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मशहूर समाजसेवी मास्टर सत्तार अहमद का हुआ निधन

बागपत,उत्तर प्रदेश। देश के अनमोल रत्नों में शुमार सुप्रसिद्ध समाजसेवी, मशहूर शायर, महान शिक्षक, समाज सुधारक, प्रखर देशभक्ति की भावना रखने वाले महान देशभक्त जनपद बागपत के बसौद गांव के निवासी मास्टर सत्तार अहमद के इंतकाल से जनपद बागपत में शौक की लहर दौड़ गयी। अस्पताल से जैसे ही मास्टर सत्तार अहमद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, हजारों शुभचिंतको की भीड़ उनको श्रद्धांजली अर्पित करने के लिए उमड़ पड़ी। भले ही माहौल गमगीन जरूर था लेकिन गांव के लोगों की आंखों में अपने सपूत के द्वारा किये गये नेक कार्यो के लिए गर्व साफ झलक रहा था। बसौद गांव में हजारों लोगों की उपस्थित में उनके शरीर को सुपुर्द-ए-खाक किया गया और लोगों ने दुआ पढ़ी। इस अवसर पर उपस्थित महामहिम राष्ट्रपति जी व उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार विपुल जैन ने बताया कि आज देश ने अपना एक महान लाल खो दिया है। मास्टर सत्तार अहमद सही अर्थों में एक सच्चे देशभक्त थे। मास्टर सत्तार अहमद जब तक रहे उन्होने राष्ट्र की एकता व अखंड़ता के लिए कार्य किया। वे वीरता, साहस की प्रतिमूर्ति होने के साथ-साथ देशभक्ति की अलख जगाने वाले भारत के उन महान पुरुषों में एक थे जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन अपने देश की सेवा में समर्पित कर दिया। विपुल जैन ने बताया कि उनका पूरा जीवन त्याग, मेहनत और सच्चाई की मिसाल रहा। वे शान्तिप्रिय थे और सादा जीवन उच्च विचार में विश्वास रखते थे। उनकी हर सांस में हिन्दुस्तान बसा था। बताया कि मास्टर सत्तार अहमद जैसा महान व्यक्तित्व युगों-युगों में एक बार जन्म लेता है। विपुल जैन ने कहा कि मैं उस महामानव को नमन करता हूॅ जिसने जीवन से ऊपर राष्ट्र को रखा, जिसकी हर सांस में हिंदुस्तान बसा था। मास्टर सत्तार अहमद भले ही सशरीर हमारे बीच ना हो लेकिन वे यादों, प्यार व उनके द्वारा किये गये अच्छे कार्यो के माध्यम से हमारे हृदय, हमारी प्रार्थनाओं और मास्टर जी के द्वारा प्रदान की गयी सुखद स्मृतियों में हमेशा जीवित रहेंगे और हमेशा हमारे बीच बने रहेंगे। उनका प्यार हमें जीवन भर मार्गदर्शन और सुरक्षा प्रदान करता रहेगा।

सिद्धार्थनगर के बांसी तहसील के सामने काका बेकर्स में चोरी, 17 हजार नगद और CCTV DVR ले उड़े चोर

बांसी, सिद्धार्थनगर। बांसी तहसील के ठीक सामने और बांसी कोतवाली से चंद कदमों की दूरी पर स्थित काका बेकर्स में बीती रात अज्ञात चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। संवेदनशील इलाके में स्थित दुकान का पीछे का शटर तोड़कर चोर अंदर घुसे और नगदी समेत सीसीटीवी का डीवीआर लेकर फरार हो गए।

पीछे का शटर तोड़कर दुकान में घुसे चोर

दुकान मालिक के अनुसार, “चोरों ने दुकान के पिछले हिस्से का शटर तोड़ा और देर रात अंदर प्रवेश किया। दुकान के भीतर रखे लगभग 17 हजार रुपये नगद और सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर अपने साथ ले गए, ताकि उनकी पहचान न हो सके।”

सुबह जब दुकान मालिक मौके पर पहुंचे तो शटर टूटा देख उनके होश उड़ गए। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई।

दुकान मालिक ने जताई नाराजगी

दुकान मालिक राहुल सिंह ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहाकि—

यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारी दुकान इतने संवेदनशील स्थान पर है। सामने तहसील है और थोड़ी दूरी पर कोतवाली, इसके बावजूद चोरी हो गई। चोर 17 हजार रुपये कैश और सीसीटीवी का डीवीआर उठा ले गए। हमने कोतवाली में तहरीर दे दी है। कोतवाल साहब मौके पर आए थे और घटनास्थल का मुआयना किया है।”

 सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

तहसील और कोतवाली के बेहद करीब स्थित दुकान में हुई इस चोरी की घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों में भी इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है।

पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। अब देखना होगा कि पुलिस कब तक आरोपियों को पकड़ने में सफल होती है।

क्षेत्र में दहशत का माहौल

इस घटना के बाद क्षेत्र के व्यापारियों में भी डर का माहौल है। व्यापारियों का कहना है कि यदि तहसील और कोतवाली के सामने स्थित दुकान सुरक्षित नहीं है तो बाकी दुकानों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।

बहन के घर से लौट रहे भाई की सड़क पर मौत — मायके से लौट रही महिला भी घायल

बैजनाथपुर मोड़ पर मैजिक-टेम्पो की भीषण आमने-सामने भिड़ंत, एक की मौत, दो गंभीर

सिद्धार्थनगर | बर्डपुर-नौगढ़ मार्गगुरुवार शाम सिद्धार्थनगर के बैजनाथपुर मोड़ पर ऐसा मंजर दिखा, जिसने हर देखने वाले का दिल दहला दिया। मैजिक और टेम्पो की आमने-सामने जोरदार टक्कर में एक परिवार का सहारा छिन गया, जबकि दो अन्य लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार टेम्पो नौगढ़ से बर्डपुर की ओर जा रहा था। राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने गड्ढे से बचने के प्रयास में चालक ने वाहन मोड़ा, तभी सामने से आ रही मैजिक से उसकी सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
हादसे में कोड़रा ग्रांट (टोला करमहवा) निवासी 63 वर्षीय अब्दुल मन्नान पुत्र सैफुल्लाह की मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया कि वह मोहाना के पास बानपुर स्थित अपनी बहन के घर से लौट रहे थे। परिवार को जैसे ही हादसे की खबर मिली, घर में मातम पसर गया।
इस हादसे का एक और मार्मिक पहलू यह रहा कि घायल हुई पूर्णिमा पांडेय पत्नी ऋषिराज अपने मायके से लौट रही थीं। उनके साथ मोहम्मद इसरार भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसरार का हाथ टूट गया है और सिर में गंभीर चोट आई है। दोनों घायलों को तत्काल माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
सूचना मिलते ही पुरानी नौगढ़ चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। कुछ समय तक मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया।
यह समाचार स्थानीय पुलिस, प्रत्यक्षदर्शियों एवं उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। जांच के बाद तथ्यों में परिवर्तन संभव है। हमारा उद्देश्य केवल जनहित में सूचना देना है।

15 दिन से लापता बुजुर्ग का कंकाल नहर किनारे मिला, इलाके में सनसनी

सिद्धार्थनगर।
जनपद के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब चीताही नहर के किनारे एक लगभग 60 वर्षीय व्यक्ति का कंकाल बरामद हुआ। सुबह की शांत फिजा अचानक दहशत में बदल गई। आसपास के ग्रामीणों ने जब कंकाल देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को सील कर जांच शुरू कर दी।
 5 फरवरी से था लापता…
मृतक की पहचान धनोरी निवासी जवाहिर गौतम के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक वह 5 फरवरी को भड़रिया गांव में बैंड-बाजा बजाने गए थे। उसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला।
परिवार ने रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के गांवों में खोजबीन की…
लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
और अब…
चीताही नहर किनारे मिला यह कंकाल कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
 हादसा या साजिश?
क्या यह महज एक हादसा है?
या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है?
स्थानीय लोग तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। घटना की खबर फैलते ही गांव में सन्नाटा और परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
 पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी
पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फोरेंसिक जांच और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
लेकिन फिलहाल…
सिद्धार्थनगर में इस कंकाल की गुत्थी ने लोगों की नींद उड़ा दी है।

Big Breaking News: यूपी में अब शिक्षामित्र को मिलेंगे 18 हजार तो अनुदेशकों को 17 हजार..योगी सरकार की बड़ी घोषणा

लखनऊ। विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एक बड़ी घोषणा कर दी। उन्होंने सदन को बताया कि, अब से शिक्षामित्रों को 18 हजार तो अनुदेशकों को 17000 रुपए का मानदेय मिलेगा।

2 दिन पहले बोले थे मुख्यमंत्री

अभी 2 दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में बोलते हुए कहे थे कि, हम जल्द ही अनुदेशक, शिक्षामित्र का मानदेय बढ़ाएंगे।

