सिद्धार्थनगर में अमन, भाईचारे और प्रशासनिक सतर्कता के बीच सम्पन्न हुई ईद-उल-अजहा की नमाज
शासन की मंशा और मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप पूरे जिले में दिखी सतर्कता और सौहार्द की मिसाल
सिद्धार्थनगर। जनपद सिद्धार्थनगर में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पावन पर्व इस वर्ष पूरे धार्मिक उल्लास, अनुशासन और भाईचारे के वातावरण में सम्पन्न हुआ। जिले की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह से ही नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी, जहां लोगों ने पूरी अकीदत के साथ विशेष नमाज अदा कर देश, प्रदेश और जनपद में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी प्रेम, इंसानियत तथा सौहार्द का संदेश दिया।

ईद-उल-अजहा इस्लाम धर्म का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है, जो त्याग, समर्पण, कुर्बानी और मानवता का संदेश देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पर्व हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की कुर्बानी और अल्लाह के प्रति अटूट विश्वास की याद में मनाया जाता है। यही कारण है कि यह पर्व समाज में भाईचारा, सहयोग और जरूरतमंदों की मदद का संदेश भी देता है।
इस बार सिद्धार्थनगर में बकरीद का पर्व जिस शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ, उसके पीछे जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की लगातार सतर्कता, जनसंपर्क और रणनीतिक तैयारियों को अहम माना जा रहा है। शासन और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कानून व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और स्वच्छता को लेकर दिए गए निर्देशों का जिलेभर में गंभीरता से पालन कराया गया।
त्योहार से पूर्व विभिन्न थाना क्षेत्रों, कस्बों और संवेदनशील इलाकों में लगातार शांति समिति की बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में धर्मगुरुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, संभ्रांत नागरिकों और व्यापारियों के साथ संवाद स्थापित कर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की अपील की गई।
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन स्वयं लगातार फील्ड में सक्रिय दिखाई दिए। दोनों अधिकारियों ने संयुक्त रूप से विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर लोगों से मुलाकात की, सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तथा त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की सक्रियता से आमजन में विश्वास और सुरक्षा का माहौल बना रहा।
जनपद के संवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख ईदगाहों, बाजारों और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस द्वारा लगातार फ्लैग मार्च, रूट मार्च और पैदल गश्त की गई। अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, महिला सुरक्षा बल, यातायात पुलिस और साइबर सेल की टीमें पूरी तरह सक्रिय रहीं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए कई स्थानों पर विशेष निगरानी भी रखी गई।
प्रशासन द्वारा शासन की मंशा के अनुरूप सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और संवेदनशील इलाकों में कानून व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया। वहीं साफ-सफाई और स्वच्छता को लेकर नगर निकायों और ग्राम पंचायतों की टीमें लगातार सक्रिय रहीं। कई क्षेत्रों में चूना और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया गया ताकि स्वच्छ वातावरण बना रहे।
सोशल मीडिया और इंटरनेट गतिविधियों पर भी प्रशासन की विशेष नजर बनी रही। साइबर सेल और मॉनिटरिंग टीम लगातार सक्रिय रही ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक पोस्ट या माहौल खराब करने वाली गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
स्थानीय धर्मगुरुओं, समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों ने भी लोगों से शांति, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। जनता ने भी जिम्मेदारी और समझदारी का परिचय देते हुए प्रशासन का पूरा सहयोग किया, जिसके चलते पूरे जिले में ईद-उल-अजहा का पर्व पूरी शांति और गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ।
सिद्धार्थनगर में बकरीद का यह शांतिपूर्ण आयोजन प्रशासनिक सतर्कता, बेहतर पुलिसिंग, शासन की प्रभावी रणनीति और जनता के सहयोग की एक सकारात्मक और प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आया है।
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