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भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय मंत्री चित्रा देवी ने मनोनीत पार्षदों को दी बधाई

गोरखपुर 17 मार्च। भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय मंत्री चित्रा देवी ने उत्तर प्रदेश शासन नगर विकास से नामित/नव नियुक्त गोरखपुर नगर निगम के कुल 10 मनोनीत पार्षद आदरणीय रितेश सिंह , दुर्गेश बजाज , अष्टभुजा श्रीवास्तव , संजय कुमार वैश्य , आलोक सिंह विशेन , वीर सिंह सोनकर , शिवम पांडेय , अरविंद निषाद , चंदन आर्या , ममता जायसवाल को हृदय की गहराईयों से हार्दिक बधाई दी हैं।

उन्होंने कहा कि मनोनीत कर सरकार ने कर्मठ कार्यकर्ताओं का सम्मान किया है । उत्तर प्रदेश सरकार के निर्णय की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए आभार जताया है ।

 

BRD मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने निकाला कैंडल मार्च, एमबीबीएस छात्र आकाश पांडेय की मौत पर जताया शोक

गोरखपुरगोरखपुर स्थित BRD Medical College के जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने मंगलवार को एमबीबीएस छात्र स्वर्गीय आकाश कुमार पाण्डेय की आकस्मिक मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान सभी डॉक्टरों और छात्रों ने मोमबत्तियां जलाकर दिवंगत छात्र की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने के लिए लोगों से आगे आने की अपील की।

एमबीबीएस 2023 बैच के छात्र थे आकाश कुमार पाण्डेय

बताया गया कि स्वर्गीय आकाश कुमार पाण्डेय, पुत्र श्री देवेंद्र नाथ पाण्डेय, BRD Medical College में एमबीबीएस बैच 2023 के छात्र थे। 4 मार्च 2026 की रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना से पूरे मेडिकल कॉलेज परिसर में शोक का माहौल है।

तेज रफ्तार फॉरच्यूनर ने मारी थी टक्कर

जानकारी के अनुसार 4 मार्च 2026 की रात रॉन्ग साइड से आ रही एक तेज रफ्तार फॉरच्यूनर कार ने आकाश कुमार पाण्डेय को टक्कर मार दी। आरोप है कि कार चालक गोल्डेन साहनी नशे की हालत में वाहन चला रहा था। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि आकाश गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

कैंडल मार्च निकालकर दी श्रद्धांजलि

घटना के बाद मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों, छात्रों और स्टाफ ने कैंडल मार्च निकालकर दिवंगत छात्र को श्रद्धांजलि दी। सभी ने मोमबत्तियां जलाकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया।

पीड़ित परिवार की आर्थिक सहायता के लिए अपील

जूनियर डॉक्टरों और कॉलेज प्रशासन की ओर से सभी मेडिकल संस्थानों, डॉक्टरों और समाज के लोगों से अपील की गई है कि वे स्वेच्छा से आर्थिक सहयोग देकर पीड़ित परिवार की मदद करें। यह सहयोग राशि BRD Medical College के प्रधानाचार्य की देखरेख में चेक के माध्यम से पीड़ित परिवार तक पहुंचाई जाएगी।

सहायता के लिए बैंक खाता विवरण

खाता धारक का नाम: BRD FEES ACCOUNT

खाता संख्या: 40119591547

IFSC कोड: SBIN0003168

सहयोग राशि UPI / QR कोड या बैंक खाते के माध्यम से भेजी जा सकती है।

मेडिकल छात्रों में शोक और आक्रोश

इस घटना के बाद मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों में गहरा शोक और आक्रोश देखा जा रहा है। सभी ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

MBBS छात्र हादसे की सुर्खियों में दब गया विपिन जायसवाल के परिवार का दर्द– होली के दिन धर्मशाला ओवरब्रिज पर तेज रफ्तार कार की टक्कर से गई थी जान