अब इसकी पुष्टि उन्होंने खुद विधान सभा को संबोधित करते हुए की है।

भारत-नेपाल सीमा पर 3 लाख रुपये के साथ नेपाली युवक पकड़ा, SSB की बड़ी कार्रवाई

सिद्धार्थनगर/ककरहवा।
भारत-नेपाल सीमा पर अवैध गतिविधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 43वीं वाहिनी की सीमा चौकी अलिगढ़वा के जवानों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नेपाल से भारत की ओर आ रहे एक संदिग्ध युवक को 3,00,000 रुपये भारतीय मुद्रा और एक मोटरसाइकिल के साथ पकड़ा है।
 क्या है पूरा मामला?
दिनांक 17 फरवरी 2026 को अलिगढ़वा चेक पोस्ट पर तैनात SSB जवानों ने एक युवक को मोटरसाइकिल से नेपाल से भारत की ओर आते देखा। उसकी गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर उसे रोककर तलाशी ली गई।
जांच के दौरान युवक के बैग से कुल ₹3,00,000 भारतीय मुद्रा बरामद हुई। बरामद रकम का विवरण इस प्रकार है:
₹500 के 597 नोट = ₹2,98,500
₹200 के 7 नोट = ₹1,400
₹100 का 1 नोट = ₹100
कुल = ₹3,00,000
इसके अलावा एक Yamaha FZ मोटरसाइकिल भी जब्त की गई।
युवक की पहचान
पूछताछ में युवक ने अपना नाम साहिद अली फकीर (19 वर्ष) पुत्र जाकिर अली फकीर, निवासी मायादेवी-3 बर्गदवा, थाना पकड़ी, जिला कपिलवस्तु (नेपाल) बताया।
हालांकि प्रारंभिक पूछताछ में युवक संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, जिससे मामला संदिग्ध माना गया।
आगे की कार्रवाई
आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद SSB ने बरामद नकदी, मोटरसाइकिल और युवक को सीमा शुल्क इकाई ककरहवा, जनपद सिद्धार्थनगर के सुपुर्द कर दिया है। आगे की जांच संबंधित विभाग द्वारा की जा रही है।
सीमा पर सख्ती जारी
भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी, अवैध मुद्रा, मानव तस्करी, नशीले पदार्थों और वन्यजीव तस्करी की रोकथाम के लिए 43वीं वाहिनी SSB लगातार नाका, पेट्रोलिंग और विशेष अभियान चला रही है।
अधिकारियों के अनुसार, सीमा पर अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

पश्चिम सीवान के गहरे गड्ढे में मिला 80 वर्षीय वृद्ध का शव, गांव में मातम

सिद्धार्थनगर/शोहरतगढ़।
थाना क्षेत्र शोहरतगढ़ अंतर्गत नगर पंचायत शोहरतगढ़ के वार्ड नंबर 7 (सुभाष नगर) स्थित मेढवा गांव में गुरुवार को 80 वर्षीय वृद्ध का शव पश्चिम सीवान के एक पानी भरे गहरे गड्ढे में मिलने से सनसनी फैल गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेढवा गांव निवासी राममिलन चौधरी (80 वर्ष) पुत्र मोल्हू सुबह खेत की ओर गए थे। काफी देर तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की। तलाश के दौरान उनका शव खेत के पास स्थित गहरे गड्ढे में मिला।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई की। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
डूबने की आशंका, रिपोर्ट का इंतजार
प्रथम दृष्टया गड्ढे में पानी भरा होने के कारण डूबने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मृत्यु का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
परिजनों के अनुसार, वृद्ध सामान्य रूप से खेत देखने गए थे, लेकिन यह दर्दनाक हादसा हो गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और गांव में सन्नाटा पसरा है।
बड़ा सवाल
ग्रामीण क्षेत्रों में खुले और असुरक्षित गड्ढे लगातार हादसों को न्योता दे रहे हैं। क्या ऐसे स्थानों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ठोस कदम उठाएगा?

