सिद्धार्थनगर में स्कूल चोरी का पुलिस ने किया खुलासा, तीन गिरफ्तार; लैपटॉप-टैबलेट से लेकर माइक्रोस्कोप तक बरामद
कपिलवस्तु पुलिस का दावा- कम्पोजिट विद्यालय चकईजोत से चोरी हुआ था सामान, ऑटो से नेपाल ले जाकर बेचने की थी कथित तैयारी; एक अन्य आरोपी की तलाश जारी

सिद्धार्थनगर, 3 अगस्त 2026।
सिद्धार्थनगर के कपिलवस्तु थाना क्षेत्र में सरकारी विद्यालय से हुई चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। बच्चों की पढ़ाई और प्रयोगशाला से जुड़े लैपटॉप, टैबलेट, माइक्रोस्कोप, साइंस किट, कंप्यूटर और अन्य उपकरणों की चोरी के मामले में कपिलवस्तु पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक चोरी का सामान जिस ऑटो रिक्शा से ले जाया जा रहा था, उसे भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी सामान को खुनवा बॉर्डर के रास्ते नेपाल ले जाकर बेचने की कथित तैयारी में थे। इसी दौरान पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ लिया, जबकि उनका एक अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक लैपटॉप, दो टैबलेट, इनवर्टर-बैटरी, दो माइक्रोस्कोप, प्रिंटर, डेस्कटॉप कंप्यूटर, साइंस किट और साउंड सिस्टम समेत बड़ी संख्या में सामान बरामद करने का दावा किया है।
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31 जुलाई की रात स्कूल का ताला टूटा, 3 अगस्त को पुलिस ने खोली कथित चोरी की परतें
पुलिस के अनुसार पूरी कहानी 31 जुलाई 2026 की रात से शुरू होती है। कपिलवस्तु थाना क्षेत्र के कम्पोजिट विद्यालय चकईजोत के कमरे का ताला तोड़कर वहां रखे इलेक्ट्रॉनिक और शैक्षणिक उपकरण चोरी किए जाने की घटना सामने आई थी।
स्कूल से सामान गायब होने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और थाना कपिलवस्तु में मुकदमा अपराध संख्या 62/2026 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं और तीन दिन बाद 3 अगस्त को तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ चोरी के सामान की बरामदगी का दावा किया।
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स्कूल में आखिर क्या-क्या हुआ था चोरी?
पुलिस प्रेस नोट के मुताबिक कम्पोजिट विद्यालय चकईजोत से सामान्य सामान नहीं बल्कि बच्चों की पढ़ाई, डिजिटल शिक्षा और विज्ञान प्रयोग से जुड़े महत्वपूर्ण उपकरण चोरी हुए थे।
पुलिस द्वारा घोषित बरामदगी में एक लैपटॉप, दो टैबलेट, एक ट्यूबलर बैटरी, एक इनवर्टर, दो माइक्रोस्कोप, 11 माइक्रो हेडफोन, एक प्रिंटर, दो वायरलेस की-बोर्ड, एक ऑप्टिक फाइबर सेट, एक डेस्कटॉप कंप्यूटर मॉनिटर, सीपीयू एवं बैटरी सहित, चार साउंड सिस्टम और दो साइंस किट शामिल हैं।
इसके अलावा पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए जाने का दावा करते हुए UP53FT7469 नंबर का एक ऑटो रिक्शा भी बरामद किया है।
इनबॉक्स
मदरहना उर्फ रामनगर क्षेत्र से तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार कपिलवस्तु पुलिस ने 3 अगस्त को ग्राम मदरहना उर्फ रामनगर, टोला मटियरिया राजे डिहवा बाग के पास से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रेमशंकर उर्फ प्रिन्स कन्नौजिया पुत्र चन्द्र प्रकाश कन्नौजिया, निवासी ग्राम बढ़या, थाना व जनपद सिद्धार्थनगर; रोहित चौधरी पुत्र शम्भू चौधरी, निवासी चकईजोत, थाना कपिलवस्तु; तथा रोहित चौधरी उर्फ टकलू पुत्र कोठारी, निवासी चकईजोत, थाना कपिलवस्तु, जनपद सिद्धार्थनगर के रूप में पुलिस ने बताई है।
पुलिस के मुताबिक आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय भेज दिया गया।
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पुलिस का दावा- ऑटो में सामान लेकर नेपाल की ओर जा रहे थे आरोपी
मामले में सबसे महत्वपूर्ण दावा पुलिस की पूछताछ के विवरण में सामने आया है।
प्रेस नोट के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे चार मित्र हैं और 31 जुलाई की रात कम्पोजिट विद्यालय चकईजोत के कमरे का ताला तोड़कर सामान चोरी किया था।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने यह भी कथित रूप से बताया कि चोरी का सामान इसी ऑटो रिक्शा से विद्यालय से ले जाया गया था और 3 अगस्त को उसे ऑटो में रखकर खुनवा बॉर्डर के रास्ते नेपाल में बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।
