयारियों के साथ आम नागरिकों और आयोजकों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण हो जाती है। नियमों का पालन करते हुए यदि पर्व मनाया जाए तो उत्सव का माहौल भी बना रहेगा और कानून-व्यवस्था भी मजबूत रहेगी।
FT News Digital | सिद्धार्थनगर
सच और… कुछ नहीं
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