नेपाल के 75वें प्रजातंत्र दिवस पर भारत की निर्णायक भूमिका का स्मरण

काठमांडू/विशेष रिपोर्ट।
नेपाल आज अपना 75वाँ प्रजातंत्र दिवस अत्यंत गौरव, श्रद्धा और लोकतांत्रिक उत्साह के साथ मना रहा है। फागुन 7, 2007 साल को निरंकुश राणा शासन के अंत और लोकतंत्र की स्थापना की ऐतिहासिक स्मृति में पूरे देश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।
इस ऐतिहासिक परिवर्तन में भारत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक रही है। 1950-51 में जब नेपाल राणा शासन की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था, तब भारत की मध्यस्थता से हुए ‘दिल्ली समझौते’ ने संवैधानिक राजशाही और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की नींव रखी।
जब नेपाल के राजा त्रिभुवन ने राणा शासन के खिलाफ संघर्ष करते हुए नेपाल छोड़ा, तब तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें शरण दी। इसके बाद भारत की सक्रिय पहल से हुआ दिल्ली समझौता नेपाल में प्रजातंत्र की स्थापना का आधार बना।
शहीदों के बलिदान को नमन
नेपाल के महान शहीद —
दशरथ चन्द
धर्मभक्त माथेमा
गंगाला श्रेष्ठ
शुक्रराज शास्त्री
ने हँसते-हँसते राष्ट्र के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उनके त्याग और जनता के जनआन्दोलन ने निरंकुश शासन को समाप्त कर लोकतंत्र की नींव रखी।
राष्ट्रपति की गरिमामयी उपस्थिति में राष्ट्रीय समारोह
आज प्रातः काठमांडू के टुंडिखेल सैनिक मंच पर राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल की उपस्थिति में मुख्य राष्ट्रीय समारोह आयोजित किया जा रहा है।
राष्ट्रपति पौडेल ने अपने संदेश में कहा कि 2007 साल की क्रांति ने मानवाधिकार, नागरिक स्वतंत्रता और जनता की संप्रभुता की आधारशिला रखी। उन्होंने सभी ज्ञात-अज्ञात वीरों को नमन करते हुए स्थायी शांति, सुशासन और विकास की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
भारत-नेपाल संबंध: लोकतंत्र से विकास तक
भारत नेपाल का प्रमुख विकास साझेदार रहा है।
नेपाल का बड़ा विदेशी व्यापार भारत के साथ होता है।
तराई क्षेत्र में सड़क निर्माण, रेल संपर्क और आधारभूत संरचना विकास में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
नेपाली सेना को प्रशिक्षण और सैन्य सहयोग भी भारत-नेपाल संबंधों का अहम स्तंभ है।
1951 में राणा शासन के अंत से लेकर संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य की स्थापना तक, भारत ने हर चरण में नेपाल की लोकतांत्रिक यात्रा को मजबूती देने में सहयोग दिया है।
क्यों है यह दिन ऐतिहासिक?
फागुन 7 केवल एक तिथि नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक चेतना, जनसंकल्प और बलिदान की अमर गाथा है।
इसी क्रांति की पृष्ठभूमि में आज का संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य और वर्तमान संविधान स्थापित हुआ।
नेपाल का 75वाँ प्रजातंत्र दिवस सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनःप्रतिबद्धता का प्रतीक है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सिद्धार्थनगर द्वारा 78 निःशुल्क मेडिकल कैंपों का होगा आयोजन:राजीव नयन

सिद्धार्थनगर।भारत नेपाल सीमा पर जनपद सिद्धार्थनगर में एनोवो द्वारा आयोजित गुरु गोरक्षनाथ स्वास्थ शिविर यात्रा का 78 मेडिकल कैंपों का आयोजन होगा मेडिकल कैंप में 20,21,22 फरवरी तीन दिनों का आयोजन है उस आयोजन में कई अन्य मेडिकल कॉलेजो से लगभग 200 से अधिक डॉक्टर इस शिविर को सफल बनाने में सिद्धार्थनगर पहुंचेंगे भारत नेपाल सीमा पर ऐसे 4 ब्लॉकों के कुल 78 गांव निश्चित किए है कहा जहां मरीजों का निःशुल्क परामर्श किया जाएगा।यह कार्यक्रम पूर्ण रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व उसके ऐसे कुछ जन संगठन जैसे नेशनल मेडिकल,सीमा जागरण मंच,विद्या भारती, विश्व हिंदू परिषद व भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता गांव गांव इसकी तैयारियां जोरो पर कर रहे हैं हर गांव में इसकी समिति बनाई गई है लगभग हर गांव में 9 से 3 बजे तक मेडिकल कैंपों का आयोजन किया जाएगा इसके निम्मित आज जिले में एक बड़े बैठक की आयोजन हुई जिसको संबोधित करते हुए *विभाग प्रचारक राजीव नयन ने कहा कि* सेवा ही परमो धर्मः ऐसे डॉक्टर जिनका बड़े बड़े मेडिकल संस्थानों में समय मिलना मुश्किल होता है ऐसे डॉक्टरों के समूह को भारत नेपाल सीमा पर सेवा देने के लिए बुलाना निश्चित रूप से संगठन की एक महत्वपूर्ण योजना है और ऐसे हमने शताब्दी वर्ष में ये संकल्प लिया है कि सब कोई सुखी हो हर कोई निरोगी हो इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने लगातार छठवीं बार यह मेडिकल कैंप आयोजित किया जा रहा है।