इसी दौरान पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि पुलिस के अनुसार एक अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
यह पूरा विवरण पुलिस प्रेस नोट और पुलिस द्वारा बताई गई पूछताछ पर आधारित है। आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के अधीन होगा।
SSP के निर्देश पर चला अभियान, कपिलवस्तु पुलिस को मिली सफलता
पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के आदेश पर अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।
अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयान के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष कपिलवस्तु विनय प्रताप सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
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इन पुलिसकर्मियों की रही कार्रवाई में भूमिका
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार गिरफ्तारी एवं बरामदगी करने वाली टीम में चौकी प्रभारी बजहा उपनिरीक्षक अनिरुद्ध सिंह, उपनिरीक्षक सदरूल आलमीन, कांस्टेबल प्रदुमन यादव, कांस्टेबल राजकमल यादव और कांस्टेबल राहुल कुमार शर्मा शामिल रहे।
बच्चों की पढ़ाई का सामान भी नहीं छोड़ा!
इस मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि चोरी किसी निजी दुकान या गोदाम से नहीं, बल्कि एक विद्यालय से हुई बताई गई है।
लैपटॉप और टैबलेट डिजिटल पढ़ाई के साधन हैं तो माइक्रोस्कोप और साइंस किट बच्चों को विज्ञान समझाने के उपकरण। कंप्यूटर, प्रिंटर, हेडफोन और अन्य उपकरण भी विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था का हिस्सा होते हैं।
ऐसे में स्कूल से इन उपकरणों की चोरी केवल संपत्ति की चोरी का मामला नहीं रह जाती, बल्कि इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और विद्यालय की सुविधाएं भी प्रभावित होती हैं।
पुलिस के दावे के मुताबिक सामान बरामद हो जाना राहत की बात है, लेकिन फरार बताए जा रहे अन्य आरोपी की गिरफ्तारी और पूरे घटनाक्रम की शेष कड़ियों की जांच अभी महत्वपूर्ण है।
टिप्पणी
स्कूल सुरक्षित होंगे तभी बच्चों के संसाधन सुरक्षित रहेंगे
सरकारी विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा और विज्ञान की पढ़ाई बेहतर बनाने के लिए सार्वजनिक धन से उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। ऐसे उपकरणों की चोरी सीधे तौर पर विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाती है।
कपिलवस्तु पुलिस ने तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और बड़ी मात्रा में सामान की बरामदगी का दावा किया है। अब आवश्यक है कि मामले की विवेचना साक्ष्यों के आधार पर पूरी हो और फरार बताए जा रहे व्यक्ति के संबंध में भी विधिसम्मत कार्रवाई हो।
साथ ही यह घटना विद्यालयों में रखे महंगे इलेक्ट्रॉनिक और शैक्षणिक उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत भी सामने लाती है।
सारांश
कपिलवस्तु पुलिस ने कम्पोजिट विद्यालय चकईजोत में 31 जुलाई की रात हुई चोरी के मामले का खुलासा करने का दावा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार लोगों में प्रेमशंकर उर्फ प्रिन्स कन्नौजिया, रोहित चौधरी और रोहित चौधरी उर्फ टकलू शामिल हैं।
एक लैपटॉप, दो टैबलेट, दो माइक्रोस्कोप, इनवर्टर-बैटरी, प्रिंटर, डेस्कटॉप कंप्यूटर, 11 माइक्रो हेडफोन, चार साउंड सिस्टम, दो साइंस किट समेत अन्य सामान तथा घटना में कथित रूप से प्रयुक्त ऑटो रिक्शा बरामद किया गया है।
पुलिस का दावा है कि चोरी का सामान खुनवा बॉर्डर के रास्ते नेपाल ले जाकर बेचने की तैयारी थी। एक अन्य साथी के फरार होने की बात भी पुलिस ने कही है।
तीनों गिरफ्तार आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय भेज दिया गया है। मामले में आरोपों का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।

