की परेशानी पर मिली राहत: जर्जर सड़क पर शुरू हुआ सुधार कार्य, ग्रामीणों ने लोक निर्माण अधिकारी शौकत अली की पहल को सराहा
शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर) | FT NEWS DIGITAL
सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ क्षेत्र में वर्षों से बदहाल पड़ी दुधवानिया खुर्द–खुरहुरिया–हसुड़ी–गजेहड़ी मार्ग पर आखिरकार राहत की शुरुआत हुई है। लगातार उठती जनआवाज़, समाचार माध्यमों में प्रकाशित खबरों और ग्रामीणों की मांग के बाद लोक निर्माण विभाग ने सड़क पर ईंट डलवाकर अस्थायी रूप से आवागमन सुचारु कराने का कार्य शुरू कराया है। इस पहल से क्षेत्र के हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है।
सारांश
▶ वर्षों से जर्जर सड़क पर विभाग की राहतकारी पहल।
▶ ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के प्रयास के बाद सड़क पर डाली गई ईंट।
▶ आवागमन आसान हुआ, लेकिन स्थायी निर्माण की मांग अब भी बरकरार।
मुख्य समाचार
बढ़नी विकास खंड के दुधवानिया खुर्द से खुरहुरिया, हसुड़ी और गजेहड़ी गांवों को जोड़ने वाली लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सड़क लंबे समय से बदहाल स्थिति में थी। बरसात के मौसम में सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता था। स्कूली बच्चों, मरीजों, गर्भवती महिलाओं और रोजमर्रा के आवागमन करने वाले लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
क्षेत्र के लोगों के अनुसार सड़क की समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग का ध्यान आकर्षित कराया गया। पूर्व प्रधान अनुज चौधरी ने भी इस मुद्दे को लगातार उठाया और स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से इसे प्रमुखता से सामने लाया। इसके बाद लोक निर्माण अधिकारी शौकत अली ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए तत्काल राहत के रूप में सड़क पर ईंट डलवाने का कार्य कराया।
ग्रामीणों का कहना है कि इस अस्थायी व्यवस्था से फिलहाल आवागमन पहले की अपेक्षा काफी आसान हो गया है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों, किसानों और दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।
पूर्व प्रधान अनुज चौधरी ने लोक निर्माण अधिकारी शौकत अली के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी त्वरित पहल से हजारों ग्रामीणों को राहत मिली है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विभाग शीघ्र ही सड़क के स्थायी निर्माण की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाएगा।
ग्रामीण विनोद कुमार, शेषराम चौधरी, अनिल साहनी सहित अन्य लोगों ने भी विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यदि स्थायी निर्माण जल्द शुरू हो जाए तो वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो जाएगा।
क्या कहते हैं ग्रामीण?
“ईंट डलने से फिलहाल राहत जरूर मिली है, लेकिन स्थायी सड़क निर्माण ही इस समस्या का वास्तविक समाधान होगा।”
विशेष टिप्पणी | FT NEWS DIGITAL
लोकतंत्र में जनसमस्याओं का समाधान तभी संभव होता है जब जनता अपनी बात जिम्मेदारी से रखे, जनप्रतिनिधि उसे मजबूती से उठाएं और संबंधित विभाग समय पर कार्रवाई करे। इस मामले में राहत कार्य शुरू होना एक सकारात्मक कदम है, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए।
हालांकि यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि अस्थायी व्यवस्था को अंतिम समाधान न माना जाए। यदि सड़क का स्थायी निर्माण शीघ्र पूरा होता है तो यह न केवल हजारों ग्रामीणों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगा। जनता की अपेक्षा अब स्थायी सड़क निर्माण से जुड़ी है।

दुधवानिया खुर्द–खुरहुरिया मार्ग पर आवागमन सुचारु करने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा ईंट डलवाने के बाद राहत महसूस करते ग्रामीण।
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