इस मेडिकल कैंप को सफल बनाने के लिए चारों ब्लॉक के 78 गांव से लगभग कुल 400 सभी संगठनों के कार्यकर्ता अपना योगदान दे रहे है।

इस अभियान को सफल बनाने के लिए लोटन बढ़नी खंड से जिला संघ चालक गोकुल गोयल,जिला प्रचारक विशाल,जिला कार्यवाह शिवेंद्र सिंह,प्रधानाचार्य संतोष सिंह,खंड कार्यवाह पंकज श्रीवास्तव, बर्डपुर खंड से अजीत अग्रहरि,जिला मंत्री भाजपा अजय उपाध्याय,जिला महामंत्री विपिन सिंह,अविनाश जायसवाल,लोटन से सह जिला कार्यवाह मनोज शर्मा,प्रधानाचार्य कृष्ण मोहन,मनोज कुमार,अभिषेक,दिनेश कुमार व जैसे तमाम कार्यकर्ता व जिला समन्वय के लिए महादेव जी,मदन मोहन व शंभू प्रसाद आदि ऐसे लोगों को लगाया गया है।

यह पूरा कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक राजीव नयन के देख रेख में संपन्न होगा।

गोरखपुर में मोतियाबिंद ऑपरेशन बना त्रासदी 30 मरीजों में 18 को गंभीर संक्रमण, 9 की आंखें निकालनी पड़ीं; अस्पताल सील, मजिस्ट्रियल जांच शुरू

गोरखपुर/सिकरीगंज | रिपोर्ट: धनेश कुमार
गोरखपुर के सिकरीगंज स्थित न्यू राजेश हाइटेक हॉस्पिटल में आयोजित आई कैंप के बाद बड़ा स्वास्थ्य संकट सामने आया है। 1 फरवरी को लगाए गए कैंप में 30 मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया था। आरोप है कि ऑपरेशन के 24 घंटे के भीतर ही कई मरीजों की आंखों में तेज दर्द, सूजन, खून और मवाद की शिकायत शुरू हो गई।
स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक जांच और कल्चर रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई है। जानकारी के अनुसार 18 मरीजों में गंभीर इंफेक्शन पाया गया, जबकि 9 मरीजों की हालत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें आंख निकालनी पड़ी। कई मरीजों का इलाज लखनऊ, वाराणसी और दिल्ली के सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में जारी है।
पीड़ित परिवारों का दर्द
इन्दारी निवासी संजय सिंह ने बताया कि उनके पिता का ऑपरेशन इसी अस्पताल में हुआ था। ऑपरेशन के बाद आंख से लगातार खून बहने लगा। पहले वाराणसी और फिर दिल्ली ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर बताते हुए आंख निकालने की सलाह दी।
एक अन्य पीड़िता की बहू रेखा ने बताया कि ऑपरेशन के बाद आंख में असहनीय दर्द और मवाद की समस्या शुरू हो गई। अब दवाइयों के सहारे इलाज चल रहा है।
प्रशासनिक कार्रवाई
मामला सामने आते ही गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा ने अस्पताल को सील करने और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ी तो रजिस्ट्रेशन भी निरस्त किया जाएगा।
वहीं सीएमओ डॉ राजेश झा ने बताया कि 4 फरवरी को जानकारी मिलने के बाद जिला स्तरीय जांच कमेटी गठित की गई। बीआरडी मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी टीम द्वारा भी जांच की गई है। प्रथम दृष्टया मामला संक्रमण का प्रतीत होता है। एहतियातन अस्पताल के नेत्र विभाग को सील कर दिया गया है।
सियासी प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि गोरखपुर में लोगों की आंखों की रोशनी चली गई और जिम्मेदार लोग मौन हैं।
बड़े सवाल
क्या ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण नियंत्रण के मानकों का पालन नहीं हुआ?
क्या उपकरण या दवाएं संक्रमित थीं?
क्या आई कैंप की निगरानी में चूक हुई?
यह घटना प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। फिलहाल जांच जारी है और पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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