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सुप्रीम कोर्ट के नियमित करने और 17 हजार के फैसले से सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी की लहर..बांटी मिठाईयां

सिद्धार्थनगर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुदेशक शिक्षकों का मानदेय ₹17,000 प्रतिमाह किए जाने के ऐतिहासिक और न्यायपूर्ण निर्णय के बाद जनपद सिद्धार्थनगर में खुशी का माहौल है। वर्षों से चल रहे संघर्ष, धरना-प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई के बाद आए इस फैसले को शिक्षकों ने अपने सम्मान और अधिकार की बड़ी जीत बताया है।

वर्षों के संघर्ष का मिला परिणाम

अनुदेशक शिक्षक लंबे समय से मानदेय बढ़ोतरी और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलनरत थे। यह फैसला उनके धैर्य, एकजुटता और निरंतर संघर्ष की जीत माना जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि इस निर्णय से न सिर्फ आर्थिक स्थिति सुधरेगी बल्कि सामाजिक सम्मान भी बढ़ेगा।

जिला अध्यक्ष अनिल पांडेय ने जताया आभार

परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अनिल पांडेय ने कहा कि:

“यह फैसला अनुदेशक शिक्षकों की एकजुटता और संघर्ष का परिणाम है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने शिक्षा से जुड़े हजारों परिवारों को बड़ी राहत दी है।”

उन्होंने न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त किया।

मानदेय वृद्धि सम्मान की जीत:मीडिया प्रभारी

जिला मीडिया प्रभारी सत्यपाल सिंह कौशिक ने कहाकि,

“यह सिर्फ मानदेय बढ़ोतरी नहीं बल्कि सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। यह फैसला अनुदेशक शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करेगा और शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करेगा।”

पदाधिकारियों ने जताई खुशी

महामंत्री रामानंद उपाध्याय और मधुकर मंजुल ने भी फैसले पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।

मिठाई बांटकर मनाई खुशी

इस अवसर पर अनुपम कुंवर, सौम्य सोनकर, रविकांत, बुद्धिराम, विष्णु, दिलीप साहनी, संतोष सिंह, पप्पू सिंह, सत्य मृत्युंजयधर द्विवेदी, अजीजुररहमान सहित कई अनुदेशक शिक्षकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी साझा की।

शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि मानदेय वृद्धि से शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, जिससे प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को स्थिरता मिलेगी।

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