फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
सिद्धार्थनगर में फिर गूंजा सामाजिक एकजुटता का संदेश: गांव-गांव पहुंच रही लोधी समाज की मुहिम

 

Screenshot 20260803 173444

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह से सिद्धार्थनगर के पुराने जुड़ाव को याद कर रहा समाज; अर्जुन सिंह लोधी की अगुवाई में गांव-नगर तक संगठन विस्तार का अभियान

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान रखने वाले पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह से सिद्धार्थनगर के पुराने जुड़ाव की स्मृतियों को सहेजते हुए अब जिले में लोधी समाज सामाजिक जागरूकता और संगठनात्मक एकजुटता की नई मुहिम आगे बढ़ा रहा है। अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा, जनपद सिद्धार्थनगर के जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह लोधी की अगुवाई में गांव-गांव और नगर क्षेत्रों में संगठन के जागरूकता बोर्ड लगाए जा रहे हैं।

संगठन से जुड़े लोगों के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य केवल जगह-जगह बोर्ड लगाना नहीं, बल्कि समाज को अपने इतिहास और महापुरुषों की विरासत से परिचित कराना, नई पीढ़ी में सामाजिक चेतना जगाना और बिखरे लोगों को एक संगठनात्मक मंच पर जोड़ना है। अभियान के तहत अब तक जिले के दर्जनों गांवों में बोर्ड लगाए जाने की बात कही जा रही है।

इसी कड़ी में विकास खंड उसका बाजार की ग्राम पंचायत सोहांस जनूबी में संगठन का बड़ा जागरूकता एवं स्वागत बोर्ड लगाया गया। बोर्ड पर संगठन के नाम और पदाधिकारियों के साथ समाज से जुड़े ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्वों के चित्र भी प्रदर्शित किए गए हैं।


| सिद्धार्थनगर और कल्याण सिंह के रिश्ते की यादें आज भी जीवंत

इस अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह से सिद्धार्थनगर के जुड़ाव को लेकर स्थानीय समाज की स्मृतियां भी हैं।

स्थानीय संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि कल्याण सिंह का सिद्धार्थनगर से विशेष लगाव रहा और वह अपने राजनीतिक जीवन में सत्ता में रहते हुए भी तथा पद पर नहीं रहने के दौरान भी सिद्धार्थनगर आते रहे। यही वजह रही कि जिले के लोधी समाज में उनके प्रति विशेष सम्मान और आत्मीयता विकसित हुई।

समाज के लोगों का कहना है कि कल्याण सिंह के विचार, सामाजिक एकजुटता और सार्वजनिक जीवन से मिली प्रेरणा आज भी उनके लिए महत्वपूर्ण है। संगठन उसी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और समाज को शिक्षा, जागरूकता, एकता तथा आपसी सहयोग के रास्ते पर आगे बढ़ाने की बात कर रहा है।

कल्याण सिंह की स्मृतियों से नई पीढ़ी को जोड़ने की कोशिश

सिद्धार्थनगर में चल रहे अभियान को संगठन अतीत और वर्तमान के बीच एक सामाजिक सेतु के रूप में भी देख रहा है। एक तरफ बोर्ड पर महापुरुषों और प्रेरक व्यक्तित्वों को स्थान देकर इतिहास की याद दिलाई जा रही है, दूसरी तरफ गांव स्तर के लोगों के नाम जोड़कर संगठन को जमीनी स्वरूप देने की कोशिश हो रही है।

संदेश साफ है—अपनी विरासत को जानिए, समाज को जागरूक कीजिए और एक-दूसरे के सहयोग के लिए संगठित रहिए।


| अर्जुन सिंह लोधी की अगुवाई, लक्ष्य पूरा सिद्धार्थनगर

जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह लोधी की अगुवाई में चल रहे अभियान को संगठन पूरे जनपद तक पहुंचाने की तैयारी में है। गांव, कस्बा और नगर—हर स्तर पर बोर्ड के जरिए संगठन की पहचान और सामाजिक संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

सोहांस जनूबी में लगे बोर्ड पर डॉ. चन्द्रिका प्रसाद लोधी (वरिष्ठ उपाध्यक्ष) तथा अर्जुन सिंह लोधी (जिलाध्यक्ष) का उल्लेख प्रमुखता से है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर संगठन से जुड़े अनेक लोगों के नाम भी बोर्ड पर अंकित हैं।


| चेहरे स्थानीय, संदेश पूरे समाज के लिए

सोहांस जनूबी में लगाए गए बोर्ड पर सदस्यगण के रूप में रामसमुझ लोधी, अनिल लोधी, पंकज लोधी, राजेश लोधी, राधेश्याम प्रताप लोधी, सुरेश लोधी, हरिशंकर लोधी, वीरयादव लोधी, रामसुभग लोधी, रामवृक्ष लोधी, भूपनरायन, सीताराम लोधी, रामयश लोधी, राजमन लोधी, सुन्दरी लोधी, बिजलेश विश्वकर्मा और पराग लोधी सहित अन्य नाम अंकित दिखाई देते हैं।

स्थानीय लोगों को बोर्ड पर स्थान देने के पीछे संगठन की सोच गांव स्तर तक भागीदारी बढ़ाने की बताई जा रही है। यानी अभियान ऊपर से नीचे तक संगठन खड़ा करने के बजाय गांव के लोगों को साथ लेकर सामाजिक नेटवर्क मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।


| एक बोर्ड नहीं, गांव-गांव सामाजिक पहचान खड़ी करने की कोशिश

सिद्धार्थनगर में शुरू हुई यह पहल अब केवल किसी एक गांव में बोर्ड लगाने तक सीमित नहीं दिखाई देती। दर्जनों गांवों तक पहुंचने का दावा कर रही अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा इसे जिलेव्यापी सामाजिक जागरूकता अभियान का स्वरूप दे रही है। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह से सिद्धार्थनगर के पुराने जुड़ाव की स्मृतियां इस अभियान को भावनात्मक आधार देती हैं, जबकि जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह लोधी की अगुवाई में गांव-गांव संगठन विस्तार इसकी वर्तमान दिशा को रेखांकित करता है।

 संपादकीय टिप्पणी

समाज का संगठन तभी सार्थक होता है जब उसका उद्देश्य केवल नाम या पहचान तक सीमित न रहकर शिक्षा, सामाजिक चेतना, आपसी सहयोग और नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने तक पहुंचे। सिद्धार्थनगर में बोर्ड के माध्यम से शुरू हुई यह पहल यदि इन उद्देश्यों को गांव-गांव वास्तविक गतिविधियों में बदलती है, तो इसका प्रभाव बोर्ड से कहीं आगे दिखाई दे सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के प्रति जिले के लोगों की पुरानी आत्मीयता और सम्मान की स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ यदि संगठन शिक्षा, प्रतिभाओं के प्रोत्साहन और सामाजिक सहयोग को प्राथमिकता देता है, तो यह मुहिम अधिक व्यापक सामाजिक महत्व हासिल कर सकती है।

सारांश

अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा, सिद्धार्थनगर जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह लोधी की अगुवाई में जिले के गांव एवं नगर क्षेत्रों में जागरूकता बोर्ड लगाने का अभियान चला रही है। सोहांस जनूबी में भी इसी क्रम में बोर्ड लगाया गया है। संगठन से जुड़े लोगों के मुताबिक अब तक दर्जनों गांवों में अभियान पहुंच चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के सिद्धार्थनगर से पुराने जुड़ाव और उनके प्रति स्थानीय लोधी समाज के सम्मान को भी संगठन अपनी सामाजिक विरासत के महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में देखता है।

 

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।