सिधौली के गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज की 30 एकड़ भूमि पर 22 बैनामे, जांच में खुलने लगीं दशकों पुरानी परतें
सीतापुर में दान की जमीन पर उठे बड़े सवाल
कभीशिक्षा के विकास के लिए मिली थी जमीन, अब करोड़ों की संपत्ति पर उठे सवाल — प्रशासन ने जांच रिपोर्ट आगे भेजी
सीतापुर / सिधौली।
जनपद सीतापुर के सिधौली कस्बे में स्थित गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज की जमीन को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है। शिक्षा के उद्देश्य से दशकों पहले संस्था को दी गई लगभग 30 एकड़ भूमि अब प्रशासनिक जांच का विषय बन गई है।
जांच से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार वर्ष 1973 से 2006 के बीच इस जमीन से संबंधित कुल 22 बैनामे किए जाने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि मौजूदा समय में इस जमीन की बाजार कीमत करीब 200 करोड़ रुपये के आसपास आंकी जा रही है।
मामले की जांच शुरू होने के बाद इस जमीन का इतिहास, उससे जुड़े दस्तावेज और वर्षों में हुए लेनदेन एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।
जमीन की कहानी: सैन्य उपयोग से शिक्षा संस्थान तक
पुराने अभिलेख बताते हैं कि सिधौली क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में स्थित यह जमीन कभी सरकारी पड़ाव के रूप में दर्ज सैन्य भूमि मानी जाती थी।
बताया जाता है कि 11 सितंबर 1967 को राष्ट्रपति के आदेश के बाद इस भूमि को शिक्षा के उद्देश्य से गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज सिधौली को हस्तांतरित किया गया था।
यह प्रक्रिया सरकारी अनुदान अधिनियम 1895 के प्रावधानों के तहत पूरी की गई थी और इसके बदले संस्था द्वारा लगभग 23 हजार 690 रुपये का भुगतान भी किया गया था।
उस समय इस जमीन का उद्देश्य स्पष्ट था —
विद्यालय का विस्तार
छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं
संस्था की आर्थिक मजबूती।
संस्था का गठन और जिम्मेदारी
जांच में सामने आया कि विद्यालय की प्रबंध समिति का पंजीकरण 24 जनवरी 1950 को सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के अंतर्गत हुआ था।
इस समिति को संस्था की संपत्तियों के संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई थी।
1973 से शुरू हुई जमीन की रजिस्ट्री
जांच में सामने आए अभिलेखों के अनुसार 1973 के बाद से जमीन के कुछ हिस्सों की रजिस्ट्री का सिलसिला शुरू हुआ।
रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले वर्षों में अलग-अलग समय पर कुल 22 बैनामे दर्ज किए गए, जिनके माध्यम से जमीन के कुछ हिस्से अलग-अलग व्यक्तियों के नाम स्थानांतरित किए गए।
कुछ मामलों में दानपत्र और शुद्धि पत्र के जरिए स्वामित्व में बदलाव दर्ज किए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई है।
हालांकि इन प्रक्रियाओं की वैधता और अनुमति की स्थिति अब जांच का विषय बनी हुई है।
कई नामों का जिक्र
जांच के दौरान सामने आए दस्तावेजों में कई व्यक्तियों के नाम विभिन्न बैनामों से जुड़े बताए गए हैं।
इनमें प्रमुख रूप से
तोताराम जैन, ताराचंद माहेश्वरी, रामपाल, विनय कुमार, जगदेव प्रसाद, हरिनाम सुंदर, नंद किशोर, गिरजा शंकर, जगमोहन लाल यादव, आदित्य प्रसाद मिश्र और कुंवर दिवाकर सिंह आदि नामों का उल्लेख सामने आया है।
बताया जाता है कि वर्ष 1987 में सर्वोदय विद्यालय समिति के गठन के बाद जमीन से जुड़े कुछ लेनदेन में तेजी आने की बात भी कही जा रही है।
शिकायत के बाद खुली जांच
इस पूरे मामले ने तब गंभीर रूप लिया जब 13 अगस्त 2025 को डॉ. कमल कुमार जैन द्वारा प्रशासन को शिकायत दी गई।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि शिक्षा के उद्देश्य से दी गई जमीन के कुछ हिस्सों का उपयोग नियमों के अनुरूप नहीं हुआ और कई रजिस्ट्री संदिग्ध परिस्थितियों में की गईं।
शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए।
प्रशासन ने गठित की जांच समिति
जांच के लिए प्रशासन की ओर से
एसडीएम सदर न्यायिक
उप निबंधक सिधौली
की दो सदस्यीय जांच समिति गठित की गई।
इस समिति ने दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की।
जिलाधिकारी स्तर पर आगे की कार्रवाई
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद सीतापुर के जिलाधिकारी द्वारा इसे संबंधित विभागों के पास आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट रक्षा संपदा विभाग और सोसाइटी रजिस्ट्रार को भेजी गई है ताकि जमीन के स्वामित्व और उपयोग की स्थिति स्पष्ट हो सके।
लोगों की नजर अब आगे की कार्रवाई पर
सिधौली और आसपास के क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा तेज है।
स्थानीय लोग अब यह जानना चाहते हैं कि
जांच के बाद प्रशासन क्या कदम उठाएगा
जमीन के स्वामित्व की स्थिति क्या तय होगी
और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी।
कानूनी सुरक्षा नोट
यह समाचार उपलब्ध दस्तावेजों, शिकायत और प्रशासनिक जांच से संबंधित तथ्यों के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की अंतिम पुष्टि संबंधित विभागों और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी।
सोशल मीडिया वायरल हेडिंग
सीतापुर में 30 एकड़ जमीन का रहस्य!
22 बैनामों ने खोली दशकों पुरानी कहानी
Views: 201

