सिद्धार्थनगर में रफ्तार पर शिकंजा, 89 वाहनों के चालान
इंटरसेप्टर वाहनों से ओवरस्पीडिंग की निगरानी तेज, तीन प्रमुख मार्गों पर 40 किमी प्रति घंटा की सीमा

सिद्धार्थनगर। जिले में तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए यातायात पुलिस ने प्रवर्तन अभियान तेज कर दिया है। सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली जनहानि को कम करने के उद्देश्य से प्रमुख मार्गों पर गति सीमा का पालन कराने के साथ आधुनिक उपकरणों से वाहनों की रफ्तार पर निगरानी रखी जा रही है। पुलिस की ओर से जारी 3 सितंबर की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, अभियान के दौरान गति सीमा का उल्लंघन करने वाले 89 वाहनों के चालान किए गए।
तीसरे दिन 89 वाहन कार्रवाई की जद में
यातायात पुलिस के अनुसार, जिले में उपलब्ध कराए गए दो दोपहिया इंटरसेप्टर वाहनों के जरिए ओवरस्पीडिंग की निगरानी की जा रही है। अभियान के तीसरे दिन 3 सितंबर को निर्धारित गति से अधिक रफ्तार में चल रहे 89 वाहनों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत चालानी एवं अन्य विधिक कार्रवाई की गई।
तीन प्रमुख मार्गों पर 40 की रफ्तार
शहर के अशोक मार्ग, डिड़ई-ककरहवा मार्ग और सनई-बढ़नी मार्ग पर निर्धारित गति सीमा के पालन को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। इन मार्गों पर अधिकतम गति सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटा रखे जाने के बाद यातायात पुलिस की नजर ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहनों पर है।
इंटरसेप्टर से ऐसे हो रही निगरानी
यातायात निदेशालय की ओर से सिद्धार्थनगर पुलिस को उपलब्ध कराए गए दो दोपहिया इंटरसेप्टर वाहनों में आधुनिक गति मापने वाले उपकरण लगाए गए हैं। इनके माध्यम से प्रमुख मार्गों पर गुजरने वाले वाहनों की गति पर नजर रखी जा रही है। निर्धारित सीमा से अधिक गति पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
89 चालान क्यों अहम?
3 सितंबर को 89 वाहनों पर की गई कार्रवाई यह संकेत देती है कि यातायात पुलिस अब ओवरस्पीडिंग को लेकर नियमित प्रवर्तन पर जोर दे रही है। अभियान का घोषित उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने के लिए जागरूक करना और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना है।
सिद्धार्थनगर में ओवरस्पीडिंग के खिलाफ यातायात पुलिस का अभियान जारी है। दोपहिया इंटरसेप्टर वाहनों की मदद से गति की निगरानी की जा रही है। पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 3 सितंबर को 89 वाहनों के खिलाफ चालानी एवं अन्य विधिक कार्रवाई की गई।
रफ्तार पर नियंत्रण, हादसों पर रोक की कोशिश
सड़क पर कुछ मिनट बचाने की कोशिश कई बार गंभीर परिणाम में बदल सकती है। निर्धारित गति सीमा वाहन चालक को अचानक सामने आने वाली परिस्थिति में प्रतिक्रिया देने का अतिरिक्त समय देती है। ऐसे में स्पीड लिमिट का पालन केवल चालान से बचने का विषय नहीं, बल्कि चालक और सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा से भी जुड़ा है।
आगे भी जारी रहेगा प्रवर्तन अभियान
पुलिस के मुताबिक ओवरस्पीडिंग के खिलाफ चेकिंग और प्रवर्तन कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। यातायात पुलिस ने आमजन से निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाने में सहयोग करने की अपील की है।
पुलिस अधिकारियों की निगरानी में अभियान
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अभियान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के निर्देश, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी यातायात राजकुमार सिंह के निर्देशन और प्रभारी यातायात अजय कुमार सिंह यादव के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है।
कानूनी सावधानी के लिए अंतिम डिस्क्लेमर
“यह समाचार सिद्धार्थनगर पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति तथा उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। चालान अथवा पुलिस कार्रवाई का उल्लेख संबंधित विभाग की जानकारी के अनुसार है। FT NEWS DIGITAL किसी व्यक्ति के विरुद्ध स्वतंत्र रूप से कोई दोष या आरोप निर्धारित नहीं करता।”
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