गोरखपुर : रंगों का पर्व होली आपसी भाईचारे और खुशियों का त्योहार माना जाता है, लेकिन कभी-कभी यही उत्सव लापरवाही और हुड़दंग की वजह से दर्दनाक हादसों में बदल जाता है। ऐसा ही एक हादसा 4 मार्च 2026 को गोरखपुर में हुआ, जिसमें एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छिन गईं।

होली के दिन कार की टक्कर से हुए थे घायल

4 मार्च 1996 को जन्मे विपिन कुमार जायसवाल को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि 4 मार्च 2026 का दिन उनकी जिंदगी का आखिरी दिन बन जाएगा। होली के दिन दोपहर करीब 2:30 बजे वह अपने दोस्त सुमित श्रीवास्तव के साथ स्कूटी से धर्मशाला ओवरब्रिज से गुजर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार मारुति वेगनर कार ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि विपिन ओवरब्रिज से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनके साथी सुमित श्रीवास्तव भी बुरी तरह घायल हो गए।

इलाज के दौरान चली गई विपिन की जान 

दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान विपिन कुमार जायसवाल ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत से परिवार में मातम छा गया, जबकि घायल सुमित श्रीवास्तव का अभी भी इलाज चल रहा है।

उसी रात एमबीबीएस छात्र आकाश पांडे की हुई थी मौत 

उसी दिन रात में चारफाटक मोहद्दीपुर इलाके में हुए एक अन्य सड़क हादसे में एमबीबीएस छात्र आकाश पांडे और उमेश शर्मा की मौत हो गई थी। आरोपी के एक राजनीतिक दल से जुड़े होने की वजह से यह मामला मीडिया में सुर्खियों में छाया रहा। लेकिन उसी दिन दोपहर धर्मशाला ओवरब्रिज पर हुए हादसे में जान गंवाने वाले विपिन जायसवाल के परिवार की पीड़ा कहीं दबकर रह गई।

MBBS छात्र हादसे में दब गई विपिन की मौत

परिजनों का कहना है कि चारफाटक हादसे में मृतकों के परिवारों के घर जनप्रतिनिधि और अधिकारी पहुंचे तथा सरकार की ओर से मुआवजे की घोषणा भी की गई, लेकिन विपिन जायसवाल के परिवार की सुध लेने वाला कोई नहीं पहुंचा। परिजनों के मुताबिक विपिन एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते थे, शायद यही वजह रही कि उनकी मौत को लेकर न तो किसी अधिकारी ने संज्ञान लिया और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने परिवार से मिलकर सांत्वना दी।

घटना की निष्पक्ष जांच की मांग 

घटना के अगले दिन मृतक के पिता राजेंद्र कुमार जायसवाल की तहरीर पर शाहपुर थाने में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि परिवार का आरोप है कि हादसे के बाद कार चालक और उसके साथियों को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने प्रशासन से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है, ताकि विपिन की मौत के जिम्मेदार लोगों को सजा मिल सके।

कार की टक्कर से बाइक सवार सिपाही की मौत

गोरखपुर : कुसम्ही जंगल स्थित तुर्रा नाला के पास बुधवार दोपहर एक कार की टक्कर से बाइक सवार सिपाही की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल सिपाही को एम्स थाना पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने कार चालक को गिरफ्तार कर लिया है।

मृतक सिपाही की पहचान देवरिया जिले के तरकुलवा स्थित सोहनरिया गांव निवासी विवेक कुमार सिंह (29) के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी के पद पर तैनात थे। उनकी मूल नियुक्ति संतकबीरनगर में थी और वर्तमान में वह गोरखपुर स्थित एडीजी जोन कार्यालय में अटैच थे। बुधवार दोपहर करीब एक बजे विवेक कुमार सिंह अपनी बाइक से गोरखपुर से घर जा रहे थे। कुसम्ही जंगल के पास तुर्रा नाला के समीप सामने से आ रही एक कार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि विवेक गंभीर रूप से घायल हो गए और कार भी अनियंत्रित होकर पलट गई।

