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DM को गुहार, फिर भी नहीं सुनवाई! जलभराव में डूबा ककरही, ग्रामीणों का फूटा आक्रोश

DM को गुहार, फिर भी नहीं मिली राहत!


जलभराव में डूबा ककरही, ग्रामीण बोले— आखिर कब जागेगा प्रशासन?

10 दिन पहले सौंपा गया था शिकायत पत्र, लगातार बारिश के बीच सड़कें बनीं तालाब; महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का निकलना हुआ मुश्किल


ग्रामीणों की पीड़ा

10 दिन पहले जिलाधिकारी को सौंपा गया शिकायत पत्र।

लगातार बारिश से मुख्य मार्ग पर जलभराव।

पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने का दावा।

महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग रोजाना परेशानी झेलने को मजबूर।

जर्जर सड़क और लटकते बिजली के तारों से दुर्घटना का खतरा।


क्या है पूरा मामला?

ग्राम पंचायत: ककरही

विकास खंड: जोगिया

जनपद: सिद्धार्थनगर

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

मुख्य मार्ग से तत्काल जल निकासी।

जर्जर सड़क का निर्माण।

नालियों की स्थायी व्यवस्था।

बिजली के जर्जर तारों की मरम्मत।

बरसात से पहले स्थायी विकास कार्य।


सिद्धार्थनगर जनपद के विकास खंड जोगिया अंतर्गत ग्राम पंचायत ककरही में लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। गांव के मुख्य मार्ग पर जलभराव और कीचड़ के कारण आवागमन प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग दस दिन पहले जिलाधिकारी को लिखित शिकायत देकर समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिली। इससे नाराज ग्रामीणों ने मीडिया के सामने अपनी समस्याएं रखते हुए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।

सिद्धार्थनगर से FT News Digital

गांव की गलियां पानी से लबालब हैं। कई स्थानों पर सड़कें तालाब जैसी दिखाई दे रही हैं। ऐसे में स्कूल जाने वाले बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और रोज कमाने-खाने वाले लोगों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण गांव में गंदगी बढ़ रही है, जिससे संक्रामक बीमारियों और जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना हुआ है।

ग्रामीणों के अनुसार यह समस्या नई नहीं है। उनका कहना है कि कई बार ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और संबंधित अधिकारियों को मौखिक तथा लिखित रूप से अवगत कराया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया।

ग्रामीणों ने मीडिया को बताया कि जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में जल निकासी और सड़क निर्माण की मांग की गई थी। शिकायत के बाद भी स्थिति जस की तस रहने से लोगों में नाराजगी है।

मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए ग्रामीणों ने कहा कि बरसात के दौरान गांव का मुख्य मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो जाता है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो जाता है। कई घरों के आसपास भी पानी जमा रहने की बात ग्रामीणों ने कही।

पूर्व ग्राम प्रधान भारत प्रसाद लोधी की अगुवाई में ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव का स्थलीय निरीक्षण कराकर स्थायी समाधान की मांग की। इस दौरान रोहित लोधी, सत्यजीत, वरुण, मन्नू, पप्पू, सोनू, शशिकला, फूलवती, दुर्गावती, रामअवतार यादव, प्रेमलता लोधी, चंदन लोधी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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ग्राउंड रिपोर्ट

मौके पर मौजूद दृश्य बताते हैं कि कई स्थानों पर सड़क पर पानी जमा है और लोगों को उसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है। महिलाओं और बच्चों को पानी के बीच आवागमन करते देखा गया। ग्रामीणों ने जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग दोहराई।

जनता की मांग

गांव का तत्काल सर्वे कराया जाए।

जल निकासी की स्थायी व्यवस्था हो।

क्षतिग्रस्त सड़क का निर्माण कराया जाए।

बिजली के जर्जर तार बदले जाएं।

जिम्मेदार विभाग संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट सार्वजनिक करे।

प्रशासन का पक्ष

समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभाग अथवा जिला प्रशासन की ओर से इस शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी। यदि प्रशासन का पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

सारांश

लगातार बारिश के बीच ककरही गांव में जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या बनी हुई है और इससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। अब ग्रामीण जिला प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर शीघ्र समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं।

 

फोटो-1: जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत पत्र सौंपते ग्रामीण प्रतिनिधि।

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फोटो-2: ककरही गांव के मुख्य मार्ग पर जलभराव के बीच आवागमन करती महिला।

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फोटो-3: गांव में जलभराव और कीचड़ से प्रभावित सड़क।


“ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिससे बरसात में सामान्य जनजीवन प्रभावित है।”


ग्रामीणों की जुबानी

“हम चाहते हैं कि अधिकारी गांव में आकर खुद हालात देखें और जल निकासी व सड़क निर्माण का स्थायी समाधान कराएं।”


यह समाचार ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराए गए शिकायत पत्र, मौके के दृश्य और उनके बयानों के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में व्यक्त आरोप संबंधित ग्रामीणों के दावे हैं। FT News Digital किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी घोषित नहीं करता। यदि जिला प्रशासन, ग्राम पंचायत या संबंधित विभाग अपना पक्ष उपलब्ध कराता है, तो उसे भी समान प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जाएगा।

 

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