सूचना मिलने पर एम्स थाना प्रभारी चंद्रप्रकाश पांडेय मौके पर पहुंचे। घायल सिपाही को तत्काल एम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में ले लिया है और कार चालक को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।

पत्नी को फावड़े से काटकर हत्या,आरोपी पति गिरफ्तार

गोरखपुर : खजनी थाना क्षेत्र के धाधूपार गांव में पति ने फावड़े और कुल्हाड़ी से अपनी पत्नी की गला काटकर हत्या कर दी। यह घटना मंगलवार 3 मार्च की रात करीब 1 बजे हुई। खजनी पुलिस ने आरोपी पति अशोक निषाद (45) को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी अशोक निषाद को अपनी पत्नी के अनैतिक संबंधों का संदेह था, जिसके चलते उसने इस वारदात को अंजाम दिया। घटना के तुरंत बाद खजनी पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था।

हिरासत में लेने के बाद आरोपी अशोक निषाद मनोरोगी की तरह बड़बड़ा रहा था कि उसे पचासों लोगों ने घेर लिया है और वे उसे मार डालेंगे। पुलिस ने उसे शांत कराया। अगले दिन सुबह 10 बजे पुलिस आरोपी को घटनास्थल पर ले गई, जहां उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त फावड़ा और कुल्हाड़ी बरामद की गई। पुलिस ने घटनास्थल से खून से सनी मिट्टी भी साक्ष्य के तौर पर एकत्र कर सील कर दिया है।

मृतका नीलम के पिता राजेंद्र प्रसाद की तहरीर पर खजनी थाने में केस संख्या 64/26 में बीएनएस की धारा 103 (1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मृतका के पिता ने पुलिस को बताया कि उनका दामाद अक्सर शराब पीकर बेटी के साथ मारपीट करता था। पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद ही उसने बेटी की गला काटकर हत्या की।

वारदात की सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी खजनी दीपांशी राठौर ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में सब इंस्पेक्टर रामदयाल यादव, महिला सब इंस्पेक्टर प्रीति यादव, हेड कांस्टेबल अनिल चौधरी, कांस्टेबल जितेंद्र यादव, मनीष कुमार और महिला कांस्टेबल मनीषा वर्मा शामिल थे।

मां की मौत और पिता के जेल जाने के बाद मृतका के दोनों बच्चों को उनके ननिहाल के लोग अपने साथ ले गए हैं।

दबिश से लौट रही पुलिस की स्कॉर्पियो दुर्घटनाग्रस्त, दारोगा की हुई मौत; कई घायल

गोरखपुर। महराजगंज से दबिश देकर लौट रही गोरखपुर पुलिस की टीम की स्कॉर्पियो श्यामदेउरवा क्षेत्र में दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई। वाहन अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराया और फिर सड़क किनारे पेड़ से जा भिड़ा। इस दुर्घटना में दारोगा संतोष कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एसएसआई रमेश चंद्र कुशवाहा, महिला दारोगा गीता समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस टीम महराजगंज में एक मामले में दबिश देकर वापस गोरखपुर लौट रही थी। देर रात श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र में अचानक वाहन अनियंत्रित हो गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आसपास के लोगों की सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल अस्पताल भिजवाया।

सभी घायलों का इलाज बीआरडी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है, जहां उनकी हालत पर चिकित्सकों की निगरानी रखी जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया।

पुलिस द्वारा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्राथमिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को हादसे की वजह माना जा रहा है। मृतक दारोगा के परिजनों को सूचना दे दी गई है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

गोरखपुर में संघ शताब्दी वर्ष पर सामाजिक सद्भाव बैठक, सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने दिया एकता का संदेश

गोरखपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गोरक्ष प्रांत की ओर से संघ शताब्दी वर्ष के अंतर्गत रविवार को तारामंडल स्थित बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह में सामाजिक सद्भाव बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विभिन्न जाति, समाज और पंथ के प्रमुख प्रतिनिधियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने सामाजिक एकता और समरसता पर जोर दिया।

स्वार्थ का अपनापन टिकता नहीं है

अपने उद्बोधन में डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि समाज वही है, जिसका परस्पर जुड़ाव हो। स्वार्थ पर आधारित संबंध स्थायी नहीं होते। उन्होंने कहा कि अन्य देशों में मनुष्य-मनुष्य का संबंध सौदे की तरह देखा जाता है, लेकिन भारत में संबंध अपनेपन पर आधारित हैं।

उन्होंने कहा कि हमारे देश में विविधताएं हैं, अनेक रीति-रिवाज हैं, फिर भी समाज एक सूत्र में बंधा है। यही भारतीय संस्कृति की विशेषता है।

जीवन का सत्य भगवान हैं

सरसंघचालक ने कहा कि भारत विविधता में एकता का देश है क्योंकि यहां एक चैतन्य सबमें समान रूप से विद्यमान है, जिसे हम भगवान कहते हैं। भारत को हम माता मानते हैं।

उन्होंने कहा कि अलग-अलग वेशभूषा, भाषा और रंग-रूप कभी अलगाव का कारण नहीं बनते। हमारी संस्कृति में नारी को वात्सल्य और सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। समाज का लक्ष्य जीवन के सत्य को जानना है और जीवन का सत्य भगवान हैं।

समान लक्ष्य और समान संस्कृति पर जोर

डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि समाज सद्भाव से चलता है। केवल कानून और पुलिस से समाज नहीं चल सकता। यदि समाज में सद्भावना नहीं होगी तो व्यवस्था टिक नहीं पाएगी।

उन्होंने कहा कि संघ के 100 वर्ष पूरे होना उत्सव का विषय नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है। ब्लॉक स्तर पर वर्ष में दो-तीन बार बैठकर समाज के विषयों पर चर्चा होनी चाहिए।

हिन्दू समाज में पूर्ण स्वतंत्रता

सरसंघचालक ने कहा कि हिन्दू समाज में पूर्ण स्वतंत्रता है। हमें यह विचार करना चाहिए कि हम समाज के लिए क्या कर रहे हैं और क्या कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि अपनी जाति-समाज की चिंता करना अच्छी बात है, लेकिन हमें बड़े समाज के हित को ध्यान में रखकर कार्य करना चाहिए। भारत स्वार्थ नहीं देखता, बल्कि विश्व के संकट में सहायता के लिए आगे आता है।

समाज स्वयं आगे बढ़े, संघ करेगा सहयोग

कार्यक्रम में विभिन्न समाजों और पंथों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए। जिज्ञासाओं के उत्तर देते हुए डॉ. भागवत ने कहा कि समाज स्तर पर कार्य स्वयं करना होगा, केवल संघ के भरोसे नहीं रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि खंड स्तर पर समाज के प्रमुख लोग मिलकर जिम्मेदारी लें और किसी भी समस्या का समाधान सामूहिक रूप से करें। देश ठीक रहेगा तो हम भी ठीक रहेंगे।

पंगत में किया सहभोज, भारत माता की आरती के साथ समापन

बैठक के बाद सरसंघचालक ने विभिन्न जाति और पंथ के प्रतिनिधियों के साथ पंगत में भोजन किया। मंच पर प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की प्रस्तावना सह प्रांत सद्भाव प्रमुख शिवाजी राय ने रखी तथा सामाजिक सद्भाव प्रमुख डॉ. राकेश कुमार सिंह ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन भारत माता की आरती के साथ हुआ।

UGC-NET में हर्ष प्रताप सिंह का शानदार प्रदर्शन, सांसद रविकिशन ने दी बधाई

गोरखपुर: UGC-NET परीक्षा 2026 के परिणाम में गोरखपुर के लिए गर्व की खबर सामने आई है। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षाशास्त्र विभाग के छात्र हर्ष प्रताप सिंह का चयन हुआ है। खास बात यह है कि विभाग से इस परीक्षा में एकमात्र चयनित अभ्यर्थी के रूप में उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है।

सांसद रवि किशन ने दी बधाई

हर्ष की इस सफलता पर गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद रवि किशन शुक्ला ने उन्हें बधाई संदेश जारी करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। रविकिशन ने कहा कि,

प्रिय हर्ष प्रताप सिंह जी

“कल UGC – NET परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ जिसमें विश्वविद्यालय द्वारा हमको अवगत कराया गया कि दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर के शिक्षाशास्त्र विभाग से एकमात्र आपका चयन हुआ है। विभाग की इस उपलब्धि से मन प्रसन्नचित हो उठा । आपको आपके भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं महादेव आपको शीघ्र डॉक्टर की उपाधि प्रदान कराएं । विभाग द्वारा यह सूचना पाया और ऐसा भी सुना कि आप भविष्य में इससे भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे और सभी के चहेते बने रहेंगे। यह भी ज्ञात हुआ कि विश्वविद्यालय के प्रत्येक कार्यक्रम में सदैव आपका प्रदर्शन अच्छा रहा है।आपको आपके उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई प्रिय।”

बेहतर प्रदर्शन के लिए पहचाने जाते हैं हर्ष

विश्वविद्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, हर्ष प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों में हमेशा सक्रिय और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों में शामिल रहे हैं। उनकी इस सफलता से अन्य छात्रों को भी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरणा मिलेगी।

विभाग के लिए गर्व का क्षण

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, हर्ष प्रताप सिंह का चयन शिक्षाशास्त्र विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। विभाग के शिक्षकों और छात्रों में इस सफलता को लेकर खुशी का माहौल है। कुलपति पूनम टंडन, प्रोफेसर मीतू सिंह कौशिक आदि लोगों ने हर्ष की इस सफलता पर खुशी व्यक्त की है।

यह उपलब्धि न केवल छात्र की मेहनत और लगन को दर्शाती है, बल्कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को भी मजबूत करती है।

परिवार और विश्वविद्यालय में खुशी का माहौल

हर्ष प्रताप सिंह की इस सफलता से पिता अजय सिंह, माता पुनीता सिंह, भाई राघवेंद्र, बहन राजनीता, हर्षिता, आकाश, शिवम तथा अन्य लोगों ने खुशी जाहिर की है।

चीनी मांझे पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कोतवाली क्षेत्र में चला सघन चेकिंग अभियान*

गोरखपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद जनपद में प्रतिबंधित चीनी मांझे के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। शासन के निर्देशों का पालन कराते हुए शुक्रवार को कोतवाली थाना क्षेत्र में पतंग और मांझा बेचने वाली दुकानों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।

सीओ कोतवाली ओमकार दत्त तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने क्षेत्र की कई दुकानों पर पहुंचकर मांझे की गहन जांच की। इस दौरान दुकानों में रखे स्टॉक को खंगाला गया और यह सुनिश्चित किया गया कि कहीं भी प्रतिबंधित चाइनीज मांझा की बिक्री या भंडारण न हो।

दुकानों को दिया निर्देश 

हालांकि अभियान के दौरान किसी भी दुकान पर प्रतिबंधित मांझा बरामद नहीं हुआ, लेकिन पुलिस ने सभी दुकानदारों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि चाइनीज मांझा पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि कोई भी दुकानदार इसकी बिक्री करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

चालकों और बच्चों के लिए खतरनाक

सीओ ओमकार दत्त तिवारी ने बताया कि चीनी मांझा आम लोगों, खासकर दोपहिया वाहन चालकों और बच्चों के लिए बेहद खतरनाक साबित होता है और इससे कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसी कारण शासन स्तर से इसके निर्माण, बिक्री और उपयोग पर रोक लगाई गई है।

आम जनता से अपील

पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि सुरक्षित मांझे का ही इस्तेमाल करें और प्रतिबंधित सामग्री की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। प्रशासन का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

डॉ मानसी द्विवेदी को मिला PHD की डिग्री

गोरखपुर: गोरखपुर विश्वविद्यालय से वनस्पति विज्ञान विषय में डॉक्टर मानसी द्विवेदी को पीएचडी (Doctor of Philosophy) की उपाधि प्रदान की गई है। उन्होंने अपना शोध कार्य “Study of Fungal Pathogens causing Strawberry fruit rots and their Management by Natural agents” विषय पर पूरा किया। यह शोध वनस्पति विज्ञान विभाग की प्रो. पूजा सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

पूरे क्षेत्र को है garv

डॉ. मानसी की इस उपलब्धि से उनके पिता कैलाश नाथ द्विवेदी तथा पूरे जनपद का गौरव बढ़ा है।

पीएचडी शिक्षा की सर्वोच्च डिग्री मानी जाती है, जो मौलिक शोध (Original Research) और थीसिस के सफल डिफेंस के बाद प्रदान की जाती है। यह डिग्री किसी विषय में गहन विशेषज्ञता का प्रमाण होती है।

डॉ. मानसी ने अपने शोध में स्ट्रॉबेरी फलों में लगने वाले कवक रोग (Fungal Pathogens) और उनके प्राकृतिक प्रबंधन पर विस्तृत अध्ययन किया। उनके शोध पर आधारित 5 अंतरराष्ट्रीय शोध-पत्र स्कोपस इंडेक्स (Q1, Q2, Q3, Q4) जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं।

स्ट्रॉबेरी की शेल्फ लाइफ बढ़ाने वाला बड़ा नवाचार

डॉ. मानसी द्विवेदी ने अपने शोध के दौरान डॉ. रितेश कुमार राय और प्रो. पूजा सिंह के साथ मिलकर ‘ऑर्गेनिक बेरी सेफ गार्ड’ नामक एक प्राकृतिक यौगिक विकसित किया है।

शोध में पाया गया कि:

सामान्यतः 2–4 दिन में खराब होने वाली स्ट्रॉबेरी

सामान्य तापमान पर 10–12 दिन

कोल्ड स्टोरेज में 20–25 दिन तक सुरक्षित रह सकती है

यह उत्पाद स्वाद, पोषण और गुणवत्ता पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं डालता।

पूरी तरह प्राकृतिक और सुरक्षित

यह नवाचार:

✔ पूरी तरह इको-फ्रेंडली

✔ मानव स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित

✔ पर्यावरण को नुकसान रहित

✔ कम लागत में तैयार होने वाला

यह किसानों और व्यापारियों के लिए फलों को सड़ने से बचाने का किफायती समाधान साबित हो सकता है।

पेटेंट और औद्योगिकरण की ओर कदम

डॉ. मानसी के शोध के दौरान विकसित यह उत्पाद पेटेंट प्रकाशित हो चुका है और अब औद्योगिक उत्पादन की दिशा में अग्रसर है। इससे कृषि आधारित उद्योगों को भी नया अवसर मिलेगा।

विश्वविद्यालय का सहयोग और मार्गदर्शन

डॉ. मानसी ने अपनी सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल को देते हुए कहा कि कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में शोध व नवाचार को उत्कृष्ट वातावरण मिला।

उन्होंने प्रो. दिनेश यादव, डॉ. मनिन्द्र कुमार, प्रो. अनिल कुमार द्विवेदी सहित सभी शिक्षकों का आभार जताया।

परिवार और जनपद में खुशी

डॉ. मानसी द्विवेदी, सिद्धार्थनगर के वरिष्ठ पत्रकार कैलाश नाथ द्विवेदी एवं श्रीमती अर्चना द्विवेदी की सुपुत्री हैं। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, शिक्षकगण और शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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